लोकेशन रीवा। संजय गांधी समेत निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल, एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी। रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अब नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। संजय गांधी, सुपर स्पेशलिटी सहित जिले के शासकीय और निजी अस्पतालों की कथित अव्यवस्थाओं, लापरवाही और मनमानी के खिलाफ राज्यपाल के नाम आयुक्त रीवा संभाग को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारों पर FIR और कठोर कार्रवाई सहित स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो शांतिपूर्ण सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। ज्ञापन में संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले को गंभीरता से उठाते हुए ड्यूटी डॉक्टर, एनेस्थीसिया चिकित्सक और संबंधित स्टाफ की जिम्मेदारी तय करने तथा दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक, जांच और उपचार की फीस सार्वजनिक करने, अस्पतालों में CCTV अनिवार्य करने और फुटेज सुरक्षित रखने की मांग रखी गई है। ज्ञापन में एक्सपायरी दवाओं के उपयोग, लिफ्ट और वेंटिलेटर जैसी जरूरी व्यवस्थाओं में कथित लापरवाही तथा स्ट्रेचर सहित अन्य सेवाओं के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतों की नियमित निगरानी की मांग भी की गई। ज्ञापन सौंपने वालों ने साफ कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही तय होना जरूरी है। कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में FIR और निष्पक्ष जांच के साथ पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई है। अब प्रशासन के सामने सवाल है कि इन शिकायतों पर एक सप्ताह के भीतर क्या कार्रवाई होती है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो नागरिक और समाजसेवी आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दे चुके हैं।
लोकेशन रीवा। संजय गांधी समेत निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल, एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी। रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अब नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। संजय गांधी, सुपर स्पेशलिटी सहित जिले के शासकीय और निजी अस्पतालों की कथित अव्यवस्थाओं, लापरवाही और मनमानी के खिलाफ राज्यपाल के नाम आयुक्त रीवा संभाग को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारों पर FIR और कठोर कार्रवाई सहित स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो शांतिपूर्ण सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। ज्ञापन में संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले को गंभीरता से उठाते हुए ड्यूटी डॉक्टर, एनेस्थीसिया चिकित्सक और संबंधित स्टाफ की जिम्मेदारी तय करने तथा दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक, जांच और उपचार की फीस सार्वजनिक करने, अस्पतालों में CCTV अनिवार्य करने और फुटेज सुरक्षित रखने की मांग रखी गई है। ज्ञापन में एक्सपायरी दवाओं के उपयोग, लिफ्ट और वेंटिलेटर जैसी जरूरी व्यवस्थाओं में कथित लापरवाही तथा स्ट्रेचर सहित अन्य सेवाओं के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतों की नियमित निगरानी की मांग भी की गई। ज्ञापन सौंपने वालों ने साफ कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही तय होना जरूरी है। कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में FIR और निष्पक्ष जांच के साथ पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई है। अब प्रशासन के सामने सवाल है कि इन शिकायतों पर एक सप्ताह के भीतर क्या कार्रवाई होती है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो नागरिक और समाजसेवी आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दे चुके हैं।
- *परिक्रमा मार्ग के नाले पर जलभराव से हाहाकार: ₹20 देकर नाला पार करने को मजबूर श्रद्धालु, घर गिरने की कगार पर* चित्रकूट परिक्रमा मार्ग द्वितीय मुखारविंद (शनि मंदिर के पास) भयंकर जलभराव से तालाब बन गया है। श्रद्धालु ₹20 देकर 50 फीट का नाला पार करने को मजबूर हैं। नगर पंचायत की लापरवाही से 10 दिनों से घरों में पानी भरा है। पीड़ित भोला के मकान की दीवार टूटने की कगार पर है।1
- satna jile me bhayankar baadh. sb pani pani ho gya kya kre ab satna jile me badh ka mahol sb pani pani ho gya1
- ✍️* रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️✍️ कंदवारी में दर्दनाक हादसा, बस की टक्कर से 62 वर्षीय रामबहोर गुप्ता की मौत* *मैहर जिले के कदवारी ग्राम बरहाई टोला में आज एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया।* बताया जा रहा है कि बस की टक्कर लगने से 62 वर्षीय रामबहोर गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें संजय गांधी हॉस्पिटल रीवा लेकर आए जहां पर उनकी मृत्यु हो गई। बस का नंबर MP17P1125 हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। जिसके बाद 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी गई जहां पर अभी तक कोई भी पुलिस द्वारा बस चालक पर कार्यवाही नहीं की गई हैं। हादसा किस वजह से हुआ और बस चालक की भूमिका क्या रही, इसकी जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। ✍️* रीवा संभाग ब्यरो चीफ रिप्पू पाण्डेय ✍️✍️ कंदवारी में दर्दनाक हादसा, बस की टक्कर से 62 वर्षीय रामबहोर गुप्ता की मौत* *मैहर जिले के कदवारी ग्राम बरहाई टोला में आज एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया।* बताया जा रहा है कि बस की टक्कर लगने से 62 वर्षीय रामबहोर गुप्ता गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसके बाद उन्हें संजय गांधी हॉस्पिटल रीवा लेकर आए जहां पर उनकी मृत्यु हो गई। बस का नंबर MP17P1125 हैं। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। जिसके बाद 112 डायल कर पुलिस को सूचना दी गई जहां पर अभी तक कोई भी पुलिस द्वारा बस चालक पर कार्यवाही नहीं की गई हैं। हादसा किस वजह से हुआ और बस चालक की भूमिका क्या रही, इसकी जानकारी पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।1
- ग्राम बरा पैपखार 396 पोस्ट मनकहरी जिला रीवा मध्य प्रदेश तहसील हजूर ब्लॉक रायपुर कर्चुलियान निवासी आवास योजना नहीं मिला है गरीबों को1
- चित्रकूट ब्यूरो रिपोर्ट चित्रकूट में मंदाकिनी नदी फिर से उफान पर है जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है।1
- *जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने रैन बसेरा व बाढ़ प्रभावित मंदाकिनी नदी पुल का किया निरीक्षण* जनपद में भारी बारिश से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्यों में सतर्कता बरतने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह ने सीतापुर स्थित रैन बसेरा का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने रैन बसेरा में तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों को टोकन प्रणाली के माध्यम से भोजन, पेयजल एवं बेड उपलब्ध कराया जाए, जिससे राहत शिविर की व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहें और लाभार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने निर्देशित किया कि शिविर में उपलब्ध खाद्य सामग्री नियमानुसार बाढ़ प्रभावितों को उपलब्ध कराई जाए तथा उनकी आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। इसके उपरांत जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने बाढ़ से प्रभावित मंदाकिनी नदी पुल के मार्ग का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने एनएच बांदा के जूनियर इंजीनियर को निर्देशित किया कि मार्ग की सुरक्षा एवं स्थायित्व पर विशेष ध्यान देते हुए लगातार निगरानी की जाए, ताकि मार्ग पुनः क्षतिग्रस्त न हो। उन्होंने कहा कि यह शहर का प्रमुख मार्ग है, इसलिए आवागमन को सुरक्षित एवं सुचारु बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। एनएच बांदा के जेई द्वारा अवगत कराया गया कि क्षतिग्रस्त मार्ग का मरम्मत कार्य पूर्ण करा लिया गया है। वर्तमान में भारी वाहनों, विशेषकर ट्रकों के आवागमन पर प्रतिबंध है, जबकि अन्य वाहनों का आवागमन सुचारु रूप से संचालित हो रहा है।1
- चित्रकूट जिले के सरधुवा तिरहर क्षेत्र में जल तांडव जारी, बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन की नजर चित्रकूट जिले के तिरहर क्षेत्र में लगातार बढ़ रहे जलस्तर के चलते बाढ़ का कहर जारी है। मंदाकिनी, वाल्मीकि और गेडुवा नदियों के उफान पर होने से आसपास के कई गांवों में पानी घुसने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक एवं उप जिलाधिकारी राजापुर सहित प्रशासनिक अधिकारी लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। अधिकारियों द्वारा बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया जा रहा है। वहीं बाढ़ में फंसे लोगों को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों की मदद से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि बाढ़ के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचें और प्रशासन द्वारा बनाए गए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर सहयोग करें1
- लोकेशन रीवा। संजय गांधी समेत निजी अस्पतालों की व्यवस्थाओं पर सवाल, एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी। रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर अब नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। संजय गांधी, सुपर स्पेशलिटी सहित जिले के शासकीय और निजी अस्पतालों की कथित अव्यवस्थाओं, लापरवाही और मनमानी के खिलाफ राज्यपाल के नाम आयुक्त रीवा संभाग को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में प्रसूता और नवजात की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारों पर FIR और कठोर कार्रवाई सहित स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि एक सप्ताह में कार्रवाई नहीं हुई तो शांतिपूर्ण सत्याग्रह शुरू किया जाएगा। ज्ञापन में संजय गांधी अस्पताल में कल्पना मिश्रा और उनके नवजात की मौत के मामले को गंभीरता से उठाते हुए ड्यूटी डॉक्टर, एनेस्थीसिया चिकित्सक और संबंधित स्टाफ की जिम्मेदारी तय करने तथा दोषियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की गई है। इसके अलावा सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक, जांच और उपचार की फीस सार्वजनिक करने, अस्पतालों में CCTV अनिवार्य करने और फुटेज सुरक्षित रखने की मांग रखी गई है। ज्ञापन में एक्सपायरी दवाओं के उपयोग, लिफ्ट और वेंटिलेटर जैसी जरूरी व्यवस्थाओं में कथित लापरवाही तथा स्ट्रेचर सहित अन्य सेवाओं के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतों की नियमित निगरानी की मांग भी की गई। ज्ञापन सौंपने वालों ने साफ कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही तय होना जरूरी है। कल्पना मिश्रा की मौत के मामले में FIR और निष्पक्ष जांच के साथ पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग भी की गई है। अब प्रशासन के सामने सवाल है कि इन शिकायतों पर एक सप्ताह के भीतर क्या कार्रवाई होती है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो नागरिक और समाजसेवी आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी दे चुके हैं।1