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नरसिंहपुर- दवा विक्रय,प्रचार कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर डिप्टी कलेक्टर को सौपा ज्ञापन नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में आज दवा विक्रय प्रचार कर्मचारियों (Medical Sales Representatives) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचकर डिप्टी कलेक्टर देवंती परते को ज्ञापन सौंपा कर्मचारियों ने गुरुवार ज्ञापन में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया है जिसमें श्रम कानूनों में बदलाव,जीएसटी में कटौती,SPE अधिनियम का पालन,न्यूनतम वेतन और कार्य सुरक्षा,वही संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौपते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया,तो वे आगामी समय में उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।
SATISH DUBEY
नरसिंहपुर- दवा विक्रय,प्रचार कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर डिप्टी कलेक्टर को सौपा ज्ञापन नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में आज दवा विक्रय प्रचार कर्मचारियों (Medical Sales Representatives) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचकर डिप्टी कलेक्टर देवंती परते को ज्ञापन सौंपा कर्मचारियों ने गुरुवार ज्ञापन में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया है जिसमें श्रम कानूनों में बदलाव,जीएसटी में कटौती,SPE अधिनियम का पालन,न्यूनतम वेतन और कार्य सुरक्षा,वही संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौपते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया,तो वे आगामी समय में उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।
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- नरसिंहपुर: शोर मचाने वाले बुलेट राजाओं पर गिरी गाज, मॉडिफाइड साइलेंसर पर पुलिस की सख्त कार्रवाई नरसिंहपुर। शहर की शांति भंग करने वाले और कान फोड़ू आवाज निकालने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नरसिंहपुर यातायात पुलिस ने मोर्चा खोल दिया है। पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा के निर्देशों के पालन में यातायात पुलिस लगातार अभियान चला रही है। यातायात थाना प्रभारी ममता तिवारी के कुशल मार्गदर्शन में एएसआई (ASI) सुरेश पटेल और उनकी टीम ने पिछले 5 दिनों के भीतर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर सड़कों पर हुड़दंग करने वाले 5 वाहन चालकों को पकड़ा गया। पुलिस ने इन सभी वाहनों पर सख्त कार्रवाई करते हुए कुल ₹5000 का समन शुल्क (चालान) वसूला है। साथ ही, वाहन चालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि यदि दोबारा नियमों का उल्लंघन किया गया तो वाहन जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। अक्सर देखा जाता है कि युवा अपनी बाइकों (विशेषकर बुलेट) में कंपनी के साइलेंसर हटाकर तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगवा लेते हैं। इनसे निकलने वाली पटाखे जैसी आवाज और तेज शोर से बुजुर्गों, मरीजों और बच्चों को काफी परेशानी होती है।3
- आउटसोर्स प्रथा को जड़ से खत्म करने और विभाग में समायोजन की मांग को लेकर आज गुरुवार नरसिंहपुर जिला अस्पताल के सैकड़ों कर्मचारियों ने 'विशाल आउटसोर्स महाअधिकार रैली' निकाली। रैली अस्पताल परिसर से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुँची, जहाँ प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की। और मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौपा कर्मचारी संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।1
- Post by Ranjeet Tomar4
- नरसिंहपुर पुलिस अधीक्षक नई जानकारी देते हुए बताया कि मंडला जिले से मजदूरी करने आए एक परिवार की दो बच्चियों ने घर से ही पैसे निकालकर कुरकुरे खा लेकिन परिजनों की डर से वह जंगलों में जाकर छुप गई सरपंच द्वारा जो पुलिस को जानकारी दी गई तो पुलिस ने उन्हें खोजा1
- *🌿 श्री कृष्ण कहते हैं 🌿* ✨ "इस *संसार* में तुम्हारा *समय* सीमित है..!! इसलिए समाज को नहीं, अपनी *आत्मा* को संतुष्ट कीजिए..!!" 🌸1
- https://youtu.be/7FcrLifc79M?si=aOBV15Rg6LUPydEJ #"जन गण मन" के पहले वंदे मातरम् के गायन के निर्णय को हम मप्र में लागू कर रहे,मुख्यमंत्री मोहन यादव मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रिय मध्यप्रदेश एवं देशवासियों, यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रगान "जन गण मन" के पहले वंदे मातरम् के छह छंदों का ससम्मान गायन का निर्णय किया गया है। हम इसे मध्यप्रदेश में लागू कर रहे हैं।1
- तहसीलदार ने एक किसान को उसकी जमीन जबरन उप सरपंच को सौंपने का आदेश दिया यह घटना हे ग्राम बुधेरा तह. घंसौर जिला सिवनी उस में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने मुद्दा उठाया है1
- नरसिंहपुर जिला मुख्यालय में आज दवा विक्रय प्रचार कर्मचारियों (Medical Sales Representatives) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पहुँचकर डिप्टी कलेक्टर देवंती परते को ज्ञापन सौंपा कर्मचारियों ने गुरुवार ज्ञापन में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया है जिसमें श्रम कानूनों में बदलाव,जीएसटी में कटौती,SPE अधिनियम का पालन,न्यूनतम वेतन और कार्य सुरक्षा,वही संगठन के पदाधिकारियों ने ज्ञापन सौपते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया,तो वे आगामी समय में उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।1