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फुल बरिया 108.महा यज्ञ मेला jee mithila new चैनल पर वीडियो महा यज्ञ मेला फूल बरिया आप सभी को अच्छा लगता हो तो वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और चैनल को सब्स्क्राइबर करें #mahayagmelavideo #melavideo thanku for watching My video and share My channel and subscribe my channel 🙏 🙏
Jee mithila new
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- महा यज्ञ मेला फूल बरिया आप सभी को अच्छा लगता हो तो वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें और चैनल को सब्स्क्राइबर करें #mahayagmelavideo #melavideo thanku for watching My video and share My channel and subscribe my channel 🙏 🙏1
- विवेक-विहार में ताला तोड़कर सोना चोरी, पुलिस अब तक खाली हाथ बिहार समस्तीपुर से ब्यूरो चीफ पंकज बाबा की रिपोर्ट: समस्तीपुर शहर स्थित विवेक-विहार मुहल्ला में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से स्थानीय लोग परेशान हैं। चोर बंद घरों को निशाना बनाकर ताला तोड़कर सोना चोरी कर रहे हैं, जबकि अब तक एक भी घटना का मुफस्सिल पुलिस उद्भेदन नहीं कर सकी है। बताया जाता है कि शनिवार की रात्रि अज्ञात चोरों ने पूर्व सैनिक ब्रजकिशोर पांडे का बंद घर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गोदरेज में रखे सोने के जेवरात चोरी कर फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर आसपास के लोगों में दहशत का माहौल बन गया। विगत करीब 5-6 महीने में 4-5 घरों में सोना चोरी एवं छिनतई की घटी घटना से लोग डरे-सहमे रहने लगे हैं। पीड़ित अपने बच्चे के पढ़ाई के सिलसिले में घर बंद कर दिल्ली गये थे। इसी बीच चोरों ने चोरी की घटना को अंजाम दे दिया। पीड़ित के भाई ने इस संबंध में स्थानीय थाना को घटना की जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित अभी दिल्ली से नहीं लौटे हैं। मौके पर पहुंचे भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि मुहल्ले में लगातार चोरी की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन पुलिस की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से चोरों का मनोबल बढ़ गया है। उन्होंने मुफस्सिल पुलिस प्रशासन से रात्रि गश्ती बढ़ाने तथा जल्द से जल्द चोरी की घटनाओं का खुलासा करने की मांग की है, ताकि मुहल्ले के लोगों को राहत मिल सके।1
- Post by Sanjay Kumar2
- सहरसा जिले के नवहट्टा प्रखंड क्षेत्र के चन्द्रायण रेफरल अस्पताल में लापरवाही और मनमानी का बड़ा खेल सामने आया है। यहां तैनात चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार पर गंभीर आरोप लगे हैं कि वे अस्पताल में नियमित रूप से ड्यूटी नहीं करते, फिर भी पूरे सप्ताह और महीने की उपस्थिति दर्ज कर लेते हैं। स्थानीय सूत्रों और अस्पताल कर्मियों के अनुसार, डॉक्टर संतोष कुमार कभी सप्ताह में एक दिन तो कभी महीने में एक बार ही अस्पताल पहुंचते हैं। इतना ही नहीं, कई बार तो वे अस्पताल आए बिना ही उपस्थिति पंजी अपने पास मंगाकर हस्ताक्षर कर लेते हैं। इस पूरे मामले में सवाल उठता है कि क्या स्वास्थ्य विभाग की निगरानी पूरी तरह फेल हो चुकी है, या फिर पैसों के खेल में नियम-कानून को दरकिनार किया जा रहा है। वहीं, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवहट्टा और रेफरल अस्पताल चन्द्रायण के प्रभारी डॉ. संजीव कुमार सिंह पर भी मिलीभगत के आरोप लग रहे हैं, जिससे यह फर्जीवाड़ा लगातार जारी है। अस्पताल में तैनात डॉक्टर बुद्धदेव टुड्डू ने भी पुष्टि की है कि डॉ. संतोष कुमार कभी-कभार ही अस्पताल आते हैं और औपचारिकता पूरी कर चले जाते हैं।1
- Post by मनीष कुमार झा1
- *श्री राम महायज्ञ, हसनपुर बाजार*🪷1
- Sanjay tigariyami ke pass1
- सहरसा सदर अस्पताल एक बार फिर सवालों के घेरे में है… जहां एक प्रसूता की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतका की पहचान महिषी प्रखंड के उत्तरी महिषी पंचायत, वार्ड संख्या 10 निवासी 30 वर्षीय प्रिया झा के रूप में हुई है… जिन्हें 20 अप्रैल को प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि ऑपरेशन के जरिए उन्होंने एक स्वस्थ पुत्र को जन्म दिया… और शुरुआत में जच्चा-बच्चा दोनों की हालत सामान्य थी। लेकिन परिजनों के अनुसार, सोमवार रात करीब 8 बजे तक सब कुछ ठीक था… इसके बाद जब मंगलवार सुबह करीब 6 बजे अस्पताल से फोन आया, तो उन्हें बताया गया कि मरीज की हालत अचानक बिगड़ गई है। परिजन जब अस्पताल पहुंचे, तो हालात बेहद गंभीर हो चुके थे… आरोप है कि तबीयत बिगड़ने के बावजूद समय पर न तो डॉक्टर मौजूद थे और न ही इमरजेंसी में समुचित इलाज मिल सका। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते डॉक्टर पहुंच जाते… तो मरीज को बड़े अस्पताल रेफर कर उसकी जान बचाई जा सकती थी। सबसे बड़ा सवाल यही है कि रात की ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सुबह तक आखिर कहां थे…? इलाज में कथित लापरवाही के कारण प्रिया की हालत लगातार बिगड़ती गई… और अंततः उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है… और अस्पताल प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। गौरतलब है कि इसी महीने सहरसा सदर अस्पताल को कायाकल्प योजना के तहत बिहार में प्रथम स्थान मिला था… लेकिन ताजा घटना ने इन दावों की जमीनी हकीकत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।1