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अयोध्या में यज्ञ के बाद लगी आग सही प्रबंधन-प्रशासन की कमी को दर्शाती है। आशा है सब सुरक्षित होंगे।
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अयोध्या में यज्ञ के बाद लगी आग सही प्रबंधन-प्रशासन की कमी को दर्शाती है। आशा है सब सुरक्षित होंगे।
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- मदरसों को लेकर उत्तराखंड सरकार के खिलाफ बोलते मौलाना शहाबुद्दीन रजवी1
- #आवास योजना के नाम पर लाखों की ठगी, पीड़ित महिलाओं ने संस्था से लगाई मदद की गुहार#1
- बरेली चैनपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत रजपुरी नवादा में सामुदायिक शौचालय की स्थिति बहुत ही बेकार है नहीं है पानी की व्यवस्था कागजों पर चल रहा सामुदायिक शौचालय।1
- अयोध्या में यज्ञ के बाद लगी आग सही प्रबंधन-प्रशासन की कमी को दर्शाती है। आशा है सब सुरक्षित होंगे।1
- बरेली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां गुर्दे की पथरी के साधारण ऑपरेशन ने एक महिला की जिंदगी को खतरे में डाल दिया। पीड़ित पति के मुताबिक, उसकी पत्नी ज्योति रस्तोगी को 25 दिसंबर 2025 को बरेली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टर ने दूरबीन विधि से ऑपरेशन किया। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद हालत सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई। अगले ही दिन फेफड़ों में पानी भरने की बात सामने आई, जिस पर डॉक्टर ने खुद गलती मानते हुए इलाज करने की बात कही। हैरानी की बात यह रही कि फेफड़ा विशेषज्ञ को बुलाने की बार-बार मांग के बावजूद डॉक्टर ने खुद ही इलाज जारी रखा। स्थिति और बिगड़ने पर परिजन 29 दिसंबर को मरीज को अस्पताल से निकालकर दूसरे डॉक्टर के पास ले गए, जहां हालत गंभीर बताई गई। बाद में नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पता चला कि फेफड़ा बुरी तरह डैमेज हो चुका है और खून के थक्के जम गए हैं। 5 जनवरी 2026 को बड़े ऑपरेशन के बाद किसी तरह महिला की जान बचाई जा सकी। पीड़ित का आरोप है कि एक यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर ने फेफड़ों का इलाज कर गंभीर लापरवाही की, जिससे उसकी पत्नी को जानलेवा स्थिति का सामना करना पड़ा। अब पीड़ित ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराकर अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है। पूरे मामले में पीड़ित ने आज गुरुवार समय लगभग दोपहर के 1:00 बजे जानकारी देते हुए बताया1
- Post by जिला संवाददाता हरपाल यादव बरेल1
- बरेली। थाना कैंट क्षेत्रांतर्गत कुछ व्यक्तियों द्वारा युवक के साथ मारपीट/धमकी/जबरन धन वसूली एवं वीडियो वायरल करने की सूचना पर की जा रही पुलिस कार्यवाही के संबंध में जानकारी देते श्री आशुतोष शिवम, क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम।1
- बरेली। शहर में आयोजित एक भव्य प्रेस कॉन्फ्रेंस डॉक्टर मोनिका द्वारा आयोजित की गई कैस्का एस्थेटिक्स ने सौंदर्य चिकित्सा (एस्थेटिक्स) के क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकों और भविष्य के दृष्टिकोण को साझा किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. सबीन अहसन और विशिष्ट अतिथि अंकिता भाटिया ने क्लिनिक का उद्घाटन कर आधुनिक त्वचा देखभाल की महत्ता पर चर्चा की। वैज्ञानिक और सुरक्षित उपचार का दृष्टिकोण कैस्का एस्थेटिक्स की डॉक्टर मोनिका बंदी ने बताया कि संस्थान का मुख्य उद्देश्य "प्राकृतिक सुंदरता को सुरक्षित और प्रभावी तरीके से निखारना" है। यहाँ सुंदरता का अर्थ केवल बाहरी चमक नहीं, बल्कि त्वचा और बालों को वैज्ञानिक तरीके से स्वस्थ बनाना है। प्रमुख उपचार और विशेषताएँ क्लिनिक में झाइयां (पिगमेंटेशन), मुहांसे (एक्ने), मेलाज्मा, उम्र के असर को रोकने (एंटी-एजिंग) और बालों के झड़ने जैसी समस्याओं के लिए उन्नत मशीनें उपलब्ध हैं। संस्थान की कुछ खास बातें यह एक विशेष उपचार प्रक्रिया है जो गहरी सफाई, त्वचा की मरम्मत और चमक को एक साथ लक्षित करती है। हर व्यक्ति की त्वचा के प्रकार के अनुसार तैयार किया गया विशेष इलाज। क्षतिग्रस्त त्वचा के लिए विशेष 'बैरियर-रिपेयर' आधारित उपचार। मिथकों पर प्रहार और विशेषज्ञों की सलाह प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विशेषज्ञों ने स्टेरॉयड क्रीम के गलत इस्तेमाल पर कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना डॉक्टरी सलाह के इस्तेमाल किए गए उत्पाद त्वचा को स्थायी नुकसान पहुँचा सकते हैं। एस्थेटिक्स का सही मतलब त्वचा को स्वस्थ और प्राकृतिक तरीके से बेहतर बनाना है। अपनी त्वचा क प्रकृति को समझें और हमेशा प्रमाणित विशेषज्ञों से ही परामर्श लें। बाइट अंकिता भाटिया बाइट डॉ. सबीन अहसन बाइट डॉक्टर मोनिका1