अटरिया,गोमती की बाढ़ से फसलें बर्बाद, मुआवजे को लेकर किसानों ने किया धरना प्रदर्शन अटरिया,गोमती की बाढ़ से फसलें बर्बाद, मुआवजे को लेकर किसानों ने किया धरना प्रदर्शन रूपपुर में भारतीय किसान मजदूर जनसेवा यूनियन ने उठाई किसानों की आवाज, प्रशासन ने सर्वे और कार्रवाई का दिया भरोसा चतुरानन,, पंकज पाण्डेय अटरिया/सीतापुर। अटरिया थाना क्षेत्र में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से तराई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। नदी का पानी खेतों में भरने से किसानों की धान समेत कई फसलें बर्बाद हो गई हैं। फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान मजदूर जनसेवा यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने रूपपुर गांव में धरना देकर प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखीं। किसानों का कहना है कि गोमती नदी का पानी खेतों में घुसने से तैयार होती फसलें बर्बाद हो गई हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने राजस्व विभाग से प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने तथा नियमानुसार मुआवजा और राहत दिलाने की मांग की। धरने की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार मोहित कुमार और थानाध्यक्ष लाल बहादुर मिश्रा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद नायब तहसीलदार मोहित कुमार ने खानीपुर, रूपपुर और भेड़िया गांवों का दौरा कर बाढ़ की स्थिति और फसलों को हुए नुकसान का मौके पर जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी और नुकसान के आकलन के बाद नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि बाढ़ से प्रभावित सभी गांवों में राजस्व टीम भेजकर निष्पक्ष सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान सामने आ सके और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
अटरिया,गोमती की बाढ़ से फसलें बर्बाद, मुआवजे को लेकर किसानों ने किया धरना प्रदर्शन अटरिया,गोमती की बाढ़ से फसलें बर्बाद, मुआवजे को लेकर किसानों ने किया धरना प्रदर्शन रूपपुर में भारतीय किसान मजदूर जनसेवा यूनियन ने उठाई किसानों की आवाज, प्रशासन ने सर्वे और कार्रवाई का दिया भरोसा चतुरानन,, पंकज पाण्डेय अटरिया/सीतापुर। अटरिया थाना क्षेत्र में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से तराई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। नदी का पानी खेतों में भरने से किसानों की धान समेत कई फसलें बर्बाद हो गई हैं। फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान मजदूर जनसेवा यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने रूपपुर गांव में धरना देकर प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखीं। किसानों का कहना है कि गोमती नदी का पानी खेतों में घुसने से तैयार होती फसलें बर्बाद हो गई हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने राजस्व विभाग से प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने तथा नियमानुसार मुआवजा और राहत दिलाने की मांग की। धरने की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार मोहित कुमार और थानाध्यक्ष लाल बहादुर मिश्रा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद नायब तहसीलदार मोहित कुमार ने खानीपुर, रूपपुर और भेड़िया गांवों का दौरा कर बाढ़ की स्थिति और फसलों को हुए नुकसान का मौके पर जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी और नुकसान के आकलन के बाद नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि बाढ़ से प्रभावित सभी गांवों में राजस्व टीम भेजकर निष्पक्ष सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान सामने आ सके और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
- बाढ़ के बीच लखनऊ पहुंचे सीएम योगी का बड़ा भरोसा: ‘संकट की घड़ी में सरकार हर नागरिक के साथ’ बाढ़ के बीच लखनऊ पहुंचे सीएम योगी का बड़ा भरोसा: ‘संकट की घड़ी में सरकार हर नागरिक के साथ’ इटौंजा-फैजुल्लागंज में बाढ़ प्रभावित परिवारों से किया संवाद, करीब 300 परिवारों को बांटी राहत सामग्री — फैजुल्लागंज से नैमिष तक तटबंध निर्माण के लिए सर्वे के निर्देश संवाददाता,, नरेश गुप्ता लखनऊ। गोमती नदी के बढ़ते जलस्तर से प्रभावित फैजुल्लागंज, बीकेटी और इटौंजा क्षेत्र का सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थलीय निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं जरूरतों की जानकारी ली। इस दौरान करीब 300 प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की इस घड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ अपने नागरिकों के साथ खड़ी है। प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आपदा की स्थिति में कोई भी परिवार खुद को अकेला न समझे, सरकार हर संभव सहायता के लिए उनके साथ है। स्वास्थ्य शिविर का भी किया निरीक्षण सीएम योगी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य पूरी तत्परता से जारी रहें और प्रत्येक प्रभावित परिवार तक राहत सामग्री, सूखा राशन, दवाएं तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं समय से पहुंचाई जाएं। उन्होंने प्रशासन को राहत कार्यों में संवेदनशीलता और तेजी के साथ काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। फैजुल्लागंज से नैमिष तक बनेगा तटबंध मुख्यमंत्री ने बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने फैजुल्लागंज से नैमिष तक नदी के तट का सर्वे कराकर तटबंध निर्माण की कार्ययोजना तैयार करने को कहा। साथ ही बरसात के पानी की निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि आने वाले समय में जलभराव और बाढ़ की समस्या को कम किया जा सके। सीएम योगी ने कहा कि सरकार तत्काल राहत पहुंचाने के साथ-साथ बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में भी ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री के दौरे से जहां प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिली, वहीं तटबंध निर्माण और जलनिकासी की व्यवस्था को लेकर भविष्य में बाढ़ से निजात की उम्मीद भी जगी है। इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, जिलाध्यक्ष विजय मौर्या, सीतापुर के एमएलसी पवन सिंह चौहान, विधायक योगेश शुक्ला, उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष अतुल मिश्रा, नगर पंचायत इटौंजा के चेयरमैन अवधेश अवस्थी सहित हजारों की संख्या में बाढ़ प्रभावित नागरिक और कार्यकर्ता मौजूद रहे।2
- BREAKING NEWSसपा राज के पांच साल, यूपी का हाल… याद है न? ▶️ 25,000 दंगे ▶️ रोजाना 136 चोरियां ▶️ हर दिन 13 हत्याएं और 33 अपहरण ▶️ रंगदारी के डर से पलायन करते लोग अखिलेश जी, दंगों की आग में प्रदेश को झोंकने वाली सपा को यूपी की जनता, इस बार भी याद रखेगी।1
- #सीतापुर: - गोड़ैचा चौकी पुलिस का दिखा मानवीय चेहरा महमूदाबाद तहसील के सदरपुर थाना क्षेत्र स्थित गोडेचा चौकी के अंतर्गत हेलेपारा में बाढ़ के पानी से रास्ते में गहरे गड्ढे हो गए हैं। इसी दौरान लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से रास्ता बाधित हो गया और जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही गोडेचा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने अपने जूते उतारकर पानी में उतरते हुए स्कूली बच्चों को सुरक्षित रास्ता पार कराया और बाधित मार्ग को खुलवाकर जाम को हटाया। 👉 यही है पुलिस का वह मानवीय चेहरा, जिस पर सवाल भी उठते हैं और लोगों की उम्मीदें भी जुड़ी रहती हैं। मौके पर पुलिस की तत्परता और बच्चों की मदद करने के इस प्रयास की सराहना हो रही है। 🙏 गोडेचा चौकी पुलिस को धन्यवाद। अब जरूरत है कि संबंधित अधिकारी इस जलभराव और क्षतिग्रस्त रास्ते का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द सड़क को दुरुस्त कराएं, ताकि स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो। #IndiaKiSoch #Sitapur #Mahmudabad #Sadarpur #Godecha #Police #Humanity #Flood #SitapurNews #महमूदाबाद_विधानसभा_151 #सीतापुर: - गोड़ैचा चौकी पुलिस का दिखा मानवीय चेहरा महमूदाबाद तहसील के सदरपुर थाना क्षेत्र स्थित गोडेचा चौकी के अंतर्गत हेलेपारा में बाढ़ के पानी से रास्ते में गहरे गड्ढे हो गए हैं। इसी दौरान लकड़ी से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से रास्ता बाधित हो गया और जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलते ही गोडेचा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने अपने जूते उतारकर पानी में उतरते हुए स्कूली बच्चों को सुरक्षित रास्ता पार कराया और बाधित मार्ग को खुलवाकर जाम को हटाया। 👉 यही है पुलिस का वह मानवीय चेहरा, जिस पर सवाल भी उठते हैं और लोगों की उम्मीदें भी जुड़ी रहती हैं। मौके पर पुलिस की तत्परता और बच्चों की मदद करने के इस प्रयास की सराहना हो रही है। 🙏 गोडेचा चौकी पुलिस को धन्यवाद। अब जरूरत है कि संबंधित अधिकारी इस जलभराव और क्षतिग्रस्त रास्ते का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द सड़क को दुरुस्त कराएं, ताकि स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी न हो। #IndiaKiSoch #Sitapur #Mahmudabad #Sadarpur #Godecha #Police #Humanity #Flood #SitapurNews #महमूदाबाद_विधानसभा_1514
- सीतापुर जिले के सदरपुर थाना इलाके के एक गांव में 10 वर्षीय बालक डूबा1
- निन्दूरा कल्याणी नदी के जल भराव होने से बनी किसानों की मुसीबत, 50 गांवों में धान की फसल बर्बाद बाराबंकी के निंदूरा और फतेहपुर तहसील क्षेत्र के निन्दूरा कल्याणी नदी का पानी किसानों के लिए मुसीबत बन गया है। थाना कुर्सी क्षेत्र समेत आसपास के करीब 50 गांवों में खेतों में लंबे समय से पानी भरा होने के कारण धान की तैयार होती फसल प्रभावित हुई है। किसानों का कहना है कि उन्होंने हजारों रुपये खर्च कर कड़ी मेहनत से धान की फसल तैयार की थी, लेकिन जलभराव के चलते फसल पानी में डूब गई। कई किसानों की पूरी फसल खराब होने की कगार पर है। इससे किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद एसडीएम फतेहपुर कार्तिक सिंह मौके पर पहुंचे और प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। एसडीएम ने किसानों और ग्रामीणों से बातचीत कर जलभराव और फसल नुकसान की जानकारी ली। खेतों में पानी भरा देखकर प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम कार्तिक सिंह ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि कल से कल्याणी नदी की सफाई का काम जेसीबी और पोकलैंड मशीनों के माध्यम से शुरू कराया जाएगा, जिससे पानी की निकासी बेहतर हो सके और किसानों को राहत मिल सके। और किसानों ने यह भी मांग की है कि नया पुल बनवाया जाए ताकि आने वाले समय में किसने की फसल नष्ट ना हो1
- आरोप है कि अमजद के घर से सरवर के घर तक कागजों में इंटरलॉकिंग कार्य दिखाया गया है, जबकि मौके पर करीब 20 वर्ष पुरानी आरसीसी सड़क ही मौजूद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त आरसीसी सड़क पूर्व जिला पंचायत सदस्य रहे उस्मान हुसैन के कार्यकाल में डलवाई गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि इसी स्थान पर इंटरलॉकिंग का भुगतान दर्शाया गया है तो जमीन पर नया कार्य कहां हुआ? इसके अलावा पंचायत क्षेत्र के बाजार में लाखों रुपये के पौधारोपण कार्य का भी दावा किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि कागजों में पौधारोपण दिखाया गया, लेकिन मौके पर पर्याप्त संख्या में पौधे दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पौधारोपण के नाम पर खर्च की गई धनराशि और कार्य की जांच कराने की मांग की है। मामले में ग्राम प्रधान सतीश गोस्वामी और ग्राम पंचायत सचिव ब्रजेश कुमार वर्मा से सवाल है कि इंटरलॉकिंग कार्य और पौधारोपण के नाम पर कितनी धनराशि स्वीकृत हुई, कितना भुगतान किया गया और मौके पर वास्तविक कार्य कितना हुआ? मांग करते हैं ग्रामवासी इसका जवाब कब दिया जाएगा, ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक-एक विकास कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पंचायत में खर्च हुई सरकारी धनराशि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। संबंधित अधिकारियों से अभिलेखों और मौके की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।1
- लखनऊ जाने के लिए घर से निकली युवती पुलिस कर रही तलाश लापता बाराबंकी के बड्डूपुर थाना क्षेत्र इटौंजा गांव से एक 26 वर्षीय युवती के लापता होने का मामला सामने जानकारी के अनुसार 3 अक्टूबर 2026 को युवती लखनऊ अपने भाई के पास जाने के लिए निकली थी देर रात जब वह ठिकाने नहीं पहुंची तो परिजनों ने युवती के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की नंबर बंद आने से परिजनों की चिंता बढ़ने लगी परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन युवती के बारे में कोई पता नहीं चल सका है परिजनों बड्डूपुर थाने पहुंचकर गुमशुदा की दर्ज कराई है थाना प्रभारी मनोज कुमार सोनकर ने बताया गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है पुलिस युवती की तलाश कर रही है1
- अटरिया,गोमती की बाढ़ से फसलें बर्बाद, मुआवजे को लेकर किसानों ने किया धरना प्रदर्शन अटरिया,गोमती की बाढ़ से फसलें बर्बाद, मुआवजे को लेकर किसानों ने किया धरना प्रदर्शन रूपपुर में भारतीय किसान मजदूर जनसेवा यूनियन ने उठाई किसानों की आवाज, प्रशासन ने सर्वे और कार्रवाई का दिया भरोसा चतुरानन,, पंकज पाण्डेय अटरिया/सीतापुर। अटरिया थाना क्षेत्र में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से तराई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। नदी का पानी खेतों में भरने से किसानों की धान समेत कई फसलें बर्बाद हो गई हैं। फसलों के नुकसान का मुआवजा दिलाए जाने की मांग को लेकर भारतीय किसान मजदूर जनसेवा यूनियन के नेतृत्व में किसानों ने रूपपुर गांव में धरना देकर प्रशासन के सामने अपनी समस्याएं रखीं। किसानों का कहना है कि गोमती नदी का पानी खेतों में घुसने से तैयार होती फसलें बर्बाद हो गई हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने राजस्व विभाग से प्रभावित खेतों का तत्काल सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने तथा नियमानुसार मुआवजा और राहत दिलाने की मांग की। धरने की सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार मोहित कुमार और थानाध्यक्ष लाल बहादुर मिश्रा मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याएं सुनीं और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद नायब तहसीलदार मोहित कुमार ने खानीपुर, रूपपुर और भेड़िया गांवों का दौरा कर बाढ़ की स्थिति और फसलों को हुए नुकसान का मौके पर जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति देखी और नुकसान के आकलन के बाद नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही। किसानों ने प्रशासन से मांग की कि बाढ़ से प्रभावित सभी गांवों में राजस्व टीम भेजकर निष्पक्ष सर्वे कराया जाए, ताकि वास्तविक नुकसान सामने आ सके और प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।1