रियांबड़ी। कस्बे में चल रही शिव महापुराण कथा के छठे दिन प्रसिद्ध संत उत्तम राम जी शास्त्री ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने भगवान विष्णु और ब्रह्माजी के बीच देवताओं में श्रेष्ठता को लेकर हुए विवाद का प्रसंग सुनाया। कथा सुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। संत उत्तम राम जी शास्त्री ने बताया कि एक बार भगवान विष्णु और ब्रह्माजी के बीच यह विवाद उत्पन्न हुआ कि देवताओं में सबसे श्रेष्ठ कौन है। इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए दोनों चारों वेदों के पास पहुंचे। वेदों ने भगवान शिव को अजन्मा और अमर बताते हुए उन्हें सबसे श्रेष्ठ देव घोषित किया। यह सुनकर भगवान विष्णु प्रसन्न हुए, लेकिन ब्रह्माजी इससे सहमत नहीं हुए। कथा के अनुसार, ब्रह्माजी ने भगवान शिव के स्वरूप पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि जो भस्म धारण करते हैं, सांप-बिच्छुओं की माला पहनते हैं और सामान्य वस्त्र भी नहीं पहनते, उन्हें श्रेष्ठ देव कैसे माना जा सकता है। ब्रह्माजी के इस अहंकार और भगवान शिव के अपमान से क्रोधित होकर शिव की तीसरी आंख से भैरव का जन्म हुआ। भगवान शिव ने भैरव को आदेश दिया कि ब्रह्माजी के जिस मुख से शिव का अपमान हुआ है, उसे समाप्त कर दिया जाए। इसके बाद भैरव ने अपने नाखूनों से ब्रह्माजी के पांचवें मस्तक को अलग कर दिया। तभी से ब्रह्माजी के चार मस्तक माने जाते हैं। इस प्रसंग के माध्यम से ब्रह्माजी का अहंकार समाप्त हुआ और उन्होंने भगवान शिव की श्रेष्ठता स्वीकार की। कथा के दौरान स्थानीय संत हरीशगिरिजी महाराज ने भगवान शिव पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। वहीं, कथा में आने वाले भक्तों के लिए रामगोपाल माली की ओर से बैठने और चाय-नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। रियांबड़ी। कस्बे में चल रही शिव महापुराण कथा के छठे दिन प्रसिद्ध संत उत्तम राम जी शास्त्री ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने भगवान विष्णु और ब्रह्माजी के बीच देवताओं में श्रेष्ठता को लेकर हुए विवाद का प्रसंग सुनाया। कथा सुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। संत उत्तम राम जी शास्त्री ने बताया कि एक बार भगवान विष्णु और ब्रह्माजी के बीच यह विवाद उत्पन्न हुआ कि देवताओं में सबसे श्रेष्ठ कौन है। इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए दोनों चारों वेदों के पास पहुंचे। वेदों ने भगवान शिव को अजन्मा और अमर बताते हुए उन्हें सबसे श्रेष्ठ देव घोषित किया। यह सुनकर भगवान विष्णु प्रसन्न हुए, लेकिन ब्रह्माजी इससे सहमत नहीं हुए। कथा के अनुसार, ब्रह्माजी ने भगवान शिव के स्वरूप पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि जो भस्म धारण करते हैं, सांप-बिच्छुओं की माला पहनते हैं और सामान्य वस्त्र भी नहीं पहनते, उन्हें श्रेष्ठ देव कैसे माना जा सकता है। ब्रह्माजी के इस अहंकार और भगवान शिव के अपमान से क्रोधित होकर शिव की तीसरी आंख से भैरव का जन्म हुआ। भगवान शिव ने भैरव को आदेश दिया कि ब्रह्माजी के जिस मुख से शिव का अपमान हुआ है, उसे समाप्त कर दिया जाए। इसके बाद भैरव ने अपने नाखूनों से ब्रह्माजी के पांचवें मस्तक को अलग कर दिया। तभी से ब्रह्माजी के चार मस्तक माने जाते हैं। इस प्रसंग के माध्यम से ब्रह्माजी का अहंकार समाप्त हुआ और उन्होंने भगवान शिव की श्रेष्ठता स्वीकार की। कथा के दौरान स्थानीय संत हरीशगिरिजी महाराज ने भगवान शिव पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। वहीं, कथा में आने वाले भक्तों के लिए रामगोपाल माली की ओर से बैठने और चाय-नाश्ते की व्यवस्था की गई थी।
रियांबड़ी। कस्बे में चल रही शिव महापुराण कथा के छठे दिन प्रसिद्ध संत उत्तम राम जी शास्त्री ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने भगवान विष्णु और ब्रह्माजी के बीच देवताओं में श्रेष्ठता को लेकर हुए विवाद का प्रसंग सुनाया। कथा सुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। संत उत्तम राम जी शास्त्री ने बताया कि एक बार भगवान विष्णु और ब्रह्माजी के बीच यह विवाद उत्पन्न हुआ कि देवताओं में सबसे श्रेष्ठ कौन है। इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए दोनों चारों वेदों के पास पहुंचे। वेदों ने भगवान शिव को अजन्मा और अमर बताते हुए उन्हें सबसे श्रेष्ठ देव घोषित किया। यह सुनकर भगवान विष्णु प्रसन्न हुए, लेकिन ब्रह्माजी इससे सहमत नहीं हुए। कथा के अनुसार, ब्रह्माजी ने भगवान शिव के स्वरूप पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि जो भस्म धारण करते हैं, सांप-बिच्छुओं की माला पहनते हैं और सामान्य वस्त्र भी नहीं पहनते, उन्हें श्रेष्ठ देव कैसे माना जा सकता है। ब्रह्माजी के इस अहंकार और भगवान शिव के अपमान से क्रोधित होकर शिव की तीसरी आंख से भैरव का जन्म हुआ। भगवान शिव ने भैरव को आदेश दिया कि ब्रह्माजी के जिस मुख से शिव का अपमान हुआ है, उसे समाप्त कर दिया जाए। इसके बाद भैरव ने अपने नाखूनों से ब्रह्माजी के पांचवें मस्तक को अलग कर दिया। तभी से ब्रह्माजी के चार मस्तक माने जाते हैं। इस प्रसंग के माध्यम से ब्रह्माजी का अहंकार समाप्त हुआ और उन्होंने भगवान शिव की श्रेष्ठता स्वीकार की। कथा के दौरान स्थानीय संत हरीशगिरिजी महाराज ने भगवान शिव पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। वहीं, कथा में आने वाले भक्तों के लिए रामगोपाल माली की ओर से बैठने और चाय-नाश्ते की व्यवस्था की गई थी। रियांबड़ी। कस्बे में चल रही शिव महापुराण कथा के छठे दिन प्रसिद्ध संत उत्तम राम जी शास्त्री ने भगवान शिव की महिमा का वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने भगवान विष्णु और ब्रह्माजी के बीच देवताओं में श्रेष्ठता को लेकर हुए विवाद का प्रसंग सुनाया। कथा सुनने के लिए सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। संत उत्तम राम जी शास्त्री ने बताया कि एक बार भगवान विष्णु और ब्रह्माजी के बीच यह विवाद उत्पन्न हुआ कि देवताओं में सबसे श्रेष्ठ कौन है। इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए दोनों चारों वेदों के पास पहुंचे। वेदों ने भगवान शिव को अजन्मा और अमर बताते हुए उन्हें सबसे श्रेष्ठ देव घोषित किया। यह सुनकर भगवान विष्णु प्रसन्न हुए, लेकिन ब्रह्माजी इससे सहमत नहीं हुए। कथा के अनुसार, ब्रह्माजी ने भगवान शिव के स्वरूप पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए कहा कि जो भस्म धारण करते हैं, सांप-बिच्छुओं की माला पहनते हैं और सामान्य वस्त्र भी नहीं पहनते, उन्हें श्रेष्ठ देव कैसे माना जा सकता है। ब्रह्माजी के इस अहंकार और भगवान शिव के अपमान से क्रोधित होकर शिव की तीसरी आंख से भैरव का जन्म हुआ। भगवान शिव ने भैरव को आदेश दिया कि ब्रह्माजी के जिस मुख से शिव का अपमान हुआ है, उसे समाप्त कर दिया जाए। इसके बाद भैरव ने अपने नाखूनों से ब्रह्माजी के पांचवें मस्तक को अलग कर दिया। तभी से ब्रह्माजी के चार मस्तक माने जाते हैं। इस प्रसंग के माध्यम से ब्रह्माजी का अहंकार समाप्त हुआ और उन्होंने भगवान शिव की श्रेष्ठता स्वीकार की। कथा के दौरान स्थानीय संत हरीशगिरिजी महाराज ने भगवान शिव पर पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। वहीं, कथा में आने वाले भक्तों के लिए रामगोपाल माली की ओर से बैठने और चाय-नाश्ते की व्यवस्था की गई थी।
- रियांबड़ी में कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक, नगर पालिका चुनाव 2026 आगामी नगर पालिका चुनाव को लेकर बुधवार, प्रातः 11:00 बजे रियांबड़ी स्थित गायत्री मांगलिक भवन में कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों ने भाग लिया। बैठक के दौरान पूरे सभागार में कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद , राहुल गांधी जिंदाबाद ,एकता जिंदाबाद" जैसे नारों से माहौल कांग्रेसमय रहा2
- आलनियावास ग्राम पंचायत क्षेत्र में लूणी नदी के पास प्रस्तावित बजरी खनन लीज को लेकर जन सुनवाई आयोजित की गई। स्थानीय प्रशासन द्वारा आयोजित इस सुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। जन सुनवाई में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार और खनन विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रस्तावित बजरी खनन पर अपनी बात रखी। ग्रामीणों ने बजरी खनन से होने वाले संभावित प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने नदी क्षेत्र, पर्यावरण, कृषि भूमि, जल व्यवस्था और स्थानीय आवागमन जैसे मुद्दों पर अधिकारियों को अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना था कि खनन गतिविधि शुरू करने से पहले स्थानीय परिस्थितियों और उनकी समस्याओं पर विचार किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी लिखित और मौखिक आपत्तियां अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए बिंदुओं को ध्यान से सुना और आवश्यक जानकारी दर्ज की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि जन सुनवाई में प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक जांच की जाएगी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस जन सुनवाई में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच प्रस्तावित बजरी खनन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी आपत्तियों को संबंधित प्रक्रिया में शामिल कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। आलनियावास ग्राम पंचायत क्षेत्र में लूणी नदी के पास प्रस्तावित बजरी खनन लीज को लेकर जन सुनवाई आयोजित की गई। स्थानीय प्रशासन द्वारा आयोजित इस सुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। जन सुनवाई में उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया, तहसीलदार अशोक कुमार और खनन विभाग सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने प्रस्तावित बजरी खनन पर अपनी बात रखी। ग्रामीणों ने बजरी खनन से होने वाले संभावित प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने नदी क्षेत्र, पर्यावरण, कृषि भूमि, जल व्यवस्था और स्थानीय आवागमन जैसे मुद्दों पर अधिकारियों को अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना था कि खनन गतिविधि शुरू करने से पहले स्थानीय परिस्थितियों और उनकी समस्याओं पर विचार किया जाना चाहिए। ग्रामीणों ने अपनी लिखित और मौखिक आपत्तियां अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। संबंधित विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए बिंदुओं को ध्यान से सुना और आवश्यक जानकारी दर्ज की। उपखंड अधिकारी विनीत कुमार सुखाड़िया ने बताया कि जन सुनवाई में प्राप्त सभी आपत्तियों और सुझावों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि विभागीय नियमों के अनुसार आवश्यक जांच की जाएगी और प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। इस जन सुनवाई में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच प्रस्तावित बजरी खनन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी आपत्तियों को संबंधित प्रक्रिया में शामिल कर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।1
- पीसांगन में पागल कुत्ते का आतंक, 11 को काटा, अस्पताल मे इलाज जारी पीसांगन कस्बे में पागल श्वान ने 11 लोगों को काटकर घायल कर दिया। बस स्टैंड व इंदिरा कॉलोनी में रात 9:30 बजे तक आतंक रहा। चलती बाइक पर काटने का CCTV भी सामने आया है। घायलों में पीसांगन के 9, भड़सूरी व बुधवाड़ा के 1-1 व्यक्ति हैं। सभी को CHC में भर्ती कर एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए, एक को 30 टांके लगे। पालिका ईओ ने कुत्ता पकड़ने की टीम लगाई है।2
- जेठाना में आयोजित 13 विशाल भंडारे में सुबह शाम विशाल आरती के साथ भजन संध्या का होता है आयोजन, जेठाना भंडारे से प्रसाद लेकर निकलने वाले पैदल यात्री की बाबा रामदेव करते हैं मन्नत पूरी, भंडारे में यात्रियों के लिए 24 घंटा सुविधा उपलब्ध जेठाना में आयोजित 13 विशाल भंडारे में सुबह शाम विशाल आरती के साथ भजन संध्या का होता है आयोजन, जेठाना भंडारे से प्रसाद लेकर निकलने वाले पैदल यात्री की बाबा रामदेव करते हैं मन्नत पूरी, भंडारे में यात्रियों के लिए 24 घंटा सुविधा उपलब्ध1
- मेड़ता में मीरा महोत्सव का भक्ति रंग, गीता रबारी की प्रस्तुति ने बांधा समां मेड़ता सिटी में आयोजित मीरा महोत्सव भक्ति और संगीत के रंग में रंगा नजर आया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध लोक गायिका गीता रबारी की शानदार प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं और दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।1
- *महा तपस्वी मुनि श्री 108 सुमंत्र सागर जी महाराज जी का अदभुत चमत्कार, कहते हैं महा तपस्या और धर्म के प्रताप से मुनि श्री के शरीर से चंदन झरता है, इस वीडियो में साक्षात प्रमाण है, मुनि श्री आगे बढ़ते जा रहे हैं और उनके पद चिन्ह कपडे के टुकड़ों पर साक्षात् छप रहे हैं, उसके बाद ब्रह्मचारी सुनील भैया जी ने उनको सफेद कपड़ा दिया और जैसा ही मुनि श्री ने अपने दिव्य शरीर से स्पर्श किया, वो कपड़ा पीले चंदन से भर गया, मुनि श्री 108 सुमंत्र सागर जी महाराज जी की जय हो*1
- पीसांगन में निकाय चुनाव की गहमागहमी के बीच 'पागल श्वान का आतंक,रात साढ़े 9 बजे तक 11 लोगों को काटा सीटीवी वीडियो आया सामने पीसांगन कस्बे में चुनावी प्रचार की गहमागहमी के बीच पागल श्वान ने जमकर उत्पात मचाया। आवारा पागल कुत्ते ने अलग-अलग इलाकों में अब तक 11 राहगीरों व वाहन चालकों को काटकर घायल कर दिया। इससे पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इन 11 घायलों में कस्बे के 9 लोग जबकि एक एक भड़सुरी व बुधवाड़ा गांव के निवासी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मामला कस्बे के बस स्टैंड और इंदिरा कॉलोनी के मध्य का है। जहां पर सबसे पहले सड़क से गुजर रहे बाइक सवार को कुत्ते ने चलती बाइक पर काट लिया। जिसका *सीटीवी फुटेज* भी सामने आया है। फुटेज में कुत्ता अचानक पीछे से दौड़कर बाइक सवार को काटते नजर आ रहा है। पागल श्वान ने बस स्टैंड,इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र समेत कस्बे में बस स्टैंड के आसपास रात साढ़े 9 बजे तक 11 लोगों को काट लिया। कुत्ते के द्वारा अचानक पीछे से लोगों को काटने के चलते लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग दुकानों और घरों में घुस गए। *प्रशासन हरकत में, सभी घायलों का इलाज जारी* वही मामले की जानकारी नगरपालिका ईओ राजेंद्र रेवाड़ के संज्ञान में आते ही पागल कुत्ते को पकड़ने के लिए टीम को लगाया गया है। पागल श्वान के काटने से घायल हुए सभी 11 लोगों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां सभी को *सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेंद्र सिंह लामरोड़* की देखरेख में टांके लगाकर मरहम पट्टी कर एंटी-रेबीज के इंजेक्शन लगाए गए हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेंद्र सिंह लामरोड़ के मुताबिक सभी की हालत खतरे से बाहर है। लेकिन कुत्ते के काटने से सबसे अधिक एक घायल को उनके द्वारा 30 टांके लगाए गए हैं। वही अन्य घायलों को भी टांके लगाकर मरहम पट्टी कर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाकर उपचार किया गया है। डॉ. लामरोड़ ने बताया कि "कस्बे में अब तक पागल श्वान के काटने से इतनी बड़ी संख्या में लोग घायल नहीं हुए। सभी को रेबीज से बचाव के लिए टीके की डोज पूरी करवानी होगी। नागरिक सतर्क रहें।" *यह बने श्वान के शिकार* सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेंद्र सिंह लामरोड़ के मुताबिक पागल श्वान ने कस्बे के 9 लोगो को जबकि भड़सुरी व बुधवाड़ा के एक एक व्यक्ति को काटा हैं। जिनमे पीसांगन निवासी 33 वर्षीय संजय खान,27 वर्षीय इशाक,27 वर्षीय सोनूराम,35 वर्षीय राजेशसिंह रावत,32 वर्षीय अशोक,52 वर्षीय दिनेश कुमावत,31 वर्षीय शिव शंकर,25 वर्षीय जावेद,37 वर्षीय मुकेश के अलावा भड़सुरी निवासी 32 वर्षीय आशुतोष व बुधवाड़ा निवासी 21 वर्षीय तुषार पागल श्वान के शिकार बने हैं।1
- रियांबड़ी में भाजपा कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित, प्रदेश एवं जिला नेताओं ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश रियांबड़ी (नागौर), 25 अगस्त। नगर पालिका चुनाव-2026 की तैयारियों को लेकर मंगलवार को रियांबड़ी स्थित गायत्री मांगलिक भवन में भारतीय जनता पार्टी का विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला कार्यकर्ता एवं पार्टी समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य नगर पालिका चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करना, कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार करना तथा चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देना रहा।3