देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए बबलू फौजी की पार्थिव देह मंगलवार को उनके पैतृक गांव सिनसिनी, डीग जिले में पहुंची, जिससे पूरा गांव गम और गर्व के भाव से भर उठा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सबसे भावुक क्षण तब आया जब शहीद की माँ ने अपने बेटे की पार्थिव देह के सामने हाथ जोड़कर उसे अंतिम प्रणाम किया। आँखों में आँसू होने के बावजूद उन्होंने गर्व से कहा, "मुझे अपने बेटे पर गर्व है, उसने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।" यह हृदय विदारक दृश्य देखकर वहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। शहीद बबलू फौजी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे गाँव में "भारत माता की जय", "शहीद बबलू अमर रहें" और "वंदे मातरम्" के नारों से वातावरण गूँज उठा। लोगों ने पुष्प अर्पित कर अपने वीर सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सिनसिनी गाँव में हर ओर शोक का माहौल है, लेकिन साथ ही अपने वीर बेटे के अदम्य साहस और बलिदान पर पूरे क्षेत्र को गर्व भी है। शहीद का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए बबलू फौजी की पार्थिव देह मंगलवार को उनके पैतृक गांव सिनसिनी, डीग जिले में पहुंची, जिससे पूरा गांव गम और गर्व के भाव से भर उठा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सबसे भावुक क्षण तब आया जब शहीद की माँ ने अपने बेटे की पार्थिव देह के सामने हाथ जोड़कर उसे अंतिम प्रणाम किया। आँखों में आँसू होने के बावजूद उन्होंने गर्व से कहा, "मुझे अपने बेटे पर गर्व है, उसने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।" यह हृदय विदारक दृश्य देखकर वहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। शहीद बबलू फौजी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे गाँव में "भारत माता की जय", "शहीद बबलू अमर रहें" और "वंदे मातरम्" के नारों से वातावरण गूँज उठा। लोगों ने पुष्प अर्पित कर अपने वीर सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सिनसिनी गाँव में हर ओर शोक का माहौल है, लेकिन साथ ही अपने वीर बेटे के अदम्य साहस और बलिदान पर पूरे क्षेत्र को गर्व भी है। शहीद का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।
- देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए बबलू फौजी की पार्थिव देह मंगलवार को उनके पैतृक गांव सिनसिनी, डीग जिले में पहुंची, जिससे पूरा गांव गम और गर्व के भाव से भर उठा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सबसे भावुक क्षण तब आया जब शहीद की माँ ने अपने बेटे की पार्थिव देह के सामने हाथ जोड़कर उसे अंतिम प्रणाम किया। आँखों में आँसू होने के बावजूद उन्होंने गर्व से कहा, "मुझे अपने बेटे पर गर्व है, उसने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।" यह हृदय विदारक दृश्य देखकर वहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। शहीद बबलू फौजी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे गाँव में "भारत माता की जय", "शहीद बबलू अमर रहें" और "वंदे मातरम्" के नारों से वातावरण गूँज उठा। लोगों ने पुष्प अर्पित कर अपने वीर सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सिनसिनी गाँव में हर ओर शोक का माहौल है, लेकिन साथ ही अपने वीर बेटे के अदम्य साहस और बलिदान पर पूरे क्षेत्र को गर्व भी है। शहीद का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।1
- सोमवार को भरतपुर के कामां रोड पर स्थित गांव दीदावली के पास एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने एक बाइक सवार को टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर के बाद ट्रक बाइक को करीब 500 मीटर तक घसीटता हुआ ले गया। चालक ने मौके से भागने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही दूरी पर ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क से उतर गया, जिसके बाद चालक फरार हो गया। हादसे में बाइक सवार को मामूली चोटें आईं, जबकि उसकी बाइक पूरी तरह चकनाचूर हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचे, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी बाधित हुआ। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया है और फरार चालक की तलाश जारी है। मामले की जाँच चल रही है।4
- दिनांक 02.07.2026 को प्रातः बाथरूम में पैर फिसलने के कारण विधायक दीपचन्द खैरिया की बाईं आँख और दोनों पैरों में हल्की चोट आ गई थी। इस खबर के सुनते ही उनके कार्यालय में कार्यकर्ताओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा और रोजाना सैकड़ों कार्यकर्ता उनकी कुशलक्षेम जानने के लिए पहुँचते रहे। चिकित्सकों की अथक मेहनत के साथ-साथ सभी के स्नेह, शुभकामनाओं और प्रार्थनाओं के फलस्वरूप, विधायक अब पूरी तरह स्वस्थ हैं और पहले से बेहतर महसूस कर रहे हैं। चिकित्सकों ने उन्हें आगामी कुछ दिनों तक पूर्ण विश्राम करने की सलाह दी है।1
- Post by माथुर पत्रकार1
- डीग जिले के गांव सिंहिनी में स्व. बबलू फौजी की पार्थिव देह पहुंची, जिसके बाद वहां भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस घटना की रिपोर्ट राजेश चौधरी ने दी।1
- अलवर मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में आने वाली नई भर्तियों से संबंधित जानकारी अब सबसे पहले प्राप्त की जा सकती है। वेल्डर, हेल्पर, ऑपरेटर और अन्य विभिन्न पदों के लिए रोजगार अपडेट्स पाने हेतु 'Voice of Labour' को सब्सक्राइब करने की अपील की गई है। इसके माध्यम से रोजगार की सही जानकारी सबसे पहले उपलब्ध कराने का दावा किया गया है।1
- केरल में लैंडस्लाइड का एक बेहद खौफनाक मंजर सामने आया है, जिसे सीसीटीवी फुटेज में कैद किया गया है। यह दृश्य इतना भयावह है कि इसे 'मौत का तांडव' कहा जा रहा है।1