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satna jile me bhayankar baadh. sb pani pani ho gya kya kre ab satna jile me badh ka mahol sb pani pani ho gya
Jeevendra singh
satna jile me bhayankar baadh. sb pani pani ho gya kya kre ab satna jile me badh ka mahol sb pani pani ho gya
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- satna jile me bhayankar baadh. sb pani pani ho gya kya kre ab satna jile me badh ka mahol sb pani pani ho gya1
- *परिक्रमा मार्ग के नाले पर जलभराव से हाहाकार: ₹20 देकर नाला पार करने को मजबूर श्रद्धालु, घर गिरने की कगार पर* चित्रकूट परिक्रमा मार्ग द्वितीय मुखारविंद (शनि मंदिर के पास) भयंकर जलभराव से तालाब बन गया है। श्रद्धालु ₹20 देकर 50 फीट का नाला पार करने को मजबूर हैं। नगर पंचायत की लापरवाही से 10 दिनों से घरों में पानी भरा है। पीड़ित भोला के मकान की दीवार टूटने की कगार पर है।1
- रामपुर बघेलान क्षेत्र में गोवंश का बहुत ही बुरा हाल है जो की सड़कों पर एक्सीडेंटल गोवंश हर एक किलोमीटर के अंतराल पर देखने को मिल रही है क्या एक्सीडेंटल गोवंश सड़क की शोभा बढ़ाने के लिए पड़ी रहती हैं या की नेताओं के द्वारा क्षेत्र का विकास किया जा रहा है अमृत को वश सड़कों पर पड़े रहते हैं क्या इसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन के द्वारा दे नहीं हो रही सतना जिले के अंदर सड़क सुरक्षा के ऊपर कोई सुनने वाला कोई बोलने वाला नहीं है1
- सतना में हाहाकार! 10 दिन में तीसरी बार डूबा बिरसिंहपुर, CMO पर फूटा जनता का गुस्सा | अधूरी नहर बनी काल सतना जिले के बिरसिंहपुर में 10 दिनों के अंदर तीसरी बार बाढ़ ने तबाही मचा दी है। अधूरी पड़ी नहरों का पानी शहर में घुस रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर प्रशासन ने बारिश से पहले कोई तैयारी नहीं की, और पहली-दूसरी बाढ़ के बाद भी कोई इंतजाम नहीं किया गया। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें भोजन के पैकेट तक नहीं मिल रहे हैं, जबकि कागजों में राशन वितरण दिखाया जा रहा है। इसी को लेकर आज नगर परिषद CMO के सामने लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और जमकर खरी-खोटी सुनाई। देखिए ग्राउंड रिपोर्ट... सतना में हाहाकार! 10 दिन में तीसरी बार डूबा बिरसिंहपुर, CMO पर फूटा जनता का गुस्सा | अधूरी नहर बनी काल सतना जिले के बिरसिंहपुर में 10 दिनों के अंदर तीसरी बार बाढ़ ने तबाही मचा दी है। अधूरी पड़ी नहरों का पानी शहर में घुस रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर प्रशासन ने बारिश से पहले कोई तैयारी नहीं की, और पहली-दूसरी बाढ़ के बाद भी कोई इंतजाम नहीं किया गया। पीड़ितों का कहना है कि उन्हें भोजन के पैकेट तक नहीं मिल रहे हैं, जबकि कागजों में राशन वितरण दिखाया जा रहा है। इसी को लेकर आज नगर परिषद CMO के सामने लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और जमकर खरी-खोटी सुनाई। देखिए ग्राउंड रिपोर्ट...1
- मोर्चा पार्टी ने रेल रोको आंदोलन किया सतना । भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने बिरौली रेलवे फाटक पर बन रहे ओवर ब्रिज के विलंब होने पर आक्रोश जताते हुए बिरौली ओवर ब्रिज के सम रेल रोको आंदोलन किया रेलवे पटरी पर जाने से पूर्व ही रॉक लिया गया । इ स मौके पर मोर्चा के पदाधिकारी ने नारेबाजी की साथ ही तहसीलदार को बुलाने की मांग की जिस पर तहसीलदार आंदोलन स्थल पर पहुंचे और उन्होंने आंदोलन कारी को आश्वासन दिया कि आंदोलन समाप्त कीजिए हम आपकी मांगे उचित रूप से पूरी करेंगे । आंदोलन का नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ एसके त्रिपाठी ने किया इस अवसर पर पार्टी के गंगा विश्वकर्मा जिला उपाध्यक्ष विष्णु सोनी नितिन मिश्रा संजीव शर्मा विष्णु गुप्ता रवि शंकर यादव दिलीप बुनकर मनोज सोनकर गंगा विश्वकर्मा अनूप सतनाहा शशांक यादव पंकज उपाध्याय सहित दर्जनों लोग शामिल रहे ।1
- बिरहुली रेलवे ब्रिज को लेकर भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने सौंपा ज्ञापन, रेलवे ने कहा—हमारी ओर से काम पूरा, PWD की ओर से विलंब सतना, 01 सितंबर 2026। बिरहुली ब्रिज एवं सेमरिया रोड क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही आवागमन की समस्या को लेकर भारतीय जन मोर्चा पार्टी के नेतृत्व में आज जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्रवासियों की समस्याओं के तत्काल समाधान की मांग की गई। पार्टी द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि बिरहुली रेलवे ब्रिज का निर्माण लंबे समय से अधूरा पड़ा है तथा रेलवे फाटक बंद होने के कारण क्षेत्र के ग्रामीणों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों, मरीजों एवं आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों को आवागमन के लिए अनावश्यक रूप से लंबा रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है। ज्ञापन सौंपने के दौरान रेलवे के अधिकारी से चर्चा में स्पष्ट किया गया कि रेलवे की ओर से ब्रिज से संबंधित कार्य पूरा किया जा चुका है। अधिकारी के अनुसार वर्तमान में विलंब PWD (लोक निर्माण विभाग) की ओर से होने के कारण ब्रिज का काम पूर्ण रूप से जनता के आवागमन के लिए शुरू नहीं हो पा रहा है। भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने मांग की कि रेलवे और PWD के बीच समन्वय कर जिम्मेदारी तय की जाए और जो भी कार्य शेष है उसे युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए। पार्टी की प्रमुख मांगें बिरहुली रेलवे ब्रिज का निर्माण तत्काल पूर्ण कराकर आम जनता के लिए खोला जाए। निर्माण पूरा होने तक रेलवे फाटक शीघ्र खोलने अथवा सुरक्षित वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था की जाए। निर्माण कार्य में हुई देरी एवं लापरवाही की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों/एजेंसी की जवाबदेही तय की जाए। प्रशासन द्वारा समयबद्ध कार्ययोजना जारी कर क्षेत्रवासियों को इसकी जानकारी दी जाए। रेलवे एवं PWD के बीच समन्वय स्थापित कर समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। पार्टी ने प्रशासन से मांग की कि यह मामला केवल एक सड़क या ब्रिज का नहीं, बल्कि हजारों लोगों के रोजमर्रा के आवागमन, समय, सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा विषय है। इसलिए इसे प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द समाधान कराया जाए। भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पार्टी क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आगे की लड़ाई लड़ेगी।1
- *💥 नगर परिषद कार्यालय के सामने ही बनी गौशाला, डभौरा के हर चौराहे पर गोवंश का जमावड़ा - अध्यक्ष और CMO बने मूक दर्शक 💥* *👉 गौशाला संचालन करने वाली संस्था नहीं संभाल रही गौशाला, सड़कों पर भटकने को मजबूर गौ माताएं* *👉 युवा नेता प्रमोद जायसवाल 'जग्गा' ने दी चेतावनी - 10 दिन में हालात नहीं सुधरे तो नगर परिषद के सामने होगा उग्र आंदोलन* *डभौरा, रीवा (म.प्र.):* नगर परिषद डभौरा की लापरवाही अब सड़कों पर साफ दिखाई दे रही है। शासन द्वारा आवारा गोवंश के लिए गौशाला बनाने और उनके संरक्षण के लिए लाखों रुपये दिए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। ताजा मामला नगर परिषद डभौरा का है, जहां की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है। इस तस्वीर में *"कार्यालय नगर परिषद डभौरा जिला रीवा (म.प्र.)"* के बोर्ड के ठीक सामने मुख्य सड़क पर 20 से 25 आवारा गायों का झुंड बैठा और घूमता हुआ नजर आ रहा है। इस तस्वीर ने नगर परिषद के गोवंश सुरक्षा के सारे दावों की पोल खोल दी है। *हर चौराहे पर गोवंश का कब्जा* यह हाल सिर्फ नगर परिषद कार्यालय के सामने का नहीं है। डभौरा के मुख्य बाजार, बस स्टैंड, हर चौराहे और गली-मोहल्ले में गोवंश का जमावड़ा लगा रहता है। दिन-रात गौ माताएं सड़कों पर भटकती हैं, कचरा खाती हैं और हादसों का शिकार होती हैं। कई बार बाइक सवार और राहगीर इनकी वजह से गिरकर घायल भी हो चुके हैं। *गौशाला संचालन करने वाली संस्था पर गंभीर आरोप* नगर के लोगों का आरोप है कि गौशाला के संचालन का ठेका जिस संस्था को दिया गया है, वह ईमानदारी से अपना काम नहीं कर रही है। गौशाला में गायों के लिए न तो चारे की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही देखरेख की। इसी कारण गोवंश को सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस संस्था के कामकाज की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। *अध्यक्ष और CMO बने मूक दर्शक* इतनी बड़ी लापरवाही के बावजूद *नगर परिषद अध्यक्ष और सीएमओ मूक दर्शक बने हुए हैं।* नागरिकों की शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कार्यालय के सामने ही गायों का जमावड़ा इस बात का सबूत है कि नगर परिषद कितनी गंभीर है। *युवा नेता प्रमोद जायसवाल 'जग्गा' ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी* नगर परिषद की इस लापरवाही को लेकर अब युवाओं में आक्रोश है। *क्षेत्र के सक्रिय युवा नेता प्रमोद जायसवाल 'जग्गा'* ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। *प्रमोद जायसवाल जग्गा ने कहा* - "गौ माता हमारी आस्था का प्रतीक हैं, उनका इस तरह सड़कों पर भटकना और कचरा खाना बेहद शर्मनाक है। नगर परिषद और गौशाला संचालित करने वाली संस्था सिर्फ कागजों में गौ सेवा कर रही है। अगर 10 दिन के अंदर सड़कों से गोवंश को हटाकर गौशाला में नहीं रखा गया और व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो हम समस्त युवा साथियों के साथ नगर परिषद कार्यालय के सामने उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।"_ उनकी इस चेतावनी के बाद अब नगर परिषद पर दबाव बढ़ गया है। देखना होगा कि 10 दिन में प्रशासन जागता है या फिर डभौरा को एक बड़े आंदोलन का सामना करना पड़ेगा।1
- लोकेशन रीवा। संजय गांधी समेत निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल, एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी। रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अब नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। संजय गांधी, सुपर स्पेशलिटी सहित जिले के शासकीय और निजी अस्पतालों की कथित अव्यवस्थाओं, लापरवाही और मनमानी के खिलाफ राज्यपाल के नाम आयुक्त रीवा संभाग को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारों पर FIR और कठोर कार्रवाई सहित स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो शांतिपूर्ण सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। ज्ञापन में संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले को गंभीरता से उठाते हुए ड्यूटी डॉक्टर, एनेस्थीसिया चिकित्सक और संबंधित स्टाफ की जिम्मेदारी तय करने तथा दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक, जांच और उपचार की फीस सार्वजनिक करने, अस्पतालों में CCTV अनिवार्य करने और फुटेज सुरक्षित रखने की मांग रखी गई है। ज्ञापन में एक्सपायरी दवाओं के उपयोग, लिफ्ट और वेंटिलेटर जैसी जरूरी व्यवस्थाओं में कथित लापरवाही तथा स्ट्रेचर सहित अन्य सेवाओं के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतों की नियमित निगरानी की मांग भी की गई। ज्ञापन सौंपने वालों ने साफ कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही तय होना जरूरी है। कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में FIR और निष्पक्ष जांच के साथ पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई है। अब प्रशासन के सामने सवाल है कि इन शिकायतों पर एक सप्ताह के भीतर क्या कार्रवाई होती है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो नागरिक और समाजसेवी आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दे चुके हैं।1