हरदोई के शाहाबाद क्षेत्र में एक हिंदू युवती का बुर्का पहनकर मुस्लिम युवक के साथ मिलना इलाके में हड़कंप का कारण बन गया। ग्रामीणों द्वारा युवती की गतिविधियों को संदिग्ध पाए जाने पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं को सूचित किया गया, जिन्होंने मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले आई, जहां देर तक गहमागहमी का माहौल रहा। युवती की पहचान शाहजहाँपुर जनपद के थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के ग्राम अहमदपुर रेती की निवासी के रूप में हुई है, जबकि युवक फूल मियां डींगुरपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। युवती के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि युवक ने अपनी पहचान छिपाकर उनकी बेटी को अपने प्रभाव में लिया और बहला-फुसलाकर घर से ले गया। परिजनों ने इस संबंध में थाना रामचंद्र मिशन में तहरीर देकर युवक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की मांग की है। यह मामला उस समय और तूल पकड़ गया जब सूचना देने वाले बजरंग दल के दो कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कोतवाली आते समय मुस्लिम युवक के साथियों ने उन्हें तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस घटनाक्रम को भी गंभीरता से लिया है और संबंधित व्यक्तियों की तलाश शुरू कर दी है, साथ ही संदिग्धों से जुड़ी एक बाइक भी बरामद की है। थाना रामचंद्र मिशन के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उन्हें प्रारंभिक सूचना मिली है, लेकिन मुकदमा तभी दर्ज किया जाएगा जब औपचारिक तहरीर प्राप्त होगी, जिसके बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शाहाबाद पुलिस की हिरासत में मौजूद युवक और युवती को नियमानुसार थाना रामचंद्र मिशन लाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कुल मिलाकर, प्रथम दृष्टया युवती अपने कथित प्रेमी के प्रभाव में प्रतीत हो रही है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं, वहीं शाहाबाद कोतवाली के नरहाई गाँव से हिरासत में ली गई युवती और उसके कथित प्रेमी, पुलिस और ग्रामीणों की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई के शाहाबाद क्षेत्र में एक हिंदू युवती का बुर्का पहनकर मुस्लिम युवक के साथ मिलना इलाके में हड़कंप का कारण बन गया। ग्रामीणों द्वारा युवती की गतिविधियों को संदिग्ध पाए जाने पर बजरंग दल कार्यकर्ताओं को सूचित किया गया, जिन्होंने मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंचाई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों को हिरासत में ले लिया और कोतवाली ले आई, जहां देर तक गहमागहमी का माहौल रहा। युवती की पहचान शाहजहाँपुर जनपद के थाना रामचंद्र मिशन क्षेत्र के ग्राम अहमदपुर रेती की निवासी के रूप में हुई है, जबकि युवक फूल मियां डींगुरपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। युवती के परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि युवक ने अपनी पहचान छिपाकर उनकी बेटी को अपने प्रभाव में लिया और बहला-फुसलाकर घर से ले गया। परिजनों ने इस संबंध में थाना रामचंद्र मिशन में तहरीर देकर युवक के खिलाफ विधिक कार्रवाई की मांग की है। यह मामला उस समय और तूल पकड़ गया जब सूचना देने वाले बजरंग दल के दो कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कोतवाली आते समय मुस्लिम युवक के साथियों ने उन्हें तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस घटनाक्रम को भी गंभीरता से लिया है और संबंधित व्यक्तियों की तलाश शुरू कर दी है, साथ ही संदिग्धों से जुड़ी एक बाइक भी बरामद की है। थाना रामचंद्र मिशन के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि उन्हें प्रारंभिक सूचना मिली है, लेकिन मुकदमा तभी दर्ज किया जाएगा जब औपचारिक तहरीर प्राप्त होगी, जिसके बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शाहाबाद पुलिस की हिरासत में मौजूद युवक और युवती को नियमानुसार थाना रामचंद्र मिशन लाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कुल मिलाकर, प्रथम दृष्टया युवती अपने कथित प्रेमी के प्रभाव में प्रतीत हो रही है। इस घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं, वहीं शाहाबाद कोतवाली के नरहाई गाँव से हिरासत में ली गई युवती और उसके कथित प्रेमी, पुलिस और ग्रामीणों की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। पुलिस का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज हरदोई पहुंचकर वर्तमान भाजपा सरकार पर जमकर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को सीधे निशाने पर लेते हुए उत्तर प्रदेश में लगातार छात्राओं के साथ हो रहे अभद्र व्यवहार और शिक्षा से जुड़े लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर कड़ी आलोचना की।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में, थाना टड़ियावां की चौकी हरिहरपुर के अंतर्गत ग्राम रामनगर में जमीन के एक मामले को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़ित महिलाओं और बच्चों का कहना है कि लेखपाल कौशल यादव उनकी 50 साल से जोती जा रही जमीन को जबरन किसी और को दिला रहे थे, जिसके लिए नाप-जोख की जा रही थी। जब पीड़ित परिवार, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे, मौके पर पहुँचा और अपने खेत को अपना बताते हुए विरोध किया, तो वहाँ मौजूद 112 नंबर की टीम और हरिहरपुर चौकी इंचार्ज धीरेंद्र कुमार ने कथित तौर पर उनके बच्चों को बेरहमी से पीटा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और माँ-बहन की गालियाँ दीं, जिससे उन्हें चोटें आईं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लेखपाल आए दिन रिश्वत लेकर काम करते हैं और इस प्रकरण में भी 50,000 रुपये की घूस लेने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद, जब पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुँचीं, तो उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया गया और उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित महिलाओं ने प्रशासन पर कोई सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने का निवेदन किया है, क्योंकि वे न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।1
- एक संदेश में ‘देश बचाओ, पेड़ बचाओ’ का आह्वान करते हुए पेड़ों के महत्व पर जोर दिया गया है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पेड़ों के बिना जीवन की कल्पना करना नामुमकिन है। सभी दोस्तों और साथियों से यह निवेदन किया गया है कि वे अधिक से अधिक पेड़ों की रक्षा करें।1
- सर्विलांस/एसओजी/स्वाट टीम और थाना कोतवाली शहर पुलिस टीम ने एक संयुक्त अभियान के तहत पुलिस मुठभेड़ में दो अंतर्जनपदीय शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बदमाशों के पास से घटना में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल, एक स्कूटी, चोरी के आभूषण, अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री अंकित मिश्रा द्वारा जानकारी दी गई।1
- अमेरिका में भारतीय तिरंगे के कथित अपमान को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। लोगों का कहना है कि अमेरिकियों ने भारत की शान, जान और ईमान माने जाने वाले तिरंगे का घोर अपमान किया है, जिस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और अपमान करने वाले युवक से सार्वजनिक तौर पर माफी मंगवाई जानी चाहिए। यह अपमान पूरे भारत का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी तीखे सवाल उठाए गए हैं। लोगों ने पूछा है कि जो मोदी जी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से गले मिलते हैं और विभिन्न मौकों पर उनसे बात करते हैं, वे अब कहां हैं? यह कहा गया कि मोदी जी को अब अनिवार्य रूप से कार्रवाई करनी होगी, क्योंकि भारत का मान अपमानित हुआ है और इसे सहा नहीं जा सकता। चेतावनी दी गई है कि यदि मोदी सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करती या ट्रम्प से बात नहीं करती, तो आम जनता सड़कों पर अमेरिकी झंडे लगाएगी और उन पर शौच कर उनका अपमान करेगी। पोस्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि देश के भीतर हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दे भले ही चल जाएं, लेकिन भारत के गौरव का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस पर मोदी जी को तुरंत आवाज उठानी चाहिए, क्योंकि भारत किसी का गुलाम नहीं है।1
- सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में रही कॉकरोच जनता पार्टी नामक एक नई पार्टी ने आज दिल्ली में एक बैठक आयोजित की। इस बैठक के दौरान हुई प्रेस वार्ता में, पार्टी ने सरकार को एक बड़ा झटका देने का दावा किया। यह प्रेस वार्ता दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों और उसके बढ़ते प्रभाव को लेकर की गई थी।1
- हरदोई में अपर पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह के निर्देश पर मझिला पुलिस ने एक टूटते परिवार को जोड़कर अपने मानवीय चेहरे का परिचय दिया है। यह मामला तब सामने आया जब बलविंदर सिंह ने पुलिस से शिकायत की कि उन्होंने अपने बेटे कमलजीत सिंह को करोड़पति बनाने के लिए अपनी जमीन बेच दी थी और रिश्तेदारों से कर्ज भी लिया था, लेकिन अब बेटा उन्हें घर से बेघर कर रहा था। पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया। मझिला पुलिस ने पूरी संवेदनशीलता के साथ दोनों पक्षों को थाने बुलाया और कई घंटों तक उनसे बातचीत की। मझिला के पुलिसकर्मियों ने बलविंदर और कमलजीत के बीच सुलह कराने के लिए दिन भर प्रयास किए, जिसके बाद सिख समाज के प्रतिष्ठित लोगों की मौजूदगी में एक समझौता हुआ। इस समझौते के तहत, कमलजीत ने अपने पिता को साथ रखने का वादा किया और उन्हें फैक्ट्री में पूरा मालिकाना हक देने का भरोसा दिलाया। पुलिस के इस मानवीय हस्तक्षेप से बाप-बेटे के बीच का यह पारिवारिक विवाद कोर्ट-कचहरी के झंझट में पड़े बिना ही सुलझ गया। इस समाधान से बलविंदर सिंह की आंखों में अब राहत की उम्मीद साफ देखी जा सकती है, और पुलिस की इस संवेदनशीलता की चारों ओर खूब तारीफ हो रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कमलजीत अपने पिता के प्रति इस समझौते के बाद कितना वफादार रहता है।1
- सुकृत क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई है, जिसके बाद शिव शांति चिकित्सालय पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। जुगैल थाना क्षेत्र के नेवारी गांव निवासी सीता देवी पत्नी सफेद को चक्कर आने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बिना किसी उचित जांच के ही महिला को ड्रिप चढ़ाई गई और इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उपचार के दौरान ही उनकी हालत बिगड़ी और उनकी मृत्यु हो गई। महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई, और परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर डायल-112 और सुकृत पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। मृतका के परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर अवैध अस्पतालों और झोलाछाप डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूरा मामला रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र का है।1
- हरदोई जनपद के शाहाबाद और अन्य क्षेत्रों में अवैध खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर मिट्टी और बालू के दोहन का आरोप लगाया है। उनकी शिकायत है कि जिम्मेदार विभाग इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कई इलाकों में ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर और जेसीबी मशीनें खुलेआम देखी जा सकती हैं, विशेषकर शाहाबाद तहसील क्षेत्र, लोनार और बेहटागोकुल थाना क्षेत्रों में खनन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। आरोप है कि कार्रवाई तभी होती है जब मामला मीडिया या जनता के दबाव में आता है, लेकिन इससे भी स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं आता। इस बड़े पैमाने पर हो रहे खनन की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए, स्थानीय नागरिकों ने तहसील प्रशासन, खनन विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। जनता का यह भी कहना है कि जनप्रतिनिधियों को इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। क्षेत्रीय विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री से अपेक्षा की जा रही है कि वे मामले का संज्ञान लें और संबंधित विभागों से जवाब मांगें, साथ ही लापरवाही या अनियमितता के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। हालाँकि, यह भी चर्चा है कि उन्हें खनन रुकवाने के बजाय करवाने में अधिक दिलचस्पी है, और कई खनन माफिया खुलेआम उनका नाम लेकर खनन करते हैं और उनके ही लोग बताए जाते हैं। आज नसीरपुर में तेजी से खनन हो रहा है, जहाँ से मिट्टी लाकर उधरनपुर में बेची जा रही है। इससे पहले भी नसीरपुर-गढ़ेपुर में सैकड़ों घनमीटर खनन जिला खनन अधिकारी की मिलीभगत से होने की चर्चा है। जनता के आरोप सही माने जा रहे हैं कि जिला खनन अधिकारी को कई बार सूचना दिए जाने के बावजूद उन्होंने ध्यान नहीं दिया, और लगातार खनन का होना न केवल उनकी बल्कि पूरे सिस्टम की मिलीभगत को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है। एसडीएम शाहाबाद की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाया गया है। जनता की मांग है कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री स्तर से भी पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि शिकायतों की सच्चाई और अवैध खनन रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मिल सके। सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि लगातार शिकायतों के बावजूद क्या जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय होगी या अवैध खनन पर उठ रहे ये प्रश्न अनुत्तरित ही रहेंगे?1