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कराहल ब्लॉक के ग्राम भुरवाड़ा से एक मामला सामने आया है। शासकीय स्कूल में बच्चों की समय से पहले ही छुट्टी कर देना। बच्चों की शिक्षा में लापरवाही का मामला सामने आया है।
Rajendra Jatav
कराहल ब्लॉक के ग्राम भुरवाड़ा से एक मामला सामने आया है। शासकीय स्कूल में बच्चों की समय से पहले ही छुट्टी कर देना। बच्चों की शिक्षा में लापरवाही का मामला सामने आया है।
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- कराहल ब्लॉक के ग्राम भुरवाड़ा से एक मामला सामने आया है। शासकीय स्कूल में बच्चों की समय से पहले ही छुट्टी कर देना। बच्चों की शिक्षा में लापरवाही का मामला सामने आया है।1
- स्वास्थ्य शिविर में 153 छात्राओं सहित 158 लोगों की जांच किशनगंज कस्बे के तेजाजी डांडा स्थित राजकीय जनजाति कन्या उच्च माध्यमिक आवासीय विद्यालय में द हंस फाउंडेशन की मोबाइल मेडिकल यूनिट ने निशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता शिविर लगाया। इसमें 153 छात्राओं और 5 स्टाफकर्मियों सहित 158 लोगों की जांच की गई। शिविर में ब्लड ग्रुप, शुगर, टाइफाइड, कैल्शियम और बीपी सहित अन्य जांचें कर जरूरतमंदों को निशुल्क दवाइयां दी गईं। टीम ने छात्राओं को व्यक्तिगत स्वच्छता, पौष्टिक आहार और मौसमी बीमारियों से बचाव की जानकारी दी। प्रधानाचार्य रामपाल मीणा ने टीम का आभार जताया।1
- सबसे मस्त कॉमेडी वीडियो आपका पेट दुख न लग जाएगा हंस के 🫢😂1
- लोकेशन कराहल रिपोर्टर गणेश राठौर भ्रष्टाचार का महाविस्फोट: ग्राम पंचायत बुखारी में उद्घाटन से पहले ही खंडहर बना ₹37.50 लाख का पंचायत भवन, SDO, इंजीनियर, सरपंच और सचिव की चौकड़ी ने मिलकर किया बड़ा घोटाला! घटिया डसट में किया गया पूरी बिल्डिंग का निर्माण विकास के नाम पर सरकारी खजाने को किस तरह लूटा जाता है, इसका सबसे घिनौना। यदि प्रशासन ने अगले 48 घंटों के भीतर इन भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा नहीं कसा, तो ग्रामीण उग्र चक्काजाम, कलेक्ट्रेट का घेराव और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। विकास के नाम पर सरकारी खजाने को किस तरह लूटा जाता है, इसका सबसे घिनौना और जीता-जागता उदाहरण कराहल जनपद की ग्राम पंचायत बुखारी में देखने को मिला है। यहाँ जनता की गाढ़ी कमाई के ₹37,50,000 (37 लाख 50 हजार) पानी की तरह बहाकर बनाया गया पंचायत भवन अपने उद्घाटन से पहले ही खंडहर में तब्दील हो चुका है। इस महाघोटाले में किसी एक का नहीं, बल्कि SDO ग्रामीण यांत्रिकी सेवा,सब-इंजीनियर (उप-यंत्री), सरपंच और सचिव की पूरी चौकड़ी का नाम सामने आ रहा है, जिन्होंने पद का दुरुपयोग कर सरकारी राशि को आपस में बंदरबांट कर लिया। लोहे के भारी-भरकम गेट टूटे, तकनीकी नियमों की उड़ी धज्जियां जमीन पर इस तथाकथित "आधुनिक" भवन की हालत देखकर रूह कांप जाती है। धराशायी हुए लोहे के गेट: सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के भारी-भरकम गेट उद्घाटन की रिबन कटने से पहले ही टूटकर जमीन पर आ गिरे हैं। इससे साफ है कि बेहद रद्दी और घटिया दर्जे के लोहे व वेल्डिंग का इस्तेमाल किया गया था। मौत का साया बनी उल्टी-सीधी छत: इंजीनियर की देखरेख के दावों की पोल खोलते हुए भवन की छत पूरी तरह से टेढ़ी-मेढ़ी और असंतुलित ढाली गई है। यह छत किसी भी दिन भरभराकर गिर सकती है और एक बड़े हादसे का सबब बन सकती है। खंडहरनुमा कमरा और टूटी खिड़कियां: कमरों के दरवाजे-खिड़कियां अभी से टूट चुके हैं, प्लास्टर उखड़ रहा है और नई इमारत पहली ही नजर में किसी सालों पुरानी लावारिस हवेली जैसी दिखाई दे रही है। SDO से लेकर सरपंच तक... सबने मिलकर काटा मलाई का हिस्सा! ग्रामीणों का आक्रोश अब सातवें आसमान पर है। स्थानीय जनता का सीधा आरोप है कि इस ₹37.50 लाख के प्रोजेक्ट में तकनीकी स्वीकृति देने वाले SDO, काम की निगरानी करने वाले सब-इंजीनियर, और निर्माण एजेंसी के रूप में काम कर रहे सरपंच व सचिव ने मिलकर एक संगठित सिंडिकेट चलाया है। कागजों पर निर्माण को "नंबर वन" दिखाकर राशि का आहरण (विड्रॉल) तो कर लिया गया, लेकिन धरातल पर सिर्फ एक जर्जर ढांचा खड़ा किया गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब काम इतना घटिया हो रहा था, तब SDO और इंजीनियर ने इसकी जांच क्यों नहीं की? क्या उनकी खामोशी के पीछे मलाई का बड़ा हिस्सा था? दोषियों को जेल भेजो, वरना ठप होगा पूरा क्षेत्र! इस खुली डकैती के विरोध में बुखारी के ग्रामीणों ने लामबंद होना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने साफ शब्दों में जिला कलेक्टर और राज्य शासन को चेतावनी दी है: . इस पूरे निर्माण कार्य का तत्काल स्पेशल ऑडिट और टेक्निकल वेरिफिकेशन कराया जाए। जनता का पैसा डकारने वाले SDO, इंजीनियर, सरपंच और सचिव के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए। दोषियों की निजी संपत्ति कुर्क करके इस सरकारी पैसे की वसूली की जाए। यदि प्रशासन ने अगले 48 घंटों के भीतर इन भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा नहीं कसा, तो ग्रामीण उग्र चक्काजाम, कलेक्ट्रेट का घेराव और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- 02 नवंबर को भोपाल चलो मुखमंत्री आवास घेराव सागर में OBC ,SC ST मुस्लिम वर्ग बहुजन का जनसैलाब 52% जनसंख्या वाले OBC वर्ग को 27% आरक्षण की मांग पर तीसहजारों लोग सड़कों पर उतरे पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा एवं ओबीसी महासभा के तत्वाधान में, सागर में पिछड़ा वर्ग एकता का बहुत ही अनोखा दृश्य देखने मिला है। यह दृश्य ओबीसी महासभा एवं सागर संयुक्त मोर्चा पिछड़ा वर्ग के द्वारा लगातार की गई मेहनत के परिणाम स्वरुप आया है ओबीसी आरक्षण लागू करो के नारों के साथ पैदल मार्च में obc जातियों के जिला अध्यक्ष एवं उनके प्रतिनिधि जैसे रजक,नामदेव,माली,सोनी,ताम्रकार, चौरसिया, धाकड़, गुर्जर,प्रजापति, घोसी, सेन, रावत, लोधी यादव कुर्मी कुशवाहा एवं ST और SC के सामाजिक संगठन एवं प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर एक सुर में 27% आरक्षण को मध्य प्रदेश की सरकार नौवीं अनुसूची में डालकर केंद्र को भेज कर कानून बनाए और obc आरक्षण दें,rss बीजेपी की मोहन यादव की सरकार और पिछला वर्ग को गुमराह करना बंद करें, कोर्ट कोर्ट खेलना बंद करें। बीजेपी सरकार को कानून लाना चाहिए जैसा कि अन्य प्रदेशों में 50 परसेंट से आरक्षण लागू करने के लिए 9वी अनुसूची में डालने के लिए सरकारी प्रस्ताव भेजते हैं और केंद्र उसको पास करता है इसके बाद कोर्ट द्वारा कोई स्टे नहीं लगाया जाता एक बात और कहना चाहता हूं सागर में जो आंदोलन हुआ है इसमें सरपंच जनपद पंचायत सदस्य जिला पंचायत सदस्य पार्षद सभी समाजों के जन्म प्रतिनिधि एवं नेतृत्व करता सिर्फ थे अगर यह लोग एक आवाज लगा दे तो मुझे लगता है सागर में जगह नहीं बनेगी पिछड़ा वर्ग इतना निकाल के आ सकता है कि कल मैं खुद देखा एक-एक व्यक्ति 1000 से लेकर 10 हजार लोगों को लाने की ताकत रखता है और ऐसे लोग आंदोलन में हजारों थे चाहे वह चौरसिया समाज के हो या फिर प्रजापति समाज लोधी यादव कुर्मी कुशवाहा समाज के या फिर सेन सोनी माली घोसी ताम्रकार रैकवार रजक विश्वकर्मा समाज के पिछड़ा वर्ग की सभी जातियों के बहुत बड़े नेता उपस्थित थे और इस रणनीति में जिन लोगों ने भी काम किया है इसके पीछे उन लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा ओबीसी महासभा ने तय किया है कि विधानसभा स्तर पर विधायकों को घेरा जाएगा। CM Madhya Pradesh जी ओबीसी आरक्षण लागू करों नहीं तो हर जिले में इस प्रकार के आंदोलन देखने मिलेंगे और भोपाल की धरती पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू होगा जिसके माध्यम से रेल रोको और हाईवे रोको अभियान शुरू किया जाएगा हम पीछे हटने वाले नहीं हैं जब तक कि हमें संख्या के अनुपात में ओबीसी आरक्षण नहीं मिल जाता इस आंदोलन में ओबीसी आरक्षण के साथ-साथ जनगणना में जाति का कलम होना चाहिए जैसा ऐसी और एसटी भाइयों का है इस आंदोलन के सभी सूत्र धारकों को जो आंदोलन के पीछे बैठे हुए हैं उनको मैं बहुत-बहुत धन्यवाद परीक्षित करता हूं, इस आंदोलन की रणनीति बनाने वालों को धन्यवाद परीक्षित करता हूं हम सागर गए इतना मान सम्मान सत्कार किया उसके लिए भी मैं ओबीसी महासभा की तरफ से आपको धन्यवाद प्रेषित करता हूं आंदोलन में पहुंचे युवा छात्र बुद्धिजीवी कर्मचारी पुलिस पत्रकार प्रशासन पिछला वर्ग के नेताओं को धन्यवाद प्रेषित करता आप सभी को जय ओबीसी जय संविधान जय जवान जय किसान जय भारत अगर जल्द आरक्षण लागू नहीं हुआ ओबीसी का तो दिल्ली दूर नहीं है याद रखना बुंदेलखंड की धरती से यह उबाल शुरू हो रहा है अंग्रेजों के खिलाफ ही आंदोलन यहीं से शुरू किया गया था तो तैयार रहिए2
- बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी ने पुलिस से कहा सब एक समान है / जय भीम जय संविधान जय किसान जय भारत जय1
- दीपावली से पहले शिवपुरी के बाजारों में ट्रैफिक पुलिस एक्शन मोड में नजर आई।1
- शाहाबाद के 15 वार्डों में कल होगा मतदान, 75 बूथ तैयार किए शाहाबाद पंचायत समिति क्षेत्र के 15 वार्डों में पंचायत समिति सदस्य चुनने के लिए 3 नवंबर को तीसरे चरण का मतदान होगा। रविवार शाम 6 बजे चुनाव प्रचार थम गया। अब रैली, सभा और डीजे के जरिए प्रचार पर रोक रहेगी, जबकि प्रत्याशी घर-घर जाकर जनसंपर्क कर सकेंगे। मतदान ईवीएम से कराया जाएगा। इसके लिए क्षेत्र में 75 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। मतदान सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। प्रशासन ने चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली हैं।1