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NEET धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी बवाल और राजनीतिक हलचलों के बीच हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह पूरा प्रकरण सामने आया है, उसने देश की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। केंद्र सरकार की ऐसी नाकामियों के कारण ही आज देश का युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर है और व्यवस्था से उसका भरोसा उठ रहा है। शिक्षा मंत्री ने मांग रखी कि केंद्र सरकार तुरंत जागे और बिना किसी पक्षपात के 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाकर मेधावी बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करे। NEET मुद्दे पर केंद्र को घेरने के साथ ही शिक्षा मंत्री ने हिमाचल प्रदेश में पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की भर्ती का पूरा रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है और सभी नियुक्तियां केवल मेरिट व पूर्ण पारदर्शिता के आधार पर की जाएंगी। वर्तमान में सीबीएसई व अन्य स्कूलों में इन-सर्विस शिक्षकों और प्रिंसिपल्स की नियुक्ति तेजी से चल रही है, जिसमें 152 प्रिंसिपल्स के पदों के लिए 8 जिलों की सूची जारी हो चुकी है। लगभग 9,000 अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा और स्क्रीनिंग के बाद मेरिट लिस्ट के आधार पर पद भरे जा रहे हैं। गणित व अंग्रेजी के शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है और पीजीटी समेत अन्य खाली पदों को 10 अगस्त तक भरने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में चल रहे जेबीटी (JBT) शिक्षकों के आंदोलन पर संवेदनशीलता जताते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से मांग उठाना उनका अधिकार है और सरकार सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है। इसके अलावा शिक्षक पुरस्कार नीति के वित्तीय लाभों में संशोधन की जानकारी जल्द दी जाएगी। भर्तियों की गति को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआत में 4,000 बैचवाइज और आयोग के ज़रिये 8,000 से 9,000 नियुक्तियां हो चुकी हैं। अभी 3,000 से 4,000 पदों की प्रक्रिया जारी है, जिसमें कैबिनेट द्वारा मंजूर 3.5 हजार मल्टीपर्पज वर्कर भी शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य कार्यकाल पूरा होने तक कुल 13,000 से 14,000 नई नियुक्तियां संपन्न करने का है।

3 hrs ago
user_Roshan Sharma
Roshan Sharma
Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
3 hrs ago

NEET धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी बवाल और राजनीतिक हलचलों के बीच हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह पूरा प्रकरण सामने आया है, उसने देश की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। केंद्र सरकार की ऐसी नाकामियों के कारण ही आज देश का युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर है और व्यवस्था से उसका भरोसा उठ रहा है। शिक्षा मंत्री ने मांग रखी कि केंद्र सरकार तुरंत जागे और बिना किसी पक्षपात के 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाकर मेधावी बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करे। NEET मुद्दे पर केंद्र को घेरने के साथ ही शिक्षा मंत्री ने हिमाचल प्रदेश में पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की भर्ती का पूरा रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है और सभी नियुक्तियां केवल मेरिट व पूर्ण पारदर्शिता के आधार पर की जाएंगी। वर्तमान में सीबीएसई व अन्य स्कूलों में इन-सर्विस शिक्षकों और प्रिंसिपल्स की नियुक्ति तेजी से चल रही है, जिसमें 152 प्रिंसिपल्स के पदों के लिए 8 जिलों की सूची जारी हो चुकी है। लगभग 9,000 अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा और स्क्रीनिंग के बाद मेरिट लिस्ट के आधार पर पद भरे जा रहे हैं। गणित व अंग्रेजी के शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है और पीजीटी समेत अन्य खाली पदों को 10 अगस्त तक भरने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में चल रहे जेबीटी (JBT) शिक्षकों के आंदोलन पर संवेदनशीलता जताते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से मांग उठाना उनका अधिकार है और सरकार सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है। इसके अलावा शिक्षक पुरस्कार नीति के वित्तीय लाभों में संशोधन की जानकारी जल्द दी जाएगी। भर्तियों की गति को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआत में 4,000 बैचवाइज और आयोग के ज़रिये 8,000 से 9,000 नियुक्तियां हो चुकी हैं। अभी 3,000 से 4,000 पदों की प्रक्रिया जारी है, जिसमें कैबिनेट द्वारा मंजूर 3.5 हजार मल्टीपर्पज वर्कर भी शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य कार्यकाल पूरा होने तक कुल 13,000 से 14,000 नई नियुक्तियां संपन्न करने का है।

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  • हिमाचल प्रदेश में आगामी 26 जुलाई तक मानसून सामान्य बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 23 से 26 जुलाई तक राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र का पूर्वानुमान है कि 27 जुलाई के बाद प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा और 27 से 29 जुलाई के बीच भारी से भारी बारिश हो सकती है। मानसून के असर से प्रदेश के तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, और 27 जुलाई को मानसून के तेज होने के साथ तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान बिलासपुर में सबसे अधिक करीब 56 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि मनाली और नाहन में लगभग 30-30 मिमी बारिश हुई। बुधवार सुबह से ही शिमला, सोलन, बिलासपुर, कांगड़ा और चंबा सहित कई क्षेत्रों में घने बादल छाए रहे और वर्षा का दौर जारी रहा। विभाग के अनुसार 23 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 24 से 26 जुलाई के बीच चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला सहित कई जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। हिमालय की तलहटी की ओर मानसून ट्रफ के सक्रिय रहने के कारण प्रदेश में बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। 27 से 29 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते 27 जुलाई के लिए कांगड़ा और मंडी समेत कुछ क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
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    हिमाचल प्रदेश में आगामी 26 जुलाई तक मानसून सामान्य बने रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने 23 से 26 जुलाई तक राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। हालांकि, मौसम विज्ञान केंद्र का पूर्वानुमान है कि 27 जुलाई के बाद प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ेगा और 27 से 29 जुलाई के बीच भारी से भारी बारिश हो सकती है। मानसून के असर से प्रदेश के तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, और 27 जुलाई को मानसून के तेज होने के साथ तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अच्छी वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान बिलासपुर में सबसे अधिक करीब 56 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि मनाली और नाहन में लगभग 30-30 मिमी बारिश हुई। बुधवार सुबह से ही शिमला, सोलन, बिलासपुर, कांगड़ा और चंबा सहित कई क्षेत्रों में घने बादल छाए रहे और वर्षा का दौर जारी रहा। विभाग के अनुसार 23 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा और मंडी में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 24 से 26 जुलाई के बीच चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला सहित कई जिलों में भारी वर्षा हो सकती है।

हिमालय की तलहटी की ओर मानसून ट्रफ के सक्रिय रहने के कारण प्रदेश में बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। 27 से 29 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिसके चलते 27 जुलाई के लिए कांगड़ा और मंडी समेत कुछ क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    3 hrs ago
  • बिलासपुर जिला में बरसात के कारण अब तक लगभग 20 करोड़ रूपये के नुकसान का आकलन किया गया है। उपायुक्त राहुल कुमार ने जानकारी दी कि इसमें सबसे ज्यादा क्षति लोक निर्माण विभाग को पहुंची है, जिसका लगभग 19.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त जलशक्ति विभाग का लगभग 66 लाख रुपये, शिक्षा विभाग का लगभग 30 लाख रुपये और विद्युत बोर्ड का लगभग 2 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है। बरसात की वजह से लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 1 सड़क बंद है, जिसे खोलने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही प्रभावित पेयजल आपूर्ति योजनाओं की बहाली के लिए भी जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भू-स्खलन के लिहाज से संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि भारी बरसात के दौरान बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें और अपनी यात्राएं स्थगित रखें। बरसात के दौरान सर्पदंश और नदी-नालों या झील के किनारे डूबने की घटनाओं को देखते हुए भी प्रशासन ने एहतियात बरतने को कहा है। सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाने और नदी-नालों से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। लोग यात्रा से पहले जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से मौसम और सड़कों की अद्यतन जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना होने पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
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    बिलासपुर जिला में बरसात के कारण अब तक लगभग 20 करोड़ रूपये के नुकसान का आकलन किया गया है। उपायुक्त राहुल कुमार ने जानकारी दी कि इसमें सबसे ज्यादा क्षति लोक निर्माण विभाग को पहुंची है, जिसका लगभग 19.05 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त जलशक्ति विभाग का लगभग 66 लाख रुपये, शिक्षा विभाग का लगभग 30 लाख रुपये और विद्युत बोर्ड का लगभग 2 लाख रुपये का नुकसान दर्ज किया गया है।

बरसात की वजह से लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत 1 सड़क बंद है, जिसे खोलने के लिए संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। साथ ही प्रभावित पेयजल आपूर्ति योजनाओं की बहाली के लिए भी जलशक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। भू-स्खलन के लिहाज से संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां विशेष सतर्कता बरती जा रही है। उपायुक्त ने लोगों से अपील की है कि भारी बरसात के दौरान बहुत जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें और अपनी यात्राएं स्थगित रखें।

बरसात के दौरान सर्पदंश और नदी-नालों या झील के किनारे डूबने की घटनाओं को देखते हुए भी प्रशासन ने एहतियात बरतने को कहा है। सर्पदंश की स्थिति में पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्थान पहुंचाने और नदी-नालों से उचित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। लोग यात्रा से पहले जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से मौसम और सड़कों की अद्यतन जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना होने पर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 1077 पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_Sanjeev ranout
    Sanjeev ranout
    बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    16 hrs ago
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक मामलों पर सरकार की सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक के गुनहगारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और सरकार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी। छात्रों का एक साल खराब होने से बचाने के लिए सरकार ने करीब 22 लाख अभ्यर्थियों की नीट परीक्षा दोबारा आयोजित कराई और 19 तारीख को इसके परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं। प्रधानमंत्री के निर्देश पर संबंधित विभागों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर दंड से जुड़े कानून का मसौदा तैयार कर लिया है। इस मसौदे को कल होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद संसद सत्र के दूसरे सप्ताह से सरकार इस विधेयक को जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक मामलों पर सरकार की सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेपर लीक के गुनहगारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और सरकार विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी।

छात्रों का एक साल खराब होने से बचाने के लिए सरकार ने करीब 22 लाख अभ्यर्थियों की नीट परीक्षा दोबारा आयोजित कराई और 19 तारीख को इसके परिणाम भी घोषित कर दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री के निर्देश पर संबंधित विभागों ने फास्ट ट्रैक कोर्ट और कठोर दंड से जुड़े कानून का मसौदा तैयार कर लिया है। इस मसौदे को कल होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक में अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद संसद सत्र के दूसरे सप्ताह से सरकार इस विधेयक को जल्द से जल्द पारित कराने का प्रयास करेगी, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
    user_DEV DARSHAN SHARMA PRESS
    DEV DARSHAN SHARMA PRESS
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    1 hr ago
  • सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार और अफवाहें फैलाने वाले पाकिस्तान से जुड़े 480 सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए इन अकाउंट्स पर शिकंजा कसा है। दिल्ली पुलिस ने विशेष रूप से छात्रों और युवाओं से अपील की है कि वे ऐसे विदेशी अकाउंट्स से सतर्क रहें, जो झूठी जानकारी और भ्रामक पोस्ट के जरिए लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से ही किसी भी तरह की जानकारी प्राप्त करें।
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    सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार और अफवाहें फैलाने वाले पाकिस्तान से जुड़े 480 सोशल मीडिया हैंडल की पहचान कर उन्हें ब्लॉक कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए इन अकाउंट्स पर शिकंजा कसा है।

दिल्ली पुलिस ने विशेष रूप से छात्रों और युवाओं से अपील की है कि वे ऐसे विदेशी अकाउंट्स से सतर्क रहें, जो झूठी जानकारी और भ्रामक पोस्ट के जरिए लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। इसके साथ ही पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से ही किसी भी तरह की जानकारी प्राप्त करें।
    user_Shri ram
    Shri ram
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    5 hrs ago
  • पंचकूला में पीड़ित माता-पिता भलाई मंच ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। इस दौरान मंच की ओर से अपनी अहम मांगों को प्रमुखता के साथ उठाया गया है।
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    पंचकूला में पीड़ित माता-पिता भलाई मंच ने एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया। इस दौरान मंच की ओर से अपनी अहम मांगों को प्रमुखता के साथ उठाया गया है।
    user_Newz India 27
    Newz India 27
    Crime News Channel Panchkula, Haryana•
    10 hrs ago
  • NEET धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी बवाल और राजनीतिक हलचलों के बीच हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह पूरा प्रकरण सामने आया है, उसने देश की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। केंद्र सरकार की ऐसी नाकामियों के कारण ही आज देश का युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर है और व्यवस्था से उसका भरोसा उठ रहा है। शिक्षा मंत्री ने मांग रखी कि केंद्र सरकार तुरंत जागे और बिना किसी पक्षपात के 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाकर मेधावी बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करे। NEET मुद्दे पर केंद्र को घेरने के साथ ही शिक्षा मंत्री ने हिमाचल प्रदेश में पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की भर्ती का पूरा रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है और सभी नियुक्तियां केवल मेरिट व पूर्ण पारदर्शिता के आधार पर की जाएंगी। वर्तमान में सीबीएसई व अन्य स्कूलों में इन-सर्विस शिक्षकों और प्रिंसिपल्स की नियुक्ति तेजी से चल रही है, जिसमें 152 प्रिंसिपल्स के पदों के लिए 8 जिलों की सूची जारी हो चुकी है। लगभग 9,000 अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा और स्क्रीनिंग के बाद मेरिट लिस्ट के आधार पर पद भरे जा रहे हैं। गणित व अंग्रेजी के शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है और पीजीटी समेत अन्य खाली पदों को 10 अगस्त तक भरने का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में चल रहे जेबीटी (JBT) शिक्षकों के आंदोलन पर संवेदनशीलता जताते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से मांग उठाना उनका अधिकार है और सरकार सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है। इसके अलावा शिक्षक पुरस्कार नीति के वित्तीय लाभों में संशोधन की जानकारी जल्द दी जाएगी। भर्तियों की गति को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआत में 4,000 बैचवाइज और आयोग के ज़रिये 8,000 से 9,000 नियुक्तियां हो चुकी हैं। अभी 3,000 से 4,000 पदों की प्रक्रिया जारी है, जिसमें कैबिनेट द्वारा मंजूर 3.5 हजार मल्टीपर्पज वर्कर भी शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य कार्यकाल पूरा होने तक कुल 13,000 से 14,000 नई नियुक्तियां संपन्न करने का है।
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    NEET धांधली और पेपर लीक मामले को लेकर देश भर में जारी बवाल और राजनीतिक हलचलों के बीच हिमाचल प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से यह पूरा प्रकरण सामने आया है, उसने देश की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली पर एक बड़ा प्रश्नचिह्न लगा दिया है। केंद्र सरकार की ऐसी नाकामियों के कारण ही आज देश का युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर है और व्यवस्था से उसका भरोसा उठ रहा है। शिक्षा मंत्री ने मांग रखी कि केंद्र सरकार तुरंत जागे और बिना किसी पक्षपात के 'ज़ीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाकर मेधावी बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करे।

NEET मुद्दे पर केंद्र को घेरने के साथ ही शिक्षा मंत्री ने हिमाचल प्रदेश में पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की भर्ती का पूरा रोडमैप प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है और सभी नियुक्तियां केवल मेरिट व पूर्ण पारदर्शिता के आधार पर की जाएंगी। वर्तमान में सीबीएसई व अन्य स्कूलों में इन-सर्विस शिक्षकों और प्रिंसिपल्स की नियुक्ति तेजी से चल रही है, जिसमें 152 प्रिंसिपल्स के पदों के लिए 8 जिलों की सूची जारी हो चुकी है। लगभग 9,000 अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा और स्क्रीनिंग के बाद मेरिट लिस्ट के आधार पर पद भरे जा रहे हैं। गणित व अंग्रेजी के शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है और पीजीटी समेत अन्य खाली पदों को 10 अगस्त तक भरने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रदेश में चल रहे जेबीटी (JBT) शिक्षकों के आंदोलन पर संवेदनशीलता जताते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से मांग उठाना उनका अधिकार है और सरकार सकारात्मक बातचीत के लिए तैयार है। इसके अलावा शिक्षक पुरस्कार नीति के वित्तीय लाभों में संशोधन की जानकारी जल्द दी जाएगी। भर्तियों की गति को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने बताया कि शुरुआत में 4,000 बैचवाइज और आयोग के ज़रिये 8,000 से 9,000 नियुक्तियां हो चुकी हैं। अभी 3,000 से 4,000 पदों की प्रक्रिया जारी है, जिसमें कैबिनेट द्वारा मंजूर 3.5 हजार मल्टीपर्पज वर्कर भी शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य कार्यकाल पूरा होने तक कुल 13,000 से 14,000 नई नियुक्तियां संपन्न करने का है।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    3 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश के रामपुर में एसएफआई इकाई ने बारिश के बीच जोरदार प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिमला में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों पर भाजपा और आरएसएस द्वारा किए गए कथित हमले की कड़ी निंदा की।
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    हिमाचल प्रदेश के रामपुर में एसएफआई इकाई ने बारिश के बीच जोरदार प्रदर्शन किया है। इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने शिमला में भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों पर भाजपा और आरएसएस द्वारा किए गए कथित हमले की कड़ी निंदा की।
    user_Dev Raj  Thakur
    Dev Raj Thakur
    Farmer निरमंड, कुल्लू, हिमाचल प्रदेश•
    12 hrs ago
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