उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में, थाना टड़ियावां की चौकी हरिहरपुर के अंतर्गत ग्राम रामनगर में जमीन के एक मामले को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़ित महिलाओं और बच्चों का कहना है कि लेखपाल कौशल यादव उनकी 50 साल से जोती जा रही जमीन को जबरन किसी और को दिला रहे थे, जिसके लिए नाप-जोख की जा रही थी। जब पीड़ित परिवार, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे, मौके पर पहुँचा और अपने खेत को अपना बताते हुए विरोध किया, तो वहाँ मौजूद 112 नंबर की टीम और हरिहरपुर चौकी इंचार्ज धीरेंद्र कुमार ने कथित तौर पर उनके बच्चों को बेरहमी से पीटा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और माँ-बहन की गालियाँ दीं, जिससे उन्हें चोटें आईं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लेखपाल आए दिन रिश्वत लेकर काम करते हैं और इस प्रकरण में भी 50,000 रुपये की घूस लेने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद, जब पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुँचीं, तो उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया गया और उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित महिलाओं ने प्रशासन पर कोई सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने का निवेदन किया है, क्योंकि वे न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में, थाना टड़ियावां की चौकी हरिहरपुर के अंतर्गत ग्राम रामनगर में जमीन के एक मामले को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़ित महिलाओं और बच्चों का कहना है कि लेखपाल कौशल यादव उनकी 50 साल से जोती जा रही जमीन को जबरन किसी और को दिला रहे थे, जिसके लिए नाप-जोख की जा रही थी। जब पीड़ित परिवार, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे, मौके पर पहुँचा और अपने खेत को अपना बताते हुए विरोध किया, तो वहाँ मौजूद 112 नंबर की टीम और हरिहरपुर चौकी इंचार्ज धीरेंद्र कुमार ने कथित तौर पर उनके बच्चों को बेरहमी से पीटा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और माँ-बहन की गालियाँ दीं, जिससे उन्हें चोटें आईं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लेखपाल आए दिन रिश्वत लेकर काम करते हैं और इस प्रकरण में भी 50,000 रुपये की घूस लेने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद, जब पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुँचीं, तो उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया गया और उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित महिलाओं ने प्रशासन पर कोई सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने का निवेदन किया है, क्योंकि वे न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
- डॉ. नन्हे लाल राम और डॉ. प्रतिमा वर्मा, जो एम.डी. स्त्री विशेषज्ञ हैं और बलरामपुर हॉस्पिटल लखनऊ से संबद्ध हैं, हरदोई और लखनऊ में आयुर्वेद एवं पंचकर्म के माध्यम से विभिन्न रोगों का इलाज प्रदान करते हैं। डॉ. नन्हे लाल राम श्री क्लीनिक एंड पंचकर्म सेंटर, लाला बाजार, मल्लावां, हरदोई में हर रविवार उपलब्ध हैं, जबकि R.N हॉस्पिटल एंड पंचकर्म सेंटर, अलकापुरी कॉलोनी, आदिलनगर, लखनऊ में हर सोमवार से शनिवार शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक परामर्श लिया जा सकता है। इन क्लीनिकों में पंचकर्म की कई सेवाएं जैसे नस्य, शिरोधारा, वमन, विरेचन, सभी प्रकार की बस्ती (निरुहबस्ती), जालौका थेरेपी, Cupping थेरेपी, जानुबस्ती, कटिबस्ती, स्नेहन और स्वेदन बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध हैं। यहाँ आँखों से चश्मा हटाने, चेहरे के पिंपल्स व दाग, पुरानी सोरायसिस व सफेद दाग, मूंछ व सिर के बाल गिरने (चर्म रोग से), कमर दर्द, शुगर, बवासीर, आंतों में सूजन, गुर्दे में पथरी, कोलाइटिस, हाथ पैरों का टेढ़ा होना, स्वप्नदोष, लिकोरिया, जोड़ों में दर्द, गठिया, घुटने में दर्द, चलने में परेशानी, हड्डी, जोड़, नस और मांसपेशियों का दर्द, गर्दन का दर्द, सर्वाइकल, फ्रैक्चर व ऑपरेशन के बाद की जकड़न, लकवा, कंधे की जकड़न, एड़ी का दर्द, मांसपेशियों में खिंचाव, हाथ पैर में झनझनाहट, नसों में ब्लॉकेज, पैरों में सुन्नपन, और मंदबुद्धि बच्चों की विकास की समस्या जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार किया जाता है। दोनों क्लीनिकों पर सुबह 8 बजे से रात 9 बजे तक संपर्क किया जा सकता है। अधिक जानकारी या अपॉइंटमेंट के लिए 83819 15952, 99181 95064, और 63867 96252 नंबरों पर संपर्क करें।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में, थाना टड़ियावां की चौकी हरिहरपुर के अंतर्गत ग्राम रामनगर में जमीन के एक मामले को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़ित महिलाओं और बच्चों का कहना है कि लेखपाल कौशल यादव उनकी 50 साल से जोती जा रही जमीन को जबरन किसी और को दिला रहे थे, जिसके लिए नाप-जोख की जा रही थी। जब पीड़ित परिवार, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे, मौके पर पहुँचा और अपने खेत को अपना बताते हुए विरोध किया, तो वहाँ मौजूद 112 नंबर की टीम और हरिहरपुर चौकी इंचार्ज धीरेंद्र कुमार ने कथित तौर पर उनके बच्चों को बेरहमी से पीटा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और माँ-बहन की गालियाँ दीं, जिससे उन्हें चोटें आईं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लेखपाल आए दिन रिश्वत लेकर काम करते हैं और इस प्रकरण में भी 50,000 रुपये की घूस लेने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद, जब पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुँचीं, तो उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया गया और उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित महिलाओं ने प्रशासन पर कोई सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने का निवेदन किया है, क्योंकि वे न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।1
- एक संदेश में ‘देश बचाओ, पेड़ बचाओ’ का आह्वान करते हुए पेड़ों के महत्व पर जोर दिया गया है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पेड़ों के बिना जीवन की कल्पना करना नामुमकिन है। सभी दोस्तों और साथियों से यह निवेदन किया गया है कि वे अधिक से अधिक पेड़ों की रक्षा करें।1
- कन्नौज के तिर्वा नगर में हल्की बारिश होते ही सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या एक बार फिर उजागर हुई। इसी समस्या से परेशान लोगों की आवाज़ उठाते हुए समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व सपा जिला महासचिव रामसेवक लोधी (राजपूत) ने किया।1
- फतेहपुर सीकरी में पुलिस के मानवीय चेहरे का एक उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया है, जहाँ एक रिक्रूट आरक्षी दीपक सोलंकी ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक युवती की जिंदगी बचाई। यह घटना तब हुई जब एक युवती गहरे पानी में कूद गई, जो कि कथित तौर पर आत्महत्या का प्रयास था। 2025 बैच के इस जांबाज आरक्षी दीपक सोलंकी ने एक पल की भी देरी किए बिना तुरंत गहरे पानी में छलांग लगा दी। उनकी अद्भुत वीरता और तत्परता के कारण युवती को मौत के मुहाने से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन में दीपक सोलंकी की बहादुरी और सागर की तत्परता ने युवती की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दीपक सोलंकी ने न केवल वर्दी का फर्ज निभाया, बल्कि मानवता का धर्म भी निभाया। उनके इस कार्य को बहादुरी की मिसाल और इतिहास रचने वाला बताया जा रहा है, जिसके लिए उनके साहस को सलाम किया जा रहा है और उन्हें एक 'हीरो' एवं 'फरिश्ता' कहा जा रहा है।1
- हरदोई जिले की ग्राम पंचायत पारसोला में पिछले 15 वर्षों से मुख्य सड़क की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को कई बार सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाया गया, लेकिन आज तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनका गुस्सा अब खुलकर सामने आ रहा है। गांव के लोगों ने सोशल मीडिया के ज़रिए ज़िला मजिस्ट्रेट अनुनय झा और क्षेत्रीय विधायक आशीष सिंह आशु से सड़क और नाली निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण सड़क पर लगातार पानी भरा रहता है, जिससे आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की हालत इतनी खराब है कि बिना बारिश के भी जगह-जगह जलभराव हो जाता है, जिससे यह किसी तालाब जैसी दिखती है। लोगों को आशंका है कि बरसात शुरू होने पर हालात और भी भयावह हो सकते हैं। इसी रास्ते से स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और मरीज रोज़ाना गुज़रते हैं, और सड़क पर बने गहरे गड्ढे तथा भरा पानी उनके लिए बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है; कई बार सड़क का पानी आसपास के घरों तक भी पहुँच जाता है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। ग्रामीण दिलीप सिंह और अमित सिंह ने क्षेत्र में विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि ज़मीनी स्तर पर अपेक्षित विकास कार्य नज़र नहीं आ रहे हैं। उनका आरोप है कि कई ग्राम सभाओं में आज भी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी अनुनय झा और क्षेत्रीय विधायक आशीष सिंह आशु से तत्काल हस्तक्षेप करने, साथ ही सड़क और नाली निर्माण से जुड़े मामलों की जांच करवाकर जल्द से जल्द कार्य शुरू कराने की अपील की है। अब गांववासियों की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। यह बड़ा सवाल है कि क्या बरसात से पहले इस 15 साल पुरानी समस्या का समाधान हो पाएगा, या ग्रामीणों को एक और मानसून बदहाल सड़क के सहारे ही गुज़ारना पड़ेगा।1
- हरदोई के शाहाबाद क्षेत्र में एक हिंदू युवती का बुर्का पहनकर मुस्लिम युवक के साथ मिलना इलाके में हड़कंप का कारण बन गया। ग्रामीणों द्वारा युवती की गतिविधियों को संदिग्ध पाए जाने पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं को सूचित किया गया, जिन्होंने मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले आई, जहां देर तक गहमागहमी का माहौल रहा। युवती की पहचान शाहजहाँपुर जनपद के थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के ग्राम अहमदपुर रेती की निवासी के रूप में हुई है, जबकि युवक फूल मियां डींगुरपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। युवती के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि युवक ने अपनी पहचान छिपाकर उनकी बेटी को अपने प्रभाव में लिया और बहला-फुसलाकर घर से ले गया। परिजनों ने इस संबंध में थाना रामचंद्र मिशन में तहरीर देकर युवक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की मांग की है। यह मामला उस समय और तूल पकड़ गया जब सूचना देने वाले बजरंग दल के दो कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कोतवाली आते समय मुस्लिम युवक के साथियों ने उन्हें तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस घटनाक्रम को भी गंभीरता से लिया है और संबंधित व्यक्तियों की तलाश शुरू कर दी है, साथ ही संदिग्धों से जुड़ी एक बाइक भी बरामद की है। थाना रामचंद्र मिशन के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उन्हें प्रारंभिक सूचना मिली है, लेकिन मुकदमा तभी दर्ज किया जाएगा जब औपचारिक तहरीर प्राप्त होगी, जिसके बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शाहाबाद पुलिस की हिरासत में मौजूद युवक और युवती को नियमानुसार थाना रामचंद्र मिशन लाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कुल मिलाकर, प्रथम दृष्टया युवती अपने कथित प्रेमी के प्रभाव में प्रतीत हो रही है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं, वहीं शाहाबाद कोतवाली के नरहाई गाँव से हिरासत में ली गई युवती और उसके कथित प्रेमी, पुलिस और ग्रामीणों की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- गाजियाबाद में 11 दिन की एक नवजात बच्ची की खरीद-फरोख्त का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस मानव तस्करी के गिरोह से जुड़े 12 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बच्चों की चोरी कर उन्हें दूसरे राज्यों में बेचता था। पुलिस इस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।1