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- खूंटी जिले के तोरपा थाना क्षेत्र में हुई ज्वेलरी दुकान और शराब दुकान चोरी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जमशेदपुर से चार शातिर अपराधियों को दबोच लिया है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से चोरी किए गए आभूषण, शराब की बोतलें, ताला काटने के औजार और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी गुरुवार दोपहर 1:00 बजे एसपी ऋषभ गर्ग ने प्रेस वार्ता आयोजित करके दी।1
- जामताड़ा में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में ठोस कचरा प्रबंधन, प्रदूषण नियंत्रण, कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण, लैंडफिल साइट के चयन, बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन, सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक, जल प्रदूषण आंकड़ों के संग्रह और इलेक्ट्रिक वाहन नीति को बढ़ावा देने जैसे विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने जामताड़ा नगर क्षेत्र में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की समीक्षा करते हुए सुपायडीह में प्रस्तावित लैंडफिल साइट के चयन में आ रही बाधाओं को जल्द दूर करने का निर्देश दिया और अनुमंडल पदाधिकारी को दो से तीन दिनों के भीतर बैठक कर समाधान निकालने को कहा। पर्यावरण और स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर निर्देश देते हुए उपायुक्त ने अस्पतालों से बायोमेडिकल कचरे के नियमित उठाव और बरसात में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को रोकने के लिए नियमित फॉगिंग कराने के आदेश दिए। सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक के लिए जागरूकता अभियान चलाने, जुर्माना लगाने और कपड़े व जूट के थैलों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। संवेदनशील स्थानों जैसे अस्पतालों, विद्यालयों और न्यायालय परिसरों में नो हॉर्न जोन व साइलेंस जोन के संकेतक लगाने और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल में अदालत के निर्देशों का पालन कराने को कहा गया। इसके अलावा गटर और शौचालय की सफाई के बाद कचरे को जंगलों या जल स्रोतों में फेंकने पर सख्ती से रोक लगाने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में वाहनों के प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्रों की जांच, जल स्रोतों की जांच और बाजार में बिक रहे पैकेज्ड पेयजल की गुणवत्ता जांचने के निर्देश भी दिए गए। रेलवे साइडिंग की पर्यावरणीय शर्तों के अनुपालन की निगरानी, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और मिशन लाइफ के प्रचार-प्रसार पर बल दिया गया। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह, वन प्रमंडल पदाधिकारी राहुल कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा, जिला खनन पदाधिकारी मिहिर सलकर और नगर निकाय के कार्यपालक अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।2
- गुमला के बसिया में रांची-सिमडेगा मुख्य मार्ग से सरस्वती शिशु विद्या मंदिर तक जाने वाली सड़क की जर्जर हालत से तंग आकर स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और छात्रों ने खुद ही सड़क की मरम्मत का बीड़ा उठाया। लगातार अनदेखी से परेशान होकर छात्रों और शिक्षकों ने खुद फावड़ा उठाकर सड़क सुधारने का काम किया। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और जलजमाव के कारण आए दिन बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे थे। विद्यालय के शिक्षक नवीन कुमार मिश्रा ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः लाचार होकर बच्चों की सुरक्षा के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को स्वयं श्रमदान कर गड्ढों को भरना पड़ा।1
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- रांची के हरमू बायपास रोड पर JPSC और NEET जैसे मुद्दों के नाम पर कांग्रेस और बीजेपी के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और शक्ति प्रदर्शन का ढोंग रचा, जिसके कारण घंटों तक पूरा शहर थमा रहा, यातायात ठप हो गया और आम जनता भीषण जाम में फंसी रही। इस प्रदर्शन के चलते सड़क पर कई एम्बुलेंस सायरन बजा-बजाकर फंसी रहीं, जिनके अंदर मरीज जिंदगी और मौत से जंग लड़ रहे थे और बाहर परिजन बिलख रहे थे। इसके बावजूद राजनीतिक झंडे लहरा रहे कार्यकर्ताओं ने उनकी चीखों पर कोई ध्यान नहीं दिया। वहीं छुट्टी के बाद घर लौटने की आस में बैठे मासूम बच्चे बिना पानी और किसी राहत के गाड़ियों के धुएं के बीच स्कूल बसों में घंटों कैद रहे। घटना को लेकर प्रशासन की घोर लापरवाही पर सवाल उठाए गए हैं कि दो बड़े दलों के आमने-सामने आने की जानकारी के बावजूद ट्रैफिक पुलिस निष्क्रिय रही और रूट डायवर्जन नहीं किया गया। परीक्षा में धांधली पर गुस्सा जायज है, लेकिन आम नागरिकों, बीमार मरीजों और बच्चों को परेशान करके किए जाने वाले इस विरोध को 'जनहित' नहीं बल्कि 'सार्वजनिक उत्पीड़न' करार दिया गया है। जनता की मांग है कि विरोध प्रदर्शन तय जगहों पर ही हों और हरमू बायपास जैसे संवेदनशील रास्तों को तुरंत 'नो-प्रोटेस्ट ज़ोन' घोषित किया जाए।1