हिमाचल प्रदेश के पंजैहरा तहसील अंतर्गत बघेरी-two जेपी रोड पर बना एक गहरा खड्डा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थान पर भूमिगत पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी गई थी, लेकिन पाइप डालने के बाद गड्ढे को केवल मिट्टी से भरकर ही छोड़ दिया गया। लगातार हो रही बारिश की वजह से यह मिट्टी धंसती जा रही है और खड्डा दिन-प्रतिदिन और भी बड़ा तथा गहरा होता जा रहा है। सड़क की इस स्थिति के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर रात के समय या बारिश के दौरान यह खड्डा साफ नजर नहीं आता, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का गंभीर खतरा बना हुआ है। इस लापरवाही को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि संबंधित विभाग और प्रशासन आखिर कब जागेगा और क्या किसी की जान जाने के बाद ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा। डीके न्यूज नालागढ़ ने प्रशासन से इस खतरनाक खड्डे की तुरंत मरम्मत करवाने की मांग की है, ताकि किसी भी अनहोनी से पहले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
हिमाचल प्रदेश के पंजैहरा तहसील अंतर्गत बघेरी-two जेपी रोड पर बना एक गहरा खड्डा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थान पर भूमिगत पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी गई थी, लेकिन पाइप डालने के बाद गड्ढे को केवल मिट्टी से भरकर ही छोड़ दिया गया। लगातार हो रही बारिश की वजह से यह मिट्टी धंसती जा रही है और खड्डा दिन-प्रतिदिन और भी बड़ा तथा गहरा होता जा रहा है। सड़क की इस स्थिति के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर रात के समय या बारिश के दौरान यह खड्डा साफ नजर नहीं आता, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का गंभीर खतरा बना हुआ है। इस लापरवाही को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि संबंधित विभाग और प्रशासन आखिर कब जागेगा और क्या किसी की जान जाने के बाद ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा। डीके न्यूज नालागढ़ ने प्रशासन से इस खतरनाक खड्डे की तुरंत मरम्मत करवाने की मांग की है, ताकि किसी भी अनहोनी से पहले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- हिमाचल प्रदेश के पंजैहरा तहसील अंतर्गत बघेरी-two जेपी रोड पर बना एक गहरा खड्डा राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस स्थान पर भूमिगत पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी गई थी, लेकिन पाइप डालने के बाद गड्ढे को केवल मिट्टी से भरकर ही छोड़ दिया गया। लगातार हो रही बारिश की वजह से यह मिट्टी धंसती जा रही है और खड्डा दिन-प्रतिदिन और भी बड़ा तथा गहरा होता जा रहा है। सड़क की इस स्थिति के कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। खासकर रात के समय या बारिश के दौरान यह खड्डा साफ नजर नहीं आता, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का गंभीर खतरा बना हुआ है। इस लापरवाही को लेकर सवाल उठाया जा रहा है कि संबंधित विभाग और प्रशासन आखिर कब जागेगा और क्या किसी की जान जाने के बाद ही इस समस्या का समाधान किया जाएगा। डीके न्यूज नालागढ़ ने प्रशासन से इस खतरनाक खड्डे की तुरंत मरम्मत करवाने की मांग की है, ताकि किसी भी अनहोनी से पहले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।1
- हिमाचल प्रदेश में आगामी 26 जुलाई तक मानसून सामान्य बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 23 से 26 जुलाई तक राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र का पूर्वानुमान है कि 27 जुलाई के बाद प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा और 27 से 29 जुलाई के बीच भारी से भारी बारिश हो सकती है। मानसून के असर से प्रदेश के तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, और 27 जुलाई को मानसून के तेज होने के साथ तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान बिलासपुर में सबसे अधिक करीब 56 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि मनाली और नाहन में लगभग 30-30 मिमी बारिश हुई। बुधवार सुबह से ही शिमला, सोलन, बिलासपुर, कांगड़ा और चंबा सहित कई क्षेत्रों में घने बादल छाए रहे और वर्षा का दौर जारी रहा। विभाग के अनुसार 23 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 24 से 26 जुलाई के बीच चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला सहित कई जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। हिमालय की तलहटी की ओर मानसून ट्रफ के सक्रिय रहने के कारण प्रदेश में बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। 27 से 29 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते 27 जुलाई के लिए कांगड़ा और मंडी समेत कुछ क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।2
- पंचकूला में जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया है। अधिवक्ताओं ने जिला न्यायालय से उपायुक्त कार्यालय तक एक विरोध मार्च निकाला, जिसमें सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और प्रदर्शनकारी छात्रों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की गई। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं के प्रतिनिधिमंडल ने पंचकूला के उपायुक्त को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और छात्रों की लोकतांत्रिक मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की गई है। अधिवक्ताओं का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका यह संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक मामलों पर सरकार की सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक के गुनहगारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और सरकार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। छात्रों का एक साल खराब होने से बचाने के लिए सरकार ने करीब 22 लाख अभ्यर्थियों की नीट परीक्षा दोबारा आयोजित कराई और 19 तारीख को इसके परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं। प्रधानमंत्री के निर्देश पर संबंधित विभागों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर दंड से जुड़े कानून का मसौदा तैयार कर लिया है। इस मसौदे को कल होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद संसद सत्र के दूसरे सप्ताह से सरकार इस विधेयक को जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।1
- NEET धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी बवाल और राजनीतिक हलचलों के बीच हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह पूरा प्रकरण सामने आया है, उसने देश की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। केंद्र सरकार की ऐसी नाकामियों के कारण ही आज देश का युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर है और व्यवस्था से उसका भरोसा उठ रहा है। शिक्षा मंत्री ने मांग रखी कि केंद्र सरकार तुरंत जागे और बिना किसी पक्षपात के 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाकर मेधावी बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करे। NEET मुद्दे पर केंद्र को घेरने के साथ ही शिक्षा मंत्री ने हिमाचल प्रदेश में पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की भर्ती का पूरा रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है और सभी नियुक्तियां केवल मेरिट व पूर्ण पारदर्शिता के आधार पर की जाएंगी। वर्तमान में सीबीएसई व अन्य स्कूलों में इन-सर्विस शिक्षकों और प्रिंसिपल्स की नियुक्ति तेजी से चल रही है, जिसमें 152 प्रिंसिपल्स के पदों के लिए 8 जिलों की सूची जारी हो चुकी है। लगभग 9,000 अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा और स्क्रीनिंग के बाद मेरिट लिस्ट के आधार पर पद भरे जा रहे हैं। गणित व अंग्रेजी के शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है और पीजीटी समेत अन्य खाली पदों को 10 अगस्त तक भरने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में चल रहे जेबीटी (JBT) शिक्षकों के आंदोलन पर संवेदनशीलता जताते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से मांग उठाना उनका अधिकार है और सरकार सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है। इसके अलावा शिक्षक पुरस्कार नीति के वित्तीय लाभों में संशोधन की जानकारी जल्द दी जाएगी। भर्तियों की गति को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआत में 4,000 बैचवाइज और आयोग के ज़रिये 8,000 से 9,000 नियुक्तियां हो चुकी हैं। अभी 3,000 से 4,000 पदों की प्रक्रिया जारी है, जिसमें कैबिनेट द्वारा मंजूर 3.5 हजार मल्टीपर्पज वर्कर भी शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य कार्यकाल पूरा होने तक कुल 13,000 से 14,000 नई नियुक्तियां संपन्न करने का है।1
- पंचकूला में पुरानी रंजिश के चलते हुए कपिल हत्याकांड में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 2 और फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की कुल संख्या 6 हो गई है। पुलिस ने नए गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर 4 दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है, ताकि गहन पूछताछ और साक्ष्य जुटाए जा सकें। वहीं, पहले पकड़े गए 4 आरोपियों को रिमांड अवधि पूरी होने के बाद 23 जुलाई को ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है। यह मामला थाना मनसा देवी में 17 जुलाई 2026 को भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 190, 191(2), 115, 103 एवं 60 के तहत दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार पुरानी रंजिश के चलते उसके पुत्र कपिल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि इस हमले में कपिल के दो साथी भी घायल हुए थे। इस पूरी वारदात की वजह करीब दो साल पहले हुई एक घटना थी, जब कपिल के एक दोस्त ने मुख्य आरोपियों का प्रोटीन पाउडर खाकर बॉडी बनाने को लेकर मजाक उड़ाया था। उसी बात को लेकर दोनों पक्षों में रंजिश चली आ रही थी और बाद में समझौते के प्रयास के दौरान फिर कहासुनी हो गई, जिसने हिंसक रूप ले लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर आईपीएस पंकज नैन के निर्देश पर डीसीपी पंचकूला आईपीएस अदिति सिंह और डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक आईपीएस अमरिंदर सिंह की अगुवाई में थाना मनसा देवी व क्राइम यूनिटों की टीमों का गठन किया गया था। पुलिस ने शुरुआत में ही 24 घंटे के भीतर 4 आरोपियों को धर दबोचा था। इसके बाद जांच आगे बढ़ाते हुए 23 जुलाई को फरार चल रहे दो अन्य आरोपियों विवेक कुमार और संजय को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा और शेष फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।1