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उचेहरा में NEET पेपर लीक के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों और युवाओं ने मशाल जुलूस निकाला। यह मशाल जुलूस सोनम वांगचुंग के समर्थन में भी निकाला गया। प्रदर्शनकारियों का यह जुलूस रपटा तिराहा से प्रारंभ होकर मुख्य मार्ग होते हुए बस स्टैंड स्थित महात्मा गांधी स्मारक पहुंचा और वहां राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।
अनुपम दाहिया
उचेहरा में NEET पेपर लीक के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों और युवाओं ने मशाल जुलूस निकाला। यह मशाल जुलूस सोनम वांगचुंग के समर्थन में भी निकाला गया। प्रदर्शनकारियों का यह जुलूस रपटा तिराहा से प्रारंभ होकर मुख्य मार्ग होते हुए बस स्टैंड स्थित महात्मा गांधी स्मारक पहुंचा और वहां राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।
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- मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सोमवार को ओबीसी महासभा के बैनर तले हजारों की संख्या में छात्रों, किसानों, युवाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने विधानसभा का घेराव करने के लिए कूच किया। प्रदर्शनकारी प्रदेश में 27% ओबीसी आरक्षण को पूर्ण रूप से लागू करने और सरकारी भर्तियों में 13% पदों पर लगाए गए होल्ड को तत्काल समाप्त करने की मांग कर रहे थे। विधानसभा की ओर बढ़ रहे इन प्रदर्शनकारियों को जब पुलिस ने रंगमहल चौराहे पर भारी बैरिकेडिंग करके रोका, तो दोनों पक्षों के बीच तीखा संघर्ष देखने को मिला। इस दौरान उग्र प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड्स पर चढ़कर अपना कड़ा विरोध जताया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन (वज्र वाहन) का इस्तेमाल किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस की इस कार्रवाई में कई लोग घायल हुए हैं, इसके बावजूद कार्यकर्ताओं का हौसला कम नहीं हुआ और वे वहीं सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। इसके बाद सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने सैकड़ों कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया और बसों में भरकर थाने ले गई। हिरासत में लिए गए लोगों में ओबीसी महासभा राष्ट्रीय कोर कमेटी के सदस्य धर्मेंद्र कुशवाहा, राकेश लोधी, लोकेंद्र गुर्जर, सीबी कुशवाहा, डॉ. बृजेंद्र यादव, रूपेश यादव और ओबीसी महासभा युवा मोर्चा के सतना जिला अध्यक्ष दीपनारायण कुशवाहा (राजा सतना) सहित कई क्रांतिकारी साथी शामिल रहे। ओबीसी महासभा के इस आंदोलन को विपक्षी दलों का भी भारी समर्थन मिला। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघर, कांग्रेस विधायक सचिन यादव और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने खुद प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर सरकार की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। नेताओं ने सरकार को सख्त चेतावनी दी कि यदि ओबीसी वर्ग के अधिकारों की अनदेखी बंद नहीं की गई, तो यह आंदोलन सड़क से लेकर सदन तक और भी उग्र रूप धारण करेगा। वहीं, ओबीसी महासभा के नेताओं ने भी दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार का यह दमनकारी रवैया उनके संघर्ष को रोक नहीं सकता और जब तक उन्हें संवैधानिक 27% अधिकार नहीं मिल जाता, तब तक यह लड़ाई लगातार जारी रहेगी।1
- उचेहरा में NEET पेपर लीक के मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों और युवाओं ने मशाल जुलूस निकाला। यह मशाल जुलूस सोनम वांगचुंग के समर्थन में भी निकाला गया। प्रदर्शनकारियों का यह जुलूस रपटा तिराहा से प्रारंभ होकर मुख्य मार्ग होते हुए बस स्टैंड स्थित महात्मा गांधी स्मारक पहुंचा और वहां राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।1
- सतना जिले के मैहर में कोटेदार पर कार्यवाही किए जाने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। क्षेत्र में लगातार इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि क्या कोटेदार के खिलाफ कोई कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।1
- सतना जिले के उचेहरा में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए प्रसिद्ध शिक्षाविद और वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के समर्थन में स्थानीय युवाओं और छात्रों ने एक भव्य 'युवा क्रांति मशाल रैली' निकाली। यह मशाल रैली बरहा/रपटा तिराहे से शुरू होकर उचेहरा बाजार का भ्रमण करते हुए संकट मोचन हॉस्पिटल पहुँची और अंत में बस स्टैंड स्थित गांधी स्मारक पर जाकर समाप्त हुई। दरअसल, दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले तीन सप्ताह से सोनम वांगचुक शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त लापरवाही और तानाशाही के विरोध में शांतिपूर्ण अनशन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं का आरोप है कि इतने दिनों के कड़े संघर्ष के बावजूद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की ओर से कोई भी सकारात्मक प्रतिक्रिया या समाधान नहीं मिला है और प्रशासन पूरी तरह मौन साधे बैठा है। प्रशासन के इसी रवैये और अन्याय के खिलाफ उचेहरा के युवा एकजुट हुए। रैली में शामिल छात्रों ने 'शिक्षा बचाओ-भविष्य बचाओ' और 'शिक्षा पर तानाशाही नहीं चलेगी' के नारों से पूरे वातावरण को गुंजायमान कर दिया। छात्रों ने कड़ा संदेश दिया कि वे अपने अधिकारों के लिए लड़ने को पूरी तरह तैयार हैं और किसी भी कीमत पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। कार्यक्रम के अंत में बेहद अल्प सूचना पर एकजुट होने के लिए छात्र शक्ति का आभार जताया गया और इसे युवाओं की जागरूकता का बड़ा प्रमाण बताया गया।1
- उचेहरा में छात्रों ने सोमवार को सोनम वांगचुक के समर्थन में एक शांतिपूर्ण मशाल जुलूस निकाला और वर्तमान शिक्षा नीति व लगातार हो रहे पेपर लीक के खिलाफ अपना कड़ा विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करने और पेपर लीक के मामलों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। इस मशाल जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा दीपक प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। कार्यक्रम के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल मुस्तैद रहा। वहीं, छात्रों के इस प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ एवं युवा नेता भी इस मशाल जुलूस में शामिल हुए।1