जवाई बांध से नहर में अंतिम पानी की पाण छोड़े जाने पर किसानों में खुशी की लहर जवाई बांध से नहर में पानी छोड़े जाने पर किसानों में खुशी की लहर अंतिम पाण मिलने से खेतों में लौटी रौनक, किसान जुटे खेती कार्य में जवाई बांध से जवाई नहर में पानी छोड़े जाने के बाद क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह पानी किसानों के लिए इस सत्र का अंतिम पाण माना जा रहा है, जिसे लेकर किसानों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। नहर में पानी आते ही खेतों में चहल-पहल बढ़ गई है। किसान अपने-अपने खेतों में जुताई, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों में जुटे हुए दिखाई दे रहे हैं। लंबे समय से पानी की प्रतीक्षा कर रहे किसानों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ झलक रहा है। किसानों का कहना है कि यह अंतिम पाण फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे पैदावार को मजबूती मिलेगी और नुकसान की आशंका कम होगी। पानी की उपलब्धता से क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा। जवाई नहर में पानी छोड़े जाने से न केवल खेतों में हरियाली लौटने की उम्मीद जगी है, बल्कि किसानों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब किसान इस पानी का अधिकतम और संतुलित उपयोग कर फसलों को बेहतर बनाने में जुटे हुए हैं।
जवाई बांध से नहर में अंतिम पानी की पाण छोड़े जाने पर किसानों में खुशी की लहर जवाई बांध से नहर में पानी छोड़े जाने पर किसानों में खुशी की लहर अंतिम पाण मिलने से खेतों में लौटी रौनक, किसान जुटे खेती कार्य में जवाई बांध से जवाई नहर में पानी छोड़े जाने के बाद क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह पानी किसानों के लिए इस सत्र का अंतिम पाण माना जा रहा है, जिसे लेकर किसानों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। नहर में पानी आते ही खेतों में चहल-पहल बढ़ गई है। किसान अपने-अपने खेतों में जुताई, सिंचाई और अन्य
कृषि कार्यों में जुटे हुए दिखाई दे रहे हैं। लंबे समय से पानी की प्रतीक्षा कर रहे किसानों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ झलक रहा है। किसानों का कहना है कि यह अंतिम पाण फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे पैदावार को मजबूती मिलेगी और नुकसान की आशंका कम होगी। पानी की उपलब्धता से क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा। जवाई नहर में पानी छोड़े जाने से न केवल खेतों में हरियाली लौटने की उम्मीद जगी है, बल्कि किसानों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब किसान इस पानी का अधिकतम और संतुलित उपयोग कर फसलों को बेहतर बनाने में जुटे हुए हैं।
- बलाना गांव के किसानों को पिछले चार महीनों से खेतों में आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गांव से बिटिया माइनर की ओर जाने वाले रास्ते पर नहर से पहले पानी भर जाने के कारण पूरा मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। वर्षा ऋतु के साथ-साथ रबी फसल के समय यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। किसानों का कहना है कि पानी जमा होने से ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और पैदल आवागमन तक मुश्किल हो गया है, जिससे खेती के कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी परेशानी रखते हुए मांग की है कि उक्त स्थान पर पुल या पक्का रास्ता बनाया जाए, ताकि किसानों और ग्रामीणों को रोज़मर्रा के कामों में दिक्कत न हो। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में फसलों की देखभाल और कटाई में और ज्यादा समस्याएं उत्पन्न होंगी। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेकर स्थायी समाधान करता है।1
- बाली नाना पुलिस थाना क्षेत्र के दुदनी मे पुलिस ने 5 शातिर बदमाश पकड़ेः पूछताछ जारी इन युवकों के पास से आभूषण बरामद हुए हैं। पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर यह कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए सभी बदमाश उदयपुर क्षेत्र के निवासी हैं।1
- बाली उपखंड के दूदनी में 7 संदिग्धों को नाना पुलिस ने कालंदरी पुलिस को सौपा निकटवर्ती दूदनी गांव में शराब के ठेके पर दबिश देकर 7 संदिग्ध युवकों को पकड़कर का कालन्दरी पुलिस को सौपा। मंगलवार को पुलिस और ग्रामीणों की टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान गांव के शराब ठेके पर 7 युवक संदिग्ध अवस्था में शराब पीते पाए गए। उनके पास एक बाइक भी खड़ी थी। संयुक्त दल ने जब उनसे पूछताछ की, तो युवक घबरा गए और कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। संदेह होने पर जब पुलिस ने युवकों की तलाशी ली, तो उनके पास मौजूद एक थैली में ज्वेलरी बरामद हुई। हालांकि, प्राथमिक दृष्टि में यह आभूषण 'इमिटेशन' (नकली) प्रतीत हो रहे हैं। जिसका खुलाशा जांच में होगा। थानाधिकारी रतन सिंह देवड़ा ने बताया कि पकड़े गए युवक पूछताछ में लगातार अपने बयान बदल रहे हैं। पुलिस अलग-अलग तरीके से उनसे सच उगलवाने में जुटी है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही क्षेत्र में हुई चोरियों का बड़ा खुलासा हो सकता है। 7 संदिग्तो में एक नाबालिग भी है पुलिस ने बताया कि सिरोया गाँव जो कालन्दरी थाना के अंतर्गत आता है 24 घंटे पूर्व ही चोरी करके फरार थे सभी को कालन्दरी पुलिस को सौपा गया।1
- बाली में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख, फालना रोड व सादड़ी रोड सहित मुख्य मार्ग हुए अतिक्रमण मुक्त। बाली।पाली(संवाददाता जमाल खान) बाली | शहर में लगातार बढ़ रहे अवैध अतिक्रमण और उससे उत्पन्न यातायात जाम की समस्या को लेकर बाली नगरपालिका प्रशासन ने बुधवार को विशेष अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। यह कार्रवाई न केवल पृथ्वीराज चौहान चौक से रंजन सराय तक मुख्य सड़क मार्ग पर की गई, बल्कि बाली-फालना रोड और बाली-सादड़ी रोड पर भी अवैध रूप से बैठे हाथ ठेला दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। यह अभियान अधिशासी अधिकारी राजल राव के स्पष्ट निर्देशों पर तुरंत प्रभाव से शुरू किया गया। आदेश मिलते ही विशेष टीम का गठन किया गया, जिसमें जेईएन जगदीश प्रसाद, स्वास्थ्य निरीक्षक राजेश गिरी, प्रदीप कुमार जमादार, पुलिस प्रशासन एवं नगर पालिका के कर्मचारी शामिल रहे। अभियान के दौरान नगरपालिका का अमला पूरी तैयारी के साथ मौके पर मौजूद रहा। जेसीबी मशीन, ट्रैक्टरों तथा पुलिस बल की सहायता से सड़क किनारे अवैध रूप से लगाए गए ठेले, दुकानों के बाहर रखा गया सामान, अस्थायी टीन शेड और अन्य अतिक्रमण हटाए गए। कई स्थानों से ठेले एवं सामग्री जब्त कर ट्रैक्टरों की मदद से सड़क को पूरी तरह साफ कराया गया। नगरपालिका प्रशासन के अनुसार लंबे समय से सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण के कारण यातायात बाधित हो रहा था। पैदल चलने वाले राहगीरों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। अभियान के बाद सड़कों के चौड़ी और साफ होने से यातायात व्यवस्था सुचारू हो गई है। नगरपालिका अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान शहर को सुव्यवस्थित, स्वच्छ और जाम मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी दी गई है कि भविष्य में यदि दोबारा सड़क पर अतिक्रमण किया गया तो और कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय नागरिकों ने नगरपालिका की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय बाद बाली की प्रमुख सड़कों पर राहत नजर आई है। आमजन को उम्मीद है कि प्रशासन इसी तरह नियमित रूप से अभियान चलाकर शहर को अवैध अतिक्रमण से मुक्त रखेगा। नगरपालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में भी शहर के अन्य क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी, ताकि बाली नगर को व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनाया जा सके।1
- सरूपगंज : श्री गणेश युवा सेवा संगठन द्वारा स्वेटर वितरण कार्यक्रम के तहत 'खुशियाँ बाँटें मिशन' के चलते छः विद्यालय में पहले स्वेटर प्रदान किए आज राजकीय प्राथमिक विद्यालय कम्बोई वासा में 58 विद्यार्थियों को स्वेटर प्रदान किए इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छोगाराम कुम्हार सेवानिवृत प्रधानाचार्य ने मां सरस्वती का दीप प्रज्वल किया वही अध्यापक अर्जुन ने विद्यालय के बच्चों के बारे में जानकारी दी रणजीत जीनगर द्वारा कार्यकम पर प्रकाश डालते हुए श्री गणेश युवा सेवा संगठन के बारे में विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए छोगाराम कुम्हार ने श्री गणेश युवा सेवा संगठन के तत्वधान में ग्रीष्मकालीन जल सेवा, स्वेटर वितरण, गोशाला एवं अन्य कार्यकम आयोजित किए जा रहे है उनकी जानकारी वहीं पूरी टीम का उषावर्धन किया वही अध्यापक आसाराम ने सभी का आभार व्यक्त किया,इस मौके पर संगठन सदस्य जितेंद्र बासफोड, दीपक कलावत, आकाश, महेंद्र चौधरी, अविनाश, तन्मय,गोपाल एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।1
- सरूपगंज। ग्राम पंचायत भावरी में आयोजित क्लस्टर स्तरीय ग्राम उत्थान शिविर का हो रहा है आयोजन। सुबह 11 बजे तक एक दो अधिकारी को छोड़ पूरा पांडाल खाली पड़ा रहा। प्रचार प्रसार का रहा अभाव।1
- ट्रैक्टर में साफ-साफ दिख रहा है अंदर बजरी नहीं है लेकिन झूठी रिपोर्ट बनाकर ट्रैक्टर चेक कर लिया अंदर 4 टन बजरी थी 127000 का चालान बना दिया यह पुलिस की गुंडागर्दी है और हमारे यहां थाना है रोहिडा लेकिन पकड़ के लेकर गए सरूपगंज जहां से वह ट्रैक्टर पकड़ा था वह एरिया भी रोहिड़ा में पड़ता है4
- जवाई बांध से नहर में पानी छोड़े जाने पर किसानों में खुशी की लहर अंतिम पाण मिलने से खेतों में लौटी रौनक, किसान जुटे खेती कार्य में जवाई बांध से जवाई नहर में पानी छोड़े जाने के बाद क्षेत्र के किसानों में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह पानी किसानों के लिए इस सत्र का अंतिम पाण माना जा रहा है, जिसे लेकर किसानों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। नहर में पानी आते ही खेतों में चहल-पहल बढ़ गई है। किसान अपने-अपने खेतों में जुताई, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों में जुटे हुए दिखाई दे रहे हैं। लंबे समय से पानी की प्रतीक्षा कर रहे किसानों के चेहरों पर राहत और संतोष साफ झलक रहा है। किसानों का कहना है कि यह अंतिम पाण फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जिससे पैदावार को मजबूती मिलेगी और नुकसान की आशंका कम होगी। पानी की उपलब्धता से क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलेगा। जवाई नहर में पानी छोड़े जाने से न केवल खेतों में हरियाली लौटने की उम्मीद जगी है, बल्कि किसानों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। अब किसान इस पानी का अधिकतम और संतुलित उपयोग कर फसलों को बेहतर बनाने में जुटे हुए हैं।2