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बारिश ने गिराए 100 से ज्यादा घर, अब सिस्टम की दीवार पर खड़े हैं बेघर ग्रामीण बांदा। मझीबा सानी में बारिश सिर्फ कच्चे मकान नहीं गिरा रही, बल्कि गरीबों की वर्षों की जमा पूंजी, उम्मीद और सुरक्षित जिंदगी का भरोसा भी मलबे में बदल रही है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में 100 से अधिक कच्चे मकान धराशायी हो चुके हैं और सैकड़ों परिवार खुले आसमान के नीचे हैं। जिस छत के नीचे परिवार पीढ़ियां गुजार रहे थे, वह कुछ घंटों की बारिश में मिट्टी का ढेर बन गई। अब इन परिवारों के सामने सवाल है—रात गुजारें तो कहां और पेट भरें तो कैसे? इसी उम्मीद में ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा व शासन की राहत सहायता दिलाने की मांग की। लेकिन प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे ग्रामीणों ने राजस्व व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में तैनात लेखपाल सरकारी कामों के नाम पर अवैध वसूली करता है। उनका कहना है कि बिना पैसे के सरकारी कलम भी जैसे चलने से इनकार कर देती है। आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए इनकी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी; मगर सवाल यह है कि अगर आपदा की घड़ी में भी गरीब को अपनी बात सरकारी दफ्तर तक पहुंचाने के लिए जेब ढीली करनी पड़े, तो फिर शासन की राहत व्यवस्था आखिर किसके लिए है?आश्वासन मिला, अब अमल की बारीनगर मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने ग्रामीणों का ज्ञापन लेकर बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कराने और पात्र पीड़ितों को नियमानुसार राहत दिलाने का आश्वासन दिया। लेखपाल पर लगे आरोपों की जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात भी कही गई। अब असली परीक्षा आश्वासन की नहीं, प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्रवाई की है। क्योंकि टूटे मकानों के सामने खड़े परिवारों को भाषण नहीं, छत चाहिए; कागजी सर्वे नहीं, जमीन पर राहत चाहिए और जांच के नाम पर खानापूर्ति नहीं, अगर आरोप सही हैं तो जवाबदेही चाहिए।प्रकृति ने गरीबों के घर गिराए हैं, व्यवस्था कम-से-कम उनकी उम्मीद न गिरने दे।

57 min ago
user_Amod Kumar
Amod Kumar
रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
57 min ago

बारिश ने गिराए 100 से ज्यादा घर, अब सिस्टम की दीवार पर खड़े हैं बेघर ग्रामीण बांदा। मझीबा सानी में बारिश सिर्फ कच्चे मकान नहीं गिरा रही, बल्कि गरीबों की वर्षों की जमा पूंजी, उम्मीद और सुरक्षित जिंदगी का भरोसा भी मलबे में बदल रही है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में 100 से अधिक कच्चे मकान धराशायी हो चुके हैं और सैकड़ों परिवार खुले आसमान के नीचे हैं। जिस छत के नीचे परिवार पीढ़ियां गुजार रहे थे, वह कुछ घंटों की बारिश में मिट्टी का ढेर बन गई। अब इन परिवारों के सामने सवाल है—रात गुजारें तो कहां और पेट भरें तो कैसे? इसी उम्मीद में ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा व शासन की राहत सहायता दिलाने की मांग की। लेकिन प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे ग्रामीणों ने राजस्व व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में तैनात लेखपाल सरकारी कामों के नाम पर अवैध वसूली करता है। उनका कहना है कि बिना पैसे के सरकारी कलम भी जैसे चलने से इनकार कर देती है। आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए इनकी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी; मगर सवाल यह है कि अगर आपदा की घड़ी में भी गरीब को अपनी बात सरकारी दफ्तर तक पहुंचाने के लिए जेब ढीली करनी पड़े, तो फिर शासन की राहत व्यवस्था आखिर किसके लिए है?आश्वासन मिला, अब अमल की बारीनगर मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने ग्रामीणों का ज्ञापन लेकर बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कराने और पात्र पीड़ितों को नियमानुसार राहत दिलाने का आश्वासन दिया। लेखपाल पर लगे आरोपों की जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात भी कही गई। अब असली परीक्षा आश्वासन की नहीं, प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्रवाई की है। क्योंकि टूटे मकानों के सामने खड़े परिवारों को भाषण नहीं, छत चाहिए; कागजी सर्वे नहीं, जमीन पर राहत चाहिए और जांच के नाम पर खानापूर्ति नहीं, अगर आरोप सही हैं तो जवाबदेही चाहिए।प्रकृति ने गरीबों के घर गिराए हैं, व्यवस्था कम-से-कम उनकी उम्मीद न गिरने दे।

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  • बारिश ने गिराए 100 से ज्यादा घर, अब सिस्टम की दीवार पर खड़े हैं बेघर ग्रामीण बांदा। मझीबा सानी में बारिश सिर्फ कच्चे मकान नहीं गिरा रही, बल्कि गरीबों की वर्षों की जमा पूंजी, उम्मीद और सुरक्षित जिंदगी का भरोसा भी मलबे में बदल रही है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में 100 से अधिक कच्चे मकान धराशायी हो चुके हैं और सैकड़ों परिवार खुले आसमान के नीचे हैं। जिस छत के नीचे परिवार पीढ़ियां गुजार रहे थे, वह कुछ घंटों की बारिश में मिट्टी का ढेर बन गई। अब इन परिवारों के सामने सवाल है—रात गुजारें तो कहां और पेट भरें तो कैसे? इसी उम्मीद में ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा व शासन की राहत सहायता दिलाने की मांग की। लेकिन प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे ग्रामीणों ने राजस्व व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में तैनात लेखपाल सरकारी कामों के नाम पर अवैध वसूली करता है। उनका कहना है कि बिना पैसे के सरकारी कलम भी जैसे चलने से इनकार कर देती है। आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए इनकी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी; मगर सवाल यह है कि अगर आपदा की घड़ी में भी गरीब को अपनी बात सरकारी दफ्तर तक पहुंचाने के लिए जेब ढीली करनी पड़े, तो फिर शासन की राहत व्यवस्था आखिर किसके लिए है?आश्वासन मिला, अब अमल की बारीनगर मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने ग्रामीणों का ज्ञापन लेकर बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कराने और पात्र पीड़ितों को नियमानुसार राहत दिलाने का आश्वासन दिया। लेखपाल पर लगे आरोपों की जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात भी कही गई। अब असली परीक्षा आश्वासन की नहीं, प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्रवाई की है। क्योंकि टूटे मकानों के सामने खड़े परिवारों को भाषण नहीं, छत चाहिए; कागजी सर्वे नहीं, जमीन पर राहत चाहिए और जांच के नाम पर खानापूर्ति नहीं, अगर आरोप सही हैं तो जवाबदेही चाहिए।प्रकृति ने गरीबों के घर गिराए हैं, व्यवस्था कम-से-कम उनकी उम्मीद न गिरने दे।
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    बारिश ने गिराए 100 से ज्यादा घर, अब सिस्टम की दीवार पर खड़े हैं बेघर ग्रामीण
बांदा। मझीबा सानी में बारिश सिर्फ कच्चे मकान नहीं गिरा रही, बल्कि गरीबों की वर्षों की जमा पूंजी, उम्मीद और सुरक्षित जिंदगी का भरोसा भी मलबे में बदल रही है। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में 100 से अधिक कच्चे मकान धराशायी हो चुके हैं और सैकड़ों परिवार खुले आसमान के नीचे हैं।
जिस छत के नीचे परिवार पीढ़ियां गुजार रहे थे, वह कुछ घंटों की बारिश में मिट्टी का ढेर बन गई। अब इन परिवारों के सामने सवाल है—रात गुजारें तो कहां और पेट भरें तो कैसे?
इसी उम्मीद में ग्रामीण जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और तत्काल सर्वे कराकर मुआवजा व शासन की राहत सहायता दिलाने की मांग की। लेकिन प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे ग्रामीणों ने राजस्व व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर आरोप लगाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में तैनात लेखपाल सरकारी कामों के नाम पर अवैध वसूली करता है। उनका कहना है कि बिना पैसे के सरकारी कलम भी जैसे चलने से इनकार कर देती है। आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए इनकी सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी; मगर सवाल यह है कि अगर आपदा की घड़ी में भी गरीब को अपनी बात सरकारी दफ्तर तक पहुंचाने के लिए जेब ढीली करनी पड़े, तो फिर शासन की राहत व्यवस्था आखिर किसके लिए है?आश्वासन मिला, अब अमल की बारीनगर मजिस्ट्रेट दिनेश कुमार ने ग्रामीणों का ज्ञापन लेकर बारिश से हुए नुकसान का सर्वे कराने और पात्र पीड़ितों को नियमानुसार राहत दिलाने का आश्वासन दिया। लेखपाल पर लगे आरोपों की जांच और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की बात भी कही गई।
अब असली परीक्षा आश्वासन की नहीं, प्रशासन की संवेदनशीलता और कार्रवाई की है। क्योंकि टूटे मकानों के सामने खड़े परिवारों को भाषण नहीं, छत चाहिए; कागजी सर्वे नहीं, जमीन पर राहत चाहिए और जांच के नाम पर खानापूर्ति नहीं, अगर आरोप सही हैं तो जवाबदेही चाहिए।प्रकृति ने गरीबों के घर गिराए हैं, व्यवस्था कम-से-कम उनकी उम्मीद न गिरने दे।
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    57 min ago
  • बांदा जनपद के अमली कौर यमुना नदी मे अभी तक कोई बाढ़ का खतरा नहीं आया जब कि हर साल हजारों बीघे जमीन डूब जाती थी इस साल अमली कौर मे चकबंदी के चलते सारी खेती खाली पड़ी अगर फसल होती तो खेती डुबने से कोई नहीं बचा पाता
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    बांदा जनपद के अमली कौर यमुना नदी मे अभी तक कोई बाढ़ का खतरा नहीं आया जब कि हर साल हजारों बीघे जमीन डूब जाती थी इस साल अमली कौर मे चकबंदी के चलते सारी खेती खाली पड़ी अगर फसल होती तो खेती डुबने से कोई नहीं बचा पाता
    user_मलखान सिंह बर्मा
    मलखान सिंह बर्मा
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • चित्रकूट में आस्था का सैलाब 🔥 बाढ़ भी बेअसर, चित्रकूट में आस्था का सैलाब! भारी बाढ़ के बावजूद बांदा से चित्रकूट की ओर लाखों श्रद्धालु पैदल बढ़ रहे हैं। रात में कोई सड़क किनारे लेटकर रात काट रहा है तो कोई पेट्रोल पंप पर आसरा ले रहा है। रास्ते में जगह-जगह भंडारे और सेवा शिविर, आम लोग श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं। लेकिन सवाल बड़ा है—जब आम जनता सेवा में पीछे नहीं हट रही, तो बड़े नेता आखिर कहां हैं? 🙏 जय कामतानाथ!
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    चित्रकूट में आस्था का सैलाब
🔥 बाढ़ भी बेअसर, चित्रकूट में आस्था का सैलाब!
भारी बाढ़ के बावजूद बांदा से चित्रकूट की ओर लाखों श्रद्धालु पैदल बढ़ रहे हैं। रात में कोई सड़क किनारे लेटकर रात काट रहा है तो कोई पेट्रोल पंप पर आसरा ले रहा है।
रास्ते में जगह-जगह भंडारे और सेवा शिविर, आम लोग श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हैं।
लेकिन सवाल बड़ा है—जब आम जनता सेवा में पीछे नहीं हट रही, तो बड़े नेता आखिर कहां हैं?
🙏 जय कामतानाथ!
    user_Shivam
    Shivam
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • बांदा - भदई अमावस्या को लेकर एएसपी ने परखी यातायात व्यवस्था बाँदा। भाद्रपद अमावस्या स्नान पर्व के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुगम और सुरक्षित आवाजाही के लिए अपर पुलिस अधीक्षक बाँदा शिवराज ने जनपद की यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने यातायातकर्मियों को सुचारू संचालन, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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    बांदा - भदई अमावस्या को लेकर एएसपी ने परखी यातायात व्यवस्था

बाँदा। भाद्रपद अमावस्या स्नान पर्व के मद्देनजर श्रद्धालुओं की सुगम और सुरक्षित आवाजाही के लिए अपर पुलिस अधीक्षक बाँदा शिवराज ने जनपद की यातायात व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने यातायातकर्मियों को सुचारू संचालन, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
    user_दुर्गेश कश्यप
    दुर्गेश कश्यप
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • *बांदा रेलवे स्टेशन पर गोपनीय टीम का बड़ा छापा, टिकट कालाबाजारी गैंग का भंडाफोड़* *बांदा रेलवे स्टेशन पर गोपनीय टीम का बड़ा छापा, टिकट कालाबाजारी गैंग का भंडाफोड़* *बांदा।* बांदा रेलवे स्टेशन से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार बाहर से आई एक गोपनीय टीम ने स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई की है। जानकारी के मुताबिक टिकटों की कालाबाजारी करने वाले एक संगठित गिरोह को टीम ने रंगे हाथों दबोचा है। यह पूरी कार्रवाई बेहद गुप्त तरीके से की गई, जिसकी भनक तक लोकल पुलिस और स्टेशन स्टाफ को नहीं लगी। सूत्रों ने बताया कि छापेमारी के दौरान स्टेशन परिसर और आसपास के इलाकों से कई संदिग्ध दलालों को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में फर्जी टिकट और कन्फर्म टिकट के नाम पर वसूले गए पैसे बरामद होने की भी खबर है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से बांदा स्टेशन पर कन्फर्म टिकट दिलाने के नाम पर यात्रियों से अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। यात्रियों से 2 से 3 गुना ज्यादा दाम वसूला जा रहा था। फिलहाल पकड़े गए सभी आरोपियों को गुप्त स्थान पर ले जाकर पूछताछ की जा रही है। टीम अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में रेलवे के किसी स्थानीय कर्मचारी या अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत तो नहीं है। रेलवे की इस बड़ी कार्रवाई से दलालों में हड़कंप मचा हुआ है।
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    *बांदा रेलवे स्टेशन पर गोपनीय टीम का बड़ा छापा, टिकट कालाबाजारी गैंग का भंडाफोड़*
*बांदा रेलवे स्टेशन पर गोपनीय टीम का बड़ा छापा, टिकट कालाबाजारी गैंग का भंडाफोड़*
*बांदा।* बांदा रेलवे स्टेशन से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार बाहर से आई एक गोपनीय टीम ने स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई की है।
जानकारी के मुताबिक टिकटों की कालाबाजारी करने वाले एक संगठित गिरोह को टीम ने रंगे हाथों दबोचा है। यह पूरी कार्रवाई बेहद गुप्त तरीके से की गई, जिसकी भनक तक लोकल पुलिस और स्टेशन स्टाफ को नहीं लगी।
सूत्रों ने बताया कि छापेमारी के दौरान स्टेशन परिसर और आसपास के इलाकों से कई संदिग्ध दलालों को हिरासत में लिया गया है। आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में फर्जी टिकट और कन्फर्म टिकट के नाम पर वसूले गए पैसे बरामद होने की भी खबर है।
बताया जा रहा है कि लंबे समय से बांदा स्टेशन पर कन्फर्म टिकट दिलाने के नाम पर यात्रियों से अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। यात्रियों से 2 से 3 गुना ज्यादा दाम वसूला जा रहा था।
फिलहाल पकड़े गए सभी आरोपियों को गुप्त स्थान पर ले जाकर पूछताछ की जा रही है। टीम अब इस बात की भी जांच कर रही है कि इस पूरे नेटवर्क में रेलवे के किसी स्थानीय कर्मचारी या अंदरूनी व्यक्ति की मिलीभगत तो नहीं है।
रेलवे की इस बड़ी कार्रवाई से दलालों में हड़कंप मचा हुआ है।
    user_कुलदीप कुमार मिश्रा
    कुलदीप कुमार मिश्रा
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • बांदा की बेटी डॉक्टर मंतशा कातिब को स्वीडिश इंटरनेशनल फ्रेंडशिप ऑर्गनाइजेशन, स्वीडन की ओर से प्रशंसा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। बांदा की बेटी डॉक्टर मंतशा कातिब को स्वीडिश इंटरनेशनल फ्रेंडशिप ऑर्गनाइजेशन, स्वीडन की ओर से प्रशंसा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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    बांदा की बेटी डॉक्टर मंतशा कातिब को स्वीडिश इंटरनेशनल फ्रेंडशिप ऑर्गनाइजेशन, स्वीडन की ओर से प्रशंसा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बांदा की बेटी डॉक्टर मंतशा कातिब को स्वीडिश इंटरनेशनल फ्रेंडशिप ऑर्गनाइजेशन, स्वीडन की ओर से प्रशंसा प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    1 day ago
  • 10 din pahle ka video Barsha se nahar ke pani ka bahao Namaskar saathiyon
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    10 din pahle ka video Barsha se nahar ke pani ka bahao 
Namaskar saathiyon
    user_Narayan anuragi
    Narayan anuragi
    नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • राठ कसबे में तेज रफ्तार स्कार्पियो ने बाइक में मारी जोरदार टक्कर ➡️ टक्कर के बाद बाइक सवार युवक नाले में जा गिरा ➡️ अनियंत्रित स्कॉर्पियो भी नाले में जा गिरी ➡️ हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल ➡️ मौके पर पहुंची पुलिस ने रिक्शे की मदद से घायल को CHC पहुंचाया ➡️ पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शुरू की जांच ➡️ हादसे के बाद मौके पर मची अफरा-तफरी ➡️ राठ कोतवाली क्षेत्र के रामलीला मैदान का मामला
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    राठ कसबे में तेज रफ्तार स्कार्पियो ने बाइक में मारी जोरदार टक्कर 
➡️ टक्कर के बाद बाइक सवार युवक नाले में जा गिरा
➡️ अनियंत्रित स्कॉर्पियो भी नाले में जा गिरी
➡️ हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल
➡️ मौके पर पहुंची पुलिस ने रिक्शे की मदद से घायल को CHC पहुंचाया
➡️ पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर शुरू की जांच
➡️ हादसे के बाद मौके पर मची अफरा-तफरी
➡️ राठ कोतवाली क्षेत्र के रामलीला मैदान का मामला
    user_ISLAM
    ISLAM
    Local News Reporter मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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