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जलाशय में उतरी बाड़ी पुलिस की रेस्क्यू बोट, थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी ने लिया ट्रायल बारिश के मौसम में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी, पानी में बोट चलाकर जांची संचालन क्षमता और रेस्क्यू व्यवस्था बाड़ी। बारिश के मौसम में जलाशयों में बढ़ते जलस्तर और संभावित हादसों को देखते हुए बाड़ी पुलिस ने आपदा एवं बचाव कार्यों को लेकर अपनी तैयारियों को मजबूत करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को बाड़ी थाने की रेस्क्यू बोट को जलाशय में उतारकर उसका ट्रायल किया गया। पुलिस टीम ने पानी में बोट का संचालन कर उसकी कार्यक्षमता और रेस्क्यू के दौरान उपयोगिता को परखा। थाना प्रभारी बाड़ी जेपी त्रिपाठी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों एवं रेस्क्यू टीम ने जलाशय में बोट चलाकर विभिन्न परिस्थितियों में उसके संचालन का जायजा लिया। ट्रायल के दौरान टीम के सदस्यों ने सुरक्षा उपकरणों के साथ बोट में सवार होकर पानी में उसकी गति, संतुलन और नियंत्रण व्यवस्था को जांचा। आपात स्थिति में तत्काल पहुंचेगी रेस्क्यू टीम बारिश के दिनों में जलाशयों और नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने के साथ हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में किसी व्यक्ति के पानी में फंसने या डूबने जैसी स्थिति सामने आने पर बचाव दल का समय पर घटनास्थल तक पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से रेस्क्यू बोट को पानी में उतारकर उसका व्यावहारिक परीक्षण किया गया। ट्रायल के दौरान पुलिस टीम ने बोट के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। पानी में बोट को चलाकर यह परखा गया कि आवश्यकता पड़ने पर रेस्क्यू टीम किस प्रकार जलाशय के भीतर पहुंचकर बचाव अभियान संचालित कर सकती है। पुलिस की तैयारियों का लिया गया जायजा थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी की मौजूदगी में हुए ट्रायल के दौरान रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का पालन किया। लाइफ जैकेट सहित सुरक्षा संसाधनों के साथ टीम ने बोट के संचालन का परीक्षण किया। पुलिस की इस कवायद को बारिश के दौरान होने वाली संभावित जल दुर्घटनाओं से निपटने की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेस्क्यू बोट को पहले से तैयार रखने का फायदा यह होगा कि जरूरत पड़ने पर पुलिस और बचाव दल को जल क्षेत्र में पहुंचने के लिए अतिरिक्त संसाधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जलाशय क्षेत्रों में पुलिस की नजर बारिश के मौसम में जलाशयों का जलस्तर लगातार बदलता रहता है। ऐसे में पुलिस द्वारा जलाशय क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। रेस्क्यू बोट का ट्रायल इसी तैयारी का हिस्सा है, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में उपलब्ध संसाधनों का तत्काल उपयोग किया जा सके। बाड़ी पुलिस की इस तैयारी से यह संकेत मिलता है कि संभावित आपदा या जल दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्रवाई के लिए टीम को तैयार रखने पर जोर दिया जा रहा है। शनिवार को जलाशय में किया गया रेस्क्यू बोट का ट्रायल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।

1 hr ago
user_रितिक जैन  बाड़ी
रितिक जैन बाड़ी
Local News Reporter बाड़ी, रायसेन, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

जलाशय में उतरी बाड़ी पुलिस की रेस्क्यू बोट, थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी ने लिया ट्रायल बारिश के मौसम में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी, पानी में बोट चलाकर जांची संचालन क्षमता और रेस्क्यू व्यवस्था बाड़ी। बारिश के मौसम में जलाशयों में बढ़ते जलस्तर और संभावित हादसों को देखते हुए बाड़ी पुलिस ने आपदा एवं बचाव कार्यों को लेकर अपनी तैयारियों को मजबूत करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को बाड़ी थाने की रेस्क्यू बोट को जलाशय में उतारकर उसका ट्रायल किया गया। पुलिस टीम ने पानी में बोट का संचालन कर उसकी कार्यक्षमता और रेस्क्यू के दौरान उपयोगिता को परखा। थाना प्रभारी बाड़ी जेपी त्रिपाठी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों एवं रेस्क्यू टीम ने जलाशय में बोट चलाकर विभिन्न परिस्थितियों में उसके संचालन का जायजा लिया। ट्रायल के दौरान टीम के सदस्यों ने सुरक्षा उपकरणों के साथ बोट में सवार होकर पानी में उसकी गति, संतुलन और नियंत्रण व्यवस्था को जांचा। आपात स्थिति में तत्काल पहुंचेगी रेस्क्यू टीम बारिश के दिनों में जलाशयों और नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने के साथ हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में किसी व्यक्ति के पानी में फंसने या डूबने जैसी स्थिति सामने आने पर बचाव दल का समय पर घटनास्थल तक पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से रेस्क्यू बोट को पानी में उतारकर उसका व्यावहारिक परीक्षण किया गया। ट्रायल के दौरान पुलिस टीम ने बोट के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को बारीकी

से देखा। पानी में बोट को चलाकर यह परखा गया कि आवश्यकता पड़ने पर रेस्क्यू टीम किस प्रकार जलाशय के भीतर पहुंचकर बचाव अभियान संचालित कर सकती है। पुलिस की तैयारियों का लिया गया जायजा थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी की मौजूदगी में हुए ट्रायल के दौरान रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का पालन किया। लाइफ जैकेट सहित सुरक्षा संसाधनों के साथ टीम ने बोट के संचालन का परीक्षण किया। पुलिस की इस कवायद को बारिश के दौरान होने वाली संभावित जल दुर्घटनाओं से निपटने की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेस्क्यू बोट को पहले से तैयार रखने का फायदा यह होगा कि जरूरत पड़ने पर पुलिस और बचाव दल को जल क्षेत्र में पहुंचने के लिए अतिरिक्त संसाधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जलाशय क्षेत्रों में पुलिस की नजर बारिश के मौसम में जलाशयों का जलस्तर लगातार बदलता रहता है। ऐसे में पुलिस द्वारा जलाशय क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। रेस्क्यू बोट का ट्रायल इसी तैयारी का हिस्सा है, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में उपलब्ध संसाधनों का तत्काल उपयोग किया जा सके। बाड़ी पुलिस की इस तैयारी से यह संकेत मिलता है कि संभावित आपदा या जल दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्रवाई के लिए टीम को तैयार रखने पर जोर दिया जा रहा है। शनिवार को जलाशय में किया गया रेस्क्यू बोट का ट्रायल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।

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  • जलाशय में उतरी बाड़ी पुलिस की रेस्क्यू बोट, थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी ने लिया ट्रायल बारिश के मौसम में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी, पानी में बोट चलाकर जांची संचालन क्षमता और रेस्क्यू व्यवस्था बाड़ी। बारिश के मौसम में जलाशयों में बढ़ते जलस्तर और संभावित हादसों को देखते हुए बाड़ी पुलिस ने आपदा एवं बचाव कार्यों को लेकर अपनी तैयारियों को मजबूत करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को बाड़ी थाने की रेस्क्यू बोट को जलाशय में उतारकर उसका ट्रायल किया गया। पुलिस टीम ने पानी में बोट का संचालन कर उसकी कार्यक्षमता और रेस्क्यू के दौरान उपयोगिता को परखा। थाना प्रभारी बाड़ी जेपी त्रिपाठी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों एवं रेस्क्यू टीम ने जलाशय में बोट चलाकर विभिन्न परिस्थितियों में उसके संचालन का जायजा लिया। ट्रायल के दौरान टीम के सदस्यों ने सुरक्षा उपकरणों के साथ बोट में सवार होकर पानी में उसकी गति, संतुलन और नियंत्रण व्यवस्था को जांचा। आपात स्थिति में तत्काल पहुंचेगी रेस्क्यू टीम बारिश के दिनों में जलाशयों और नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने के साथ हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में किसी व्यक्ति के पानी में फंसने या डूबने जैसी स्थिति सामने आने पर बचाव दल का समय पर घटनास्थल तक पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से रेस्क्यू बोट को पानी में उतारकर उसका व्यावहारिक परीक्षण किया गया। ट्रायल के दौरान पुलिस टीम ने बोट के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। पानी में बोट को चलाकर यह परखा गया कि आवश्यकता पड़ने पर रेस्क्यू टीम किस प्रकार जलाशय के भीतर पहुंचकर बचाव अभियान संचालित कर सकती है। पुलिस की तैयारियों का लिया गया जायजा थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी की मौजूदगी में हुए ट्रायल के दौरान रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का पालन किया। लाइफ जैकेट सहित सुरक्षा संसाधनों के साथ टीम ने बोट के संचालन का परीक्षण किया। पुलिस की इस कवायद को बारिश के दौरान होने वाली संभावित जल दुर्घटनाओं से निपटने की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेस्क्यू बोट को पहले से तैयार रखने का फायदा यह होगा कि जरूरत पड़ने पर पुलिस और बचाव दल को जल क्षेत्र में पहुंचने के लिए अतिरिक्त संसाधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। जलाशय क्षेत्रों में पुलिस की नजर बारिश के मौसम में जलाशयों का जलस्तर लगातार बदलता रहता है। ऐसे में पुलिस द्वारा जलाशय क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। रेस्क्यू बोट का ट्रायल इसी तैयारी का हिस्सा है, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में उपलब्ध संसाधनों का तत्काल उपयोग किया जा सके। बाड़ी पुलिस की इस तैयारी से यह संकेत मिलता है कि संभावित आपदा या जल दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्रवाई के लिए टीम को तैयार रखने पर जोर दिया जा रहा है। शनिवार को जलाशय में किया गया रेस्क्यू बोट का ट्रायल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।
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    जलाशय में उतरी बाड़ी पुलिस की रेस्क्यू बोट, थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी ने लिया ट्रायल
बारिश के मौसम में किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी, पानी में बोट चलाकर जांची संचालन क्षमता और रेस्क्यू व्यवस्था
बाड़ी। बारिश के मौसम में जलाशयों में बढ़ते जलस्तर और संभावित हादसों को देखते हुए बाड़ी पुलिस ने आपदा एवं बचाव कार्यों को लेकर अपनी तैयारियों को मजबूत करना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शनिवार को बाड़ी थाने की रेस्क्यू बोट को जलाशय में उतारकर उसका ट्रायल किया गया। पुलिस टीम ने पानी में बोट का संचालन कर उसकी कार्यक्षमता और रेस्क्यू के दौरान उपयोगिता को परखा।
थाना प्रभारी बाड़ी जेपी त्रिपाठी की मौजूदगी में पुलिसकर्मियों एवं रेस्क्यू टीम ने जलाशय में बोट चलाकर विभिन्न परिस्थितियों में उसके संचालन का जायजा लिया। ट्रायल के दौरान टीम के सदस्यों ने सुरक्षा उपकरणों के साथ बोट में सवार होकर पानी में उसकी गति, संतुलन और नियंत्रण व्यवस्था को जांचा।
आपात स्थिति में तत्काल पहुंचेगी रेस्क्यू टीम
बारिश के दिनों में जलाशयों और नदी-नालों में अचानक जलस्तर बढ़ने के साथ हादसों का खतरा भी बढ़ जाता है। ऐसे में किसी व्यक्ति के पानी में फंसने या डूबने जैसी स्थिति सामने आने पर बचाव दल का समय पर घटनास्थल तक पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसी उद्देश्य से रेस्क्यू बोट को पानी में उतारकर उसका व्यावहारिक परीक्षण किया गया।
ट्रायल के दौरान पुलिस टीम ने बोट के संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं को बारीकी से देखा। पानी में बोट को चलाकर यह परखा गया कि आवश्यकता पड़ने पर रेस्क्यू टीम किस प्रकार जलाशय के भीतर पहुंचकर बचाव अभियान संचालित कर सकती है।
पुलिस की तैयारियों का लिया गया जायजा
थाना प्रभारी जेपी त्रिपाठी की मौजूदगी में हुए ट्रायल के दौरान रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने आवश्यक सुरक्षा सावधानियों का पालन किया। लाइफ जैकेट सहित सुरक्षा संसाधनों के साथ टीम ने बोट के संचालन का परीक्षण किया।
पुलिस की इस कवायद को बारिश के दौरान होने वाली संभावित जल दुर्घटनाओं से निपटने की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रेस्क्यू बोट को पहले से तैयार रखने का फायदा यह होगा कि जरूरत पड़ने पर पुलिस और बचाव दल को जल क्षेत्र में पहुंचने के लिए अतिरिक्त संसाधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
जलाशय क्षेत्रों में पुलिस की नजर
बारिश के मौसम में जलाशयों का जलस्तर लगातार बदलता रहता है। ऐसे में पुलिस द्वारा जलाशय क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरती जा रही है। रेस्क्यू बोट का ट्रायल इसी तैयारी का हिस्सा है, ताकि किसी भी आकस्मिक परिस्थिति में उपलब्ध संसाधनों का तत्काल उपयोग किया जा सके।
बाड़ी पुलिस की इस तैयारी से यह संकेत मिलता है कि संभावित आपदा या जल दुर्घटना की स्थिति में त्वरित राहत और बचाव कार्रवाई के लिए टीम को तैयार रखने पर जोर दिया जा रहा है। शनिवार को जलाशय में किया गया रेस्क्यू बोट का ट्रायल इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रहा।
    user_रितिक जैन  बाड़ी
    रितिक जैन बाड़ी
    Local News Reporter बाड़ी, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • रायसेन सांची विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ प्रभु राम चौधरी जब गांव में पहुंचे तो उन्हें देखकर लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। महिलाओं एवं बच्चों पुरुषों द्वारा प्रभु राम जिंदाबाद के स्वर लगाए जा रहे थे। जब वह लोगों के बीच पहुंचे लोगों ने जैसे ही उन्हें अपनी समस्या बताई उन्होंने तुरंत मौके पर ही फोन लगाकर अधिकारियों को कार्रवाई के दिशा निर्देश दिए।
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    रायसेन सांची विधानसभा क्षेत्र से  विधायक डॉ प्रभु राम चौधरी जब गांव में पहुंचे तो उन्हें देखकर लोगों का उत्साह देखते ही बनता था। 
महिलाओं एवं बच्चों पुरुषों द्वारा प्रभु राम जिंदाबाद के स्वर लगाए जा रहे थे। जब वह लोगों के बीच पहुंचे लोगों ने जैसे ही उन्हें अपनी समस्या बताई उन्होंने तुरंत मौके पर ही फोन लगाकर अधिकारियों को कार्रवाई के दिशा निर्देश दिए।
    user_भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
    रायसेन, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • नागद्वारी मेला-2026, पचमढ़ी #narmadapuram CM Madhya Pradesh Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh Madhya Pradesh Tourism
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    नागद्वारी मेला-2026, पचमढ़ी

#narmadapuram 
CM Madhya Pradesh
Dr Mohan Yadav Jansampark Madhya Pradesh Madhya Pradesh Tourism
    user_Deepak sharma
    Deepak sharma
    Newspaper publisher होशंगाबाद, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बाइक शोरूम रूम संचालक से फोन पर फिरौती मांगी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी बाइक शोरूम संचालक को फोन पर दी धमकी पैसे नहीं देगा तो अस्पताल में लगाएगा
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    बाइक शोरूम रूम संचालक से फोन पर फिरौती मांगी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी
बाइक शोरूम संचालक को फोन पर दी धमकी पैसे नहीं देगा तो अस्पताल में लगाएगा
    user_न्यूज नर्मदापुरम
    न्यूज नर्मदापुरम
    पिपरिया, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • एनजीटी की रोक को चुनौती? बुधनी क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार जारी रहने के आरोप प्रशासन की नाक के नीचे धड़ल्ले से चल रहा रेत उत्खनन और परिवहन, स्थानीय लोगों में नाराजगी बुधनी। बुधनी विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की रोक के बावजूद अवैध रेत उत्खनन और परिवहन जारी रहने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि शासन-प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद क्षेत्र के कई घाटों और सरकारी भूमि से बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही है। पोकलेन मशीनों से खुदाई, डंपरों से परिवहन स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ स्थानों पर पोकलेन मशीनों से रेत की खुदाई की जा रही है और बाद में उसे डंपरों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि यह गतिविधियां देर रात और सुबह के समय अधिक सक्रिय रहती हैं। राजस्व और पर्यावरण को नुकसान की आशंका ग्रामीणों का कहना है कि अवैध उत्खनन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि नदी तटों का प्राकृतिक स्वरूप भी प्रभावित हो रहा है। भारी मशीनों के उपयोग से भूमि कटाव और पर्यावरणीय क्षति की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह कारोबार कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से संचालित हो रहा है, जिसके कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। संयुक्त जांच और कार्रवाई की मांग स्थानीय लोगों ने मांग की है कि खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर संबंधित घाटों और सरकारी भूमि का निरीक्षण कराया जाए तथा अवैध उत्खनन में उपयोग हो रही मशीनों और वाहनों को जब्त किया जाए। फिलहाल मामला स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायतों पर आधारित है। वास्तविक स्थिति जांच और प्रशासनिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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    एनजीटी की रोक को चुनौती? बुधनी क्षेत्र में अवैध रेत कारोबार जारी रहने के आरोप
प्रशासन की नाक के नीचे धड़ल्ले से चल रहा रेत उत्खनन और परिवहन, स्थानीय लोगों में नाराजगी
बुधनी। बुधनी विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की रोक के बावजूद अवैध रेत उत्खनन और परिवहन जारी रहने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि शासन-प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद क्षेत्र के कई घाटों और सरकारी भूमि से बड़े पैमाने पर रेत निकाली जा रही है।
पोकलेन मशीनों से खुदाई, डंपरों से परिवहन
स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ स्थानों पर पोकलेन मशीनों से रेत की खुदाई की जा रही है और बाद में उसे डंपरों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि यह गतिविधियां देर रात और सुबह के समय अधिक सक्रिय रहती हैं।
राजस्व और पर्यावरण को नुकसान की आशंका
ग्रामीणों का कहना है कि अवैध उत्खनन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान हो रहा है, बल्कि नदी तटों का प्राकृतिक स्वरूप भी प्रभावित हो रहा है। भारी मशीनों के उपयोग से भूमि कटाव और पर्यावरणीय क्षति की आशंका जताई जा रही है।
अधिकारियों की भूमिका पर भी उठे सवाल
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि यह कारोबार कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से संचालित हो रहा है, जिसके कारण प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
संयुक्त जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम बनाकर संबंधित घाटों और सरकारी भूमि का निरीक्षण कराया जाए तथा अवैध उत्खनन में उपयोग हो रही मशीनों और वाहनों को जब्त किया जाए। फिलहाल मामला स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों और शिकायतों पर आधारित है। वास्तविक स्थिति जांच और प्रशासनिक रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
    user_APN News Chainal Hbd
    APN News Chainal Hbd
    होशंगाबाद, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • इटारसी में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 212 किलो घी जप्त नर्मदापुरम/इटारसी, 8 अगस्त 2026 दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नर्मदापुरम जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष जांच अभियान जारी है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर शनिवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने इटारसी के विभिन्न प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी बी.एस. धाकड़ एवं कमलेश एस. दियावार ने चावल लाइन स्थित मेसर्स श्री नारायण गौरीशंकर माहेश्वरी और बड़कुल ब्रदर्स का निरीक्षण किया। इस दौरान घी की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर ब्रजवासी घी और डेयरी बेस्ट घी के कुल 5 नमूने जांच के लिए लिए गए। उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने 212 किलोग्राम घी जब्त कर लिया। विभाग द्वारा लिए गए नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जांच एवं कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
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    इटारसी में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 212 किलो घी जप्त 
नर्मदापुरम/इटारसी, 8 अगस्त 2026
दूध एवं दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नर्मदापुरम जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग का विशेष जांच अभियान जारी है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर शनिवार को खाद्य सुरक्षा टीम ने इटारसी के विभिन्न प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी बी.एस. धाकड़ एवं कमलेश एस. दियावार ने चावल लाइन स्थित मेसर्स श्री नारायण गौरीशंकर माहेश्वरी और बड़कुल ब्रदर्स का निरीक्षण किया। इस दौरान घी की गुणवत्ता को लेकर संदेह होने पर ब्रजवासी घी और डेयरी बेस्ट घी के कुल 5 नमूने जांच के लिए लिए गए।
उपभोक्ताओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने 212 किलोग्राम घी जब्त कर लिया। विभाग द्वारा लिए गए नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जांच एवं कार्रवाई का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
    user_NDPM NEWS 24
    NDPM NEWS 24
    Local News Reporter होशंगाबाद, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    15 hrs ago
  • ब्रिक्स डेलीगेट्स ने देखा सांची स्तूप, स्थापत्य कला और शांति के संदेश से हुए अभिभूत देखिए खबर सिर्फ DD NEWS MP दूरदर्शन मध्यप्रदेश पर रायसेन जिला संवाददाता विनीत माहेश्वरी 9981322343
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    ब्रिक्स डेलीगेट्स ने देखा सांची स्तूप, स्थापत्य कला और शांति के संदेश से हुए अभिभूत  देखिए खबर सिर्फ DD NEWS MP दूरदर्शन मध्यप्रदेश पर रायसेन जिला संवाददाता विनीत माहेश्वरी 9981322343
    user_Vineet maheshwari
    Vineet maheshwari
    पत्रकारिता Raisen, Madhya Pradesh•
    13 hrs ago
  • संदेह में खूनी वारदात: जुगल रघुवंशी हत्याकांड में दोनों आरोपी पहुंचे जेल रायसेन का मामला
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    संदेह में खूनी वारदात: जुगल रघुवंशी हत्याकांड में दोनों आरोपी पहुंचे जेल रायसेन का मामला
    user_Vineet maheshwari
    Vineet maheshwari
    पत्रकारिता Raisen, Madhya Pradesh•
    2 hrs ago
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