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करीब एक साल पहले देहरादून में चोरी हुए ₹10 लाख के गहनों का राज सोशल मीडिया पर एक रील के जरिए खुल गया। अपनी मालकिन के चोरी किए गए गहनों को पहनकर सोशल मीडिया पर रील और व्हाट्सएप स्टेटस डालना एक नौकरानी को महंगा पड़ गया। राजपुर थाना पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी निवासी 34 वर्षीय विमला देवी को गिरफ्तार किया है। दरअसल, गहनों की मालकिन ने रील में अपने चोरी हुए गहनों को पहचान लिया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी नौकरानी को पकड़कर चोरी के सभी गहने बरामद कर लिए हैं और इस घटना के बाद उसे जेल जाना पड़ेगा।
Star ToDay Samachar
करीब एक साल पहले देहरादून में चोरी हुए ₹10 लाख के गहनों का राज सोशल मीडिया पर एक रील के जरिए खुल गया। अपनी मालकिन के चोरी किए गए गहनों को पहनकर सोशल मीडिया पर रील और व्हाट्सएप स्टेटस डालना एक नौकरानी को महंगा पड़ गया। राजपुर थाना पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी निवासी 34 वर्षीय विमला देवी को गिरफ्तार किया है। दरअसल, गहनों की मालकिन ने रील में अपने चोरी हुए गहनों को पहचान लिया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी नौकरानी को पकड़कर चोरी के सभी गहने बरामद कर लिए हैं और इस घटना के बाद उसे जेल जाना पड़ेगा।
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- करीब एक साल पहले देहरादून में चोरी हुए ₹10 लाख के गहनों का राज सोशल मीडिया पर एक रील के जरिए खुल गया। अपनी मालकिन के चोरी किए गए गहनों को पहनकर सोशल मीडिया पर रील और व्हाट्सएप स्टेटस डालना एक नौकरानी को महंगा पड़ गया। राजपुर थाना पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी निवासी 34 वर्षीय विमला देवी को गिरफ्तार किया है। दरअसल, गहनों की मालकिन ने रील में अपने चोरी हुए गहनों को पहचान लिया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी नौकरानी को पकड़कर चोरी के सभी गहने बरामद कर लिए हैं और इस घटना के बाद उसे जेल जाना पड़ेगा।1
- एटा जिले के पासियापुर, बेगमपुर में एक लड़के की शादी के अवसर पर एक भव्य दावत का आयोजन किया गया। इस समारोह में परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों, मित्रों और गांव के अनेक लोगों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया। सभी मेहमानों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया, और उनके लिए स्वादिष्ट भोजन की उत्तम व्यवस्था की गई थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान खुशी, उल्लास और भाईचारे का माहौल रहा। उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे से मिलकर शुभकामनाएँ दीं और नवदंपति के सुखद एवं समृद्ध वैवाहिक जीवन की कामना की। यह आयोजन सभी के लिए यादगार और आनंदमय साबित हुआ।1
- एक व्यक्ति स्वयं के लिए तो खतरा पैदा कर ही रहा था, साथ ही दूसरों के लिए भी एक बड़ा खतरा था। इसी संबंध में एक वीडियो साझा किया गया है, और सभी लोगों से इस वीडियो को देखने का आग्रह किया गया है।1
- जनपद फिरोजाबाद के टूंडला स्थित ग्राम मोहम्मदाबाद में 24/25 की रात 65 वर्षीय ब्रहमऋषि उर्फ नरेंद्र पाल की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। मृतक की पत्नी द्वारा दी गई लिखित तहरीर के आधार पर 4 जुलाई 2026 को मु.अ.स. 319/26 के तहत धारा 103(1)/238/61(2) बीएनएस और 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। तहरीर मिलने के बाद थाना टूंडला पुलिस ने हत्यारोपियों की तलाश शुरू की और ब्रहमऋषि की नातिन रश्मि को उसके घर से गिरफ्तार किया। वहीं, मुखबिर की सूचना पर रश्मि के प्रेमी विपिन को एफएच मेडिकल कॉलेज के पीछे टावर के पास से पकड़ा गया। पुलिस पूछताछ में 22 वर्षीय अभियुक्त विपिन, जो डायनी शिकोहाबाद निवासी लीलम का पुत्र है, ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। विपिन ने बताया कि उसने अपनी प्रेमिका रश्मि, जो मोहम्मदाबाद निवासी दिनेश कुमार की 20 वर्षीय पुत्री है, के कहने पर ब्रहमऋषि की चाकू से हत्या की थी। हत्या के बाद उसने वहाँ रखे गद्दे और उल्टी चारपाई को डालकर आग लगा दी थी। घटना में इस्तेमाल किया गया रक्त रंजित चाकू और रक्त रंजित कपड़े विपिन की निशानदेही पर रेलवे स्टेशन के पास एक खंडहर से बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार अभियुक्त और अभियुक्ता को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। ए.आई.एन. नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा 5 जुलाई 2026 को यह अपडेट जारी किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कुंडा क्षेत्र के अंतर्गत संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र में शारदा सहायक नहर की पटरियों पर जेसीबी मशीनों द्वारा बेखौफ अवैध खनन किया जा रहा है। नेवादा पुल के समीप दिन-रात मिट्टी खोदकर बेची जा रही है, जिसका मुख्य कारण अधिक मुनाफे की चाह है। इस अवैध खनन से नहर की पटरियाँ खोखली और कमजोर हो रही हैं, जिससे नहर के टूटने और बाढ़ आने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है, भले ही नहर में पानी छोड़ा गया हो। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नहर विभाग और खनन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से यह 'खेल' चलाया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, नहर की पटरियों से मिट्टी का अवैध खनन एक गंभीर आपराधिक और पर्यावरणीय मुद्दा है, जिससे सरकार को राजस्व का भारी नुकसान होता है। साथ ही, किसानों की जमीनों में गड्ढे होने से आए दिन विवाद और मुकद्दमों का बोझ बढ़ रहा है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सभी जेसीबी मालिक स्थानीय थानों में 10 से 12 हजार रुपए महीना 'एंट्री' के नाम पर देते हैं, जिसके कारण उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होती। लोगों ने प्रशासन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाया है कि क्या जिले के मुखिया को इसकी जानकारी नहीं है, या सभी को 'हिस्सा' पहुँचाया जा रहा है। बार-बार शिकायत के बावजूद कोई कार्यवाही न होने से खनन माफियाओं के हौसले बुलंद हैं, और प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते सरकारी संपत्ति को खुलेआम नुकसान पहुंचाया जा रहा है।1