आरोप है कि अमजद के घर से सरवर के घर तक कागजों में इंटरलॉकिंग कार्य दिखाया गया है, जबकि मौके पर करीब 20 वर्ष पुरानी आरसीसी सड़क ही मौजूद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त आरसीसी सड़क पूर्व जिला पंचायत सदस्य रहे उस्मान हुसैन के कार्यकाल में डलवाई गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि इसी स्थान पर इंटरलॉकिंग का भुगतान दर्शाया गया है तो जमीन पर नया कार्य कहां हुआ? इसके अलावा पंचायत क्षेत्र के बाजार में लाखों रुपये के पौधारोपण कार्य का भी दावा किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि कागजों में पौधारोपण दिखाया गया, लेकिन मौके पर पर्याप्त संख्या में पौधे दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पौधारोपण के नाम पर खर्च की गई धनराशि और कार्य की जांच कराने की मांग की है। मामले में ग्राम प्रधान सतीश गोस्वामी और ग्राम पंचायत सचिव ब्रजेश कुमार वर्मा से सवाल है कि इंटरलॉकिंग कार्य और पौधारोपण के नाम पर कितनी धनराशि स्वीकृत हुई, कितना भुगतान किया गया और मौके पर वास्तविक कार्य कितना हुआ? मांग करते हैं ग्रामवासी इसका जवाब कब दिया जाएगा, ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक-एक विकास कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पंचायत में खर्च हुई सरकारी धनराशि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। संबंधित अधिकारियों से अभिलेखों और मौके की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।
आरोप है कि अमजद के घर से सरवर के घर तक कागजों में इंटरलॉकिंग कार्य दिखाया गया है, जबकि मौके पर करीब 20 वर्ष पुरानी आरसीसी सड़क ही मौजूद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त आरसीसी सड़क पूर्व जिला पंचायत सदस्य रहे उस्मान हुसैन के कार्यकाल में डलवाई गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि इसी स्थान पर इंटरलॉकिंग का भुगतान दर्शाया गया है तो जमीन पर नया कार्य कहां हुआ? इसके अलावा पंचायत क्षेत्र के बाजार में लाखों रुपये के पौधारोपण कार्य का भी दावा किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि कागजों में पौधारोपण दिखाया गया, लेकिन मौके पर पर्याप्त संख्या में पौधे दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पौधारोपण के नाम पर खर्च की गई धनराशि और कार्य की जांच कराने की मांग की है। मामले में ग्राम प्रधान सतीश गोस्वामी और ग्राम पंचायत सचिव ब्रजेश कुमार वर्मा से सवाल है कि इंटरलॉकिंग कार्य और पौधारोपण के नाम पर कितनी धनराशि स्वीकृत हुई, कितना भुगतान किया गया और मौके पर वास्तविक कार्य कितना हुआ? मांग करते हैं ग्रामवासी इसका जवाब कब दिया जाएगा, ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक-एक विकास कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पंचायत में खर्च हुई सरकारी धनराशि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। संबंधित अधिकारियों से अभिलेखों और मौके की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।
- आरोप है कि अमजद के घर से सरवर के घर तक कागजों में इंटरलॉकिंग कार्य दिखाया गया है, जबकि मौके पर करीब 20 वर्ष पुरानी आरसीसी सड़क ही मौजूद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त आरसीसी सड़क पूर्व जिला पंचायत सदस्य रहे उस्मान हुसैन के कार्यकाल में डलवाई गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि इसी स्थान पर इंटरलॉकिंग का भुगतान दर्शाया गया है तो जमीन पर नया कार्य कहां हुआ? इसके अलावा पंचायत क्षेत्र के बाजार में लाखों रुपये के पौधारोपण कार्य का भी दावा किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि कागजों में पौधारोपण दिखाया गया, लेकिन मौके पर पर्याप्त संख्या में पौधे दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पौधारोपण के नाम पर खर्च की गई धनराशि और कार्य की जांच कराने की मांग की है। मामले में ग्राम प्रधान सतीश गोस्वामी और ग्राम पंचायत सचिव ब्रजेश कुमार वर्मा से सवाल है कि इंटरलॉकिंग कार्य और पौधारोपण के नाम पर कितनी धनराशि स्वीकृत हुई, कितना भुगतान किया गया और मौके पर वास्तविक कार्य कितना हुआ? मांग करते हैं ग्रामवासी इसका जवाब कब दिया जाएगा, ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक-एक विकास कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पंचायत में खर्च हुई सरकारी धनराशि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। संबंधित अधिकारियों से अभिलेखों और मौके की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।1
- RJD डॉ उर्मिला ठाकुर विधान परिषद सदस्य बिहार का वायरल वीडियो एक है गणेश लाजवाब यादव नाई समाज के ऊपर टारगेट करके गाना बनाया है1
- जिंन्दौर पंचायत में इंटरलॉकिंग और पौधारोपण कार्य पर सवाल, जांच की मांग* लखनऊ। विकासखंड मलिहाबाद की ग्राम पंचायत जिंदौर के मजरा तकिया में विकास कार्यों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अमजद के घर से सरवर के घर तक कागजों में इंटरलॉकिंग कार्य दिखाया गया है, जबकि मौके पर करीब 20 वर्ष पुरानी आरसीसी सड़क ही मौजूद है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त आरसीसी सड़क पूर्व जिला पंचायत सदस्य रहे उस्मान हुसैन के कार्यकाल में डलवाई गई थी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि इसी स्थान पर इंटरलॉकिंग का भुगतान दर्शाया गया है तो जमीन पर नया कार्य कहां हुआ? इसके अलावा पंचायत क्षेत्र के बाजार में लाखों रुपये के पौधारोपण कार्य का भी दावा किए जाने की बात सामने आई है। आरोप है कि कागजों में पौधारोपण दिखाया गया, लेकिन मौके पर पर्याप्त संख्या में पौधे दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों ने पौधारोपण के नाम पर खर्च की गई धनराशि और कार्य की जांच कराने की मांग की है। मामले में ग्राम प्रधान सतीश गोस्वामी और ग्राम पंचायत सचिव ब्रजेश कुमार वर्मा से सवाल है कि इंटरलॉकिंग कार्य और पौधारोपण के नाम पर कितनी धनराशि स्वीकृत हुई, कितना भुगतान किया गया और मौके पर वास्तविक कार्य कितना हुआ? मांग करते हैं ग्रामवासी इसका जवाब कब दिया जाएगा, ग्रामीणों का कहना है कि यदि एक-एक विकास कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो पंचायत में खर्च हुई सरकारी धनराशि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकती है। संबंधित अधिकारियों से अभिलेखों और मौके की जांच कर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है।1
- लखनऊ दौलतगंज-सज्जादगंज, थाना ठाकुरगंज क्षेत्र अंतर्गत अंबिया मस्जिद में नूरानी जलसे का आयोजन 4 अक्टूबर 2026 को 12 रबीउल अव्वल के मौके पर अंबिया मस्जिद में नूरानी जलसे का आयोजन किया गया। हर वर्ष की तरह इस बार भी जलसे में शहर के तमाम बड़े उलमा-ए-किराम और क्षेत्र की आवाम ने बड़ी संख्या में शिरकत की। जलसे में हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की शान में तकरीर, मिलाद, नात-ए-पाक और कुरआन-ए-पाक की तिलावत की गई। जलसे में मौलाना अब्दुल मन्नान साहब समेत तमाम उलमा-ए-किराम ने शिरकत की। वहीं मौलाना कपिल अशरफ साहब ने भी जलसे में शिरकत कर अपनी तकरीर के जरिए लोगों को पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ की शिक्षाओं पर चलने का संदेश दिया। अंबिया मस्जिद के मुतवल्ली डॉक्टर असलम व मोहम्मद अकरम तथा सहयोगियों मोहम्मद शादाब, मोहम्मद आमिर और मोहम्मद जमाल समेत मस्जिद से जुड़े तमाम लोगों ने मिलकर इस नूरानी जलसे का आयोजन किया। उलमा-ए-किराम ने देश में अमन-ओ-अमान, शांति, आपसी भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ की। साथ ही लोगों से हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा ﷺ की शिक्षाओं पर चलने तथा आपसी मोहब्बत, भाईचारा और इंसानियत को कायम रखने की अपील की। जलसे में नात-ए-पाक और कुरआन-ए-पाक की तिलावत के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की और नूरानी जलसा सकुशल संपन्न हुआ।1
- लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र के टेंडर पॉम हॉस्पिटल के करीब अवैध खनन का सिलसिला बदस्तूर जारी पुलिस के संरक्षण में खनन माफिया दिन दहाड़े करवा रहे अवैध खनन और सड़कों पर दौड़ रहीं मौत की गाड़ियां खनन माफियाओं का कहना कि इंस्पेक्टर सुशांत गोल्फ सिटी इंस्पेक्टर के कारखाना संदीप को दिया मोटा पैसा और पुलिस का प्राप्त है संरक्षण1
- लखनऊ व्यूरो रिपोर्ट यूपी मे करीब 7 दिन से बारिश नहीं हुई पूरे प्रदेश में मानसून की विदाई हो चुकी हे1
- कैसरबाग में अवैध हुक्का कैफे पर पुलिस की कार्रवाई, 14 अभियुक्त हिरासत में लखनऊ। थाना कैसरबाग पुलिस ने सिटी होटल के ऊपर संचालित कैफे टेल्स कैफे में अवैध रूप से हुक्का परोसे जाने की सूचना पर छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक 5 अक्टूबर को मुखबिर की सूचना पर टीम चतुर्थ तल स्थित कैफे पहुंची। मौके पर अलग-अलग टेबलों पर हुक्के रखे मिले और कई लोग हुक्का पीते पाए गए। पुलिस को देखते ही कैफे संचालन से जुड़े कुछ लोग पिछले रास्ते से फरार हो गए। पुलिस ने मौके से हुक्का पीने और परोसने वाले 42 लोगों को पकड़ा, जिनमें से 14 अभियुक्तों को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान 14 हुक्के, छह क्षतिग्रस्त हुक्के, छह भरी चिलम, 20 खाली चिलम, 10 पाइप और फ्लेवर के पैकेट बरामद किए गए। काउंटर से तीन मोबाइल फोन और 2420 रुपये भी पुलिस ने कब्जे में लिए। पूछताछ में शाहरूख अंसारी ने कैफे संचालक सैय्यद जिया अली उर्फ दाऊद, बिलाल और सारिक के नाम बताए, जो पुलिस के पहुंचने पर फरार हो गए। पुलिस के अनुसार हुक्का बार संचालन का कोई लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया जा सका। मामले में धारा 271, 223 बीएनएस तथा सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम की धारा 4/25 के तहत कार्रवाई की जा रही है।1
- लखनऊ: ये हाल है भाजपा नेताओं का...* *कार्यकर्ता चापलूसी करे तो नेता खुद को राजा से कम नहीं समझते और जनता विरोध कर दे तो धमकी और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं...* पीड़ितों की समस्या क्या समझेंगे विधायक योगेश शुक्ला, बस पार्षदों को सिख दें कमाई का बाकी जनता को खूब लूटिए...* राजधानी लखनऊ में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे बख्शी का तालाब के भाजपा विधायक योगेश शुक्ला, वहीं विरोध शुरू हुआ गया... फिर क्या था प्रतिनिधि और कार्यकर्ता ने जनता को मां-बहन की गालियां और मारने की धमकी दे डाली और विधायक योगेश शुक्ला खुश... विधायक योगेश शुक्ला अपने क्षेत्र में कितना काम किए हैं...? विधायक की चापलूसी करने वाले पार्षद जैसे शैलेन्द्र वर्मा आदि कितना क्षेत्रवासियों के लिए काम किया...? वार्डों में कितना पैसा कमाया और कितना लगाया, जनता पूछ बैठे सवाल तो विधायक जी भाग खड़े होंगे और पार्षद भी साथ छोड़ देंगे... इसबार चुनाव में विधायक जी को अच्छा सबक सिखाने वाली है जनता, काफी नाराज़ है और फायदा दिखा कर और झूठे दावों से जनता पर असर नहीं पड़ेने वाला... हारने के बाद शायद विधायक योगेश शुक्ला अपने कर्तव्य और जिम्मेदारी को समझ जाएं...1