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आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज हरदोई पहुंचकर वर्तमान भाजपा सरकार पर जमकर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को सीधे निशाने पर लेते हुए उत्तर प्रदेश में लगातार छात्राओं के साथ हो रहे अभद्र व्यवहार और शिक्षा से जुड़े लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर कड़ी आलोचना की।
City News 24 Live
आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज हरदोई पहुंचकर वर्तमान भाजपा सरकार पर जमकर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को सीधे निशाने पर लेते हुए उत्तर प्रदेश में लगातार छात्राओं के साथ हो रहे अभद्र व्यवहार और शिक्षा से जुड़े लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर कड़ी आलोचना की।
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- आम आदमी पार्टी (आप) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने आज हरदोई पहुंचकर वर्तमान भाजपा सरकार पर जमकर सवाल उठाए। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी को सीधे निशाने पर लेते हुए उत्तर प्रदेश में लगातार छात्राओं के साथ हो रहे अभद्र व्यवहार और शिक्षा से जुड़े लगातार हो रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर कड़ी आलोचना की।1
- उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में, थाना टड़ियावां की चौकी हरिहरपुर के अंतर्गत ग्राम रामनगर में जमीन के एक मामले को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़ित महिलाओं और बच्चों का कहना है कि लेखपाल कौशल यादव उनकी 50 साल से जोती जा रही जमीन को जबरन किसी और को दिला रहे थे, जिसके लिए नाप-जोख की जा रही थी। जब पीड़ित परिवार, जिसमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे, मौके पर पहुँचा और अपने खेत को अपना बताते हुए विरोध किया, तो वहाँ मौजूद 112 नंबर की टीम और हरिहरपुर चौकी इंचार्ज धीरेंद्र कुमार ने कथित तौर पर उनके बच्चों को बेरहमी से पीटा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने उनके साथ मारपीट की और माँ-बहन की गालियाँ दीं, जिससे उन्हें चोटें आईं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लेखपाल आए दिन रिश्वत लेकर काम करते हैं और इस प्रकरण में भी 50,000 रुपये की घूस लेने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद, जब पीड़ित महिलाएं अपनी शिकायत दर्ज कराने थाने पहुँचीं, तो उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया गया और उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। पीड़ित महिलाओं ने प्रशासन पर कोई सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए उच्चाधिकारियों से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने और उचित कार्रवाई करने का निवेदन किया है, क्योंकि वे न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।1
- एक संदेश में ‘देश बचाओ, पेड़ बचाओ’ का आह्वान करते हुए पेड़ों के महत्व पर जोर दिया गया है। इसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि पेड़ों के बिना जीवन की कल्पना करना नामुमकिन है। सभी दोस्तों और साथियों से यह निवेदन किया गया है कि वे अधिक से अधिक पेड़ों की रक्षा करें।1
- अमेरिका में भारतीय तिरंगे के कथित अपमान को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। लोगों का कहना है कि अमेरिकियों ने भारत की शान, जान और ईमान माने जाने वाले तिरंगे का घोर अपमान किया है, जिस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और अपमान करने वाले युवक से सार्वजनिक तौर पर माफी मंगवाई जानी चाहिए। यह अपमान पूरे भारत का अपमान है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी तीखे सवाल उठाए गए हैं। लोगों ने पूछा है कि जो मोदी जी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प से गले मिलते हैं और विभिन्न मौकों पर उनसे बात करते हैं, वे अब कहां हैं? यह कहा गया कि मोदी जी को अब अनिवार्य रूप से कार्रवाई करनी होगी, क्योंकि भारत का मान अपमानित हुआ है और इसे सहा नहीं जा सकता। चेतावनी दी गई है कि यदि मोदी सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करती या ट्रम्प से बात नहीं करती, तो आम जनता सड़कों पर अमेरिकी झंडे लगाएगी और उन पर शौच कर उनका अपमान करेगी। पोस्ट में साफ तौर पर कहा गया है कि देश के भीतर हिंदू-मुस्लिम जैसे मुद्दे भले ही चल जाएं, लेकिन भारत के गौरव का अपमान किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस पर मोदी जी को तुरंत आवाज उठानी चाहिए, क्योंकि भारत किसी का गुलाम नहीं है।1
- गत 3 जून 2026 को सुबह 8 बजे पुलिस को सूचना मिली कि थाना कोतवाली शहर क्षेत्र के अंतर्गत जेल रोड पर स्थित उत्तर प्रदेश जल निगम की केंद्रीय भंडारन में कुछ व्यक्तियों द्वारा महत्वपूर्ण सामग्री और दस्तावेज़ों को नष्ट किया जा रहा है। इस सूचना पर तत्काल स्थानीय पुलिस और जनपद के उच्चाधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय पुलिस ने कुछ व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। क्षेत्रीय लेखपाल वीरेश कुमार की तहरीर के आधार पर, थाना कोतवाली शहर में 6 लोगों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। इस प्रकरण में अन्य आवश्यक वैधानिक कार्यवाही प्रचलित है, जिसके संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री अंकित मिश्रा ने भी बयान दिया है।1
- सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में रही कॉकरोच जनता पार्टी नामक एक नई पार्टी ने आज दिल्ली में एक बैठक आयोजित की। इस बैठक के दौरान हुई प्रेस वार्ता में, पार्टी ने सरकार को एक बड़ा झटका देने का दावा किया। यह प्रेस वार्ता दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थकों और उसके बढ़ते प्रभाव को लेकर की गई थी।1
- सुकृत क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई है, जिसके बाद शिव शांति चिकित्सालय पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। जुगैल थाना क्षेत्र के नेवारी गांव निवासी सीता देवी पत्नी सफेद को चक्कर आने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में बिना किसी उचित जांच के ही महिला को ड्रिप चढ़ाई गई और इंजेक्शन लगाया गया, जिसके बाद उपचार के दौरान ही उनकी हालत बिगड़ी और उनकी मृत्यु हो गई। महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई, और परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल संचालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर डायल-112 और सुकृत पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। मृतका के परिजनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस घटना ने एक बार फिर अवैध अस्पतालों और झोलाछाप डॉक्टरों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूरा मामला रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र का है।1
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा माफियाओं और अवैध कारोबार पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बावजूद, हरदोई जनपद के बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन का मामला फिर से सुर्खियों में है। रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बड़े पैमाने पर मिट्टी की खुदाई और उसका परिवहन किया जा रहा है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद भी कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। दलेलनगर, जगदीशपुर, शिरोमणि नगर सहित आसपास के कई गांवों में यह अवैध गतिविधियां कई महीनों से लगातार जारी हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में यह "मिट्टी का काला कारोबार" संगठित रूप से संचालित हो रहा है। शिकायतें मिलने के बावजूद खनन विभाग और पुलिस प्रशासन की कथित निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है और लोग खुलकर बोलने से डरते हैं। यह स्थिति मुख्यमंत्री की मंशा और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को दर्शाती है। अवैध खनन से गांवों की सड़कें जर्जर हो रही हैं, धूल और प्रदूषण बढ़ रहा है, तथा खेती योग्य भूमि भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर गहरा असंतोष है, उनका कहना है कि भारी वाहनों के संचालन से संपर्क मार्ग खराब हो रहे हैं, लेकिन मरम्मत की कोई व्यवस्था नहीं है। लाखों रुपये के राजस्व नुकसान और पर्यावरणीय क्षति के बावजूद जिम्मेदार विभाग केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित दिख रहे हैं, जिससे जनता का भरोसा व्यवस्था से उठ रहा है। क्षेत्र के नागरिक पूछ रहे हैं कि यदि अवैध खनन प्रशासन की नजर में नहीं है, तो इतनी बड़ी संख्या में मशीनें और वाहन रातभर कैसे संचालित होते हैं? और यदि जानकारी है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? हरदोई की जनता अब इस गंभीर मामले में निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग कर रही है, क्योंकि वे सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कदम देखना चाहती है।2
- हरदोई जनपद के शाहाबाद और अन्य क्षेत्रों में अवैध खनन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं, जहाँ स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर मिट्टी और बालू के दोहन का आरोप लगाया है। उनकी शिकायत है कि जिम्मेदार विभाग इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, कई इलाकों में ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर और जेसीबी मशीनें खुलेआम देखी जा सकती हैं, विशेषकर शाहाबाद तहसील क्षेत्र, लोनार और बेहटागोकुल थाना क्षेत्रों में खनन की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। आरोप है कि कार्रवाई तभी होती है जब मामला मीडिया या जनता के दबाव में आता है, लेकिन इससे भी स्थिति में कोई स्थायी सुधार नहीं आता। इस बड़े पैमाने पर हो रहे खनन की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए, स्थानीय नागरिकों ने तहसील प्रशासन, खनन विभाग और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है। जनता का यह भी कहना है कि जनप्रतिनिधियों को इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए। क्षेत्रीय विधायक और उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री से अपेक्षा की जा रही है कि वे मामले का संज्ञान लें और संबंधित विभागों से जवाब मांगें, साथ ही लापरवाही या अनियमितता के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें। हालाँकि, यह भी चर्चा है कि उन्हें खनन रुकवाने के बजाय करवाने में अधिक दिलचस्पी है, और कई खनन माफिया खुलेआम उनका नाम लेकर खनन करते हैं और उनके ही लोग बताए जाते हैं। आज नसीरपुर में तेजी से खनन हो रहा है, जहाँ से मिट्टी लाकर उधरनपुर में बेची जा रही है। इससे पहले भी नसीरपुर-गढ़ेपुर में सैकड़ों घनमीटर खनन जिला खनन अधिकारी की मिलीभगत से होने की चर्चा है। जनता के आरोप सही माने जा रहे हैं कि जिला खनन अधिकारी को कई बार सूचना दिए जाने के बावजूद उन्होंने ध्यान नहीं दिया, और लगातार खनन का होना न केवल उनकी बल्कि पूरे सिस्टम की मिलीभगत को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त है। एसडीएम शाहाबाद की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाया गया है। जनता की मांग है कि प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री स्तर से भी पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि शिकायतों की सच्चाई और अवैध खनन रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मिल सके। सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि लगातार शिकायतों के बावजूद क्या जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय होगी या अवैध खनन पर उठ रहे ये प्रश्न अनुत्तरित ही रहेंगे?1