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बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी ने पुलिस से कहा सब एक समान है / जय भीम जय संविधान जय किसान जय भारत जय
सिंगर हनुमान भारती
बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी ने पुलिस से कहा सब एक समान है / जय भीम जय संविधान जय किसान जय भारत जय
More news from राजस्थान and nearby areas
- बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी ने पुलिस से कहा सब एक समान है / जय भीम जय संविधान जय किसान जय भारत जय1
- सबसे मस्त कॉमेडी वीडियो आपका पेट दुख न लग जाएगा हंस के 🫢😂1
- लोकेशन कराहल रिपोर्टर गणेश राठौर भ्रष्टाचार का महाविस्फोट: ग्राम पंचायत बुखारी में उद्घाटन से पहले ही खंडहर बना ₹37.50 लाख का पंचायत भवन, SDO, इंजीनियर, सरपंच और सचिव की चौकड़ी ने मिलकर किया बड़ा घोटाला! घटिया डसट में किया गया पूरी बिल्डिंग का निर्माण विकास के नाम पर सरकारी खजाने को किस तरह लूटा जाता है, इसका सबसे घिनौना। यदि प्रशासन ने अगले 48 घंटों के भीतर इन भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा नहीं कसा, तो ग्रामीण उग्र चक्काजाम, कलेक्ट्रेट का घेराव और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। विकास के नाम पर सरकारी खजाने को किस तरह लूटा जाता है, इसका सबसे घिनौना और जीता-जागता उदाहरण कराहल जनपद की ग्राम पंचायत बुखारी में देखने को मिला है। यहाँ जनता की गाढ़ी कमाई के ₹37,50,000 (37 लाख 50 हजार) पानी की तरह बहाकर बनाया गया पंचायत भवन अपने उद्घाटन से पहले ही खंडहर में तब्दील हो चुका है। इस महाघोटाले में किसी एक का नहीं, बल्कि SDO ग्रामीण यांत्रिकी सेवा,सब-इंजीनियर (उप-यंत्री), सरपंच और सचिव की पूरी चौकड़ी का नाम सामने आ रहा है, जिन्होंने पद का दुरुपयोग कर सरकारी राशि को आपस में बंदरबांट कर लिया। लोहे के भारी-भरकम गेट टूटे, तकनीकी नियमों की उड़ी धज्जियां जमीन पर इस तथाकथित "आधुनिक" भवन की हालत देखकर रूह कांप जाती है। धराशायी हुए लोहे के गेट: सुरक्षा के लिए लगाए गए लोहे के भारी-भरकम गेट उद्घाटन की रिबन कटने से पहले ही टूटकर जमीन पर आ गिरे हैं। इससे साफ है कि बेहद रद्दी और घटिया दर्जे के लोहे व वेल्डिंग का इस्तेमाल किया गया था। मौत का साया बनी उल्टी-सीधी छत: इंजीनियर की देखरेख के दावों की पोल खोलते हुए भवन की छत पूरी तरह से टेढ़ी-मेढ़ी और असंतुलित ढाली गई है। यह छत किसी भी दिन भरभराकर गिर सकती है और एक बड़े हादसे का सबब बन सकती है। खंडहरनुमा कमरा और टूटी खिड़कियां: कमरों के दरवाजे-खिड़कियां अभी से टूट चुके हैं, प्लास्टर उखड़ रहा है और नई इमारत पहली ही नजर में किसी सालों पुरानी लावारिस हवेली जैसी दिखाई दे रही है। SDO से लेकर सरपंच तक... सबने मिलकर काटा मलाई का हिस्सा! ग्रामीणों का आक्रोश अब सातवें आसमान पर है। स्थानीय जनता का सीधा आरोप है कि इस ₹37.50 लाख के प्रोजेक्ट में तकनीकी स्वीकृति देने वाले SDO, काम की निगरानी करने वाले सब-इंजीनियर, और निर्माण एजेंसी के रूप में काम कर रहे सरपंच व सचिव ने मिलकर एक संगठित सिंडिकेट चलाया है। कागजों पर निर्माण को "नंबर वन" दिखाकर राशि का आहरण (विड्रॉल) तो कर लिया गया, लेकिन धरातल पर सिर्फ एक जर्जर ढांचा खड़ा किया गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब काम इतना घटिया हो रहा था, तब SDO और इंजीनियर ने इसकी जांच क्यों नहीं की? क्या उनकी खामोशी के पीछे मलाई का बड़ा हिस्सा था? दोषियों को जेल भेजो, वरना ठप होगा पूरा क्षेत्र! इस खुली डकैती के विरोध में बुखारी के ग्रामीणों ने लामबंद होना शुरू कर दिया है। क्षेत्र के युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने साफ शब्दों में जिला कलेक्टर और राज्य शासन को चेतावनी दी है: . इस पूरे निर्माण कार्य का तत्काल स्पेशल ऑडिट और टेक्निकल वेरिफिकेशन कराया जाए। जनता का पैसा डकारने वाले SDO, इंजीनियर, सरपंच और सचिव के खिलाफ तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए। दोषियों की निजी संपत्ति कुर्क करके इस सरकारी पैसे की वसूली की जाए। यदि प्रशासन ने अगले 48 घंटों के भीतर इन भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा नहीं कसा, तो ग्रामीण उग्र चक्काजाम, कलेक्ट्रेट का घेराव और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।1
- 02 नवंबर को भोपाल चलो मुखमंत्री आवास घेराव सागर में OBC ,SC ST मुस्लिम वर्ग बहुजन का जनसैलाब 52% जनसंख्या वाले OBC वर्ग को 27% आरक्षण की मांग पर तीसहजारों लोग सड़कों पर उतरे पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा एवं ओबीसी महासभा के तत्वाधान में, सागर में पिछड़ा वर्ग एकता का बहुत ही अनोखा दृश्य देखने मिला है। यह दृश्य ओबीसी महासभा एवं सागर संयुक्त मोर्चा पिछड़ा वर्ग के द्वारा लगातार की गई मेहनत के परिणाम स्वरुप आया है ओबीसी आरक्षण लागू करो के नारों के साथ पैदल मार्च में obc जातियों के जिला अध्यक्ष एवं उनके प्रतिनिधि जैसे रजक,नामदेव,माली,सोनी,ताम्रकार, चौरसिया, धाकड़, गुर्जर,प्रजापति, घोसी, सेन, रावत, लोधी यादव कुर्मी कुशवाहा एवं ST और SC के सामाजिक संगठन एवं प्रतिनिधियों ने उपस्थित होकर एक सुर में 27% आरक्षण को मध्य प्रदेश की सरकार नौवीं अनुसूची में डालकर केंद्र को भेज कर कानून बनाए और obc आरक्षण दें,rss बीजेपी की मोहन यादव की सरकार और पिछला वर्ग को गुमराह करना बंद करें, कोर्ट कोर्ट खेलना बंद करें। बीजेपी सरकार को कानून लाना चाहिए जैसा कि अन्य प्रदेशों में 50 परसेंट से आरक्षण लागू करने के लिए 9वी अनुसूची में डालने के लिए सरकारी प्रस्ताव भेजते हैं और केंद्र उसको पास करता है इसके बाद कोर्ट द्वारा कोई स्टे नहीं लगाया जाता एक बात और कहना चाहता हूं सागर में जो आंदोलन हुआ है इसमें सरपंच जनपद पंचायत सदस्य जिला पंचायत सदस्य पार्षद सभी समाजों के जन्म प्रतिनिधि एवं नेतृत्व करता सिर्फ थे अगर यह लोग एक आवाज लगा दे तो मुझे लगता है सागर में जगह नहीं बनेगी पिछड़ा वर्ग इतना निकाल के आ सकता है कि कल मैं खुद देखा एक-एक व्यक्ति 1000 से लेकर 10 हजार लोगों को लाने की ताकत रखता है और ऐसे लोग आंदोलन में हजारों थे चाहे वह चौरसिया समाज के हो या फिर प्रजापति समाज लोधी यादव कुर्मी कुशवाहा समाज के या फिर सेन सोनी माली घोसी ताम्रकार रैकवार रजक विश्वकर्मा समाज के पिछड़ा वर्ग की सभी जातियों के बहुत बड़े नेता उपस्थित थे और इस रणनीति में जिन लोगों ने भी काम किया है इसके पीछे उन लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद पिछड़ा वर्ग संयुक्त मोर्चा ओबीसी महासभा ने तय किया है कि विधानसभा स्तर पर विधायकों को घेरा जाएगा। CM Madhya Pradesh जी ओबीसी आरक्षण लागू करों नहीं तो हर जिले में इस प्रकार के आंदोलन देखने मिलेंगे और भोपाल की धरती पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू होगा जिसके माध्यम से रेल रोको और हाईवे रोको अभियान शुरू किया जाएगा हम पीछे हटने वाले नहीं हैं जब तक कि हमें संख्या के अनुपात में ओबीसी आरक्षण नहीं मिल जाता इस आंदोलन में ओबीसी आरक्षण के साथ-साथ जनगणना में जाति का कलम होना चाहिए जैसा ऐसी और एसटी भाइयों का है इस आंदोलन के सभी सूत्र धारकों को जो आंदोलन के पीछे बैठे हुए हैं उनको मैं बहुत-बहुत धन्यवाद परीक्षित करता हूं, इस आंदोलन की रणनीति बनाने वालों को धन्यवाद परीक्षित करता हूं हम सागर गए इतना मान सम्मान सत्कार किया उसके लिए भी मैं ओबीसी महासभा की तरफ से आपको धन्यवाद प्रेषित करता हूं आंदोलन में पहुंचे युवा छात्र बुद्धिजीवी कर्मचारी पुलिस पत्रकार प्रशासन पिछला वर्ग के नेताओं को धन्यवाद प्रेषित करता आप सभी को जय ओबीसी जय संविधान जय जवान जय किसान जय भारत अगर जल्द आरक्षण लागू नहीं हुआ ओबीसी का तो दिल्ली दूर नहीं है याद रखना बुंदेलखंड की धरती से यह उबाल शुरू हो रहा है अंग्रेजों के खिलाफ ही आंदोलन यहीं से शुरू किया गया था तो तैयार रहिए2
- खबर का असर: समाचार प्रकाशित होते ही हरकत में आया विभाग, टूटी जाली की मरम्मत का काम शुरू सारसोप। चौथ का बरवाड़ा-सवाई माधोपुर मार्ग पर डिडायच गांव में मुख्य मार्ग की टूटी नाली की जाली को लेकर प्रकाशित खबर का असर देखने को मिला है। समाचार प्रकाशित होने के बाद संबंधित विभाग हरकत में आया और मौके पर टूटी हुई जाली की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया। टूटी जाली के कारण आए दिन वाहन चालकों और राहगीरों को हादसे का खतरा बना हुआ था। विशेषकर रात के समय अंधेरे में क्षतिग्रस्त जाली दिखाई नहीं देने से दुर्घटना की आशंका रहती थी। ग्रामीणों ने समस्या को प्रमुखता से उठाया था। खबर प्रकाशित होने के बाद विभाग ने सुध लेते हुए मरम्मत कार्य शुरू करवाया। इससे ग्रामीणों और वाहन चालकों को राहत मिली है। ग्रामीणों ने समस्या को समाचार के माध्यम से उठाने और त्वरित कार्रवाई होने पर आभार जताया।1
- पंचायती राज चुनाव को लेकर तैयारियां पूरी, कल होगा मतदान1
- साइबर ठगी के मामले में वांटेड स्थायी वारंटी सांवरिया उर्फ़ सनम गिरफ्तार, सवाई माधोपुर। जिला पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक सुश्री ज्येष्ठा मैत्रेयी के निर्देशन में चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत मानटाउन थाना पुलिस ने एक शातिर स्थायी वारंटी सांवरिया उर्फ़ सनम पिता बाबूलाल को गिरफ्तार किया है,पुलिस के अनुसार यह आरोपी लम्बे समय से फरार चल रहा था,इसके खिलाफ साइबर ठगी (एफ.आई.आर. नंबर 138/2026) के मामले में माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सवाई माधोपुर से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था,इसके अलावा एक अन्य प्रकरण में भी सरकार बनाम शिवराज वगेरा (प्रकरण संख्या 1261/25) में इसे फरार घोषित किया गया था।पुलिस टीम ने इसे घुड़ासी मोड़ पर स्थित एक मेडिकल दुकान के सामने से धर दबोचा।1
- सड़क निर्माण में नियमों और तकनीकी मानकों को ताक पर रखकर ऐसा खेल खेला गया जिसे देखकर हर कोई हैरान है। ठेकेदार और पंचायत के ज़िम्मेदार कारिंदों ने पुरानी जर्जर सीसी रोड को उखाड़ने या उसकी मरम्मत करने की ज़हमत तक नहीं उठाई। अधिकारियों की मिलीभगत से पुरानी सड़क के ऊपर ही सीमेंट-कंक्रीट की एक पतली परत (लीपापोती) बिछा दी गई। तकनीकी रूप से यह पूरी तरह गलत है, जिसका नतीजा यह हुआ कि चंद महीनों की आवाजाही और पहली बारिश भी यह सड़क झेल नहीं सकी और जगह-जगह से उखड़कर मलबे में तब्दील हो गई। जनता के टैक्स के पैसे पर डाका एक साल के भीतर सड़क का इस कदर टूट जाना साफ तौर पर निर्माण में इस्तेमाल की गई घटिया सामग्री और वित्तीय अनियमितता की गवाही दे रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़क के नाम पर जारी किए गए बजट का एक बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। घटिया निर्माण के कारण अब राहगीरों और स्थानीय निवासियों का यहां से गुजरना दूभर हो गया है, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। जांच और रिकवरी की उठ रही मांग इस खुली लूट को लेकर अब ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच (Quality Audit) कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने और भ्रष्टाचार की रकम की रिकवरी करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस खुले भ्रष्टाचार पर क्या कड़ा एक्शन लेता है, या फिर फाइलों में इस घोटाले को दबा दिया जाता है। ग्रामीण विकास के नाम पर सरकारी धन की बंदरबांट और तकनीकी लापरवाही का एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत बुखारी के चक मजीदपुर गांव में राम सिंह जाट के घर से लेकर मेन रोड तक बनाई गई सीसी रोड भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। आधी सीसी रोड खाली जगह पर बनाई गई बाकी पुरानी सीसी रोड के ऊपर सीसी रोड डाल दी गई न तो पुरानी सीसी रोड को उखाड़ा गया न ही w बी एम रोड डाली गई निर्माण कार्य पूरा होने के महज एक वर्ष के भीतर ही 10 लाख 50 हजार रुपए के दावों वाली यह चमचमाती सड़क पूरी तरह धराशाई हो गई है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इंजीनियरिंग का अनोखा घोटाला: पुरानी सड़क के ऊपर बिछा दी नई सीसी सड़क निर्माण में नियमों और तकनीकी मानकों को ताक पर रखकर ऐसा खेल खेला गया जिसे देखकर हर कोई हैरान है। ठेकेदार और पंचायत के ज़िम्मेदार कारिंदों ने पुरानी जर्जर सीसी रोड को उखाड़ने या उसकी मरम्मत करने की ज़हमत तक नहीं उठाई। अधिकारियों की मिलीभगत से पुरानी सड़क के ऊपर ही सीमेंट-कंक्रीट की एक पतली परत (लीपापोती) बिछा दी गई। तकनीकी रूप से यह पूरी तरह गलत है, जिसका नतीजा यह हुआ कि चंद महीनों की आवाजाही और पहली बारिश भी यह सड़क झेल नहीं सकी और जगह-जगह से उखड़कर मलबे में तब्दील हो गई। जनता के टैक्स के पैसे पर डाका एक साल के भीतर सड़क का इस कदर टूट जाना साफ तौर पर निर्माण में इस्तेमाल की गई घटिया सामग्री और वित्तीय अनियमितता की गवाही दे रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़क के नाम पर जारी किए गए बजट का एक बड़ा हिस्सा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है। घटिया निर्माण के कारण अब राहगीरों और स्थानीय निवासियों का यहां से गुजरना दूभर हो गया है, जिससे आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है। जांच और रिकवरी की उठ रही मांग इस खुली लूट को लेकर अब ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। स्थानीय जनता ने प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच (Quality Audit) कराने, दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने और भ्रष्टाचार की रकम की रिकवरी करने की मांग की है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस खुले भ्रष्टाचार पर क्या कड़ा एक्शन लेता है, या फिर फाइलों में इस घोटाले को दबा दिया जाता है।1