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आज विदिशा शहर कुछ ही समय की बारिश से जलमग्न हो गया। कई जगहों पर बरसात का पानी एक बड़ी समस्या बनकर उभरा, जिसके कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। विदिशा नगर पालिका की नामांतरण शाखा में भी पानी भर गया, जिससे वहाँ रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नुकसान पहुँचने की आशंका है। जलभराव के कारण रिकॉर्ड रूम की स्थिति भी प्रभावित हुई है। हालांकि, इस बारिश ने लोगों को तेज गर्मी से राहत प्रदान की है।
Vinod Mehra
आज विदिशा शहर कुछ ही समय की बारिश से जलमग्न हो गया। कई जगहों पर बरसात का पानी एक बड़ी समस्या बनकर उभरा, जिसके कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। विदिशा नगर पालिका की नामांतरण शाखा में भी पानी भर गया, जिससे वहाँ रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नुकसान पहुँचने की आशंका है। जलभराव के कारण रिकॉर्ड रूम की स्थिति भी प्रभावित हुई है। हालांकि, इस बारिश ने लोगों को तेज गर्मी से राहत प्रदान की है।
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- मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में हुई भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। शहर में चारों ओर पानी ही पानी भर गया है, जिससे सभी नाले और सड़कें उफान पर आ गई हैं। इस स्थिति ने विदिशा में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा कर दी है।1
- Post by Curo1
- एक व्यक्ति ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि वे (लोग) सोच-सोचकर दीवाने हो जाएंगे और अंततः बर्बाद हो जाएंगे। उन्होंने इस स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि वह इसका जवाब देता है।1
- रायसेन जिले में 'स्कूल रेडीनेस मेला-2' का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया, जिसमें जिले के सभी 61 सेक्टरों और 1800 से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों पर यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने स्वयं वार्ड क्रमांक 13 की एक आंगनवाड़ी में पहुंचकर संवाद किया। इस खबर को दूरदर्शन मध्य प्रदेश पर रायसेन जिला संवाददाता विनीत माहेश्वरी द्वारा दिखाया गया।1
- रायसेन जिले के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में स्कूल रेडीनेस मेला-2 का सफल आयोजन किया गया, जिसमें एक माह की मेहनत के पीछे माताओं की भूमिका निर्णायक रही। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा रायसेन नगर के वार्ड क्रमांक-13 में स्थित आंगनवाड़ी केंद्र-04 में इस मेले में शामिल हुए और बच्चों के साथ आत्मीय संवाद किया। कलेक्टर विश्वकर्मा ने बच्चों की विभिन्न शिक्षण एवं रचनात्मक गतिविधियों का अवलोकन कर उनका उत्साहवर्धन किया और आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक बाल्यावस्था बच्चों के बौद्धिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास की सबसे महत्वपूर्ण अवस्था होती है। उनके अनुसार, स्कूल रेडीनेस मेला बच्चों को विद्यालयीन वातावरण से परिचित कराने और उन्हें खेल-खेल में सीखने के लिए प्रेरित करने का एक प्रभावी माध्यम है, जिससे रचनात्मक गतिविधि आधारित शिक्षण से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ती है और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होता है। इस दौरान उन्होंने बच्चों से उनका नाम, पसंदीदा विषय और आंगनवाड़ी में होने वाली गतिविधियों के बारे में चर्चा की, जिस पर बच्चों ने भी पूरे उत्साह से जानकारी दी। बच्चों के उत्साह से प्रभावित होकर कलेक्टर विश्वकर्मा ने उनकी सराहना की और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों तथा आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि प्रत्येक बच्चे के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने इसे गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। साथ ही, उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करें और घर पर भी उनके सीखने में सहयोग करें। मेले में बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षण तथा अन्य मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत, जिले में 5-6 वर्ष आयु के हजारों बच्चों का पाँच विकास क्षेत्रों – भाषा, संख्या ज्ञान, संज्ञानात्मक क्षमता, शारीरिक विकास तथा सामाजिक-भावनात्मक कौशल – में पुनः आकलन किया गया। 26 मई को आयोजित पहले मेले की तुलना में उनकी प्रगति को व्यक्तिगत रिपोर्ट कार्ड में दर्ज कर अभिभावकों को सौंपा गया, जिसके बाद जिले भर में एक माह तक चले माता सहभागिता कार्यक्रम के बाद बच्चों में उल्लेखनीय विकास देखा गया है।3
- आज विदिशा शहर कुछ ही समय की बारिश से जलमग्न हो गया। कई जगहों पर बरसात का पानी एक बड़ी समस्या बनकर उभरा, जिसके कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। विदिशा नगर पालिका की नामांतरण शाखा में भी पानी भर गया, जिससे वहाँ रखे महत्वपूर्ण दस्तावेजों को नुकसान पहुँचने की आशंका है। जलभराव के कारण रिकॉर्ड रूम की स्थिति भी प्रभावित हुई है। हालांकि, इस बारिश ने लोगों को तेज गर्मी से राहत प्रदान की है।4
- विदिशा जिले के लटेरी ग्राम पंचायत गोपालनगर स्थित शासकीय स्कूल की छत का प्लास्टर गिरने से तीन बच्चे घायल हो गए। इस हादसे में एक बच्ची को गंभीर चोटें आई हैं, वहीं दो अन्य बच्चों को मामूली चोटें लगी हैं। यह घटना स्कूल भवन की अत्यधिक जर्जर हालत के कारण हुई, जिससे एक बड़ा हादसा होते-होते बचा। सिरोंज तहसील क्षेत्र के कई अन्य स्कूलों की भी ऐसी ही दयनीय स्थिति बताई गई है, जहाँ समय पर मरम्मत न होने के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।4