"वीरता, साहस और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान की अमर प्रतीक वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। आइए, उनके त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें तथा अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसे सफल बनाएं।" "वीरता, साहस और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान की अमर प्रतीक वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। आइए, उनके त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें तथा अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसे सफल बनाएं।" "वीरता, साहस और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान की अमर प्रतीक वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। आइए, उनके त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें तथा अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसे सफल बनाएं।" "वीरता, साहस और मातृभूमि के लिए सर्वोच्च बलिदान की अमर प्रतीक वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी जी की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन। आइए, उनके त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें तथा अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में उपस्थित होकर इसे सफल बनाएं।"
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- पत्रकार ने जब जानना चाहा की कितना कंठ का किरण होता है एक ट्रक ड्राइवर का जीवन पत्रकार ने यह सोचा था किस सरल होता है जीवन लेकिन एक ट्रक ड्राइवर ने बताई सारी हकीकत1
- पटेरा कृषि कार्यालय से देर रात जिंक की बोरियां भेजने पर मचा हड़कंप, जिला स्तरीय जांच टीम पटेरा पहुंची पटेरा कृषि कार्यालय से देर रात जिंक की बोरियां भेजने पर मचा हड़कंप, जिला स्तरीय जांच टीम पटेरा पहुंची दमोह -पटेरा कृषि कार्यालय से शुक्रवार देर रात करीब 11:30 बजे जिंक की लगभग 50 बोरियां एक छोटा हाथी वाहन में लोड कर कुम्हारी क्षेत्र भेजे जाने की सूचना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे कुछ युवाओं ने वाहन की वीडियो रिकॉर्डिंग करते हुए मामले की जानकारी जुटाई। पूछताछ के दौरान कृषि विभाग के कर्मचारी अंकुश शिवहरे ने बताया कि वाहन कुम्हारी क्षेत्र में किसानों के लिए जिंक पहुंचाने भेजा जा रहा था। अंकुश शिवहरे के अनुसार, कार्यालय का नियमित कार्य समाप्त होने के बाद शाम करीब 6:30 बजे सभी कर्मचारी घर चले गए थे। रात करीब 9:30 बजे वरिष्ठ अधिकारी का फोन आया, जिसमें बताया गया कि जमुनिया एवं कुम्हारी क्षेत्र के किसानों के लिए जिंक उपलब्ध हो गई है और किसानों के लगातार फोन आने के कारण इसे तत्काल भिजवाना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भोजन के बाद कार्यालय पहुंचकर ताला खोला गया और लगभग 50 बोरियां वाहन में लोड करने में समय लगने के कारण रात 11:30 बजे तक कार्य चलता रहा। इसी दौरान कुछ लोग पहुंचे और वीडियो रिकॉर्डिंग करने लगे। शिवहरे ने बताया कि वीडियो रिकॉर्डिंग के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क करने का प्रयास किया। पहली बार बात हुई, लेकिन बाद में फोन बंद मिलने पर एहतियात के तौर पर वाहन सहित जिंक की बोरियों को पुलिस थाना पटेरा की अभिरक्षा में सुरक्षित रखवा दिया गया।इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी दिनेश कुमार साहू ने बताया कि जिंक किसानों को वितरण के लिए भेजी जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कृषि विभाग का सरकारी माल नहीं, बल्कि एक संस्था द्वारा उपलब्ध कराया गया स्टॉक है। किसानों को 50 किलोग्राम की एक बोरी लगभग ₹3,700 के निर्धारित शुल्क पर दी जाती है। उन्होंने बताया कि बिना राशि जमा कराए किसी को भी जिंक नहीं दी जा सकती, क्योंकि संस्था के भुगतान की जिम्मेदारी विभागीय प्रक्रिया के तहत रहती है। कुम्हारी क्षेत्र में जिंक उपलब्ध नहीं थी, इसलिए पटेरा से वहां भेजी जा रही मामले की जानकारी मिलने पर जिला मुख्यालय दमोह से तीन सदस्यीय जांच दल पटेरा पहुंचा। टीम ने कृषि कार्यालय का निरीक्षण कर दस्तावेजों एवं परिस्थितियों की जांच की। जांच दल में परियोजना संचालक आत्मा एस.एल. कुर्मी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी आर.के. जैन तथा कृषि जिला समन्वयक गिरवर पटेल शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है और अंतिम रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट की जाएगी। प्रारंभिक जांच में कोई स्पष्ट अनियमितता सामने नहीं आई है।इस बीच कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि एक दिन पूर्व तहसीलदार द्वारा कृषि कार्यालय के स्टोर एवं एक अन्य कक्ष को सील किया गया था। इस पर दिनेश कुमार साहू ने स्पष्ट किया कि जिन कमरों को सील किया गया है, उनमें बीज एवं अन्य सामग्री रखी हुई है। जिंक जिस कक्ष में रखी गई थी, वह सील नहीं था, क्योंकि वह संस्था का स्टॉक था। उन्होंने कहा कि सील किए गए कमरों से किसी प्रकार की छेड़छाड़ नहीं की गई है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। जिला स्तरीय टीम की अंतिम रिपोर्ट के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- 66वीं बार रक्तदान कर मोहित संघी ने पेश की मानवता की मिसाल, युवाओं को किया प्रेरित न्यूज़ रिपोर्टर मोहित संघी 66वीं बार रक्तदान कर मोहित संघी ने पेश की मानवता की मिसाल, युवाओं को किया प्रेरित जबलपुर। समाज सेवा और मानवता के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए मोहित संघी ने शनिवार, 1 अगस्त 2026 को अपना 66वां स्वैच्छिक रक्तदान किया। यह रक्तदान मेडिकल कॉलेज में भर्ती नरेश जी के उपचार हेतु जबलपुर ब्लड बैंक में किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि नियमित रक्तदान न केवल किसी जरूरतमंद मरीज का जीवन बचाता है, बल्कि समाज में सेवा और संवेदनशीलता की भावना को भी मजबूत करता है। मोहित संघी का यह 66वां रक्तदान उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो स्वस्थ होने के बावजूद रक्तदान करने से हिचकिचाते हैं। रक्तदान के दौरान थेलेसीमिया जन जागरण समिति के पं. विकास शुक्ला, डॉ. संजय असाटी, प्रांजल तिवारी, नवीन जेठानी, किशोर थरवानी एवं उमेश पटले विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी ने रक्तदान को महादान बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से नियमित रूप से स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की। समिति के सदस्यों ने कहा कि एक यूनिट रक्त कई मरीजों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। दुर्घटना पीड़ितों, प्रसूता महिलाओं, कैंसर रोगियों तथा विशेष रूप से थेलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को समय-समय पर रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे में प्रत्येक स्वस्थ व्यक्ति को वर्ष में नियमित अंतराल पर स्वैच्छिक रक्तदान अवश्य करना चाहिए। मोहित संघी ने भी युवाओं से आह्वान किया कि रक्तदान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करें और मानव सेवा के इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें। उन्होंने कहा कि "रक्तदान एक ऐसा महादान है, जो किसी अनजान व्यक्ति को भी जीवन का अनमोल उपहार दे सकता है।"4
- दमोह पटेरा में बीज वितरण घोटाले का आरोप! कृषि समिति अध्यक्ष उमाबाई ने कृषि विकास अधिकारी पर लगाए भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप, कलेक्टर से की निष्पक्ष जांच की मांग*2
- सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल सील कृषि विभाग से देर रात बीज, खाद और दवाइयां निकालने का आरोप, जांच के बीच उठे गंभीर सवाल1
- बहोरीबंद तहसील क्षेत्र में खंड वर्षा ने बढ़ाई चिंता: तालाब सूखे, मछली पालन और सिंघाड़ा खेती पर संकट के बादल बहोरीबंद विकासखंड में इस बार मानसून की बेरुखी किसानों के लिए बड़ी चिंता बन गई है। खंड वर्षा के चलते सिंचाई तालाब और छोटे जलाशय नहीं भर पाए हैं, जिससे मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर संकट गहराता जा रहा है। जलभराव नहीं होने से किसान आर्थिक नुकसान की आशंका से परेशान हैं। मानसून सीजन में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण बहोरीबंद क्षेत्र के अधिकांश तालाब खाली पड़े हैं। तालाबों में पानी की कमी का सीधा असर मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पर पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि धान और दूसरी फसलें किसी तरह मोटर पंप के सहारे बोई जा सकती हैं, लेकिन मछली पालन और सिंघाड़े की खेती पूरी तरह तालाबों में पर्याप्त पानी पर निर्भर करती है। स्थानीय किसानों ने आज शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि अगर तालाब नहीं भरेंगे तो मछली पालन और सिंघाड़े की खेती करना संभव नहीं होगा। इससे हमारी आय पर सीधा असर पड़ेगा।" लगातार कम बारिश के कारण इस वर्ष तालाबों में अपेक्षित जलभराव नहीं हो सका है। ऐसे में आने वाले दिनों में यदि अच्छी बारिश नहीं हुई तो मछली उत्पादन और सिंघाड़ा खेती दोनों पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों की चिंता अब हर गुजरते दिन के साथ बढ़ती जा रही है। सहायक मत्स्य अधिकारी बरसा सिंह के अनुसार, इस वर्ष जनवरी से 14 जून तक बहोरीबंद विकासखंड के विभिन्न तालाबों से लगभग 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ। यदि फुटकर बाजार में मछली का औसत मूल्य 200 रुपये प्रति किलोग्राम माना जाए, तो करीब 13 करोड़ 60 लाख रुपये का कारोबार हुआ है। लेकिन यदि तालाबों में पर्याप्त पानी नहीं भरता, तो आने वाले समय में यह उत्पादन और कारोबार दोनों प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि"इस वर्ष अब तक 680 मीट्रिक टन मछली का उत्पादन हुआ है। आगे का उत्पादन पूरी तरह मानसून और तालाबों में होने वाले जलभराव पर निर्भर करेगा।" फिलहाल बहोरीबंद के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। उम्मीद सिर्फ अच्छी बारिश से है, क्योंकि तालाब भरेंगे तभी मछली पालन और सिंघाड़े की खेती फिर से रफ्तार पकड़ पाएगी। बारिश में देरी ने किसानों के साथ-साथ इस पूरे व्यवसाय के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।1
- विश्व हिन्दू परिषद की बाल संस्कार केन्द्र कार्यशाला सम्पन्न, मातृशक्ति ने लिया संस्कारित समाज निर्माण का संकल्प न्यूज़ रिपोर्टर मोहित संघी विश्व हिन्दू परिषद की बाल संस्कार केन्द्र कार्यशाला सम्पन्न, मातृशक्ति ने लिया संस्कारित समाज निर्माण का संकल्प न्यूज़ रिपोर्टर : मोहित संघी मां नर्मदा। विश्व हिन्दू परिषद, जबलपुर विभाग द्वारा मां नर्मदा जिले में बाल संस्कार केन्द्रों की एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीराम दरबार एवं भारत माता के चित्र पर पूजन एवं आरती के साथ हुआ। कार्यशाला का उद्देश्य समाज की वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए बच्चों में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रभक्ति के संस्कार विकसित करना रहा। विश्व हिन्दू परिषद द्वारा प्रदेश के प्रत्येक जिले में इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत विश्व हिन्दू परिषद प्रांत की वरिष्ठ बहनें विभिन्न जिलों में पहुंचकर मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी की कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दे रही हैं। कार्यक्रम में प्रांत सत्संग प्रमुख श्रीमती मालती रैकवार, प्रांत सह सत्संग प्रमुख श्रीमती प्रमिला दीदी एवं दुर्गावाहिनी की प्रांत संयोजिका सोनम रवानी ने उपस्थित मातृशक्ति एवं दुर्गावाहिनी की बहनों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने खेल, गीत, मंत्र एवं विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को संस्कारित करने की प्रभावी पद्धतियों की जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान सभी बहनों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से बाल संस्कार केन्द्र संचालित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में विभाग मंत्री महेन्द्र सिंह, विभाग सहमंत्री राजेश रैकवार, विभाग संयोजिका अर्पिता दीदी, मां नर्मदा जिला मंत्री राकेश सिंह, जिला अध्यक्ष नीरज बरसैंया, जिला उपाध्यक्ष शोभा तिवारी, शक्ति साधना प्रमुख पूजा दीदी, जिला सहसंयोजिका उषा पटेल, दुर्गावती जिला संयोजिका आरती शुक्ला, आयुध जिला संयोजिका प्रियंका ठाकुर,नेहा सोनी मधु सिंह, नीतू संघी, राखी पांडे, शोभा पवार, जिला संयोजिका श्रद्धा झारिया, शताक्षी जायसवाल, सुलेखा दुबे, अर्पिता खम्परिया, बजरंग दल सहसंयोजक राहुल बाकले सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं कार्यकर्ताओं की सहभागिता रही। कार्यशाला के समापन पर उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों से युक्त भावी पीढ़ी के निर्माण के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में बाल संस्कार केन्द्रों को प्रभावी ढंग से संचालित करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन भारत माता की आरती के साथ सम्पन्न हुआ। तत्पश्चात सभी ने साथ मिलकर स्वालपाहार किया4
- सलैया चौकी पुलिस की सख्ती: वाहन चेकिंग अभियान में 6 चालान, 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूला कटनी जिले के रीठी थाना अंतर्गत सलैया चौकी पुलिस द्वारा सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूला गया। सलैया चौकी पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान काली फिल्म लगी एक कार, बिना सीट बेल्ट वाहन चला रहे तीन चालकों तथा बिना हेलमेट दो बाइक चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की। कुल छह प्रकरणों में 2,600 रुपये का समन शुल्क वसूल किया गया। पुलिस ने वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा वाहनों में अवैध काली फिल्म न लगाने की समझाइश भी दी। पुलिस का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान लगातार जारी रहेगा। सलैया चौकी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे नियमों का पालन कर अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।1