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*_धमनी नदी का गहरी करण का कार्य शुरू_* . करेली शहर से निकलने वाली धमनी नदी का गहरी करण का कार्य शुरू, गंगा जल संवर्धन अभियान के तहत जन भागीदारी से धमनी नदी का गहरीकरण का कार्य का शुभारंभ किया गया। धमनी नदी ग्राम भिंडवार से निकलकर करेली शहर से होते हुए ग्राम रेवानगर से नर्मदा नदी मे जाकर मिलती हे धमनी नदी को पुनर्जीवित करने एंव गहरीकरण से किसानो को सिंचाई के लिये ओर करेली शहर मे गिरते वाटर लेबल की समस्या खत्म हो जायेगी इस जन भागीरथी अभियान में मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्रीकांत पाटर, पार्षद, जन प्रतिनिधि, कर्मचारी शामिल रहे
Dharmendra sahu
*_धमनी नदी का गहरी करण का कार्य शुरू_* . करेली शहर से निकलने वाली धमनी नदी का गहरी करण का कार्य शुरू, गंगा जल संवर्धन अभियान के तहत जन भागीदारी से धमनी नदी का गहरीकरण का कार्य का शुभारंभ किया गया। धमनी नदी ग्राम भिंडवार से निकलकर करेली शहर से होते हुए ग्राम रेवानगर से नर्मदा नदी मे जाकर मिलती हे धमनी नदी को पुनर्जीवित करने एंव गहरीकरण से किसानो को सिंचाई के लिये ओर करेली शहर मे गिरते वाटर लेबल की समस्या खत्म हो जायेगी इस जन भागीरथी अभियान में मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्रीकांत पाटर, पार्षद, जन प्रतिनिधि, कर्मचारी शामिल रहे
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- Post by Dharmendra sahu1
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- गौरझामर में भक्ति का महासंगम, 5 घंटे तक चला अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ 🔥 जब 5 घंटे तक नहीं थमे “जय माता दी” के जयकारे… भक्ति में डूबा पूरा गौरझामर! 🟨 समाचार (देवरी/गौरझामर): मध्यप्रदेश के सागर जिले के देवरी ब्लॉक अंतर्गत आने वाले ग्राम गौरझामर में चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आस्था और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। 25 मार्च 2026, दिन बुधवार को मां गुरुवर की असीम कृपा से यहां 5 घंटे का अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस धार्मिक आयोजन ने पूरे गांव को भक्ति के रंग में रंग दिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गया था। जैसे-जैसे समय बीतता गया, श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई और देखते ही देखते पूरा स्थल भक्तों से खचाखच भर गया। हर उम्र के लोग—महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और युवा—सभी इस पुण्य आयोजन का हिस्सा बनने पहुंचे। अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच माता रानी का आवाहन किया गया, जिसके बाद लगातार 5 घंटे तक श्रद्धालु एक स्वर में दुर्गा चालीसा का पाठ करते रहे। इस दौरान पूरे वातावरण में भक्ति और ऊर्जा का अद्भुत संचार देखने को मिला। “जय माता दी” के गगनभेदी जयकारों से पूरा गौरझामर गांव गूंज उठा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो हर कोना माता रानी की भक्ति में डूब गया हो। आयोजन स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया था—फूलों की मालाएं, रंग-बिरंगी लाइट्स और धार्मिक झंडों से सजा परिसर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना रहा। इस आयोजन की खास बात यह रही कि इसमें केवल गांव ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सभी ने पूरी श्रद्धा और अनुशासन के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। कहीं भजन-कीर्तन चल रहा था तो कहीं लोग ध्यान लगाकर माता रानी की आराधना कर रहे थे। महिलाओं की विशेष भागीदारी भी देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाएं पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ चालीसा पाठ में शामिल हुईं। वहीं युवाओं ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने व्यवस्था संभालने से लेकर श्रद्धालुओं के स्वागत तक हर कार्य को जिम्मेदारी के साथ निभाया। कार्यक्रम के दौरान भक्ति संगीत और ढोल-नगाड़ों की धुनों ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया। श्रद्धालु झूम-झूमकर माता रानी के भजनों पर नाचते नजर आए। यह दृश्य किसी धार्मिक उत्सव से कम नहीं था। अखंड पाठ के दौरान अनुशासन और व्यवस्थाओं का भी विशेष ध्यान रखा गया। आयोजन समिति द्वारा बैठने, जलपान और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई थी, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। करीब 5 घंटे तक चले इस अखंड पाठ के समापन पर विधिवत आरती की गई। आरती के समय पूरा वातावरण और भी अधिक भक्तिमय हो गया। सभी श्रद्धालु एक साथ दीप जलाकर माता रानी की आराधना में लीन हो गए। आरती के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें सभी उपस्थित श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रसाद ग्रहण कर लोगों ने अपने आप को धन्य महसूस किया और माता रानी से सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि गांव की एकता, सामूहिकता और आस्था का प्रतीक भी बनकर सामने आया। इसने यह संदेश दिया कि जब लोग एक साथ मिलकर श्रद्धा और भक्ति के मार्ग पर चलते हैं, तो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। गौरझामर में आयोजित यह अखंड श्री दुर्गा चालीसा पाठ निश्चित रूप से क्षेत्र के लिए एक यादगार और प्रेरणादायक आयोजन बन गया है। आने वाले समय में भी ऐसे आयोजन लोगों को धर्म और संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते रहेंगे। 📢 निष्कर्ष: गौरझामर का यह आयोजन यह दर्शाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी धर्म और आस्था की जड़ें कितनी गहरी हैं। चैत्र नवरात्रि जैसे पावन अवसर पर इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखते हैं, बल्कि सामाजिक समरसता और एकता को भी मजबूत करते हैं। आवाज मध्यप्रदेश न्यूज़ 241
- https://youtu.be/mQ9f-tpDMsw?si=2MPsemyG-4BFTjIR #Bhopal गौ सम्मान आव्हान अभियान को लेकर देश के साधु संतों के नेतृत्व में प्रदेश स्तरीय बैठक संपन्न गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा मिले एवं गौ हत्या पर रोक लगे" “गौ सम्मान आह्वान अभियान” आज एक व्यापक जन-जागरण का स्वर बन चुका है। विश्व के इतिहास में पहली बार गाय माता और नंदी बाबा की अध्यक्षता में चल रहा राष्ट्रव्यापी गो सम्मान आह्वान अभियान। भोपाल/24 मार्च , राजधानी भोपाल के गुफ़ा मन्दिर में मध्यप्रदेश के कार्यकर्ताओं का एक दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग पूज्य संतो के सानिध्य में संपन्न हुआ जिसमें राज्य के सभी जिलों के जिला प्रभारी,तहसील संयोजक एवं गो प्रेमियों ने गो की सेवा , सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करवाने हेतु एक कठोर केंद्रीय कानून बनाने की बात कही । क्योंकि गो राष्ट्र की अर्थव्यवस्था का मेरुदंड है। गो नहीं रही तो राष्ट्र की अर्थव्यवस्था और धर्मव्यवस्था डगमगा जाएगी और इनके डगमगाने से राष्ट्र का पतन निश्चित है। क्योंकि गो सकारात्मक ऊर्जा का जीता जागता प्रत्यक्ष प्रमाण है इस बात को धर्म और विज्ञान की कसौटी पर कसकर वर्तमान में राष्ट्र के श्रेष्ठ विशेषज्ञों ने सिद्ध करके प्रमाणित किया है। संसार में जितने भी अच्छे-अच्छे या बुरे-बुरे कार्य होते हैं उसके पीछे दो ऊर्जा काम करती हैं पहली सात्विक ऊर्जा और दूसरी तामसिक ऊर्जा और गोमाता से सात्विक ऊर्जा मिलती है । अब निर्णय हमारे हाथ में है गो का संवर्धन और संरक्षण करके राष्ट्र में अच्छे काम को बढ़ाना है या बचे हुए शेष गो वंश को कटवाकर राष्ट्र के अंदर अपराधिक गतिविधियां, हत्याचार, दुराचार,बेरोजगारी, भुखमरी, नशा, आलस्य जैसी शारीरिक और मानसिक कमजोरी को फैलाना है। इन सभी विषयों पर वृंदावन की पवित्र भूमि पर संतों और गो भक्तों ने मिलकर गहन चिंतन मंथन किया। और अंतिम निर्णय पर पहुंचे की संपूर्ण राष्ट्र में इन विषयों को लेकर जन जागृति की जाए और 27 अप्रैल को गो सम्मान दिवस के रूप में घोषित करके जन-जन को अपने अपने तहसील कार्यालय में जाकर तहसीलदार को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम से गो की सेवा,सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करवाने हेतु प्रार्थना पत्र दिया जाएगा। मध्यप्रदेश के गो भक्तों ने पूज्य संतो की पावन सन्निधि में इस अभियान की राजधानी भोपाल से हुंकार भरी। अभियान का उद्देश्य आने वाली 27 अप्रैल को भारत की 5410 तहसीलों में प्रार्थना पत्र देना है गौ माता को राष्ट्र माता गौ हत्या बंद हो एवं गौ माता की सेवा सुरक्षा और सम्मान के लिए केंद्रीय कानून बनाने हेतु केंद्र एवं प्रदेश सरकार से अनुरोध करना है। अब तक देश के विभिन्न क्षेत्रों में संत-महात्माओं, गौभक्तों, सामाजिक संगठनों और राष्ट्रनिष्ठ नागरिकों से निरंतर संवाद किया गया है। जनसभाएँ, बैठकें और समर्थन अभियान के माध्यम से इस आंदोलन को मजबूत आधार मिला है। प्रतिदिन हजारों गौभक्त इस अभियान से जुड़ रहे हैं। बड़े पैमाने पर साधु-संत, धर्माचार्य और विभिन्न सेवाभावी संगठन अपना समर्थन प्रदान कर रहे हैं। यह अभियान वर्तमान में अपने प्रथम चरण में है। इस चरण में राष्ट्रव्यापी समर्थन एकत्रित कर समाज को एकजुट किया जा रहा है। आगामी चरणों में इसे और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा। इसी क्रम में 27 अप्रैल को देश के विभिन्न स्थानों पर तहसील स्तर पर सामूहिक रूप से निवेदन-पत्र सौंपे जाएंगे, ताकि गौ माता को “राष्ट्र माता” का दर्जा प्रदान करने की मांग शासन-प्रशासन तक सशक्त रूप से पहुँच सके। यह ऐतिहासिक पहल समाज की सामूहिक आस्था और संकल्प का प्रतीक होगी। आपसे करबद्ध प्रार्थना है कि गौ माता के सम्मान एवं संरक्षण से जुड़ी इस जनआस्था को ध्यान में रखते हुए, विषय पर सकारात्मक विचार कर आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाने की कृपा करें। हमारी संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ - गायों की रक्षा के लिए समर्थन दें और इस याचिका पर हस्ताक्षर करें। अदिति न्यूज से सतीश लमानिया की रिपोर्ट1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट तेंदुए का सफल रेस्क्यू, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस नरसिंहपुर। जिले के करेली वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम दिलहरी में पिछले कुछ समय से दहशत का पर्याय बने एक तेंदुए को वन विभाग की टीम ने सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर लिया है। बुधवार शाम चले इस ऑपरेशन के बाद इलाके के लोगों ने चैन की सांस ली है। 3
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- सागर जिले के अंतर्गत सुबह कलेक्टर की निर्देश के बाद अधिक पेट्रोल पंपों पर लोगों की भरमार करण पेट्रोलियम पदार्थ की कमी की अफवाह है या हकीकत इसका अभी तक कोई निदान नहीं हुआ और जिसका यह नजारा गढ़ाकोटा के पेट्रोल पंप पर देखने मिला1