लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित शरमा पंचायत के बरतरा गाँव में रविवार को ज़मीन विवाद को लेकर गोलीबारी की घटना सामने आई, जिसके बाद गाँव में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। बरतरा गाँव निवासी स्व. अशोक कुमार भारद्वाज की पत्नी किरण सिन्हा ने आरोप लगाया है कि उनके दूर के गोतिया सुनील सिंह उर्फ पप्पू सिंह और अनिल सिंह ने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर उनके पक्ष के पनघरा गाँव निवासी ट्रैक्टर चालक अरविंद सिंह पर गोली चला दी। यह घटना उनके घर से लगभग 500 मीटर उत्तर दिशा में स्थित खेत में हुई, लेकिन किसी को चोट नहीं आई। किरण सिन्हा ने बताया कि उनके बाबा ससुर स्व. लाली प्रसाद सिंह के नाम पर लगभग 15 बीघा ज़मीन थी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके ससुर स्व. सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह पेशे से अधिवक्ता थे। किरण सिन्हा के अनुसार, उनके पति अशोक कुमार भारद्वाज का वर्ष 1994 में अपहरण हो गया था और तब से उनका कोई पता नहीं चल सका है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके दो पुत्रों की भी मृत्यु हो चुकी है और वर्तमान में उनकी एकमात्र विवाहित पुत्री नेहा कुमारी ही हैं। इस मामले में रामगढ़ चौक थाना अध्यक्ष चुत्रू कुमार ने पुष्टि की है कि किरण सिन्हा से ज़मीन विवाद संबंधी एक आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, और जांच के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन भी दिया गया है।
लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित शरमा पंचायत के बरतरा गाँव में रविवार को ज़मीन विवाद को लेकर गोलीबारी की घटना सामने आई, जिसके बाद गाँव में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। बरतरा गाँव निवासी स्व. अशोक कुमार भारद्वाज की पत्नी किरण सिन्हा ने आरोप लगाया है कि उनके दूर के गोतिया सुनील सिंह उर्फ पप्पू सिंह और अनिल सिंह ने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर उनके पक्ष के पनघरा गाँव निवासी ट्रैक्टर चालक अरविंद सिंह पर गोली चला दी। यह घटना उनके घर से लगभग 500 मीटर उत्तर दिशा में स्थित खेत में हुई, लेकिन किसी को चोट नहीं आई। किरण सिन्हा ने बताया कि उनके बाबा ससुर स्व. लाली प्रसाद सिंह के नाम पर लगभग 15 बीघा ज़मीन थी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके ससुर स्व. सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह पेशे से अधिवक्ता थे। किरण सिन्हा के अनुसार, उनके पति अशोक कुमार भारद्वाज का वर्ष 1994 में अपहरण हो गया था और तब से उनका कोई पता नहीं चल सका है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके दो पुत्रों की भी मृत्यु हो चुकी है और वर्तमान में उनकी एकमात्र विवाहित पुत्री नेहा कुमारी ही हैं। इस मामले में रामगढ़ चौक थाना अध्यक्ष चुत्रू कुमार ने पुष्टि की है कि किरण सिन्हा से ज़मीन विवाद संबंधी एक आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, और जांच के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन भी दिया गया है।
- एक व्यक्ति ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए बताया है कि वह एक ऐसी राह पर चल रहा है जहाँ उसे व्यक्तिगत संघर्ष और दर्द का सामना करना पड़ रहा है। यह भावनात्मक कठिनाई संभवतः उसकी पढ़ाई या प्रेरणा से जुड़े लक्ष्यों के मार्ग से संबंधित है।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित शरमा पंचायत के बरतरा गाँव में रविवार को ज़मीन विवाद को लेकर गोलीबारी की घटना सामने आई, जिसके बाद गाँव में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। बरतरा गाँव निवासी स्व. अशोक कुमार भारद्वाज की पत्नी किरण सिन्हा ने आरोप लगाया है कि उनके दूर के गोतिया सुनील सिंह उर्फ पप्पू सिंह और अनिल सिंह ने तीन अन्य लोगों के साथ मिलकर उनके पक्ष के पनघरा गाँव निवासी ट्रैक्टर चालक अरविंद सिंह पर गोली चला दी। यह घटना उनके घर से लगभग 500 मीटर उत्तर दिशा में स्थित खेत में हुई, लेकिन किसी को चोट नहीं आई। किरण सिन्हा ने बताया कि उनके बाबा ससुर स्व. लाली प्रसाद सिंह के नाम पर लगभग 15 बीघा ज़मीन थी। उन्होंने यह भी बताया कि उनके ससुर स्व. सिद्धेश्वर प्रसाद सिंह पेशे से अधिवक्ता थे। किरण सिन्हा के अनुसार, उनके पति अशोक कुमार भारद्वाज का वर्ष 1994 में अपहरण हो गया था और तब से उनका कोई पता नहीं चल सका है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके दो पुत्रों की भी मृत्यु हो चुकी है और वर्तमान में उनकी एकमात्र विवाहित पुत्री नेहा कुमारी ही हैं। इस मामले में रामगढ़ चौक थाना अध्यक्ष चुत्रू कुमार ने पुष्टि की है कि किरण सिन्हा से ज़मीन विवाद संबंधी एक आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, और जांच के आधार पर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन भी दिया गया है।1
- केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा आयोजित मद्य निषेध सिपाही, कक्षपाल एवं चलंत दस्ता सिपाही पदों की लिखित परीक्षा रविवार को लखीसराय जिले में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। जिला प्रशासन इस परीक्षा को लेकर पूरी तरह अलर्ट था और उसने कदाचारमुक्त एवं शांतिपूर्ण परीक्षा संचालन सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं। जिले में कुल 11 परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए थे, जहाँ 19,968 अभ्यर्थी शामिल हुए। रविवार सुबह सात बजे से ही परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की भीड़ देखी गई। नया बाजार सहित विभिन्न केंद्रों पर परीक्षार्थियों को सघन जाँच के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी गई, जिसमें उनके पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की पड़ताल की गई। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के दौरान कदाचार पर अंकुश लगाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई थी। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक केंद्र पर एक दंडाधिकारी, एक पुलिस पदाधिकारी एवं पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने लगातार परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया और पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रखी। प्रशासन ने अभ्यर्थियों से परीक्षा संबंधी सभी निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से दूर रहने की अपील भी की।1
- बिहार के जमुई में पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मिली है, जहां लगभग एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी पर व्हाट्सएप के माध्यम से खतरनाक APK फाइल भेजकर लोगों के मोबाइल फोन हैक करने और उनके बैंक खातों से पैसे उड़ाने वाले एक गिरोह से जुड़े होने का आरोप है। पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि साइबर अपराधी लोगों को फर्जी APK फाइल भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड करता था, उसका मोबाइल फोन तुरंत अपराधियों के नियंत्रण में आ जाता था। इससे OTP सहित बैंकिंग संबंधी सभी महत्वपूर्ण जानकारी अपराधियों तक पहुंच जाती थी, जिसके बाद वे आसानी से खातों से रकम निकाल लेते थे। जांच के दौरान, पुलिस ने ऐसे कई बैंक खातों की पहचान की है जिनमें लगभग एक करोड़ रुपये का लेन-देन हुआ था। इस मामले में कई अन्य संदिग्धों की तलाश अभी भी जारी है और पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों ने आम जनता को सचेत करते हुए आगाह किया है कि वे किसी भी अनजान APK फाइल, लिंक या ऐप को डाउनलोड न करें, ताकि साइबर ठगी का शिकार होने से बच सकें।1
- जमुई में एक जिला स्तरीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ किसानों को प्राकृतिक खेती के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को देसी बीजों के महत्व और उनके संरक्षण के तरीकों से अवगत कराना है। कार्यशाला में विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि देसी बीजों का उपयोग करके टिकाऊ, कम लागत वाली और प्राकृतिक खेती को कैसे बढ़ावा दिया जा सकता है।1
- जमुई जिले में साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) को एक बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना जमुई के नेतृत्व में सिकंदरा और चंद्रदीप थाना पुलिस के सहयोग से चलाए गए संयुक्त छापेमारी अभियान के दौरान एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई लगभग एक करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले से जुड़ी है। पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, साइबर अपराधियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष रणनीति के तहत एसआईटी का गठन किया गया था। इस टीम में पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार, पुलिस निरीक्षक अभय कान्त चंदा समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी शामिल थे। गुप्त सूचना और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर की गई कार्रवाई में आलोक कुमार (23 वर्ष), पिता राम विलास यादव, निवासी शाहपुर, थाना चंद्रदीप, जिला जमुई को गिरफ्तार किया गया। जांच में उसके साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल होने के पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ साइबर थाना जमुई में कांड संख्या 29/26, दिनांक 14 जून 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 111(4), 318(2), 319, 336(3), 338, 61(2), 3(5) तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66B, 66C एवं 66D के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह से जुड़े दो अन्य आरोपियों की पहचान हो चुकी है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। बरामद साक्ष्यों की गहन जांच और मामले में आगे की कानूनी व वैज्ञानिक अनुसंधान प्रक्रिया जारी है। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। जमुई पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी या ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या निकटतम साइबर थाना में सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।3
- शेखपुरा शहर के कैपिटल होटल में गणपत यूनिवर्सिटी और सुनैना ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूट द्वारा एक भव्य शिक्षा सेमिनार कार्यक्रम का आयोजन किया गया।1
- लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड स्थित सरारी इमामनगर पंचायत के बड़हरा गांव में रविवार को 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत 10 कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों में सोलर प्लेट लगाकर उन्हें रोशन किया गया। इन घरों की छतों पर निशुल्क सोलर पैनल लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस योजना का औपचारिक शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम बिहार में नई सरकार के गठन के 60 दिन पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया। इस मौके पर डीएम शैलेंद्र कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, एडीएम नीरज कुमार, विद्युत कार्यपालक अभियंता सुमित सौरभ, सहायक अभियंता अरविंद कुमार, जेई अनुराग प्रियम और मुखिया अनिल पासवान सहित कई अधिकारी व गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। जिन 10 घरों में सोलर प्लेट लगाए गए, उनमें रामचंद्र पासवान, उषा देवी, मुकेश रजक, योगी मिस्त्री, बबली देवी, उर्मिला देवी, सागर यादव, अमिरक मांझी, रामधन मांझी और सोनिया देवी के आवास शामिल हैं, जो सभी कुटीर ज्योति के लाभार्थी हैं। डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार की इस बहुउद्देशीय योजना के अंतर्गत पूरे बिहार में 1512 करोड़ रुपये की लागत से कुल 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छत पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इस योजना का सीधा लाभ गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को मिलेगा। सोलर पैनल लगने से उनका बिजली बिल शून्य हो जाएगा और बिजली ग्रिड पर से खपत का दबाव भी कम होगा। सरकार का मुख्य लक्ष्य हर गरीब परिवार को बिजली के बिल से मुक्ति दिलाना है।1