सहिया गाँव में धूमधाम से मनाई गई सरस्वती पूजा, आस्था और उल्लास का दिखा अद्भुत नजारा वज़ीरगंज प्रखंड अन्तर्गत सहिया गाँव में इस वर्ष सरस्वती पूजा का पर्व पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। माँ सरस्वती की प्रतिमा स्थापित होते ही पूरे गाँव का माहौल भक्तिमय हो गया। चारों ओर जय माँ सरस्वती के जयकारे गूंजने लगे, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया। सुबह से ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।ईस पूजा मे बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। खासकर छात्र-छात्राओं में माँ सरस्वती के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने माँ से विद्या, बुद्धि और सद्बुद्धि का आशीर्वाद मांगा। सहिया गाँव स्थित गढ़, पर आकर्षक और भव्य पूजा पंडाल सजाए गए थे। रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और सजावटी वस्तुओं से पंडालों को मनमोहक रूप दिया गया था। कलाकारों द्वारा बनाई गई माँ सरस्वती की प्रतिमाएँ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के बीच पूजा का आयोजन किया गया, जिससे माहौल और भी भक्तिमय हो गया। पूजा के दौरान विधि-विधान से हवन-पूजन और आरती की गई। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। युवाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें भक्ति गीत, नृत्य और संगीत की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। सहिया गाँव स्थित गढ़ पर के स्थानीय लोग सौरव कुमार, गोलू कुमार, सचिन कुमार, सोहित कुमार, मोहित कुमार,निशु कुमार, बंटी कुमार, सोनू कुमार,निशु कुमार, टनटन कुमार,नक्का कुमार, राजा कुमार,मोनू कुमार,सन्नी कुमार, कल्लू कुमार,शक्ति कुमार, अर्जुन कुमार ने बताया कि सरस्वती पूजा का यह आयोजन हर वर्ष सामूहिक सहयोग और आपसी भाईचारे के साथ किया जाता है। इससे न केवल धार्मिक आस्था मजबूत होती है, बल्कि सामाजिक एकता और सौहार्द भी बढ़ता है। पूरे दिन चले इस आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों की भी सराहनीय भूमिका रही। देर शाम तक श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा और पूरे गाँव में उत्सव का माहौल बना रहा। कुल मिलाकर, सहिया गाँव में मनाई गई सरस्वती पूजा ने आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया, जो लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा। पूजा कराने वाले सहिया गाँव स्थित पुजारी राजीव रंजन त्रिपाठी ने बताया की सरस्वती पूजा के अवसर पर पूजा कराने वाले पुजारी ने बताया कि माँ सरस्वती ज्ञान, बुद्धि और विवेक की देवी हैं। उनकी पूजा से विद्यार्थियों में विद्या, संस्कार और सफलता का संचार होता है। उन्होंने आगे कहा कि श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है तथा अज्ञानता का नाश होता है। वज़ीरगंज से अभिषेक सिंह की रिपोर्ट!!
सहिया गाँव में धूमधाम से मनाई गई सरस्वती पूजा, आस्था और उल्लास का दिखा अद्भुत नजारा वज़ीरगंज प्रखंड अन्तर्गत सहिया गाँव में इस वर्ष सरस्वती पूजा का पर्व पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। माँ सरस्वती की प्रतिमा स्थापित होते ही पूरे गाँव का माहौल भक्तिमय हो गया। चारों ओर जय माँ सरस्वती के जयकारे गूंजने लगे, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया। सुबह से ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।ईस पूजा मे बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। खासकर छात्र-छात्राओं में माँ सरस्वती के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने माँ से विद्या, बुद्धि और सद्बुद्धि का आशीर्वाद मांगा। सहिया गाँव स्थित गढ़, पर आकर्षक और भव्य पूजा पंडाल सजाए गए थे। रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और सजावटी वस्तुओं से पंडालों को मनमोहक रूप दिया गया था। कलाकारों द्वारा बनाई गई माँ सरस्वती की प्रतिमाएँ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के बीच पूजा का आयोजन किया गया, जिससे माहौल और भी भक्तिमय हो गया। पूजा के दौरान विधि-विधान से हवन-पूजन और आरती की गई। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। युवाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें भक्ति गीत, नृत्य और संगीत की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। सहिया गाँव स्थित गढ़ पर के स्थानीय लोग सौरव कुमार, गोलू कुमार, सचिन कुमार, सोहित कुमार, मोहित कुमार,निशु कुमार, बंटी कुमार, सोनू कुमार,निशु कुमार, टनटन कुमार,नक्का कुमार, राजा कुमार,मोनू कुमार,सन्नी कुमार, कल्लू कुमार,शक्ति कुमार, अर्जुन कुमार ने बताया कि सरस्वती पूजा का यह आयोजन हर वर्ष सामूहिक सहयोग और आपसी भाईचारे के साथ किया जाता है। इससे न केवल धार्मिक आस्था मजबूत होती है, बल्कि सामाजिक एकता और सौहार्द भी बढ़ता है। पूरे दिन चले इस आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों की भी सराहनीय भूमिका रही। देर शाम तक श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा और पूरे गाँव में उत्सव का माहौल बना रहा। कुल मिलाकर, सहिया गाँव में मनाई गई सरस्वती पूजा ने आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया, जो लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा। पूजा कराने वाले सहिया गाँव स्थित पुजारी राजीव रंजन त्रिपाठी ने बताया की सरस्वती पूजा के अवसर पर पूजा कराने वाले पुजारी ने बताया कि माँ सरस्वती ज्ञान, बुद्धि और विवेक की देवी हैं। उनकी पूजा से विद्यार्थियों में विद्या, संस्कार और सफलता का संचार होता है। उन्होंने आगे कहा कि श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है तथा अज्ञानता का नाश होता है। वज़ीरगंज से अभिषेक सिंह की रिपोर्ट!!
- User9067Dehri, Rohtas👏15 hrs ago
- पति के मौत के 10 मिनट के अंदर पत्नी की भी हुई मौत!!1
- प्रेस विज्ञप्ति भारतीय जनता पार्टी गया शहर विधानसभा के कार्यालय पिता महेश्वर में भारत रत्न से सम्मानित एवं जन-जन के नेता कर्पूरी ठाकुर जी का 102 वीं जयंती समारोह भावय रूप से मनाया गया जिसका अध्यक्षता भाजपा जिला महामंत्री पप्पू सिंह एवं संचालन मध्य मंडल के मंडल अध्यक्ष मनीष कुमार उर्फ सोनू जी ने किया। सर्वप्रथम उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित करते हुए कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया। भाजपा नेताओं ने कर्पूरी ठाकुर जी के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कर्पूरी ठाकुर जी का जन्म 24 जनवरी 1924 को समस्तीपुर में हुआ था जो बिहार राज्य के लिए एक चर्चित गांव रहा है। इन्होंने समाज सेवा शिक्षा और गरीबों के उत्थान करने के लिए काफी चर्चित रहे इन्होंने बिहार में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विदाउट अंग्रेजी शिक्षा प्रणाली का राज्य में बढ़ावा दिया जिसके कारण बिहार जैसे पिछड़े राज्य में गरीब छात्रों को काफी सहूलियत मिला था। ये गरीबों के भलाई के लिए हमेशा प्रयासरत रहे और बिहार में सरकारी नौकरियां एवं शिक्षण संस्थान के नामांकन में 26% आरक्षण देकर एक मॉडल पेश किया इसके विरोध में कुछ लोगों ने सर्वोच्च न्यायालय का शरण भी लिया अंततः सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य में कर्पूरी फार्मूला के तहत आरक्षण लागू करने का फैसला दिया और बिहार में अति पिछड़ा वर्ग एवं पिछड़ा वर्ग का आरक्षण लागू हुआ। कर्पूरी ठाकुर एक भारतीय राजनीतिज्ञ थे इन्होंने दो बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया है इनके लोकप्रियता के कारण इन्हें जननायक कहा जाता है और 23 जनवरी 1924 को इन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। कर्पूरी ठाकुर एक संघर्षील एवं दवे कुचले लोगों के साथ बिहार राज्य को आगे बढ़ाने में काफी योगदान रहा है। ये काफी ईमानदार व्यक्ति थे इन्होने मुख्यमंत्री रहते हुए भी अपने एवं अपने परिवार के लिए कुछ भी संपत्ति नहीं बना सके क्योंकि एक काफी ईमानदार व्यक्ति थे जिसके कारण आज बिहार ही नहीं पूरे देश में चर्चित रहे जिसके कारण इन्हें भारत सरकार ने भारत रत्न की उपाधि से सम्मानित किया। आज जयंती के अवसर पर भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने इनके द्वारा लिए गए संकल्प एवं पद चिन्ह पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा प्रदेश प्रदेश सदस्य ओबीसी मोर्चा राजनंदन प्रसाद गांधी अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष देवानंद पासवान शिवनारायण सिंह चंद्रवंशी गौतम गोस्वामी अनिल कुमार मनोज कुमार सिंह महेंद्र जी दीनानाथ प्रसाद टिंकू गोस्वामी शिव मांझी अजय कुमार सिंह डॉक्टर जेठ खान जी सोशल मीडिया जिला संयोजक वेद प्रकाश जी गोपाल प्रसाद चंद्रवंशी नीलकर कुमार नरेंद्र कुमार अधिवक्ता अमित कुमार उर्फ बिल्लू नीतीश कुमार विनय शर्मा कुणाल कुमार दीनानाथ प्रसाद सहित सैकड़ो भाजपा कार्यकर्ता जयंती समारोह के कार्यक्रम में उपस्थित रहे।1
- हमारी सरकार सिर्फ चुनाव के टाइम अपना प्रदर्शन दिखाती है उसके बाद कभी नहीं यही हाल रहेगा बिहार में तो नेपाल जैसा अतिक्रमण आने में देर नहीं लगेगी1
- गया शहर के रुक्मिणी सरोवर में गाजे बाजे के साथ माता सरस्वती जी का प्रतिमा विसर्जन करते श्रद्धालु।1
- नमूना म्यूजिक वर्ल्ड यूट्यूब चैनल नमूना म्यूजिक रिकॉर्डिंग स्टूडियो राजगीर आप अपना गाना रिकॉर्डिंग करवाने के लिए या किसी भी तरह के प्रचार बनवाने के लिए संपर्क करें 98280289981
- *स्पेशल स्टोरी* रिपोर्ट बिप्लव कुमार गयाजी. भूटान मिनिस्ट्री में विश्व शांति अमन चैन कामना के लिए सात दिवसीय पूजा शुरू वाद्य यंत्र के साथ मंत्र उच्चारण के साथ 12 घंटे की पूजा सुबह 3 बजे से लेकर दोपहर 4 बजे तक हो रही है पूजा। गयाजी के भगवान बुद्ध के ज्ञानस्थली और बुद्धिस्ट के आस्था का केंद्र बोधगया स्थित भूटान मिनिस्ट्री में सात दिवसीय विशेष पूजा अर्चना चल रही है इस पूजा में छोटे बुद्धिस्ट साधु वाद्य यंत्र के साथ घंटो पूजा में लीन हैं। इस पूजा का आयोजन से विश्व में अमन चैन शांति खुशहाल जीवन किसान के समय पर वर्षा हो खुशी जीवन व्यतीत के लिए सात दिवसीय विशेष पूजा का आयोजन होता है। यह पूजा सुबह 3 बजे से लेकर हर दोपहर 4 बजे तक प्रतिदिन पूजा जारी है। इस पूजा में दर्जनों भगवान बुद्ध को चाहने वाले बुद्धिस्ट मोंक छोटे बुद्धिस्ट विशेष पूजा में बैठकर मंत्र उच्चारण के साथ विशेष पूजा कर रहे हैं। इस पूजा में वाद्य यंत्र और भूटान की पारंपरिक मंत्र उच्चारण के साथ पूजा की जा रही है पूरा भूटान मॉनेस्ट्री मंत्र उच्चारण गूंजामन हो गया है। इस संबंध में भूटान मॉनेस्ट्री के जनरल सेक्रेटरी सोनम दोरजे ने कहा कि आज से साथ दिवसीय भूटान मंदिर में विशेष पूजा सुबह 3 बजे से लेकर दोपहर 4 बजे तक विशेष तौर पर चल रही है। इस पूजा करने से विश्व में शांति अमन चैन विश्व की खुशहाली के लिए प्रत्येक वर्ष किया जा रहा है। इस पूजा का आयोजन भूटान मोनेस्ट्री में 15 वर्षों से लगातार हो रही है। इस पूजा में बुद्धिस्ट मोंक साधुगण विधिवत तरीके से कई घंटे तक ध्यान लगाकर पूजा करते हैं यह पूजा बहुत कठिन पूजा है इस पूजा के लोग करने के लिए काफी उत्साहित रहते हैं। इसमें छोटे बुद्धिस्ट लोग भी शामिल हैं। पूजा करने से सुख समृद्धि अत्यधिक अमन चैन खुशहाली मिलती है।4
- मौजूदा भाजपा सरकार ने ओबीसी का आरक्षण जो कभी 28 परसेंट हुआ करता था वह अब कुछ ही परसेंट रहने दिया है1
- सहिया गाँव में धूमधाम से मनाई गई सरस्वती पूजा, आस्था और उल्लास का दिखा अद्भुत नजारा वज़ीरगंज प्रखंड अन्तर्गत सहिया गाँव में इस वर्ष सरस्वती पूजा का पर्व पूरे श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। माँ सरस्वती की प्रतिमा स्थापित होते ही पूरे गाँव का माहौल भक्तिमय हो गया। चारों ओर जय माँ सरस्वती के जयकारे गूंजने लगे, जिससे वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गया। सुबह से ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।ईस पूजा मे बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। खासकर छात्र-छात्राओं में माँ सरस्वती के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने माँ से विद्या, बुद्धि और सद्बुद्धि का आशीर्वाद मांगा। सहिया गाँव स्थित गढ़, पर आकर्षक और भव्य पूजा पंडाल सजाए गए थे। रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और सजावटी वस्तुओं से पंडालों को मनमोहक रूप दिया गया था। कलाकारों द्वारा बनाई गई माँ सरस्वती की प्रतिमाएँ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। ढोल-नगाड़ों और भक्ति संगीत के बीच पूजा का आयोजन किया गया, जिससे माहौल और भी भक्तिमय हो गया। पूजा के दौरान विधि-विधान से हवन-पूजन और आरती की गई। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। युवाओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें भक्ति गीत, नृत्य और संगीत की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। सहिया गाँव स्थित गढ़ पर के स्थानीय लोग सौरव कुमार, गोलू कुमार, सचिन कुमार, सोहित कुमार, मोहित कुमार,निशु कुमार, बंटी कुमार, सोनू कुमार,निशु कुमार, टनटन कुमार,नक्का कुमार, राजा कुमार,मोनू कुमार,सन्नी कुमार, कल्लू कुमार,शक्ति कुमार, अर्जुन कुमार ने बताया कि सरस्वती पूजा का यह आयोजन हर वर्ष सामूहिक सहयोग और आपसी भाईचारे के साथ किया जाता है। इससे न केवल धार्मिक आस्था मजबूत होती है, बल्कि सामाजिक एकता और सौहार्द भी बढ़ता है। पूरे दिन चले इस आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था के लिए स्वयंसेवकों की भी सराहनीय भूमिका रही। देर शाम तक श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा और पूरे गाँव में उत्सव का माहौल बना रहा। कुल मिलाकर, सहिया गाँव में मनाई गई सरस्वती पूजा ने आस्था, संस्कृति और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया, जो लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में बना रहेगा। पूजा कराने वाले सहिया गाँव स्थित पुजारी राजीव रंजन त्रिपाठी ने बताया की सरस्वती पूजा के अवसर पर पूजा कराने वाले पुजारी ने बताया कि माँ सरस्वती ज्ञान, बुद्धि और विवेक की देवी हैं। उनकी पूजा से विद्यार्थियों में विद्या, संस्कार और सफलता का संचार होता है। उन्होंने आगे कहा कि श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है तथा अज्ञानता का नाश होता है। वज़ीरगंज से अभिषेक सिंह की रिपोर्ट!!1