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अलवर लोकसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के इस सप्ताह जिले के विकास के लिए कार्यों की सौगात, एक पाती अलवर के नाम क्षेत्र के तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपया हमारे चैनल को लाइक से ज्यादा फॉलो करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ बहुत मंगलमय हो
संजय कुमार बंसल डिजिटल मीडिया
अलवर लोकसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के इस सप्ताह जिले के विकास के लिए कार्यों की सौगात, एक पाती अलवर के नाम क्षेत्र के तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपया हमारे चैनल को लाइक से ज्यादा फॉलो करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ बहुत मंगलमय हो
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- अलवर लोकसभा सांसद एवं केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के इस सप्ताह जिले के विकास के लिए कार्यों की सौगात, एक पाती अलवर के नाम क्षेत्र के तमाम लेटेस्ट अपडेट जानने के लिए कृपया हमारे चैनल को लाइक से ज्यादा फॉलो करना ना भूले धन्यवाद जय हिंद वंदे मातरम आपका दिन शुभ बहुत मंगलमय हो1
- गांव रावली में मीट फैक्ट्री का ग्रामीणों ने किया विरोध, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन नूंह जिले के रावली गांव में संचालित मीट फैक्ट्री के खिलाफ ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। समाजसेवी सद्दाम हुसैन ने आज शुक्रवार 11 बजे बताया कि फैक्ट्री से उठने वाली बदबू, प्रदूषण और धुएं से लोगों को भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने एडीसी ज्योति को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम ज्ञापन सौंपकर फैक्ट्री को आबादी से दूर स्थानांतरित करने की मांग की। एडीसी ने आश्वासन दिया कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग हर महीने चार बार निरीक्षण करेगा और नियमों के उल्लंघन पर उचित कार्रवाई की जाएगी।1
- जल जीवन मिशन: ग्रामीणों और विभाग के बीच बनी सहमति, अब कुल 6 बोरिंग होंगी मुंडावर (खैरथल-तिजारा), 6 अगस्त। मुंडावर क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत प्रस्तावित बोरिंग को लेकर ग्रामीणों और विभाग के बीच सहमति बन गई है। बैठक में हुई चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि क्षेत्र में दो अतिरिक्त बोरिंग की जाएंगी, जिससे अब कुल 6 बोरिंग किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। जानकारी के अनुसार, इससे पहले जल जीवन मिशन के तहत साबी नदी क्षेत्र में की गई बोरिंग को कुछ ग्रामीण किसानों द्वारा मिट्टी से भर दिया गया था। इसके बाद विभाग ने सोड़ावास क्षेत्र में नई बोरिंग का प्रस्ताव तैयार किया। हालांकि, सोड़ावास के ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए कहा कि क्षेत्र में पहले से चार बोरिंग हो चुकी हैं और अतिरिक्त बोरिंग की आवश्यकता नहीं है। स्थिति को देखते हुए विभाग और ग्रामीणों के बीच बैठक आयोजित की गई। बैठक में अमित धर्मपाल चौधरी सहित ग्रामीण प्रतिनिधि एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि क्षेत्र में दो और बोरिंग कराई जाएंगी। विभाग के अनुसार, इन बोरिंगों से मिलने वाला पानी ततारपुर से लेकर सोरखा पंचायत और मातोर क्षेत्र तक जलापूर्ति के लिए उपयोग में लाया जाएगा। सहमति बनने के बाद अब जल जीवन मिशन के कार्य को आगे बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।1
- रिश्वत मामले में 18 महीने बाद शिकायतकर्ता जुबेर अहमद गिरफ्तार, हाईकोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई सरपंच, ग्राम सचिव और एसडीएम स्टेनो पहले ही जा चुके हैं जेल; सरपंच ने खुद को झूठे मुकदमे में फंसाने का लगाया था आरोप फिरोजपुर झिरका एसडीएम कार्यालय से जुड़े चर्चित रिश्वत मामले में करीब 18 महीने बाद नया मोड़ सामने आया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) गुरुग्राम की टीम ने मामले के शिकायतकर्ता जुबेर अहमद को गिरफ्तार किया है। जुबेर अहमद उस समय फिरोजपुर झिरका एसडीएम कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत था। मामला 6 फरवरी 2025 का है। उस दिन नगीना खंड एवं विकास कार्यालय में कार्यरत ग्राम सचिव हसीन को एसीबी गुरुग्राम की टीम ने तीन लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता जुबेर अहमद की ओर से आरोप लगाया गया था कि करहेड़ा गांव के सरपंच रामपाल की आठवीं कक्षा की मार्कशीट से संबंधित जांच एसडीएम कार्यालय में चल रही थी। जांच को अपने पक्ष में करवाने के लिए सरपंच की ग्राम सचिव हसीन से बातचीत हुई थी। आरोप के अनुसार, हसीन ने जांच को सरपंच के पक्ष में करवाने के लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत करने की बात कही और इसके एवज में तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी। इसके बाद एसीबी ने कार्रवाई करते हुए हसीन को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। सरपंच और एसडीएम कार्यालय के स्टेनो भी बने आरोपी एसीबी की पूछताछ और जांच के दौरान सरपंच रामपाल तथा एसडीएम कार्यालय में कार्यरत स्टेनो प्रदीप को भी मामले में आरोपी बनाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, सरपंच रामपाल ने जांच अपने पक्ष में करवाने के लिए जुबेर अहमद के माध्यम से पैसे दिए थे और वही रकम ग्राम सचिव हसीन तक पहुंचाई गई थी। जांच के दौरान ग्राम सचिव हसीन के मोबाइल फोन से स्टेनो प्रदीप के साथ बातचीत के साक्ष्य मिलने की बात भी सामने आई। मामले में सरपंच रामपाल और स्टेनो प्रदीप ने अग्रिम जमानत के लिए अदालत का रुख किया था, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद 15 सितंबर 2025 को स्टेनो प्रदीप ने अदालत में सरेंडर किया, जबकि 13 अक्टूबर 2025 को एसीबी की टीम ने सरपंच रामपाल को गिरफ्तार कर लिया। सरपंच ने हाईकोर्ट में दी चुनौती सरपंच रामपाल की ओर से अधिवक्ता तालीम हुसैन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कार्रवाई को चुनौती दी। अधिवक्ता के अनुसार, सरपंच का आरोप था कि कंप्यूटर ऑपरेटर जुबेर अहमद ने उन्हें डराया-धमकाया और उनकी शैक्षणिक प्रमाण पत्र की जांच में गंभीर रूप से फंसाने की बात कही। अधिवक्ता के मुताबिक, सरपंच ने आरोप लगाया कि जांच को अपने पक्ष में करवाने के लिए जुबेर अहमद ने उनसे सात लाख रुपये की मांग की थी। सरपंच के अनुसार उन्होंने तीन किस्तों में रकम दी। कई महीने बीतने के बावजूद जब जांच पूरी नहीं हुई तो उन्होंने तत्कालीन एसडीएम से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी दी। सरपंच के अनुसार, एसडीएम ने जुबेर अहमद को फटकार लगाते हुए रकम वापस करने की बात कही थी। इसी दौरान जुबेर अहमद का तबादला नूंह हो गया। पैसे लौटाने की मांग के बीच एसीबी कार्रवाई का दावा अधिवक्ता तालीम हुसैन के अनुसार, सरपंच लगातार जुबेर अहमद से अपने पैसे वापस मांग रहे थे। इसी बीच 6 फरवरी 2025 को जुबेर अहमद ने सरपंच को पैसे लौटाने के लिए अपने फार्म हाउस पर बुलाया। अधिवक्ता के मुताबिक, सरपंच रामपाल के साथ ग्राम सचिव हसीन भी वहां पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान जुबेर अहमद ने तीन लाख रुपये ग्राम सचिव हसीन को दिए और एसीबी की टीम ने हसीन को मौके पर गिरफ्तार कर लिया। सरपंच उस समय एसीबी की गिरफ्त में नहीं आ सके। हाईकोर्ट के आदेश पर गठित हुई एसआईटी मामले में हाईकोर्ट के आदेश के बाद विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। इसमें डीएसपी भारतेंद्र, इंस्पेक्टर रणवीर सिंह और इंस्पेक्टर जाकिर हुसैन को शामिल किया गया। जांच के दौरान स्टेनो प्रदीप, ग्राम सचिव हसीन, सरपंच रामपाल और शिकायतकर्ता जुबेर अहमद को जांच के दायरे में रखा गया। बताया जा रहा है कि एसआईटी की जांच के दौरान जुबेर अहमद के बयानों और मामले से जुड़े तथ्यों के आधार पर उसकी भूमिका भी जांच के घेरे में आई। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश के तहत एसीबी ने अब जुबेर अहमद को गिरफ्तार कर लिया है। स्टेनो प्रदीप बोले—सच्चाई की जीत हुई मामले में नाम सामने आने के बाद स्टेनो प्रदीप ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। उनका कहना है कि उनका नाम बेवजह मामले में घसीटा गया और उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और सच्चाई की हमेशा जीत होती है। फिलहाल जुबेर अहमद की गिरफ्तारी के बाद करीब 18 महीने पुराने इस रिश्वत मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब जांच और न्यायालय की आगामी कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि पूरे मामले में किसकी क्या भूमिका रही।2
- मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोनीपत दौरे के दौरान गन्नौर स्थित गुप्ति धाम पहुंचकर उपाध्यायश्री गुप्तिसागर जी गुरुदेव से आशीर्वाद लिया। #Haryana #Sonipat #GuptiDham1
- अड़बर गांव में गाड़ी की दो बैटरियां चोरी, CCTV में कैद हुआ आरोपी नूंह जिले के गांव अड़बर में पार्किंग में खड़ी एक गाड़ी से अज्ञात चोर दो बैटरियां चोरी कर ले गए। पीड़ित मोहम्मद वाहिद ने बताया कि चोरी की पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है। उन्होंने पुलिस से कार्रवाई और आम लोगों से वीडियो के आधार पर चोर की पहचान कराने की अपील की है।1
- मुण्डावर नगरपालिका के गांव गढ़ी का मुख्य मार्ग बना खतरनाक, दुर्घटना को दे रहा खुला आमंत्रण मुण्डावर उपखंड की नगर पालिका क्षेत्र के गांव गढ़ी का मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क की जर्जर हालत के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंक्रीट की सड़क को उखाड़कर बीच रास्ते में बड़े-बड़े पत्थर डाल दिए गए हैं, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। हाल ही में हुई बारिश के बाद सड़क पर पानी भर जाने से यह मार्ग तालाब जैसा दिखाई देने लगा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। पैदल चलने वाले लोगों को भी इस रास्ते से गुजरने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन संबंधित विभाग और नगर पालिका प्रशासन अब तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पालिका और संबंधित विभागों के पास विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट उपलब्ध होने के बावजूद सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा हो। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने, मार्ग से पत्थर हटाने तथा जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि आमजन को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। मुण्डावर नगरपालिका के गांव गढ़ी का मुख्य मार्ग बना खतरनाक, दुर्घटना को दे रहा खुला आमंत्रण मुण्डावर उपखंड की नगर पालिका क्षेत्र के गांव गढ़ी का मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क की जर्जर हालत के कारण आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंक्रीट की सड़क को उखाड़कर बीच रास्ते में बड़े-बड़े पत्थर डाल दिए गए हैं, जिससे मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। हाल ही में हुई बारिश के बाद सड़क पर पानी भर जाने से यह मार्ग तालाब जैसा दिखाई देने लगा है। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन जोखिम भरा हो गया है। पैदल चलने वाले लोगों को भी इस रास्ते से गुजरने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन संबंधित विभाग और नगर पालिका प्रशासन अब तक समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नगर पालिका और संबंधित विभागों के पास विकास कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का बजट उपलब्ध होने के बावजूद सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य में लापरवाही बरती जा रही है। लोगों का कहना है कि ऐसा प्रतीत होता है मानो प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा हो। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने, मार्ग से पत्थर हटाने तथा जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि आमजन को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।3