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केरल में लैंडस्लाइड का एक बेहद खौफनाक मंजर सामने आया है, जिसे सीसीटीवी फुटेज में कैद किया गया है। यह दृश्य इतना भयावह है कि इसे 'मौत का तांडव' कहा जा रहा है।
Haryana Times
केरल में लैंडस्लाइड का एक बेहद खौफनाक मंजर सामने आया है, जिसे सीसीटीवी फुटेज में कैद किया गया है। यह दृश्य इतना भयावह है कि इसे 'मौत का तांडव' कहा जा रहा है।
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- Post by माथुर पत्रकार1
- पलवल में पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल (IPS) के 'नशा मुक्त पलवल, सुरक्षित पलवल' के विजन को साकार करने के उद्देश्य से, जिला पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में आज एक बड़े नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में स्कूल के प्रिंसिपल, सभी अध्यापकगण और 100 से अधिक छात्रों ने भाग लिया, जिसका मुख्य लक्ष्य युवाओं को नशे के चक्रव्यूह से सचेत करना था। नशा मुक्ति टीम पलवल ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि नशा केवल एक बुरी लत नहीं, बल्कि एक धीमा जहर है जो व्यक्ति के सपनों, परिवार और भविष्य को एक साथ निगल जाता है। टीम ने जोर दिया कि छात्र देश के निर्माता हैं, और यदि युवा ही नशे की गिरफ्त में आ गया, तो राष्ट्र निर्माण का सपना अधूरा रह जाएगा। कार्यक्रम के दौरान, टीम ने स्मैक, गांजा, चिट्टा, शराब, तंबाकू और ई-सिगरेट जैसे नशों के वैज्ञानिक पक्षों को समझाते हुए लीवर, किडनी, फेफड़े और दिमाग पर पड़ने वाले घातक प्रभावों का उदाहरण सहित विस्तृत विवरण दिया। कानूनी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि NDPS एक्ट के तहत नशा तस्करी में 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। साथ ही, तनाव, संगति या शौक के कारण नशे की शुरुआत करने वालों को 'ना' कहना सिखाया गया और अच्छी संगति, खेल, योग तथा रचनात्मक कार्यों को नशे के प्रभावी विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया गया। जागरूकता कार्यक्रम के समापन पर, पूरे सभागार ने हाथ उठाकर आजीवन किसी भी प्रकार का नशा न करने और नशे के खिलाफ इस जंग में पुलिस का साथ देने की शपथ ली। स्कूल के प्रिंसिपल श्री शिवदयाल गौतम ने पलवल पुलिस का आभार व्यक्त किया। उन्होंने एसपी पलवल श्री नीतीश अग्रवाल के निर्देशन पर निरीक्षक राजेंद्र कुमार की टीम द्वारा बच्चों को 'जीवन का सबसे जरूरी पाठ' पढ़ाने के लिए पुलिस के प्रति सदैव आभारी रहने की बात कही और नशा मुक्त अभियान में पुलिस के साथ हर कदम पर खड़े रहने का संकल्प दोहराया। पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल (IPS) ने इस संबंध में एक सख्त संदेश जारी करते हुए कहा कि पलवल पुलिस नशे के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि जहां एक ओर तस्करों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर निरीक्षक राजेंद्र कुमार के नेतृत्व में नशा मुक्ति टीम युवाओं को जागरूक करने का कार्य कर रही है। एसपी अग्रवाल ने युवाओं से सीधा संवाद करते हुए चेतावनी दी कि नशा उनकी जिंदगी बर्बाद कर देगा, और उन्हें खेल व शिक्षा के माध्यम से अपना तथा अपने देश का नाम रोशन करना चाहिए। उन्होंने माता-पिता से भी अपने बच्चों के व्यवहार पर नजर रखने की अपील की। किसी भी नशा गतिविधि से संबंधित सूचना मानस हेल्पलाइन नंबर 1933, डायल-112 या नजदीकी थाना को देने का आग्रह किया गया, जिसमें सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखने का आश्वासन दिया गया। इस अभियान का मुख्य संदेश है: "नशा छोड़ो, जीवन से नाता जोड़ो।"1
- देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए बबलू फौजी की पार्थिव देह मंगलवार को उनके पैतृक गांव सिनसिनी, डीग जिले में पहुंची, जिससे पूरा गांव गम और गर्व के भाव से भर उठा। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए हजारों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सबसे भावुक क्षण तब आया जब शहीद की माँ ने अपने बेटे की पार्थिव देह के सामने हाथ जोड़कर उसे अंतिम प्रणाम किया। आँखों में आँसू होने के बावजूद उन्होंने गर्व से कहा, "मुझे अपने बेटे पर गर्व है, उसने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है।" यह हृदय विदारक दृश्य देखकर वहाँ मौजूद हर व्यक्ति की आँखें नम हो गईं। शहीद बबलू फौजी की अंतिम यात्रा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। पूरे गाँव में "भारत माता की जय", "शहीद बबलू अमर रहें" और "वंदे मातरम्" के नारों से वातावरण गूँज उठा। लोगों ने पुष्प अर्पित कर अपने वीर सपूत को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सिनसिनी गाँव में हर ओर शोक का माहौल है, लेकिन साथ ही अपने वीर बेटे के अदम्य साहस और बलिदान पर पूरे क्षेत्र को गर्व भी है। शहीद का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।1
- Post by Bku lokshakti master sheoraj singh1
- पलवल जिले के रसूलपुर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर में मंगलवार को एक नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे की बुराइयों से बचाना, उनमें मादक पदार्थों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था, ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। कार्यक्रम में हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रभारी डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विभिन्न प्रकार के मादक पदार्थों और उनके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं कानूनी दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, यह स्पष्ट करते हुए कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज, तीनों के लिए एक गंभीर खतरा है। डॉ. वर्मा ने जोर दिया कि नशे से बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय है, और प्रत्येक युवा को अपने जीवन में सकारात्मक सोच और स्वस्थ आदतों को अपनाना चाहिए। उन्होंने वास्तविक घटनाओं और उदाहरणों के माध्यम से बताया कि कैसे अधिकांश युवा जिज्ञासा, गलत संगति, साथियों के दबाव, तनाव, सामाजिक प्रभावों और नशे को फैशन या शौक समझने जैसी गलत धारणाओं के कारण इसकी चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से सही मित्रों का चयन करने, किसी भी प्रकार के प्रलोभन से बचने और किसी भी समस्या की स्थिति में अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं अभिभावकों से खुलकर संवाद करने का आह्वान किया। डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों से यह भी अपील की कि यदि उन्हें कहीं भी मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी या सेवन से संबंधित कोई जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत संबंधित विभाग को उसकी सूचना दें। उन्होंने भारत के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन एनसीबी-मानस-1933 और हरियाणा स्टेट नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हेल्पलाइन 90508-91508 की जानकारी साझा की, साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। इस अवसर पर विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय के समस्त स्टाफ ने नशा मुक्ति की शपथ लेते हुए स्वयं नशे से दूर रहने और अपने परिवार, मित्रों एवं समाज को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।1
- केरल में लैंडस्लाइड का एक बेहद खौफनाक मंजर सामने आया है, जिसे सीसीटीवी फुटेज में कैद किया गया है। यह दृश्य इतना भयावह है कि इसे 'मौत का तांडव' कहा जा रहा है।1