जनपद एटा में आगामी 1 जुलाई 2026 को जीआईसी ग्राउंड, सकीट रोड पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत एक भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन को सफल, गरिमामय और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम समिति की एक बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें विवाह समारोह की विभिन्न व्यवस्थाओं और तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी पात्र लाभार्थी युगलों को शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पुत्रियों के विवाह को सम्मानजनक, दहेजमुक्त और सामाजिक गरिमा के साथ संपन्न कराना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जाए, साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र लाभार्थियों को ही इस योजना का लाभ मिले। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि किसी भी अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ न मिलने पाए, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए और विवाह समारोह से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं तथा प्रत्येक व्यवस्था का नियमित निरीक्षण किया जाए। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संगम लाल, वरिष्ठ कोषाधिकारी विकास चौहान, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यम त्रिपाठी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रंजना शुक्ला, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र अर्चना कुमारी, जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने इस कार्यक्रम को भव्य, व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जनपद एटा में आगामी 1 जुलाई 2026 को जीआईसी ग्राउंड, सकीट रोड पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत एक भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन को सफल, गरिमामय और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम समिति की एक बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें विवाह समारोह की विभिन्न व्यवस्थाओं और तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी पात्र लाभार्थी युगलों को शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पुत्रियों के विवाह को सम्मानजनक, दहेजमुक्त और सामाजिक गरिमा के साथ संपन्न
कराना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जाए, साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र लाभार्थियों को ही इस योजना का लाभ मिले। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि किसी भी अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ न मिलने पाए, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए और विवाह समारोह से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं तथा प्रत्येक व्यवस्था का नियमित निरीक्षण किया जाए। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संगम लाल, वरिष्ठ कोषाधिकारी विकास चौहान, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यम त्रिपाठी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रंजना शुक्ला, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र अर्चना कुमारी, जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने इस कार्यक्रम को भव्य, व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
- जनपद एटा के ग्राम शीतलपुर निवासी अजयवीर सिंह ने जिलाधिकारी एटा को एक प्रार्थना-पत्र सौंपकर वन विभाग की सरकारी भूमि पर पिछले लगभग 15 वर्षों से कथित रूप से जारी अवैध खनन की शिकायत की है। शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। प्रार्थना-पत्र में आरोप लगाया गया है कि ग्राम शीतलपुर स्थित वन विभाग की भूमि से रात के समय जेसीबी मशीनों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य संसाधनों का उपयोग कर अवैध रूप से मिट्टी का दोहन किया जा रहा है। इस गतिविधि के कारण सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचने के साथ-साथ राज्य सरकार को भी राजस्व की बड़ी क्षति हुई है। प्रार्थी का आरोप है कि संबंधित विभागों को इस अवैध खनन की जानकारी होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह सिलसिला लगातार जारी रहा। शिकायत में कुछ व्यक्तियों के नामों का उल्लेख करते हुए उनके विरुद्ध दर्ज पूर्व के मुकदमों और आपराधिक मामलों का भी हवाला दिया गया है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने, अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, राज्य को हुए राजस्व के नुकसान की वसूली करने तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों की चल एवं अचल संपत्तियों को कुर्क करने की भी मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था, और आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।1
- आज मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा नीम करोली धाम में दर्शन करने के लिए पहुंचे हैं।1
- Post by Ravendra Jadon पत्रकार2
- मैनपुरी के बेवर क्षेत्र में स्थित जाहरवीर गोगाजी महाराज के मंदिर पर आयोजित पावन कथा के समापन दिवस पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिन्होंने गोगाजी महाराज की महिमा का श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। पूरे कथा पंडाल में भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार और जयकारों से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। कथा वाचक वीरेंद्र नाथ शास्त्री ने अपने प्रवचन में बताया कि जाहरवीर गोगाजी महाराज की कथा मानव जीवन के कष्टों का निवारण करती है। उन्होंने गोगाजी महाराज को नागों का देवता बताते हुए कहा कि वे शौर्य, न्याय, धर्म रक्षा, गोरक्षा और सर्पदंश से रक्षा के लिए विशेष रूप से पूजे जाते हैं। शास्त्री जी ने बल दिया कि गोगाजी महाराज का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके आदर्श आज भी लोगों को सत्य एवं धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। इसी क्रम में गुरुजी पंडित नरेंद्र सिंह चौहान ने भी जाहरवीर गोगाजी महाराज के जीवन चरित्र, उनके लोककल्याणकारी कार्यों और धर्म के प्रति समर्पण पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने गोगाजी महाराज को सामाजिक समरसता और सांप्रदायिक सद्भाव का प्रतीक बताया तथा लोक मान्यताओं के अनुसार उन्हें गुरु गोरखनाथ का प्रमुख शिष्य माना गया, जिनकी कृपा से उन्होंने अनेक जनकल्याणकारी कार्य किए। इस पावन कार्यक्रम में अनिल कुमार एवं वीना देवी ने परीक्षित की भूमिका निभाई, जिनकी श्रद्धा और समर्पण की सभी ने सराहना की। यज्ञाचार्य पंडित विनोद कुमार शास्त्री द्वारा वैदिक विधि-विधान से यज्ञ का संचालन किया गया, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं और कार्यक्रम का संचालन अनिल कुमार एवं सुनील कुमार ने किया। श्रद्धालुओं ने बताया कि गोगाजी महाराज की कथा सुनने से उन्हें मानसिक शांति, आत्मिक संतोष और नई ऊर्जा मिली है। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में धार्मिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना है।4
- शाहजहाँपुर के कलान स्थित परौर थाना क्षेत्र के बिचपुरी निवासी 25 वर्षीय राजू उर्फ कन्हैया का शव रामगंगा नदी से लगभग 24 घंटे बाद बरामद किया गया है। मंगलवार दोपहर वह अपने साथियों के साथ नदी में नहाने गया था, तभी गहरे पानी में चले जाने से वह डूब गया था। घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया। सूचना मिलने पर पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों की मदद से खोज अभियान शुरू किया। देर शाम तक सफलता न मिलने पर एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया, जिसने बुधवार सुबह पुलिस और गोताखोरों के साथ दोबारा रेस्क्यू अभियान चलाया। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर में युवक का शव नदी से निकाला जा सका। शव मिलते ही नदी किनारे मौजूद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। माँ चंद्रकाली सहित परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल था। बताया गया है कि राजू पाँच भाइयों में तीसरे नंबर का था और अविवाहित था। उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, और बिचपुरी व आसपास के गाँवों में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- जनपद एटा में आगामी 1 जुलाई 2026 को जीआईसी ग्राउंड, सकीट रोड पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत एक भव्य समारोह आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन को सफल, गरिमामय और सुव्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। कार्यक्रम समिति की एक बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में जिलाधिकारी अरविन्द सिंह की अध्यक्षता में हुई। इसमें विवाह समारोह की विभिन्न व्यवस्थाओं और तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी पात्र लाभार्थी युगलों को शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पुत्रियों के विवाह को सम्मानजनक, दहेजमुक्त और सामाजिक गरिमा के साथ संपन्न कराना है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता बरती जाए, साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि केवल पात्र लाभार्थियों को ही इस योजना का लाभ मिले। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि किसी भी अपात्र व्यक्ति को योजना का लाभ न मिलने पाए, इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाए और विवाह समारोह से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं तथा प्रत्येक व्यवस्था का नियमित निरीक्षण किया जाए। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्र, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) संगम लाल, वरिष्ठ कोषाधिकारी विकास चौहान, जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यम त्रिपाठी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी रंजना शुक्ला, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र अर्चना कुमारी, जिला पूर्ति अधिकारी कमलेश गुप्ता सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन ने इस कार्यक्रम को भव्य, व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।2
- एटा में रेलवे रोड पर शहर के बीच स्थित सुपर फोटो स्टूडियो में भीषण आग लग गई है। इस घटना के कारण स्टूडियो को भारी नुकसान पहुंचा है।1