सिमडेगा जिला के लचरागढ़ निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट एवं भ्रष्टाचार निरोधक जांच विभाग के सक्रिय सदस्य विष्णु साहू ने राज्य स्तर पर धर्मांतरण और भूमि कब्जे के मामलों का मुद्दा उठाया है। उन्होंने 'डॉक्ट्रिन ऑफ क्रिश्चियन डिस्कवरी' के सिद्धांत का हवाला देते हुए बताया कि करीब 500 वर्ष पहले 15वीं शताब्दी में यूरोपीय देशों के बीच बनी सहमति और ईसाइयों के धर्मगुरु पोप के समर्थन के तहत गैर-ईसाई देशों पर कब्जे और धर्मांतरण की छूट दी गई थी। सन 1493 में पोप एलेकजेंडर 6वें द्वारा दुनिया को दो हिस्सों में बांटने, 1498 में वास्कोडिगामा के आगमन, 1770 में जेम्स कुक के ऑस्ट्रेलिया पहुंचने और अमेरिका, न्यूजीलैंड, कनाडा तथा भारत पर कब्जे के इतिहास का उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने 1510 ईस्वी में गोवा पर अल्बुकर्क के कब्जे, मंदिर तोड़ने और 1543 के गोवा एक्विजिशन के दमनकारी इतिहास को रेखांकित करते हुए बताया कि आजादी के बाद भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' चलाकर 36 घंटे में ही उन्हें वहां से खदेड़ा था। विष्णु साहू ने आरोप लगाया कि वर्तमान में प्रार्थना सभाओं और चंगाई सभाओं के जरिए बीमारियों को ठीक करने के नाम पर अंधविश्वास फैलाकर और लालच देकर धर्मांतरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। झारखंड में इसी गुप्त षड्यंत्र के तहत सीएनटी एक्ट को ताक पर रखकर खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में गरीब आदिवासियों की जमीनों पर कब्जा कर मिशनरी स्कूलों व चर्च का निर्माण कराया गया। जिन आदिवासियों की जमीनें ली गईं, वे आज भूमिहीन होकर प्रवासी मजदूर के रूप में जीवन यापन करने के लिए राज्य से बाहर जाने पर मजबूर हैं। इसके अलावा सरकारी और गैर-मजरुआ भूमि तथा जंगलों को काटकर भी मिशनरी संस्थाओं ने जमीनों पर कब्जा किया है। उन्होंने आगे कहा कि दक्षिणी छोटा नागपुर के प्रायः हर सरकारी विभाग में क्रिश्चियन समुदाय के लोग काबिज हैं, जिससे गैर-ईसाई आदिवासियों और आम लोगों को अपने कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। पादरियों द्वारा विभिन्न शोषणों के फरमान जारी करने और झूठे एससी-एसटी मुकदमों का डर दिखाकर नफरत फैलाने के काम किए जा रहे हैं। इसी नीति के तहत मेघालय में लगभग 75% और मिजोरम तथा नागालैंड में 87% से 90% तक ईसाई आबादी हो चुकी है। उन्होंने झारखंड के नागरिकों से किसी भी लालच या अंधविश्वास में न पड़ने का अनुरोध किया और राज्य व केंद्र सरकार से देश की एकता, अखंडता और समरसता बनाए रखने के लिए ठोस रणनीति बनाकर कार्रवाई करने का आग्रह किया।
सिमडेगा जिला के लचरागढ़ निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट एवं भ्रष्टाचार निरोधक जांच विभाग के सक्रिय सदस्य विष्णु साहू ने राज्य स्तर पर धर्मांतरण और भूमि कब्जे के मामलों का मुद्दा उठाया है। उन्होंने 'डॉक्ट्रिन ऑफ क्रिश्चियन डिस्कवरी' के सिद्धांत का हवाला देते हुए बताया कि करीब 500 वर्ष पहले 15वीं शताब्दी में यूरोपीय देशों के बीच बनी सहमति और ईसाइयों के धर्मगुरु पोप के समर्थन के तहत गैर-ईसाई देशों पर कब्जे और धर्मांतरण की छूट दी गई थी। सन 1493 में पोप एलेकजेंडर 6वें द्वारा दुनिया को दो हिस्सों में बांटने, 1498 में वास्कोडिगामा के आगमन, 1770 में जेम्स कुक के ऑस्ट्रेलिया पहुंचने और अमेरिका, न्यूजीलैंड, कनाडा तथा भारत पर कब्जे के इतिहास का उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने 1510 ईस्वी में गोवा पर अल्बुकर्क के कब्जे, मंदिर तोड़ने और 1543 के गोवा एक्विजिशन के दमनकारी इतिहास को रेखांकित करते हुए बताया कि आजादी के बाद भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' चलाकर 36 घंटे में ही उन्हें वहां से खदेड़ा था। विष्णु साहू ने आरोप लगाया कि वर्तमान में प्रार्थना सभाओं और चंगाई सभाओं के जरिए बीमारियों को ठीक करने के नाम पर अंधविश्वास फैलाकर और लालच देकर धर्मांतरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। झारखंड में इसी गुप्त षड्यंत्र के तहत सीएनटी एक्ट को ताक पर रखकर खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में गरीब आदिवासियों की जमीनों पर कब्जा कर मिशनरी स्कूलों व चर्च का निर्माण कराया गया। जिन आदिवासियों की जमीनें ली गईं, वे आज भूमिहीन होकर प्रवासी मजदूर के रूप में जीवन यापन करने के लिए राज्य से बाहर जाने पर मजबूर हैं। इसके अलावा सरकारी और गैर-मजरुआ भूमि तथा जंगलों को काटकर भी मिशनरी संस्थाओं ने जमीनों पर कब्जा किया है। उन्होंने आगे कहा कि दक्षिणी छोटा नागपुर के प्रायः हर सरकारी विभाग में क्रिश्चियन समुदाय के लोग काबिज हैं, जिससे गैर-ईसाई आदिवासियों और आम लोगों को अपने कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। पादरियों द्वारा विभिन्न शोषणों के फरमान जारी करने और झूठे एससी-एसटी मुकदमों का डर दिखाकर नफरत फैलाने के काम किए जा रहे हैं। इसी नीति के तहत मेघालय में लगभग 75% और मिजोरम तथा नागालैंड में 87% से 90% तक ईसाई आबादी हो चुकी है। उन्होंने झारखंड के नागरिकों से किसी भी लालच या अंधविश्वास में न पड़ने का अनुरोध किया और राज्य व केंद्र सरकार से देश की एकता, अखंडता और समरसता बनाए रखने के लिए ठोस रणनीति बनाकर कार्रवाई करने का आग्रह किया।
- झारखंड के लातेहार से कोयला चोरी के मुद्दे पर एक बड़ा ऐलान सामने आया है, जिसमें साफ चेतावनी दी गई है कि अगर कोयला चोरी नहीं रुकी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस चेतावनी के जरिए अवैध तरीके से हो रही कोयला चोरी पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई है और ऐसा न होने की स्थिति में विरोध-प्रदर्शन को और ज्यादा तेज करने की बात कही गई है।1
- दक्षिण पूर्व रेलवे के रांची मंडल अंतर्गत कर्रा-गोविंदपुर रोड स्थित समपार फाटक संख्या HB-17 पर मरम्मत और ओवरहॉलिंग का कार्य किया जाएगा। उपरक्रॉसिंग पोल संख्या 455/8-10 के बीच स्थित यह फाटक 24 जुलाई 2026 की रात 10 बजे से 25 जुलाई 2026 की सुबह 6 बजे तक वाहनों और आम लोगों के आवागमन के लिए पूरी तरह बंद रहेगा। इस संबंध में वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (रेलपथ) कार्यालय, गोविंदपुर रोड द्वारा कर्रा थाना को पत्र भेजकर आवश्यक व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया है। रेलवे प्रशासन ने पुलिस से इस दौरान यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। रेलवे विभाग ने यात्रियों और वाहन चालकों को होने वाली असुविधा के मद्देनजर वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने की अपील की है। तोरपा से कर्रा व रांची आने-जाने वाले छोटे और चार-पहिया वाहन चेरवादाग मोड़ से उड़िकेल मोड़ ग्रामीण सड़क का चयन कर सकते हैं। वहीं बड़े और भारी वाहनों के आवागमन के लिए जलटंडा चौक से धनामुंजी होते हुए रिंग रोड तुपुदाना सड़क को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग करने की सलाह दी गई है।1
- जंतर-मंतर पर छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज को लेकर किशोर वर्मा का गुस्सा फूट पड़ा है और उन्होंने छात्रों के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। इस घटना को निंदनीय बताते हुए किशोर वर्मा ने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज करना बर्बरतापूर्ण और सरासर गलत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्र-छात्राएं देश का भविष्य हैं, इसलिए उन पर इस तरह लाठी चलाना पूरी तरह अनुचित है।1
- +91 7667913218 address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand1
- लातेहार में कांग्रेस ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा है। इस ज्ञापन के जरिए पार्टी ने परीक्षा में हुई गड़बड़ी और पेपर लीक के मुद्दे पर अपनी मांगें उठाई हैं।1
- गुमला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में NCORD, कारा प्रशासन और जिला टास्क फोर्स (खनन) की संयुक्त समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम, अवैध खनन एवं परिवहन पर नियंत्रण और कारा व्यवस्था में सुधार को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने प्रमुख मार्गों व अंतरजिला सीमाओं पर वाहनों की सघन जांच करने और मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री वाले क्षेत्रों में त्वरित छापेमारी के निर्देश दिए। कम उम्र के बच्चों में नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए उन्होंने सभी विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में "नशा-मुक्ति जागरूकता अभियान" चलाने, मेडिकल दुकानों व सार्वजनिक स्थानों के पास निगरानी रखने और देर रात तक खुली रहने वाली दुकानों को नियमानुसार बंद कराने को कहा। खनन क्षेत्र की समीक्षा के दौरान अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि जिले के 29 पत्थर खनन क्षेत्रों में से 17 संचालित हैं, जबकि 18 कैटेगरी-2 बालू घाटों के संचालन हेतु नीलामी के बाद ग्राम सभा की प्रक्रिया जारी है। उपायुक्त ने संबंधित बीडीओ को ग्राम सभाएं शीघ्र पूर्ण कराने, उपलब्ध बालू के स्टॉक की जांच करने और निर्गत ई-चालानों की सत्यता का सत्यापन करने के निर्देश दिए। साथ ही बॉक्साइट परिवहन में ओवरलोडिंग रोकने, 15 वर्ष से अधिक पुराने बॉक्साइट वाहनों की जिला परिवहन पदाधिकारी स्तर से विशेष जांच कराने और खनन पट्टों व क्रशर इकाइयों में पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने का आदेश दिया। कारा प्रशासन की समीक्षा में उपायुक्त ने नवनिर्मित भवनों के शेष कार्य व सीपेज की समस्या का समाधान कर जल्द हैंडओवर लेने तथा बंदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के निर्देश दिए। इस संयुक्त बैठक में गुमला के पुलिस अधीक्षक, गुमला, बसिया एवं चैनपुर के अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जेल अधीक्षक, एमवीआई तथा एनएचएआई, आरईओ और आरसीडी के कार्यपालक एवं सहायक अभियंताओं सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।1
- झारखंड के लोहरदगा और गुमला क्षेत्र से एक दुखद घटना सामने आई है, जहां डॉक्टर की लापरवाही और जर्जर एंबुलेंस के कारण एक बेटी की जान चली गई। इस हादसे के बाद पीड़िता की मां का दर्द छलक पड़ा है। मां ने डॉक्टर की गंभीर अनदेखी और खटारा एंबुलेंस की बदहाल स्थिति को अपनी बेटी की मौत का जिम्मेदार ठहराया है।1
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- रांची में अपनी स्कूटी से जगन्नाथपुर मेला देखने जा रहे शिव प्रसाद साहू की एक सड़क हादसे में मौत हो गई। दुर्घटना के तुरंत बाद उन्हें पारस अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल पर मौजूद लोगों और पुलिस ने त्वरित सहायता की। वहीं, विधानसभा थाना प्रभारी गणेश यादव ने मौके पर पहुँचकर व्यवस्था संभाली और प्राथमिक सहायता में सहयोग दिया। घटना के बाद झारखंड प्रदेश तेली समाज के जिला अध्यक्ष जेम्स कुमार कश्यप और सुगनु समाज के अध्यक्ष आलोक कुमार साहू ने मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण में सामने आया कि जल विभाग द्वारा रोड की मार्किंग लाइन पर रखा गया वाटर नोजल रात में दिखाई नहीं देता और यह सीधा जानलेवा खतरा बन चुका था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले भी कई दुर्घटनाएँ हुईं और शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। तेज आक्रोश जताते हुए समाज के नेताओं ने प्रशासन से मांग की है कि वह तुरंत नोजल हटाकर मार्ग सुरक्षित करे और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।1