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बरखेड़ा में चल रहे नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ प्रज्ञा पुराण कथा में तीसरे दिन नव दंपति युवा सम्मेलन का आयोजन। बरखेड़ा। नगर के शिवानी मैरिज लॉन में शान्ति कुंज हरिद्वार। से आए गायत्री परिजन जयप्रकाश भाई साहब एवं उनकी टोली द्वारा 29 मार्च से चल रहे नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं पावन प्रज्ञा पुराण कथा कथा के साथ आज तीसरा दिन नव दंपत्ति सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसमें सैंकड़ों नवदंपत्तियों ने भाग लिया जिससे पूरे क्षेत्र से आए हुए लोगों में आस्था, संस्कार और सामाजिक जागरूकता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पूरे क्षेत्र से गायत्री परिजनों ने कार्यक्रम में पहुंचकर यज्ञ एवं कथा का लाभ उठा रहे हैं। इसी क्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी भोजवाल जी ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती ममता भोजवाल जी के साथ आज विधि-विधान से यज्ञ पूजन कर नगर एवं क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यज्ञ के दौरान वातावरण वेद मंत्रों और भक्ति भाव से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नवदम्पत्ति युवा सम्मेलन रहा, जिसमें युवाओं को आदर्श वैवाहिक जीवन, संस्कारयुक्त पारिवारिक व्यवस्था तथा जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण सीख दी गई। वक्ताओं ने बताया कि संस्कार, संयम और सहयोग से ही सफल एवं सुखी जीवन का निर्माण संभव है। इस अवसर पर उपस्थित गायत्री परिजनों ने कथा के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया और यज्ञ में आहुति देकर अपने जीवन को धर्ममय बनाने का संकल्प लिया। आयोजन में नगर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों एवं युवाओं की विशेष भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का समापन प्रतिदिन भव्य आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है।

2 hrs ago
user_Shivkumar Gangwar
Shivkumar Gangwar
Voice of people बीसलपुर, पीलीभीत, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

बरखेड़ा में चल रहे नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ प्रज्ञा पुराण कथा में तीसरे दिन नव दंपति युवा सम्मेलन का आयोजन। बरखेड़ा। नगर के शिवानी मैरिज लॉन में शान्ति कुंज हरिद्वार। से आए गायत्री परिजन जयप्रकाश भाई साहब एवं उनकी टोली द्वारा 29 मार्च से चल रहे नौ कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं पावन प्रज्ञा पुराण कथा कथा के साथ आज तीसरा दिन नव दंपत्ति सम्मेलन का आयोजन हुआ जिसमें सैंकड़ों नवदंपत्तियों ने

भाग लिया जिससे पूरे क्षेत्र से आए हुए लोगों में आस्था, संस्कार और सामाजिक जागरूकता की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में पूरे क्षेत्र से गायत्री परिजनों ने कार्यक्रम में पहुंचकर यज्ञ एवं कथा का लाभ उठा रहे हैं। इसी क्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी भोजवाल जी ने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती ममता भोजवाल जी के साथ आज विधि-विधान से यज्ञ पूजन कर नगर एवं क्षेत्रवासियों

की सुख-समृद्धि, शांति और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यज्ञ के दौरान वातावरण वेद मंत्रों और भक्ति भाव से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण नवदम्पत्ति युवा सम्मेलन रहा, जिसमें युवाओं को आदर्श वैवाहिक जीवन, संस्कारयुक्त पारिवारिक व्यवस्था तथा जीवन को सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने की महत्वपूर्ण सीख दी गई। वक्ताओं ने बताया कि संस्कार, संयम और सहयोग से ही सफल एवं सुखी जीवन का निर्माण संभव है।

इस अवसर पर उपस्थित गायत्री परिजनों ने कथा के माध्यम से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त किया और यज्ञ में आहुति देकर अपने जीवन को धर्ममय बनाने का संकल्प लिया। आयोजन में नगर के गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों एवं युवाओं की विशेष भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम का समापन प्रतिदिन भव्य आरती एवं प्रसाद वितरण के साथ किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो रहा है।

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  • Post by रामवीर राष्ट्रीय महासचिव गौ रक्षा प्रकोष्ठ बरेली राष्ट्रीय महासचिव गौ रक्षा प्रकोष्ठ बरेली
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    Post by रामवीर राष्ट्रीय महासचिव गौ रक्षा प्रकोष्ठ बरेली राष्ट्रीय महासचिव गौ रक्षा प्रकोष्ठ बरेली
    user_रामवीर राष्ट्रीय महासचिव गौ रक्षा प्रकोष्ठ बरेली राष्ट्रीय महासचिव गौ रक्षा प्रकोष्ठ बरेली
    रामवीर राष्ट्रीय महासचिव गौ रक्षा प्रकोष्ठ बरेली राष्ट्रीय महासचिव गौ रक्षा प्रकोष्ठ बरेली
    फरीदपुर, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • बरेली। शहर में आयोजित एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस डॉक्टर मोनिका द्वारा आयोजित की गई कैस्का एस्थेटिक्स ने सौंदर्य चिकित्सा (एस्थेटिक्स) के क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकों और भविष्य के दृष्टिकोण को साझा किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सबीन अहसन और विशिष्ट अतिथि अंकिता भाटिया ने क्लिनिक का उद्घाटन कर आधुनिक त्वचा देखभाल की महत्ता पर चर्चा की। वैज्ञानिक और सुरक्षित उपचार का दृष्टिकोण कैस्का एस्थेटिक्स की डॉक्टर मोनिका बंदी ने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य "प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से निखारना" है। यहाँ सुंदरता का अर्थ केवल बाहरी चमक नहीं, बल्कि त्वचा और बालों को वैज्ञानिक तरीके से स्वस्थ बनाना है। प्रमुख उपचार और विशेषताएँ क्लिनिक में झाइयां (पिगमेंटेशन), मुहांसे (एक्ने), मेलाज्मा, उम्र के असर को रोकने (एंटी-एजिंग) और बालों के झड़ने जैसी समस्याओं के लिए उन्नत मशीनें उपलब्ध हैं। संस्थान की कुछ खास बातें यह एक विशेष उपचार प्रक्रिया है जो गहरी सफाई, त्वचा की मरम्मत और चमक को एक साथ लक्षित करती है। हर व्यक्ति की त्वचा के प्रकार के अनुसार तैयार किया गया विशेष इलाज। क्षतिग्रस्त त्वचा के लिए विशेष 'बैरियर-रिपेयर' आधारित उपचार। मिथकों पर प्रहार और विशेषज्ञों की सलाह प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विशेषज्ञों ने स्टेरॉयड क्रीम के गलत इस्तेमाल पर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना डॉक्टरी सलाह के इस्तेमाल किए गए उत्पाद त्वचा को स्थायी नुकसान पहुँचा सकते हैं। एस्थेटिक्स का सही मतलब त्वचा को स्वस्थ और प्राकृतिक तरीके से बेहतर बनाना है। अपनी त्वचा क प्रकृति को समझें और हमेशा प्रमाणित विशेषज्ञों से ही परामर्श लें। बाइट अंकिता भाटिया बाइट डॉ. सबीन अहसन बाइट डॉक्टर मोनिका
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    बरेली। शहर में आयोजित एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस डॉक्टर मोनिका द्वारा आयोजित की गई कैस्का एस्थेटिक्स ने सौंदर्य चिकित्सा (एस्थेटिक्स) के क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकों और भविष्य के दृष्टिकोण को साझा किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सबीन अहसन और विशिष्ट अतिथि अंकिता भाटिया ने क्लिनिक का उद्घाटन कर आधुनिक त्वचा देखभाल की महत्ता पर चर्चा की।
वैज्ञानिक और सुरक्षित उपचार का दृष्टिकोण
कैस्का एस्थेटिक्स की डॉक्टर मोनिका बंदी ने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य "प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से निखारना" है। यहाँ सुंदरता का अर्थ केवल बाहरी चमक नहीं, बल्कि त्वचा और बालों को वैज्ञानिक तरीके से स्वस्थ बनाना है।
प्रमुख उपचार और विशेषताएँ
क्लिनिक में झाइयां (पिगमेंटेशन), मुहांसे (एक्ने), मेलाज्मा, उम्र के असर को रोकने (एंटी-एजिंग) और बालों के झड़ने जैसी समस्याओं के लिए उन्नत मशीनें उपलब्ध हैं। संस्थान की कुछ खास बातें यह एक विशेष उपचार प्रक्रिया है जो गहरी सफाई, त्वचा की मरम्मत और चमक को एक साथ लक्षित करती है। हर व्यक्ति की त्वचा के प्रकार के अनुसार तैयार किया गया विशेष इलाज। क्षतिग्रस्त त्वचा के लिए विशेष 'बैरियर-रिपेयर' आधारित उपचार। मिथकों पर प्रहार और विशेषज्ञों की सलाह
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विशेषज्ञों ने स्टेरॉयड क्रीम के गलत इस्तेमाल पर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना डॉक्टरी सलाह के इस्तेमाल किए गए उत्पाद त्वचा को स्थायी नुकसान पहुँचा सकते हैं। एस्थेटिक्स का सही मतलब त्वचा को स्वस्थ और प्राकृतिक तरीके से बेहतर बनाना है। अपनी त्वचा क प्रकृति को समझें और हमेशा प्रमाणित विशेषज्ञों से ही परामर्श लें।
बाइट अंकिता भाटिया
बाइट डॉ. सबीन अहसन
बाइट  डॉक्टर मोनिका
    user_ASHOK GUPTA
    ASHOK GUPTA
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    18 min ago
  • बरेली चैनपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रजपुरी नवादा में सामुदायिक शौचालय की स्थिति बहुत ही बेकार है नहीं है पानी की व्यवस्था कागजों पर चल रहा सामुदायिक शौचालय।
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    बरेली चैनपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रजपुरी नवादा में सामुदायिक शौचालय की स्थिति बहुत ही बेकार है नहीं है पानी की व्यवस्था कागजों पर चल रहा सामुदायिक शौचालय।
    user_भूपेंद्र शर्मा
    भूपेंद्र शर्मा
    Bareilly, Uttar Pradesh•
    28 min ago
  • गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पूरनपुर में आयोजित प्रथम अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन टेक्नोलॉजिकल सत्र में बोलते हुए प्रोफेसर विपिन नीरज ने कहा कि आज शहरीकरण के प्रचलन से वृक्ष कट रहे हैं। आवासीय व्यवस्था के लिए कॉलोनी का प्रचलन बढ़ रहा है। इसीलिए जंगलों का दोहन हो रहा है। पेड़ों से ऊर्जा मिलती है।हमें आज पर्यावरण की प्रति जागरूक रहने की जरूरत है।प्रकृति की पूजा हम कर रहे हैं लेकिन फिर भी हम प्रकृति का दोहन कर रहे हैं।उन्होंने परामर्श दिया कि जब हम प्रकृति के साथ कंसर्न करेंगे उसके नजदीक जाएंगे तभी हम सस्टेनेबल विकास कर सकते हैं । टेक्निकल सेशन के चेयरपर्सन प्रोफ़ेसर वीर बहादुर महतो ने कहा कि यदि हमें संयमित जीवन जीना है तो हमें प्रकृति के साथ भी संयमित होना पड़ेगा। हमें आने वाली पीढियों के लिए प्रकृति से संतुलन बनाना होगा। अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रोफेसर ए डी एन बाजपेई ने ऑनलाइन जुड़ कर सब को अपना आशीष प्रदान किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार शर्मा महाविद्यालय के अस्तित्व को स्थापित कर रहे हैं। पर्यावरण की समस्या पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज जलवायु, कृषि या सस्टेनेबल डेवलपमेंट इन सब चीजों को एक साथ लेकर चलने की आवश्यकता है। भारत की अपनी जीवन शैली है। भारतीय ज्ञान परम्परा को अपनाना होगा जिस का सारांश परोपकार है। टेक्निकल सेशन में बोलते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने महाविद्यालय के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि वह महाविद्यालय को केवल डिग्री प्राप्त करने का केन्द्र ना बनाकर टेक्निकल शिक्षा, विभिन्न सेमिनारों के माध्यम से छात्रों के ज्ञान की वृद्धि, रोजगार मेलो का आयोजन, उन के कौशल विकास की वृद्धि ,उनको रोजगार देने वाला बनाने के योग्य बनना चाहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य विषय *भारतीय अर्थव्यवस्था में पर्यावरण वैश्विक जलवायु परिवर्तन और कृषिगत सतत् विकास* शीर्षक पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा के लिए हमें पॉजिटिव काम करना होगा। रासायनिक खादों एवं केमिकल युक्त खादो से हम भारत माता को दूषित कर रहे हैं ।हमें मात्र उत्पादन की चिंता है हमें स्वास्थ्य की चिंता नहीं है। खाद्य सुरक्षा,गरीबी उन्मूलन आदि योजनाओं पर काम करना होगा। उन्होंने परामर्श दिया कि हमें समाज के आर्थिक रूप शोषित वर्ग के लिए काम करना होगा। अरुण कुमार जी विषय विशेषज्ञ गन्ना संस्थान लखनऊ ने ऑनलाइन जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने जैव विविधता एवं पारस्परिक तंत्र में संबंधन में जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि जैव विविधता का मतलब हमारे पर्यावरण में पारस्परिक तंत्र में जो जीव जंतु एवं सूक्ष्म जीवाणु है उनका संरक्षण एवं संतुलन स्थापित करना है। संतुलन का सरल अर्थ है सबसे अधिक संख्या में सूक्ष्म जीवाणु, उससे कम संख्या में पेड़ पौधे और सबसे कम संख्या में मनुष्य होना चाहिए। परन्तु आज ये संतुलन बिगड़ रहा है । अपर गन्ना आयुक्त डॉक्टर वी बी सिंह ने ऑनलाइन ने जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय लगातार छात्र हित में आयोजन करा रहा है। उन्होंने गन्ना विभाग के सहयोग का पूरा आश्वासन दिया। छात्र समृद्ध हो, ऐसी उनकी अभिलाषा है।उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों का प्रयोग कम करें । जैविक खेती करें क्योंकि जैविक खेती पर्यावरण हितैषी है। प्रोफेसर मनोज कुमार मिश्रा जी ने इथोपिया से ऑनलाइन जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने सनातन इकोनॉमिक्स फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट विषय पर विस्तार से चर्चा करी।उन्होंने वतर्मान वैश्विक विकास परिदृश्य (Present Global deveploment scenario) पर भी चर्चा करी।डॉक्टर सरिता द्विवेदी ने ग्रामीण और शहरी सभ्यता का संबंध में जानकारी देते आदि काल से वर्तमान समय तक की सभ्यता का विश्लेषण किया । उन्होंने कहा कि आज हम शहरी जीवन की ओर पलायन कर रहे हैं ग्रामीण संस्कृति विलुप्त हो रही हैं। उन्होंने संतुलित जीवन शैली अपनाने पर जोर दिया। डॉक्टर नरेन्द्र कुमार ने हेल्थ रिस्क एंड वेस्ट मैनेजमेंट पर जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट पर ध्यान देना आवश्यक है। क्योंकि इस का सीधा प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। हर प्रकार का वेस्ट चाहे वो इंडस्ट्रियल वेस्ट हो, या बायोगैस तो या घरेलू वेस्ट हो ___हर प्रकार का वेस्ट हमारे जीवन को प्रभावित करता है। वेस्ट के लिए लापरवाही बीमारियों को उत्पन्न करती है। प्रोफेसर अनुपम पांडेय ने ऑनलाइन जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद से बहुत परिवर्तन आया है । करोना के बाद से कुछ चुनौतियां सामने है कुछ अब समाधान निकल रहे हैं। टेक्निकल सेशंस समाप्त होने के पश्चात् द्वितीय सत्र में समापन समारोह सम्पन्न हुआ। समापन समारोह के अध्यक्ष प्रोफेसर बी आर कुकरेती , मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर सुमित्रा कुकरेती , विशिष्ट अतिथि प्रोफ़ेसर वीर बहादुर महतो एवं प्रोफेसर विनोद श्रीवास्तव ने मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित किया । अतिथियों को महाविद्यालय स्टॉफ द्वारा पटका उड़ाकर एवं स्मृति चिन्ह दे कर स्वागत किया गया। अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने महाविद्यालय स्थापना के उद्देश्य की जानकारी उपलब्ध कराई।साथ ही उन्होंने गन्ना कृषको को इस पवित्र अनुष्ठान के लिए कटौती एवं भूमि दान करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही उन्होंने युवा पीढ़ी से कहा कि उनको महाविद्यालय विकास के लिए काम करना है ।समापन समारोह की मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर सुमित्रा कुकरेती ने कहा पर्यावरण की समस्या से पूरा विश्व प्रभावित है। एनवायरमेंट अर्थात क्लाइमेट चेंज,ग्लोबल वार्मिंग के प्रभाव से विश्व जूझ रहा है। प्रत्येक वर्ष मौसम का पैटर्न बदल रहा है।क्लाइमेट चेंज, वायु प्रदूषण से जल संकट लगातार गहरा रहा है। ग्लेशियर पिघल रहे हैं। प्लास्टिक कचरा जो कि बायोडिग्रेडेबल नहीं है वो वातावर्ण को दूषित कर रहा हैं। उन्होंने कहा कि धरती हम सब की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है ।लेकिन हमारी बढ़ती हुई इच्छा इसको दूषित कर रही है। उन्होंने परामर्श दिया कि प्रकृति से उतना ही लीजिए जितनी जरूरत है। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने , नदियों को दूषित होने से बचाने और सुरक्षित रखने पर बल दिया।समापन समारोह के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर बी आर कुकरेती ने कहा कि जल जीवनदाता है । यह हमारी धरोहर है।इस का संरक्षण हमारा दायित्व है। उन्होंने अवगत कराया कि ग्लेशियर पिघल रहे हैं जो हानिकारक है। ग्लेशियर पिघलने से समुन्द्र का पानी का लेवल बढ़ेगा जिस से समुन्द्र के पास वाले देश और इलाके डूब जाएंगे। पानी की अधिकता भी नुकसानदेह है दूसरी ओर पानी की कमी भी हानिकारक है। उन्होंने कहा कि सरकार तो कम कर रही है ।हमें इकाई के रूप में इस पर काम करना होगा । हमें अपने समाज में, अपने परिवार में पर्यावरण के लिए पॉजिटिव थिंकिंग लेकर आनी होगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा हमें व्यक्तिगत स्तर पर करनी होगी।हमें संवेदनशीलता लानी होगी ।लोगों को समझना होगा।तब ही पर्यावरण सुरक्षित होगा। राष्ट्रगान के साथ गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्रथम अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन सम्पन्न हुआ।
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    गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय पूरनपुर में आयोजित प्रथम अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के दूसरे दिन टेक्नोलॉजिकल सत्र में  बोलते हुए प्रोफेसर विपिन नीरज ने कहा कि आज शहरीकरण के प्रचलन से  वृक्ष कट रहे हैं। आवासीय व्यवस्था के लिए कॉलोनी का प्रचलन बढ़ रहा है। इसीलिए जंगलों का दोहन हो रहा है। पेड़ों से ऊर्जा मिलती है।हमें आज पर्यावरण की प्रति जागरूक  रहने की जरूरत है।प्रकृति की पूजा हम कर रहे हैं लेकिन फिर भी हम प्रकृति का दोहन कर रहे हैं।उन्होंने परामर्श दिया कि जब हम प्रकृति के साथ कंसर्न करेंगे उसके नजदीक जाएंगे तभी हम सस्टेनेबल विकास कर सकते हैं । टेक्निकल सेशन के चेयरपर्सन प्रोफ़ेसर वीर बहादुर महतो ने कहा कि यदि हमें संयमित जीवन जीना है तो हमें प्रकृति के साथ भी संयमित होना पड़ेगा। हमें आने वाली  पीढियों के लिए प्रकृति से संतुलन बनाना होगा। 
अटल बिहारी वाजपेई विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के कुलपति प्रोफेसर ए डी एन बाजपेई ने ऑनलाइन जुड़ कर सब को अपना आशीष  प्रदान किया। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय के  प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार शर्मा महाविद्यालय के अस्तित्व को  स्थापित कर रहे हैं। पर्यावरण की समस्या पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज जलवायु, कृषि  या सस्टेनेबल डेवलपमेंट इन सब चीजों को एक साथ लेकर चलने  की आवश्यकता है। भारत की  अपनी जीवन शैली है। भारतीय ज्ञान परम्परा को अपनाना होगा जिस का सारांश परोपकार है।
टेक्निकल सेशन  में बोलते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने महाविद्यालय के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि  वह महाविद्यालय को केवल डिग्री प्राप्त करने का  केन्द्र ना बनाकर टेक्निकल शिक्षा, विभिन्न सेमिनारों के  माध्यम से छात्रों  के ज्ञान की वृद्धि, रोजगार मेलो का आयोजन, उन के कौशल  विकास की वृद्धि ,उनको  रोजगार देने वाला बनाने के योग्य बनना चाहते हैं। अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य विषय *भारतीय अर्थव्यवस्था में पर्यावरण वैश्विक जलवायु परिवर्तन और कृषिगत सतत् विकास* शीर्षक पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि पर्यावरण सुरक्षा के लिए हमें पॉजिटिव काम करना होगा। रासायनिक खादों एवं केमिकल युक्त खादो से हम भारत माता को दूषित कर रहे हैं ।हमें मात्र उत्पादन की चिंता है हमें स्वास्थ्य की चिंता नहीं है। खाद्य सुरक्षा,गरीबी उन्मूलन आदि योजनाओं पर काम करना होगा। उन्होंने परामर्श दिया कि हमें समाज के आर्थिक  रूप शोषित वर्ग के लिए काम करना होगा।
अरुण कुमार जी  विषय विशेषज्ञ गन्ना  संस्थान लखनऊ ने ऑनलाइन जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने जैव विविधता एवं पारस्परिक तंत्र में संबंधन में  जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि जैव विविधता का मतलब हमारे पर्यावरण में पारस्परिक तंत्र में जो जीव जंतु  एवं सूक्ष्म जीवाणु है  उनका संरक्षण एवं संतुलन स्थापित करना है। संतुलन का सरल अर्थ है सबसे अधिक संख्या में सूक्ष्म जीवाणु, उससे कम संख्या में पेड़ पौधे और सबसे कम संख्या में मनुष्य होना चाहिए। परन्तु आज ये संतुलन बिगड़ रहा है ।
अपर गन्ना आयुक्त डॉक्टर वी बी सिंह ने ऑनलाइन ने जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रसन्नता है कि गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय लगातार छात्र हित में आयोजन करा रहा है। उन्होंने गन्ना विभाग के सहयोग का पूरा आश्वासन दिया। छात्र समृद्ध हो, ऐसी उनकी अभिलाषा है।उन्होंने कहा कि रासायनिक खादों का प्रयोग कम करें ।  जैविक खेती करें क्योंकि जैविक खेती पर्यावरण हितैषी है। 
प्रोफेसर मनोज कुमार मिश्रा जी ने इथोपिया से ऑनलाइन जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने सनातन इकोनॉमिक्स फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट विषय पर विस्तार से चर्चा करी।उन्होंने  वतर्मान वैश्विक विकास परिदृश्य (Present   Global deveploment scenario)  पर भी  चर्चा करी।डॉक्टर सरिता द्विवेदी ने ग्रामीण और शहरी सभ्यता का संबंध में जानकारी देते  आदि काल से वर्तमान समय तक की सभ्यता का विश्लेषण किया । उन्होंने कहा कि आज हम शहरी जीवन की ओर  पलायन कर रहे हैं ग्रामीण संस्कृति विलुप्त हो रही हैं। उन्होंने संतुलित जीवन शैली अपनाने पर जोर दिया। डॉक्टर नरेन्द्र कुमार ने   हेल्थ  रिस्क एंड वेस्ट मैनेजमेंट पर जानकारी उपलब्ध कराई। उन्होंने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट पर ध्यान देना आवश्यक है। क्योंकि इस का सीधा  प्रभाव हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता है। हर प्रकार का वेस्ट चाहे  वो इंडस्ट्रियल वेस्ट हो, या बायोगैस तो या घरेलू वेस्ट  हो ___हर प्रकार का वेस्ट हमारे जीवन को प्रभावित करता है। वेस्ट के लिए लापरवाही बीमारियों को उत्पन्न करती है। प्रोफेसर अनुपम पांडेय ने ऑनलाइन जुड़ कर मार्गदर्शन किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के बाद से बहुत परिवर्तन आया है । करोना के बाद से कुछ चुनौतियां सामने है कुछ अब  समाधान निकल रहे हैं।
टेक्निकल सेशंस  समाप्त होने के पश्चात् द्वितीय सत्र में समापन समारोह सम्पन्न हुआ। समापन समारोह के अध्यक्ष  प्रोफेसर बी आर कुकरेती , मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर सुमित्रा कुकरेती , विशिष्ट अतिथि प्रोफ़ेसर वीर बहादुर महतो एवं प्रोफेसर विनोद श्रीवास्तव ने  मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित किया । अतिथियों को महाविद्यालय स्टॉफ द्वारा पटका उड़ाकर एवं स्मृति चिन्ह दे कर स्वागत किया गया। अतिथियों का स्वागत करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर सुधीर कुमार शर्मा ने महाविद्यालय स्थापना के उद्देश्य की जानकारी उपलब्ध कराई।साथ ही उन्होंने गन्ना कृषको को इस पवित्र अनुष्ठान के लिए कटौती एवं भूमि दान करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही उन्होंने युवा पीढ़ी से कहा कि उनको महाविद्यालय विकास के लिए काम करना है ।समापन समारोह की मुख्य अतिथि प्रोफ़ेसर सुमित्रा कुकरेती ने कहा पर्यावरण की समस्या से पूरा विश्व प्रभावित है। एनवायरमेंट अर्थात क्लाइमेट चेंज,ग्लोबल वार्मिंग के  प्रभाव से विश्व  जूझ रहा है। प्रत्येक वर्ष मौसम का पैटर्न बदल रहा है।क्लाइमेट चेंज, वायु प्रदूषण से जल संकट लगातार गहरा रहा है। ग्लेशियर पिघल रहे हैं। प्लास्टिक कचरा  जो कि बायोडिग्रेडेबल नहीं है वो वातावर्ण को दूषित कर रहा हैं।  उन्होंने कहा कि धरती हम सब की आवश्यकताओं को  पूरा करने में सक्षम है ।लेकिन  हमारी  बढ़ती हुई इच्छा इसको दूषित कर रही है।  उन्होंने परामर्श दिया कि प्रकृति से उतना ही लीजिए जितनी जरूरत है। उन्होंने अधिक से अधिक वृक्ष लगाने , नदियों को दूषित होने से बचाने और सुरक्षित रखने पर बल दिया।समापन समारोह के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर बी आर कुकरेती ने कहा कि जल जीवनदाता है । यह हमारी धरोहर है।इस का संरक्षण हमारा दायित्व है।  उन्होंने अवगत कराया कि ग्लेशियर पिघल रहे हैं जो हानिकारक है। ग्लेशियर पिघलने से समुन्द्र का पानी का लेवल बढ़ेगा जिस से समुन्द्र के पास वाले देश और इलाके डूब जाएंगे। पानी  की अधिकता भी नुकसानदेह है दूसरी ओर पानी की कमी भी हानिकारक है।  उन्होंने कहा कि सरकार तो कम कर रही है ।हमें इकाई के रूप में इस पर काम करना होगा । हमें अपने समाज में, अपने परिवार में पर्यावरण के लिए पॉजिटिव थिंकिंग लेकर आनी होगी। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा हमें व्यक्तिगत स्तर पर करनी होगी।हमें संवेदनशीलता लानी होगी ।लोगों को समझना होगा।तब ही पर्यावरण सुरक्षित  होगा।
राष्ट्रगान के साथ गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय की  प्रथम अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का  समापन सम्पन्न हुआ।
    user_Firasat khan
    Firasat khan
    Pilibhit, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • अयोध्या में यज्ञ के बाद लगी आग सही प्रबंधन-प्रशासन की कमी को दर्शाती है। आशा है सब सुरक्षित होंगे।
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    अयोध्या में यज्ञ के बाद लगी आग सही प्रबंधन-प्रशासन की कमी को दर्शाती है। आशा है सब सुरक्षित होंगे।
    user_NO1 BN NEWS LIVE
    NO1 BN NEWS LIVE
    Board of trade Bareilly, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • बरेली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गुर्दे की पथरी के साधारण ऑपरेशन ने एक महिला की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। पीड़ित पति के मुताबिक, उसकी पत्नी ज्योति रस्तोगी को 25 दिसंबर 2025 को बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टर ने दूरबीन विधि से ऑपरेशन किया। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद हालत सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई। अगले ही दिन फेफड़ों में पानी भरने की बात सामने आई, जिस पर डॉक्टर ने खुद गलती मानते हुए इलाज करने की बात कही। हैरानी की बात यह रही कि फेफड़ा विशेषज्ञ को बुलाने की बार-बार मांग के बावजूद डॉक्टर ने खुद ही इलाज जारी रखा। स्थिति और बिगड़ने पर परिजन 29 दिसंबर को मरीज को अस्पताल से निकालकर दूसरे डॉक्टर के पास ले गए, जहां हालत गंभीर बताई गई। बाद में नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पता चला कि फेफड़ा बुरी तरह डैमेज हो चुका है और खून के थक्के जम गए हैं। 5 जनवरी 2026 को बड़े ऑपरेशन के बाद किसी तरह महिला की जान बचाई जा सकी। पीड़ित का आरोप है कि एक यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर ने फेफड़ों का इलाज कर गंभीर लापरवाही की, जिससे उसकी पत्नी को जानलेवा स्थिति का सामना करना पड़ा। अब पीड़ित ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। पूरे मामले में पीड़ित ने आज गुरुवार समय लगभग दोपहर के 1:00 बजे जानकारी देते हुए बताया
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    बरेली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गुर्दे की पथरी के साधारण ऑपरेशन ने एक महिला की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। पीड़ित पति के मुताबिक, उसकी पत्नी ज्योति रस्तोगी को 25 दिसंबर 2025 को बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टर ने दूरबीन विधि से ऑपरेशन किया।
परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद हालत सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई। अगले ही दिन फेफड़ों में पानी भरने की बात सामने आई, जिस पर डॉक्टर ने खुद गलती मानते हुए इलाज करने की बात कही। हैरानी की बात यह रही कि फेफड़ा विशेषज्ञ को बुलाने की बार-बार मांग के बावजूद डॉक्टर ने खुद ही इलाज जारी रखा।
स्थिति और बिगड़ने पर परिजन 29 दिसंबर को मरीज को अस्पताल से निकालकर दूसरे डॉक्टर के पास ले गए, जहां हालत गंभीर बताई गई। बाद में नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पता चला कि फेफड़ा बुरी तरह डैमेज हो चुका है और खून के थक्के जम गए हैं। 5 जनवरी 2026 को बड़े ऑपरेशन के बाद किसी तरह महिला की जान बचाई जा सकी।
पीड़ित का आरोप है कि एक यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर ने फेफड़ों का इलाज कर गंभीर लापरवाही की, जिससे उसकी पत्नी को जानलेवा स्थिति का सामना करना पड़ा। अब पीड़ित ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। पूरे मामले में पीड़ित ने आज गुरुवार समय लगभग दोपहर के 1:00 बजे जानकारी देते हुए बताया
    user_बरेली की ताजा खबरें
    बरेली की ताजा खबरें
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बरेली। थाना भमोरा पुलिस एवं एएनटीएफ यूनिट बरेली की संयुक्त टीम ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 1.750 किलोग्राम हेरोइन, स्मैक बनाने में प्रयुक्त 950 ग्राम रंग, 87,520 रुपये नकद तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, एएनटीएफ यूनिट में तैनात उपनिरीक्षक विकास यादव को 30 मार्च को मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना मिली थी। सूचना पर थाना भमोरा पुलिस के साथ संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की गई। मुखबिर की निशानदेही पर परमानंद उर्फ पप्पू, उसके पुत्र रविंद्र और यशवीर, निवासी ग्राम भगवानपुर थाना बिनावर जनपद बदायूं, को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मुख्य आरोपी परमानंद ने बताया कि वह कच्चे मादक पदार्थों को केमिकल की मदद से स्मैक और हेरोइन में बदलकर ऊंचे दामों पर बेचता था। इस अवैध कारोबार में उसके दोनों बेटे भी उसका साथ देते थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
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    बरेली। थाना भमोरा पुलिस एवं एएनटीएफ यूनिट बरेली की संयुक्त टीम ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 1.750 किलोग्राम हेरोइन, स्मैक बनाने में प्रयुक्त 950 ग्राम रंग, 87,520 रुपये नकद तथा तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 12 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, एएनटीएफ यूनिट में तैनात उपनिरीक्षक विकास यादव को 30 मार्च को मादक पदार्थों की तस्करी की सूचना मिली थी। सूचना पर थाना भमोरा पुलिस के साथ संयुक्त टीम गठित कर कार्रवाई की गई। मुखबिर की निशानदेही पर परमानंद उर्फ पप्पू, उसके पुत्र रविंद्र और यशवीर, निवासी ग्राम भगवानपुर थाना बिनावर जनपद बदायूं, को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी परमानंद ने बताया कि वह कच्चे मादक पदार्थों को केमिकल की मदद से स्मैक और हेरोइन में बदलकर ऊंचे दामों पर बेचता था। इस अवैध कारोबार में उसके दोनों बेटे भी उसका साथ देते थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
    user_ASHOK GUPTA
    ASHOK GUPTA
    बरेली, बरेली, उत्तर प्रदेश•
    48 min ago
  • यदि 2027 विधानसभा चुनाव में पुवायविधानसभा क्षेत्र की सम्मानित जनता ने सेवा करने का अवसर दिया तो क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए सभी सम्मानित क्षेत्रवासी यो के साथ सम्मानजनक व्यवहार होगा किसी भी सम्मानित क्षेत्रवासी के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा सम्मान सर्वोपरि होगा
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    यदि 2027 विधानसभा चुनाव में पुवायविधानसभा क्षेत्र की सम्मानित जनता ने सेवा करने का अवसर दिया तो क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए सभी सम्मानित क्षेत्रवासी यो के साथ सम्मानजनक व्यवहार होगा किसी भी सम्मानित क्षेत्रवासी के सम्मान से कोई समझौता नहीं होगा सम्मान सर्वोपरि होगा
    user_जन जन की आवाज शहीद नगरी
    जन जन की आवाज शहीद नगरी
    पोवायां, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by AjeetMishra Shahjahanpur Repor
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    Post by AjeetMishra Shahjahanpur Repor
    user_AjeetMishra Shahjahanpur Repor
    AjeetMishra Shahjahanpur Repor
    Court reporter तिलहर, शाहजहाँपुर, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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