आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से मऊ पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर की अध्यक्षता में कानून-व्यवस्था और अपराध समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सहित सभी क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने अपराध और कानून व्यवस्था से संबंधित विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की और शांति तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। जारी किए गए निर्देशों में छोटी घटनाओं पर विशेष नजर रखने और तत्काल विधिक कार्यवाही करने को कहा गया, साथ ही गंभीर घटनाओं के स्थल का तुरंत निरीक्षण कर उच्चाधिकारियों को सूचित करने का निर्देश दिया गया। जनशिकायतों और आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और अतिशीघ्र करने, मौके का भ्रमण करने पर भी जोर दिया गया। अपराधों की रोकथाम के लिए पैदल गस्त और पिकेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने, बीट प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा गोवध के मामलों में दोषियों के खिलाफ गुंडा/गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। अवैध मद्य निष्कर्षण, बिक्री और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संभावित क्षेत्रों में लगातार चेकिंग व दबिश देने तथा संलिप्त अभियुक्तों पर गैंगस्टर की कार्यवाही करने का आदेश दिया गया। लूट की घटनाओं को रोकने हेतु पूर्व में शामिल अपराधियों का सत्यापन कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही करने, तथा जमीन संबंधी विवादों का राजस्व विभाग के समन्वय से मौके पर जाकर समाधान कराने के लिए भी कहा गया। सभी थानों को पीस कमेटी की बैठकें आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देशों से सभी को अवगत कराने, संपूर्ण समाधान तहसील/थाना दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण 5 दिवस के भीतर करने का निर्देश भी दिया गया। महिला संबंधी अपराधों में शामिल अभियुक्तों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने, आगामी त्योहारों के दौरान भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर गस्त/पिकेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने, तथा सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि रखते हुए अफवाहों का खंडन अतिशीघ्र करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का आदेश भी जारी हुआ। विशेष रूप से, पुलिस अधीक्षक ने बकरीद के त्योहार को सकुशल संपन्न कराने के लिए ये बैठक की।
आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से मऊ पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर की अध्यक्षता में कानून-व्यवस्था और अपराध समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सहित सभी क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने अपराध और कानून व्यवस्था से संबंधित विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की और शांति तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। जारी किए गए निर्देशों में छोटी घटनाओं पर
विशेष नजर रखने और तत्काल विधिक कार्यवाही करने को कहा गया, साथ ही गंभीर घटनाओं के स्थल का तुरंत निरीक्षण कर उच्चाधिकारियों को सूचित करने का निर्देश दिया गया। जनशिकायतों और आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और अतिशीघ्र करने, मौके का भ्रमण करने पर भी जोर दिया गया। अपराधों की रोकथाम के लिए पैदल गस्त और पिकेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने, बीट प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा गोवध के मामलों में दोषियों के खिलाफ गुंडा/गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। अवैध मद्य निष्कर्षण, बिक्री और
परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संभावित क्षेत्रों में लगातार चेकिंग व दबिश देने तथा संलिप्त अभियुक्तों पर गैंगस्टर की कार्यवाही करने का आदेश दिया गया। लूट की घटनाओं को रोकने हेतु पूर्व में शामिल अपराधियों का सत्यापन कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही करने, तथा जमीन संबंधी विवादों का राजस्व विभाग के समन्वय से मौके पर जाकर समाधान कराने के लिए भी कहा गया। सभी थानों को पीस कमेटी की बैठकें आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देशों से सभी को अवगत कराने, संपूर्ण समाधान तहसील/थाना दिवस में प्राप्त शिकायतों का
निस्तारण 5 दिवस के भीतर करने का निर्देश भी दिया गया। महिला संबंधी अपराधों में शामिल अभियुक्तों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने, आगामी त्योहारों के दौरान भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर गस्त/पिकेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने, तथा सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि रखते हुए अफवाहों का खंडन अतिशीघ्र करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का आदेश भी जारी हुआ। विशेष रूप से, पुलिस अधीक्षक ने बकरीद के त्योहार को सकुशल संपन्न कराने के लिए ये बैठक की।
- Post by RISHI RAI1
- पंजाब में सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे डिजिटल संगठन 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नाम पर अब साइबर ठगी की वारदातें शुरू हो गई हैं। ठग CJP का नाम इस्तेमाल कर लोगों को धोखाधड़ी वाले लिंक भेज रहे हैं, जिससे उन्हें ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। इस नए फ्रॉड से आम जनता को बचाने और जागरूक करने के लिए लुधियाना पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो भी जारी किया है। 42 सेकेंड के इस वीडियो में पुलिस अधिकारी अमरिंदर सिंह ने विस्तार से बताया है कि कैसे एक छोटी सी गलती लोगों को कंगाल बना सकती है। पुलिस के अनुसार, साइबर ठग वॉट्सऐप पर ऐसे संदेश भेजते हैं जो युवाओं को आकर्षित करते हैं, जैसे 'देश की पुकार सिस्टम बदलने का समय आ गया है' और 'युवाओं के लिए बड़ी अपॉर्चुनिटी'। इन संदेशों के साथ 'कॉकरोच जनता पार्टी जॉइन करने की अपील की जाती है और नीचे एक लिंक दिया होता है। अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि यह लिंक दरअसल एक फिशिंग लिंक है। जैसे ही कोई व्यक्ति भावनाओं में बहकर या उत्सुकतावश इस लिंक पर क्लिक करता है, उसका मोबाइल फोन तुरंत हैक हो जाता है। फोन हैक होते ही पीड़ित के फोन में मौजूद सारी बैंकिंग डिटेल्स, पासवर्ड और निजी डेटा सीधा स्कैमर्स (ठगों) के पास पहुंच जाता है। इस डेटा का इस्तेमाल करके ठग न सिर्फ बैंक खाते से सारे पैसे ट्रांसफर कर लेते हैं, बल्कि पीड़ित के नाम पर लाखों रुपये का लोन भी ले सकते हैं। आपको बता दें कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' सोशल मीडिया पर वायरल एक व्यंग्यात्मक अभियान है, जिसे युवाओं की बेरोज़गारी और सिस्टम से नाराज़गी का प्रतीक माना जा रहा है। यह कोई आधिकारिक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि एक डिजिटल प्रोटेस्ट मूवमेंट की तरह उभरा है, जिसके वायरल पोस्ट और मैनिफेस्टो ने लोगों का ध्यान खींचा है और कई यूजर्स इसे आम जनता की आवाज़ और संघर्ष का प्रतीक बताकर समर्थन दे रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मऊ में, अब्दुल रहमान इदरीसी को मऊ क्रांति न्यूज का प्रचार मंत्री नियुक्त किया गया है। सूरजपुर के निवासी अब्दुल रहमान इदरीसी ने यह महत्वपूर्ण पद हासिल कर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है।4
- आजमगढ़ में सुहेलदेव विश्वविद्यालय के बगल में एक कराह पूजा कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह कार्यक्रम यूनिवर्सिटी सुहेलदेव के पास आयोजित किया गया था।1
- आजमगढ़ के बिलरियागंज थाना क्षेत्र में हुई झपटमारी की घटना का पुलिस ने मंगलवार को सफलतापूर्वक खुलासा किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस मुठभेड़ में एक बदमाश घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके एक बाल अपचारी साथी को भी पुलिस ने संरक्षण में लिया है। पुलिस ने इन आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा, कारतूस, नकदी, मोबाइल फोन, एक लेडीज बैग और घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। यह मामला 23 मई का है, जब रौनापार थाना क्षेत्र के जमीन रसूलपुर की निवासी महजबीन पत्नी शादाव अहमद ने बिलरियागंज थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि बाजार से ई-रिक्शा से घर लौटते समय वधैला के पास बाइक सवार दो युवकों ने उनका पर्स छीन लिया था, जिसमें नकदी और मोबाइल फोन रखा था। इस संबंध में बिलरियागंज थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत मंगलवार को बिलरियागंज पुलिस संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि झपटमारी की घटना में शामिल आरोपी एक काले रंग की पल्सर बाइक से नहर पटरी मार्ग से नसीरपुर की ओर जा रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने नसीरपुर मोड़ के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही बाइक सवार भागने लगे और जब उन्हें रोकने का प्रयास किया गया, तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली एक बदमाश के पैर में लगी। घायल बदमाश की पहचान बिलरियागंज के कसाई मोहल्ला निवासी फुजैल अहमद पुत्र अलीम के रूप में हुई, जिसे इलाज के लिए पहले सीएचसी बिलरियागंज और बाद में जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मौके से एक .315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, ₹9800 नकद, एक मोबाइल फोन, एक लेडीज बैग और झपटमारी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। पुलिस ने इस संबंध में आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार घायल अभियुक्त फुजैल अहमद पर पहले से ही चोरी और अन्य आपराधिक मामलों के मुकदमे दर्ज हैं।2
- अम्बेडकरनगर जिले के राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र में एक जमीनी विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। आरोप है कि इस विवाद के चलते एक पक्ष ने दूसरे के घर में घुसकर मारपीट की। इस घटना के बाद, पुलिस ने दोनों संबंधित पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।1
- बिल्थरारोड के पिपरौली बड़ागांव निवासी युवा समाजसेवी इंजीनियर विजय मौर्य ने लाखों रुपए की अपनी नौकरी छोड़कर ग्राम प्रधान का चुनाव लड़ने का फैसला किया है। उन्होंने गांव के विकास के लिए कमर कस ली है और अपने इस कदम को गांव की बदहाली दूर करने का एक प्रयास बताया है। इंजीनियर विजय मौर्य का आरोप है कि अब तक गांव के जितने भी प्रधान बने, उन्होंने सर्वांगीण विकास के लोकलुभावन वादे कर जनता को केवल ठगने का काम किया है। उनके अनुसार, गांव में जो भी काम कराए गए हैं, वे सिर्फ कुछ लोगों को देखकर किए गए, जिसके चलते नालियां टूटी पड़ी हैं और बच्चों की शिक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि गांव की जनता को सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाया है, जिससे आज भी गरीब और असहाय लोग आवास योजना से वंचित हैं। गांव की सड़कें भी जर्जर हालत में हैं। एक उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रधान द्वारा एक सड़क बनवाई जा रही है, लेकिन उसे भी अपने लोगों के घर तक बनवाकर अधूरा छोड़ दिया गया है। विजय मौर्य ने जोर देकर कहा कि जनप्रतिनिधि पूरे गांव का होता है। उन्होंने संकल्प लिया है कि यदि आने वाले समय में गांव की जनता का आशीर्वाद मिला, तो सरकार की आवास, सड़क, नाली निर्माण, विधवा-वृद्धा पेंशन और स्वच्छता जैसी सभी योजनाएं धरातल पर दिखाई देंगी। उन्होंने युवाओं और महिलाओं के लिए भी सरकार की मूलभूत योजनाओं का भरपूर लाभ सुनिश्चित करने की बात कही। उनका लक्ष्य गांव का चौतरफा विकास कराकर समाज के अंतिम व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना है, और उनका मानना है कि जनता के आशीर्वाद से गांव की तस्वीर निश्चित रूप से बदलेगी।1
- आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से मऊ पुलिस लाइन सभागार में पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर की अध्यक्षता में कानून-व्यवस्था और अपराध समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार सहित सभी क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष और शाखा प्रभारी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने अपराध और कानून व्यवस्था से संबंधित विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की और शांति तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। जारी किए गए निर्देशों में छोटी घटनाओं पर विशेष नजर रखने और तत्काल विधिक कार्यवाही करने को कहा गया, साथ ही गंभीर घटनाओं के स्थल का तुरंत निरीक्षण कर उच्चाधिकारियों को सूचित करने का निर्देश दिया गया। जनशिकायतों और आईजीआरएस प्रार्थना पत्रों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और अतिशीघ्र करने, मौके का भ्रमण करने पर भी जोर दिया गया। अपराधों की रोकथाम के लिए पैदल गस्त और पिकेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने, बीट प्रणाली को सुदृढ़ करने तथा गोवध के मामलों में दोषियों के खिलाफ गुंडा/गैंगस्टर अधिनियम के तहत कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। अवैध मद्य निष्कर्षण, बिक्री और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए संभावित क्षेत्रों में लगातार चेकिंग व दबिश देने तथा संलिप्त अभियुक्तों पर गैंगस्टर की कार्यवाही करने का आदेश दिया गया। लूट की घटनाओं को रोकने हेतु पूर्व में शामिल अपराधियों का सत्यापन कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्यवाही करने, तथा जमीन संबंधी विवादों का राजस्व विभाग के समन्वय से मौके पर जाकर समाधान कराने के लिए भी कहा गया। सभी थानों को पीस कमेटी की बैठकें आयोजित कर आवश्यक दिशा-निर्देशों से सभी को अवगत कराने, संपूर्ण समाधान तहसील/थाना दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण 5 दिवस के भीतर करने का निर्देश भी दिया गया। महिला संबंधी अपराधों में शामिल अभियुक्तों के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करने, आगामी त्योहारों के दौरान भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर गस्त/पिकेट की व्यवस्था सुनिश्चित करने, तथा सोशल मीडिया पर सतर्क दृष्टि रखते हुए अफवाहों का खंडन अतिशीघ्र करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अतिरिक्त, संगठित अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही का आदेश भी जारी हुआ। विशेष रूप से, पुलिस अधीक्षक ने बकरीद के त्योहार को सकुशल संपन्न कराने के लिए ये बैठक की।4