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ठकराहा और सीमावर्ती यूपी में हाहाकार: LPG के बाद अब पेट्रोल-डीजल का संकट, पंपों पर मची अफरा-तफरी ठकराहा बिहार के ठकराहा प्रखंड और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के सीमावर्ती इलाकों में आम जनता की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले से ही रसोई गैस की किल्लत और ऊंचे दामों की मार झेल रहे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के सामने अब पेट्रोल-डीजल का नया संकट खड़ा हो गया है। गुरुवार को क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही भारी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। स्थिति यह रही कि ईंधन लेने के लिए सैकड़ों की संख्या में बाइक सवार और किसान अपनी बारी के इंतजार में घंटों कड़ी धूप में खड़े रहे। --महंगाई की अफवाह ने बिगाड़ा खेल, स्टॉक करने की मची होड़ स्थिति को और खराब बनाने में अफवाहों की बड़ी भूमिका सामने आ रही है। क्षेत्र में यह चर्चा तेजी से फैल गई है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है और आपूर्ति बाधित हो सकती है। इसी डर से लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने और उसे गैलन व ड्रमों में स्टॉक करने की कोशिश कर रहे हैं। इस होड़ ने हालात को और गंभीर बना दिया है और कृत्रिम किल्लत पैदा होने लगी है। --पंप संचालक का पक्ष: पूर्व प्रखंड प्रमुख सह पेट्रोल पंप संचालक के पति राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में फैली अफवाहों के कारण लोग बेवजह परेशान हैं। उन्होंने कहा, हम पूरी सावधानी बरत रहे हैं कि कोई भी व्यक्ति गैलन या ड्रम में तेल भरकर स्टॉक न कर सके। अगर लोग स्टॉक करने लगेंगे तो कृत्रिम किल्लत पैदा हो जाएगी, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को समस्या होगी। प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि अभी किसी भी तरह की पेट्रोल और डीजल की कमी संबंधित सूचना प्राप्त नहीं हुई है लोगों में अफवाहों के वजह से समस्या बड़ी है लोगों को अपनी आवश्यकता के अनुसार ही ऊर्जा का प्रयोग करना चाहिए ताकि जरूरतमंद को दिक्कत न हो। अफवाहों पर ध्यान न दे पेट्रोल और डीजल स्टॉक न करे। --संकट के तीन बड़े नकारात्मक प्रभाव: * खेती-किसानी पर संकट: यह समय फसलों की सिंचाई और कटाई की तैयारी का है। डीजल की किल्लत से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। अगर समय पर तेल नहीं मिला तो सिंचाई और कटाई ठप हो सकती है। * कालाबाजारी की आशंका: सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण कुछ असामाजिक तत्व तेल का स्टॉक कर उसे ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में हैं। इससे आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब और ढीली होगी। * परिवहन और दैनिक मजदूरी प्रभावित: ईंधन न मिलने से स्थानीय परिवहन व्यवस्था चरमरा सकती है। दिहाड़ी मजदूर और छोटे व्यापारी, जो बाइक से काम पर जाते हैं, उनका पूरा दिन पेट्रोल की कतार में ही बीत रहा है।

13 hrs ago
user_Dhiraj Srivastav
Dhiraj Srivastav
Press advisory ठकराहन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
13 hrs ago
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ठकराहा और सीमावर्ती यूपी में हाहाकार: LPG के बाद अब पेट्रोल-डीजल का संकट, पंपों पर मची अफरा-तफरी ठकराहा बिहार के ठकराहा प्रखंड और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के सीमावर्ती इलाकों में आम जनता की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले से ही रसोई गैस की किल्लत और ऊंचे दामों की मार झेल रहे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के सामने अब पेट्रोल-डीजल का नया संकट खड़ा हो गया है। गुरुवार को क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही भारी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। स्थिति यह रही कि ईंधन लेने के लिए सैकड़ों की संख्या में बाइक सवार और किसान अपनी बारी के इंतजार में घंटों कड़ी धूप में खड़े रहे। --महंगाई की अफवाह ने बिगाड़ा खेल, स्टॉक करने की मची होड़ स्थिति को और खराब बनाने में अफवाहों की बड़ी भूमिका सामने आ रही है। क्षेत्र में यह चर्चा तेजी से फैल गई है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है और आपूर्ति बाधित हो सकती है। इसी डर से लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने और उसे गैलन व ड्रमों में स्टॉक करने की कोशिश कर रहे हैं। इस होड़ ने हालात को और गंभीर बना दिया है और कृत्रिम किल्लत पैदा होने लगी है। --पंप संचालक का पक्ष: पूर्व प्रखंड प्रमुख सह पेट्रोल पंप संचालक के पति राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में फैली

अफवाहों के कारण लोग बेवजह परेशान हैं। उन्होंने कहा, हम पूरी सावधानी बरत रहे हैं कि कोई भी व्यक्ति गैलन या ड्रम में तेल भरकर स्टॉक न कर सके। अगर लोग स्टॉक करने लगेंगे तो कृत्रिम किल्लत पैदा हो जाएगी, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को समस्या होगी। प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि अभी किसी भी तरह की पेट्रोल और डीजल की कमी संबंधित सूचना प्राप्त नहीं हुई है लोगों में अफवाहों के वजह से समस्या बड़ी है लोगों को अपनी आवश्यकता के अनुसार ही ऊर्जा का प्रयोग करना चाहिए ताकि जरूरतमंद को दिक्कत न हो। अफवाहों पर ध्यान न दे पेट्रोल और डीजल स्टॉक न करे। --संकट के तीन बड़े नकारात्मक प्रभाव: * खेती-किसानी पर संकट: यह समय फसलों की सिंचाई और कटाई की तैयारी का है। डीजल की किल्लत से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। अगर समय पर तेल नहीं मिला तो सिंचाई और कटाई ठप हो सकती है। * कालाबाजारी की आशंका: सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण कुछ असामाजिक तत्व तेल का स्टॉक कर उसे ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में हैं। इससे आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब और ढीली होगी। * परिवहन और दैनिक मजदूरी प्रभावित: ईंधन न मिलने से स्थानीय परिवहन व्यवस्था चरमरा सकती है। दिहाड़ी मजदूर और छोटे व्यापारी, जो बाइक से काम पर जाते हैं, उनका पूरा दिन पेट्रोल की कतार में ही बीत रहा है।

More news from Pashchim Champaran and nearby areas
  • चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर पूरे देश के साथ-साथ पश्चिमी चंपारण में भी भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। आदिशक्ति सहोदरा मंदिर में दशमी के दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। दूर-दराज के गांवों और शहरों से लोग लंबी दूरी तय कर यहां पहुंचते नजर आए। मंदिर परिसर सुबह से ही श्रद्धालुओं से गुलजार रहा और हर तरफ “जय माता दी” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी, ताकि दर्शन में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। भक्त पूरे विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना करते नजर आए। उनका मानना है कि दशमी के दिन माता के दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहां स्थित माता सहोदरा के दरबार में श्रद्धालु विशेष आस्था के साथ माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। नवरात्र के इस खास मौके पर मंदिर परिसर में भव्य मेला भी आयोजित किया गया, जो इस क्षेत्र की पहचान बन चुका है। मेले में बड़े-बड़े झूले और मनोरंजन के साधन बच्चों और युवाओं को खूब आकर्षित कर रहे हैं। हर प्रकार की दुकानें — खिलौने, मिठाइयां, पूजन सामग्री और घरेलू सामान तक — सजी हुई हैं, जिससे मेले की रौनक और भी बढ़ गई है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। श्रद्धालु बताते हैं कि हर साल वे यहां आकर माता का आशीर्वाद लेते हैं और उन्हें यहां आकर एक अलग ही आध्यात्मिक शांति अनुभव होती है।
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    चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर पूरे देश के साथ-साथ पश्चिमी चंपारण में भी भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। आदिशक्ति सहोदरा मंदिर में दशमी के दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचे। दूर-दराज के गांवों और शहरों से लोग लंबी दूरी तय कर यहां पहुंचते नजर आए। मंदिर परिसर सुबह से ही श्रद्धालुओं से गुलजार रहा और हर तरफ “जय माता दी” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग कतारों की व्यवस्था की गई थी, ताकि दर्शन में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। भक्त पूरे विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना करते नजर आए। उनका मानना है कि दशमी के दिन माता के दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यहां स्थित माता सहोदरा के दरबार में श्रद्धालु विशेष आस्था के साथ माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
नवरात्र के इस खास मौके पर मंदिर परिसर में भव्य मेला भी आयोजित किया गया, जो इस क्षेत्र की पहचान बन चुका है। मेले में बड़े-बड़े झूले और मनोरंजन के साधन बच्चों और युवाओं को खूब आकर्षित कर रहे हैं। हर प्रकार की दुकानें — खिलौने, मिठाइयां, पूजन सामग्री और घरेलू सामान तक — सजी हुई हैं, जिससे मेले की रौनक और भी बढ़ गई है।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। श्रद्धालु बताते हैं कि हर साल वे यहां आकर माता का आशीर्वाद लेते हैं और उन्हें यहां आकर एक अलग ही आध्यात्मिक शांति अनुभव होती है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor Thakrahan, Pashchim Champaran•
    21 min ago
  • ठकराहा बिहार के ठकराहा प्रखंड और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के सीमावर्ती इलाकों में आम जनता की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले से ही रसोई गैस की किल्लत और ऊंचे दामों की मार झेल रहे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के सामने अब पेट्रोल-डीजल का नया संकट खड़ा हो गया है। गुरुवार को क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही भारी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। स्थिति यह रही कि ईंधन लेने के लिए सैकड़ों की संख्या में बाइक सवार और किसान अपनी बारी के इंतजार में घंटों कड़ी धूप में खड़े रहे। --महंगाई की अफवाह ने बिगाड़ा खेल, स्टॉक करने की मची होड़ स्थिति को और खराब बनाने में अफवाहों की बड़ी भूमिका सामने आ रही है। क्षेत्र में यह चर्चा तेजी से फैल गई है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है और आपूर्ति बाधित हो सकती है। इसी डर से लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने और उसे गैलन व ड्रमों में स्टॉक करने की कोशिश कर रहे हैं। इस होड़ ने हालात को और गंभीर बना दिया है और कृत्रिम किल्लत पैदा होने लगी है। --पंप संचालक का पक्ष: पूर्व प्रखंड प्रमुख सह पेट्रोल पंप संचालक के पति राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में फैली अफवाहों के कारण लोग बेवजह परेशान हैं। उन्होंने कहा, हम पूरी सावधानी बरत रहे हैं कि कोई भी व्यक्ति गैलन या ड्रम में तेल भरकर स्टॉक न कर सके। अगर लोग स्टॉक करने लगेंगे तो कृत्रिम किल्लत पैदा हो जाएगी, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को समस्या होगी। प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि अभी किसी भी तरह की पेट्रोल और डीजल की कमी संबंधित सूचना प्राप्त नहीं हुई है लोगों में अफवाहों के वजह से समस्या बड़ी है लोगों को अपनी आवश्यकता के अनुसार ही ऊर्जा का प्रयोग करना चाहिए ताकि जरूरतमंद को दिक्कत न हो। अफवाहों पर ध्यान न दे पेट्रोल और डीजल स्टॉक न करे। --संकट के तीन बड़े नकारात्मक प्रभाव: * खेती-किसानी पर संकट: यह समय फसलों की सिंचाई और कटाई की तैयारी का है। डीजल की किल्लत से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। अगर समय पर तेल नहीं मिला तो सिंचाई और कटाई ठप हो सकती है। * कालाबाजारी की आशंका: सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण कुछ असामाजिक तत्व तेल का स्टॉक कर उसे ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में हैं। इससे आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब और ढीली होगी। * परिवहन और दैनिक मजदूरी प्रभावित: ईंधन न मिलने से स्थानीय परिवहन व्यवस्था चरमरा सकती है। दिहाड़ी मजदूर और छोटे व्यापारी, जो बाइक से काम पर जाते हैं, उनका पूरा दिन पेट्रोल की कतार में ही बीत रहा है।
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    ठकराहा
बिहार के ठकराहा प्रखंड और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले के सीमावर्ती इलाकों में आम जनता की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले से ही रसोई गैस की किल्लत और ऊंचे दामों की मार झेल रहे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों के सामने अब पेट्रोल-डीजल का नया संकट खड़ा हो गया है। गुरुवार को क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही भारी अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। स्थिति यह रही कि ईंधन लेने के लिए सैकड़ों की संख्या में बाइक सवार और किसान अपनी बारी के इंतजार में घंटों कड़ी धूप में खड़े रहे।
--महंगाई की अफवाह ने बिगाड़ा खेल, स्टॉक करने की मची होड़
स्थिति को और खराब बनाने में अफवाहों की बड़ी भूमिका सामने आ रही है। क्षेत्र में यह चर्चा तेजी से फैल गई है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है और आपूर्ति बाधित हो सकती है। इसी डर से लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने और उसे गैलन व ड्रमों में स्टॉक करने की कोशिश कर रहे हैं। इस होड़ ने हालात को और गंभीर बना दिया है और कृत्रिम किल्लत पैदा होने लगी है।
--पंप संचालक का पक्ष:
पूर्व प्रखंड प्रमुख सह पेट्रोल पंप संचालक के पति राघवेंद्र सिंह ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्र में फैली अफवाहों के कारण लोग बेवजह परेशान हैं। उन्होंने कहा, हम पूरी सावधानी बरत रहे हैं कि कोई भी व्यक्ति गैलन या ड्रम में तेल भरकर स्टॉक न कर सके। अगर लोग स्टॉक करने लगेंगे तो कृत्रिम किल्लत पैदा हो जाएगी, जिससे वास्तविक जरूरतमंदों को समस्या होगी।
प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि अभी किसी भी तरह की पेट्रोल और डीजल की कमी संबंधित सूचना प्राप्त नहीं हुई है लोगों में अफवाहों के वजह से समस्या बड़ी है लोगों को अपनी आवश्यकता के अनुसार ही ऊर्जा का प्रयोग करना चाहिए ताकि जरूरतमंद को दिक्कत न हो। अफवाहों पर ध्यान न दे पेट्रोल और डीजल स्टॉक न करे।
--संकट के तीन बड़े नकारात्मक प्रभाव:
* खेती-किसानी पर संकट: यह समय फसलों की सिंचाई और कटाई की तैयारी का है। डीजल की किल्लत से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। अगर समय पर तेल नहीं मिला तो सिंचाई और कटाई ठप हो सकती है।
* कालाबाजारी की आशंका: सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण कुछ असामाजिक तत्व तेल का स्टॉक कर उसे ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में हैं। इससे आने वाले दिनों में आम आदमी की जेब और ढीली होगी।
* परिवहन और दैनिक मजदूरी प्रभावित: ईंधन न मिलने से स्थानीय परिवहन व्यवस्था चरमरा सकती है। दिहाड़ी मजदूर और छोटे व्यापारी, जो बाइक से काम पर जाते हैं, उनका पूरा दिन पेट्रोल की कतार में ही बीत रहा है।
    user_Dhiraj Srivastav
    Dhiraj Srivastav
    Press advisory ठकराहन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    13 hrs ago
  • Post by RAJHANSH VERMA
    1
    Post by RAJHANSH VERMA
    user_RAJHANSH VERMA
    RAJHANSH VERMA
    Classified ads newspaper publisher Tamkuhi Raj, Kushi Nagar•
    51 min ago
  • *IPS कृष्ण बिश्नोई और IPS अंशिका वर्मा की रिंग सेरेमनी का यह परफॉर्मेंस शानदार है।* 😍
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    *IPS कृष्ण बिश्नोई और IPS अंशिका वर्मा की रिंग सेरेमनी का यह परफॉर्मेंस शानदार है।* 😍
    user_हर खबर पर नजर
    हर खबर पर नजर
    Reporter Tamkuhi Raj, Kushi Nagar•
    11 hrs ago
  • नौतन।।थाना क्षेत्र के हरदिपट्टी गांव में जबरन जमीन कब्जा करने पर पीड़ित ने थाने में आवेदन देकर न्याय गुहार लगाई है। इस बावत हरदिपट्टी गांव के गैरी शंकर प्रसाद ने बताया कि उनके एक जमीन पर गांव के मनीलाल प्रसाद, रमेश प्रसाद, सोनेलाल प्रसाद व अन्य ने मिलकर ता जबरदस्ती कब्जा कर रहे हैं। इनके द्वारा विगत दो तीन वर्षों से कहा जा रहा है कि यह जमीन हमलोगों के घर के पास है।इसे हमलोगों से बेच लिजिए। जब वे सहमत नहीं हुए तो जनवरी माह से जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिए। पीड़िता ने यह भी आवेदन में पुलिस को बताया कि 23 मार्च की सुबह 9 बजे नामजद लोगों के द्वारा मारपीट भी किए हैं । वहीं दूसरे पक्ष के मनीलाल प्रसाद ने बताया कि यह जमीन हमलोगों का दस्तावेजी है। जों 1997 में रजिस्ट्री हुई है। गौरीशंकर प्रसाद के द्वारा दूसरे जमीन पर पांच लाख रुपया लिया गया । रूपये को हड़पने की नियत से यह सोची-समझी साज़िश किया जा रहा है। गौरीशंकर प्रसाद के द्वारा लगाया गया आरोप बेबुनियाद हैं। हमलोग प्रशासन के साथ है । इसकी बारिकी से जांच पड़ताल होनी चाहिए।
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    नौतन।।थाना क्षेत्र के हरदिपट्टी गांव में जबरन जमीन कब्जा करने पर पीड़ित ने थाने में आवेदन देकर न्याय गुहार लगाई है। इस बावत हरदिपट्टी गांव के गैरी शंकर प्रसाद ने बताया कि उनके एक जमीन पर गांव के मनीलाल प्रसाद, रमेश प्रसाद, सोनेलाल प्रसाद व अन्य ने मिलकर ता जबरदस्ती कब्जा कर रहे हैं। इनके द्वारा विगत दो तीन वर्षों से कहा जा रहा है कि यह जमीन हमलोगों के घर के पास है।इसे हमलोगों से बेच लिजिए। जब वे सहमत नहीं हुए तो जनवरी माह से जमीन पर कब्जा करना शुरू कर दिए। पीड़िता ने यह भी आवेदन में पुलिस को बताया कि  23 मार्च की सुबह 9 बजे नामजद लोगों के द्वारा मारपीट भी किए हैं । वहीं दूसरे पक्ष के मनीलाल प्रसाद ने बताया कि यह जमीन हमलोगों का दस्तावेजी है। जों 1997 में रजिस्ट्री हुई है। गौरीशंकर प्रसाद के द्वारा दूसरे जमीन पर पांच लाख रुपया लिया गया । रूपये को हड़पने की नियत से यह सोची-समझी साज़िश किया जा रहा है। गौरीशंकर प्रसाद के द्वारा लगाया गया आरोप बेबुनियाद हैं। हमलोग प्रशासन के साथ है । इसकी बारिकी से जांच पड़ताल होनी चाहिए।
    user_Akash Kumar
    Akash Kumar
    TV News Anchor नौतन, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
  • क्लास 11th का नया फाउंडेशन बैच 1 अप्रैल से प्रारंभ हो रहा है Arts & Science By Rahul Sir 9110991281 मिडिल स्कूल के पास मिश्रबतरहाँ
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    क्लास 11th का नया फाउंडेशन बैच 1 अप्रैल से प्रारंभ हो रहा है 
Arts & Science 
By Rahul Sir 9110991281
मिडिल स्कूल के पास मिश्रबतरहाँ
    user_Rahul Sir
    Rahul Sir
    Teacher फुलवरिया, गोपालगंज, बिहार•
    4 hrs ago
  • बेतिया में ठेकेदार नसीम अहमद के बॉडीगार्ड की सं'दिग्ध मौ'त, इलाके में मचा हड़कंप ​बेतिया से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ठेकेदार नसीम अहमद के बॉडीगार्ड की सं'दिग्ध परिस्थिति में मौ'त हो गई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। ​ठेकेदार नसीम अहमद के अनुसार, उनका बॉडीगार्ड गुरप्रीत सिंह रात में कमरे का दरवाजा बंद कर सोया था। सुबह काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकला तो उसे कई बार आवाज देकर बुलाया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ​इसके बाद काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो गुरप्रीत सिंह कमरे के अंदर अचेत अवस्था में पड़ा मिला, जिसके बाद उसे मृ'त घोषित कर दिया गया। ​नसीम अहमद ने बताया कि गुरप्रीत सिंह ने रात में सिर दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे आराम करने के लिए भेज दिया गया था। वह कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर सो गया, लेकिन इसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थिति में मौ'त हो गई। ​घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने श'व को कब्जे में लेकर पो'स्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। ​मृ'तक की पहचान गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब के कादियात थाना क्षेत्र के सोलहपुर गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।जानकारी के अनुसार, गुरप्रीत सिंह कई वर्षों से पश्चिम चंपारण के बेतिया में ठेकेदार नसीम अहमद के साथ बॉडीगार्ड के रूप में कार्यरत था। ​बताया जा रहा है कि उसके पास लाइसेंसी बंदूक भी थी, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने मृ'तक के परिजनों को भी सूचना दे दी है। ​फिलहाल पुलिस पो'स्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौ'त के सही कारणों का पता चल सके।
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    बेतिया में ठेकेदार नसीम अहमद के बॉडीगार्ड की सं'दिग्ध मौ'त, इलाके में मचा हड़कंप
​बेतिया से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ठेकेदार नसीम अहमद के बॉडीगार्ड की सं'दिग्ध परिस्थिति में मौ'त हो गई है। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
​ठेकेदार नसीम अहमद के अनुसार, उनका बॉडीगार्ड गुरप्रीत सिंह रात में कमरे का दरवाजा बंद कर सोया था। सुबह काफी देर तक जब वह बाहर नहीं निकला तो उसे कई बार आवाज देकर बुलाया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
​इसके बाद काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो गुरप्रीत सिंह कमरे के अंदर अचेत अवस्था में पड़ा मिला, जिसके बाद उसे मृ'त घोषित कर दिया गया।
​नसीम अहमद ने बताया कि गुरप्रीत सिंह ने रात में सिर दर्द की शिकायत की थी, जिसके बाद उसे आराम करने के लिए भेज दिया गया था। वह कमरे में जाकर दरवाजा बंद कर सो गया, लेकिन इसके बाद उसकी संदिग्ध परिस्थिति में मौ'त हो गई।
​घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने श'व को कब्जे में लेकर पो'स्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
​मृ'तक की पहचान गुरप्रीत सिंह के रूप में हुई है, जो पंजाब के कादियात थाना क्षेत्र के सोलहपुर गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।जानकारी के अनुसार, गुरप्रीत सिंह कई वर्षों से पश्चिम चंपारण के बेतिया में ठेकेदार नसीम अहमद के साथ बॉडीगार्ड के रूप में कार्यरत था।
​बताया जा रहा है कि उसके पास लाइसेंसी बंदूक भी थी, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने मृ'तक के परिजनों को भी सूचना दे दी है।
​फिलहाल पुलिस पो'स्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, ताकि मौ'त के सही कारणों का पता चल सके।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    12 hrs ago
  • आज 27 मार्च (शुक्रवार) शाम करीब 4 बजे—मारपीट के एक पुराने मामले में जिला अपर सत्र न्यायाधीश दशम प्रभाकर दत्त मिश्र ने सुनवाई पूरी करते हुए सात नामजद अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में राजकुमार शाह, अनिल शाह, रामनाथ यादव, दिनेश यादव, खोभारी साह, रामप्रवेश यादव और सुरेश यादव शामिल हैं। सभी को भादवि की धारा 147 के तहत भी दोषी पाते हुए एक वर्ष की सजा तथा दोनों धाराओं में एक-एक हजार, कुल दो हजार रुपये जुर्माना देने का आदेश दिया गया है। सभी सजायाफ्ता गौनाहा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुर गांव के निवासी हैं। लोक अभियोजक राम नगीना प्रसाद के अनुसार यह मामला गौनाहा थाना कांड संख्या 64/2000 और 63/2000 का पलटा वाद है, जिसकी घटना 15 दिसंबर 2000 को भूमि विवाद को लेकर हुई थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसे अदालत ने सत्य मानते हुए सजा सुनाई।
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    आज 27 मार्च (शुक्रवार) शाम करीब 4 बजे—मारपीट के एक पुराने मामले में जिला अपर सत्र न्यायाधीश दशम प्रभाकर दत्त मिश्र ने सुनवाई पूरी करते हुए सात नामजद अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए एक-एक वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। सजा पाने वालों में राजकुमार शाह, अनिल शाह, रामनाथ यादव, दिनेश यादव, खोभारी साह, रामप्रवेश यादव और सुरेश यादव शामिल हैं। सभी को भादवि की धारा 147 के तहत भी दोषी पाते हुए एक वर्ष की सजा तथा दोनों धाराओं में एक-एक हजार, कुल दो हजार रुपये जुर्माना देने का आदेश दिया गया है। सभी सजायाफ्ता गौनाहा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुर गांव के निवासी हैं। लोक अभियोजक राम नगीना प्रसाद के अनुसार यह मामला गौनाहा थाना कांड संख्या 64/2000 और 63/2000 का पलटा वाद है, जिसकी घटना 15 दिसंबर 2000 को भूमि विवाद को लेकर हुई थी। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसे अदालत ने सत्य मानते हुए सजा सुनाई।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor Thakrahan, Pashchim Champaran•
    2 hrs ago
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