साईं खेड़ा में खुले में मटन विक्रय पर सवाल, मुख्यमंत्री के आदेशों की उड़ रही धज्जियां साईं खेड़ा। नगर में व्यवस्थित मटन मार्केट उपलब्ध होने के बावजूद वार्ड क्रमांक 10 स्थित मवेशी बाजार क्षेत्र में सब्जी बाजार के साथ-साथ खुली सड़क पर मटन विक्रय लगातार जारी है। यह स्थिति न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आमजन और स्कूली बच्चों के लिए भी गंभीर समस्या बनती जा रही है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार जिस स्थान पर खुले में मांस काटकर बेचा जा रहा है, उसी क्षेत्र में स्कूल भी संचालित होता है। छोटी-छोटी कक्षाओं के छात्र-छात्राएं मटन मार्केट से फैलने वाली दुर्गंध और खुले में मांस काटने के दृश्य देखकर मानसिक रूप से व्यथित हो रहे हैं। इसके साथ ही सड़क पर मटन विक्रय होने से आवागमन भी बाधित होता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बताया गया कि नगर परिषद द्वारा पहले से ही मटन विक्रय के लिए पृथक और व्यवस्थित मार्केट का निर्माण किया गया है। इसके बावजूद कुछ दुकानदार नियमों को दरकिनार कर खुले में मटन-मुर्गा विक्रय कर रहे हैं। इस संबंध में नागरिकों द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी को कई बार लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि नगरीय क्षेत्रों में खुले में मटन एवं मुर्गा की दुकानें संचालित नहीं होंगी। मांस विक्रय केवल नगर निकाय द्वारा निर्धारित एवं स्वीकृत स्थानों पर ही किया जाएगा, ताकि स्वच्छता बनी रहे और आमजन, विशेषकर बच्चों को असुविधा न हो। मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद साईं खेड़ा में खुले में मटन विक्रय जारी रहना प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े करता है। नगरवासियों ने मांग की है कि मुख्यमंत्री के आदेशों का सख्ती से पालन कराते हुए खुले में संचालित मटन दुकानों को तत्काल बंद कराया जाए और उन्हें नगर परिषद द्वारा बनाए गए निर्धारित मटन मार्केट में स्थानांतरित किया जाए, ताकि स्वच्छता, यातायात और बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
साईं खेड़ा में खुले में मटन विक्रय पर सवाल, मुख्यमंत्री के आदेशों की उड़ रही धज्जियां साईं खेड़ा। नगर में व्यवस्थित मटन मार्केट उपलब्ध होने के बावजूद वार्ड क्रमांक 10 स्थित मवेशी बाजार क्षेत्र में सब्जी बाजार के साथ-साथ खुली सड़क पर मटन विक्रय लगातार जारी है। यह स्थिति न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आमजन और स्कूली बच्चों के लिए भी गंभीर समस्या बनती जा रही है। स्थानीय नागरिकों के अनुसार जिस स्थान पर खुले में मांस काटकर बेचा जा रहा
है, उसी क्षेत्र में स्कूल भी संचालित होता है। छोटी-छोटी कक्षाओं के छात्र-छात्राएं मटन मार्केट से फैलने वाली दुर्गंध और खुले में मांस काटने के दृश्य देखकर मानसिक रूप से व्यथित हो रहे हैं। इसके साथ ही सड़क पर मटन विक्रय होने से आवागमन भी बाधित होता है और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बताया गया कि नगर परिषद द्वारा पहले से ही मटन विक्रय के लिए पृथक और व्यवस्थित मार्केट का निर्माण किया गया है। इसके बावजूद कुछ दुकानदार नियमों
को दरकिनार कर खुले में मटन-मुर्गा विक्रय कर रहे हैं। इस संबंध में नागरिकों द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी को कई बार लिखित आवेदन दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि नगरीय क्षेत्रों में खुले में मटन एवं मुर्गा की दुकानें संचालित नहीं होंगी। मांस विक्रय केवल नगर निकाय द्वारा निर्धारित एवं स्वीकृत स्थानों पर ही किया जाएगा, ताकि स्वच्छता बनी
रहे और आमजन, विशेषकर बच्चों को असुविधा न हो। मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद साईं खेड़ा में खुले में मटन विक्रय जारी रहना प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल खड़े करता है। नगरवासियों ने मांग की है कि मुख्यमंत्री के आदेशों का सख्ती से पालन कराते हुए खुले में संचालित मटन दुकानों को तत्काल बंद कराया जाए और उन्हें नगर परिषद द्वारा बनाए गए निर्धारित मटन मार्केट में स्थानांतरित किया जाए, ताकि स्वच्छता, यातायात और बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित हो सके।
- नरसिंहपुर: शोर मचाने वाले बुलेट राजाओं पर गिरी गाज, मॉडिफाइड साइलेंसर पर पुलिस की सख्त कार्रवाई नरसिंहपुर। शहर की शांति भंग करने वाले और कान फोड़ू आवाज निकालने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नरसिंहपुर यातायात पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा के निर्देशों के पालन में यातायात पुलिस लगातार अभियान चला रही है। यातायात थाना प्रभारी ममता तिवारी के कुशल मार्गदर्शन में एएसआई (ASI) सुरेश पटेल और उनकी टीम ने पिछले 5 दिनों के भीतर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर सड़कों पर हुड़दंग करने वाले 5 वाहन चालकों को पकड़ा गया। पुलिस ने इन सभी वाहनों पर सख्त कार्रवाई करते हुए कुल ₹5000 का समन शुल्क (चालान) वसूला है। साथ ही, वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि यदि दोबारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो वाहन जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। अक्सर देखा जाता है कि युवा अपनी बाइकों (विशेषकर बुलेट) में कंपनी के साइलेंसर हटाकर तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगवा लेते हैं। इनसे निकलने वाली पटाखे जैसी आवाज और तेज शोर से बुजुर्गों, मरीजों और बच्चों को काफी परेशानी होती है।3
- आउटसोर्स प्रथा को जड़ से खत्म करने और विभाग में समायोजन की मांग को लेकर आज गुरुवार नरसिंहपुर जिला अस्पताल के सैकड़ों कर्मचारियों ने 'विशाल आउटसोर्स महाअधिकार रैली' निकाली। रैली अस्पताल परिसर से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुँची, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। और मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौपा कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।1
- Post by Ranjeet Tomar4
- नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक नई जानकारी देते हुए बताया कि मंडला जिले से मजदूरी करने आए एक परिवार की दो बच्चियों ने घर से ही पैसे निकालकर कुरकुरे खा लेकिन परिजनों की डर से वह जंगलों में जाकर छुप गई सरपंच द्वारा जो पुलिस को जानकारी दी गई तो पुलिस ने उन्हें खोजा1
- *🌿 श्री कृष्ण कहते हैं 🌿* ✨ "इस *संसार* में तुम्हारा *समय* सीमित है..!! इसलिए समाज को नहीं, अपनी *आत्मा* को संतुष्ट कीजिए..!!" 🌸1
- https://youtu.be/7FcrLifc79M?si=aOBV15Rg6LUPydEJ #"जन गण मन" के पहले वंदे मातरम् के गायन के निर्णय को हम मप्र में लागू कर रहे,मुख्यमंत्री मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रिय मध्यप्रदेश एवं देशवासियों, यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रगान "जन गण मन" के पहले वंदे मातरम् के छह छंदों का ससम्मान गायन का निर्णय किया गया है। हम इसे मध्यप्रदेश में लागू कर रहे हैं।1
- तहसीलदार ने एक किसान को उसकी जमीन जबरन उप सरपंच को सौंपने का आदेश दिया यह घटना हे ग्राम बुधेरा तह. घंसौर जिला सिवनी उस में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मुद्दा उठाया है1
- नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में आज दवा विक्रय प्रचार कर्मचारियों (Medical Sales Representatives) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचकर डिप्टी कलेक्टर देवंती परते को ज्ञापन सौंपा कर्मचारियों ने गुरुवार ज्ञापन में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया है जिसमें श्रम कानूनों में बदलाव,जीएसटी में कटौती,SPE अधिनियम का पालन,न्यूनतम वेतन और कार्य सुरक्षा,वही संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौपते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया,तो वे आगामी समय में उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।1