logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

aganbadi School 🏫 #trainingvideo #🏫School #aganbadiSchool

9 hrs ago
user_Gena Manjhi
Gena Manjhi
Adapur, Purbi Champaran•
9 hrs ago

aganbadi School 🏫 #trainingvideo #🏫School #aganbadiSchool

More news from Purbi Champaran and nearby areas
  • #trainingvideo #🏫School #aganbadiSchool
    1
    #trainingvideo #🏫School #aganbadiSchool
    user_Gena Manjhi
    Gena Manjhi
    Adapur, Purbi Champaran•
    9 hrs ago
  • Narendra Modi ji se bhi nivedan hai ki aap aise logon Ko Kadi se Kadi Saja de
    1
    Narendra Modi ji se bhi nivedan hai ki aap aise logon Ko Kadi se Kadi Saja de
    user_Suraj Sahni
    Suraj Sahni
    रामगढ़वा, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    16 hrs ago
  • सुगौली में विधायक को जन जागरण मंच के द्वारा किया गया सम्मानित। विधायक ने सुगौली को अनुमंडल और करमवा रघुनाथपुर को प्रखंड का दर्जा दिलाने की मांग सदन में रखी थी।
    1
    सुगौली में विधायक को जन जागरण मंच के द्वारा किया गया सम्मानित।  विधायक ने सुगौली को अनुमंडल और करमवा रघुनाथपुर को प्रखंड का दर्जा दिलाने की मांग सदन में रखी थी।
    user_Shambhu sharan
    Shambhu sharan
    सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • Post by Talk On Chair
    1
    Post by Talk On Chair
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • खेती की एक ऐसी प्राचीन विधि के बारे में बात करने जा रहे हैं, जो न सिर्फ आपकी खेती की लागत को आधा कर सकती है बल्कि आपकी पैदावार को बढ़ा सकती है। वर्तमान समय में किसान यूरिया, डीएपी, पोटाश और महंगे कीट एवं रोगनाशकों पर निर्भर हो चुके हैं, जिससे मिट्टी की सेहत खराब हो रही है, उत्पादन धीरे-धीरे घट रहा है और लागत लगातार बढ़ती जा रही है। डॉ अभिषेक प्रताप सिंह वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर ने बताया कि प्रकृति में एक ऐसा खजाना है, जो पूरी तरह से सस्ता है और अत्यंत प्रभावी भी देसी गाय का गोबर और गौमूत्र। अगर इसका सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह न सिर्फ खाद का काम करता है, बल्कि कीटनाशक और फफूंदनाशक के रूप में भी उतना ही असरदार है। गौमूत्र को अगर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो यह पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत है। इसमें प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश यानी एनपीके मौजूद भी होते हैं, जो पौधों की बढ़वार के लिए सबसे जरूरी मुख्य पोषक तत्व माने जाते हैं। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर, जिंक और कॉपर जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो पौधों की सेहत को मजबूत बनाते हैं। गौमूत्र में इंडोल एसिटिक एसिड जैसे प्राकृतिक ग्रोथ हार्मोन होते हैं, जो जड़ों की वृद्धि को तेज करते हैं और पौधे को तेजी से विकसित होने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें कार्बोलिक एसिड भी पाया जाता है, जो फंगस और हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करने की क्षमता रखता है। गौमूत्र का उपयोग तीन मुख्य तरीकों से किया जाता है-खाद, कीटनाशक और फफूंदनाशक के रूप में। जब इसे खाद के रूप में उपयोग किया जाता है तो यह पौधों को जरूरी पोषक तत्व देता है, जिससे उनकी वृद्धि तेज होती है। कीटनाशक के रूप में इसका उपयोग करने पर इसकी तेज गंध रस चूसने वाले कीटों जैसे माहू, सफेद मक्खी और जेसिड को दूर भगाती है। वहीं फफूंदनाशक के रूप में यह जड़ गलन और उकठा जैसी बीमारियों को रोकने में मदद करता है। गौमूत्र बहुत ही शक्तिशाली होता है, इसलिए इसे कभी भी सीधे पौधों पर नहीं डालना चाहिए। खड़ी फसल में स्प्रे के लिए 15 लीटर पानी में 500 से 700 मिलीलीटर गौमूत्र मिलाकर छिड़काव करें। छोटी फसल या नर्सरी के लिए इसकी मात्रा 250 से 300 मिलीलीटर ही रखें। अगर इसे सिंचाई के साथ देना है तो एक एकड़ खेत के लिए 10 से 15 लीटर गौमूत्र पर्याप्त होता है। इसे पानी के साथ धीरे-धीरे खेत में छोड़ना चाहिए ताकि यह पूरे खेत में समान रूप से फैल सके। बीज उपचार के लिए भी गौमूत्र बेहद उपयोगी है। 1 लीटर पानी में 100 मिलीलीटर गौमूत्र मिलाकर बीजों को 30 मिनट से 1 घंटे तक भिगोकर रखें और फिर छाया में सुखाकर बो दें। इससे बीजों में रोग नहीं लगते और अंकुरण प्रतिशत काफी बढ़ जाता है। अगर हम गौमूत्र और गोबर को मिलाकर इस्तेमाल करें तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। इसी से तैयार होता है जीवामृत, जो प्राकृतिक खेती का सबसे शक्तिशाली खाद माना जाता है। इसे बनाने के लिए 10 किलो देसी गाय का गोबर, 10 लीटर गौमूत्र, 1 किलो गुड़, 1 किलो बेसन और एक मुट्ठी उपजाऊ मिट्टी को 200 लीटर पानी में मिलाकर 2 से 3 दिन तक सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है। इस दौरान इसमें करोड़ों लाभकारी जीवाणु विकसित हो जाते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाते हैं। जब इस जीवामृत को खेत में डाला जाता है तो यह मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों को घोलकर पौधों की जड़ों तक पहुंचाता है। इससे मिट्टी भुरभुरी बनती है, पानी सोखने की क्षमता बढ़ती है और केंचुए भी बढ़ने लगते हैं। हर 15 से 20 दिन में एक बार इसका उपयोग करने से खेत की उत्पादकता में जबरदस्त सुधार देखा जा सकता है। कीट नियंत्रण के लिए भी गौमूत्र से कई शक्तिशाली जैविक घोल तैयार किए जा सकते हैं। नीमास्त्र बनाने के लिए 5 लीटर गौमूत्र में 5 किलो नीम की पत्तियों का पेस्ट मिलाकर 3 दिन तक रखा जाता है। इसके बाद इसे छानकर 15 लीटर पानी में 1 लीटर मिलाकर स्प्रे किया जाता है। यह रस चूसने वाले कीटों को नियंत्रित करने में बेहद प्रभावी है। अगर फसल में इल्ली या तना छेदक की समस्या हो तो अग्न्यास्त्र का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए 10 लीटर गौमूत्र में 1 किलो हरी मिर्च, आधा किलो लहसुन और आधा किलो तंबाकू मिलाकर उबालकर तैयार किया जाता है। यह घोल बहुत ही प्रभावी कीटनाशक का काम करता है और कठिन से कठिन कीटों को भी खत्म कर देता है। कुछ जरूरी सावधानियां भी ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। हमेशा देसी गाय का ही गोबर और गौमूत्र इस्तेमाल करें क्योंकि विदेशी नस्ल की गाय में यह गुण कम होते हैं। गौमूत्र को कभी भी बिना छाने स्प्रे मशीन में न डालें, वरना नोजल चोक हो सकता है। इसे लोहे या तांबे के बर्तन में न रखें, हमेशा प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तन का उपयोग करें। और सबसे महत्वपूर्ण बात-इसे कभी भी रासायनिक खाद या कीटनाशकों के साथ मिलाकर उपयोग न करें, क्योंकि इससे इसके लाभकारी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं। किसान साथियों, अगर आप अपनी खेती को सस्ता, टिकाऊ और ज्यादा मुनाफेदार हैं। गौमूत्र, गोबर और जीवामृत जैसी तकनीकों को अपनाकर आप न सिर्फ अपनी मिट्टी को स्वस्थ बना सकते हैं बल्कि अपनी आय को भी कई गुना तक बढ़ा सकते हैं। जो भविष्य की खेती है-कम लागत, ज्यादा उत्पादन और पूरी तरह सुरक्षित खेती। डॉ सिंह ने बताया कि जिले के 40 चयनित कृषि सखियों का आवासीय प्रशिक्षण प्राकृतिक खेती के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र के परिसर में दिया गया था और सभी प्रशिक्षित कृषि सखियां जिले में अपने-अपने प्रखंड के चयनित गांव में प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने एवं प्रत्यक्षण कराने का भी कार्य कर रही है जो काफी सराहनी है।
    2
    खेती की एक ऐसी प्राचीन विधि के बारे में बात करने जा रहे हैं, जो न सिर्फ आपकी खेती की लागत को आधा कर सकती है बल्कि आपकी पैदावार को बढ़ा सकती है। वर्तमान समय में किसान यूरिया, डीएपी, पोटाश और महंगे कीट एवं रोगनाशकों पर निर्भर हो चुके हैं, जिससे मिट्टी की सेहत खराब हो रही है, उत्पादन धीरे-धीरे घट रहा है और लागत लगातार बढ़ती जा रही है। डॉ अभिषेक प्रताप सिंह वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान कृषि विज्ञान केंद्र माधोपुर ने बताया कि प्रकृति में एक ऐसा खजाना है, जो पूरी तरह से सस्ता है और अत्यंत प्रभावी भी देसी गाय का गोबर और गौमूत्र। अगर इसका सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह न सिर्फ खाद का काम करता है, बल्कि कीटनाशक और फफूंदनाशक के रूप में भी उतना ही असरदार है।
गौमूत्र को अगर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें तो यह पोषक तत्वों का एक समृद्ध स्रोत है। इसमें प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश यानी एनपीके मौजूद भी होते हैं, जो पौधों की बढ़वार के लिए सबसे जरूरी मुख्य पोषक तत्व माने जाते हैं। इसके अलावा इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर, जिंक और कॉपर जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो पौधों की सेहत को मजबूत बनाते हैं। गौमूत्र में इंडोल एसिटिक एसिड जैसे प्राकृतिक ग्रोथ हार्मोन होते हैं, जो जड़ों की वृद्धि को तेज करते हैं और पौधे को तेजी से विकसित होने में मदद करते हैं। साथ ही इसमें कार्बोलिक एसिड भी पाया जाता है, जो फंगस और हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करने की क्षमता रखता है।
गौमूत्र का उपयोग तीन मुख्य तरीकों से किया जाता है-खाद, कीटनाशक और फफूंदनाशक के रूप में। जब इसे खाद के रूप में उपयोग किया जाता है तो यह पौधों को जरूरी पोषक तत्व देता है, जिससे उनकी वृद्धि तेज होती है। कीटनाशक के रूप में इसका उपयोग करने पर इसकी तेज गंध रस चूसने वाले कीटों जैसे माहू, सफेद मक्खी और जेसिड को दूर भगाती है। वहीं फफूंदनाशक के रूप में यह जड़ गलन और उकठा जैसी बीमारियों को रोकने में मदद करता है। गौमूत्र बहुत ही शक्तिशाली होता है, इसलिए इसे कभी भी सीधे पौधों पर नहीं डालना चाहिए।  खड़ी फसल में स्प्रे के लिए 15 लीटर पानी में 500 से 700 मिलीलीटर गौमूत्र मिलाकर छिड़काव करें। छोटी फसल या नर्सरी के लिए इसकी मात्रा 250 से 300 मिलीलीटर ही रखें। अगर इसे सिंचाई के साथ देना है तो एक एकड़ खेत के लिए 10 से 15 लीटर गौमूत्र पर्याप्त होता है। इसे पानी के साथ धीरे-धीरे खेत में छोड़ना चाहिए ताकि यह पूरे खेत में समान रूप से फैल सके। बीज उपचार के लिए भी गौमूत्र बेहद उपयोगी है। 1 लीटर पानी में 100 मिलीलीटर गौमूत्र मिलाकर बीजों को 30 मिनट से 1 घंटे तक भिगोकर रखें और फिर छाया में सुखाकर बो दें। इससे बीजों में रोग नहीं लगते और अंकुरण प्रतिशत काफी बढ़ जाता है।
अगर हम गौमूत्र और गोबर को मिलाकर इस्तेमाल करें तो इसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। इसी से तैयार होता है जीवामृत, जो प्राकृतिक खेती का सबसे शक्तिशाली खाद माना जाता है। इसे बनाने के लिए 10 किलो देसी गाय का गोबर, 10 लीटर गौमूत्र, 1 किलो गुड़, 1 किलो बेसन और एक मुट्ठी उपजाऊ मिट्टी को 200 लीटर पानी में मिलाकर 2 से 3 दिन तक सड़ने के लिए छोड़ दिया जाता है। इस दौरान इसमें करोड़ों लाभकारी जीवाणु विकसित हो जाते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाते हैं।
जब इस जीवामृत को खेत में डाला जाता है तो यह मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों को घोलकर पौधों की जड़ों तक पहुंचाता है। इससे मिट्टी भुरभुरी बनती है, पानी सोखने की क्षमता बढ़ती है और केंचुए भी बढ़ने लगते हैं। हर 15 से 20 दिन में एक बार इसका उपयोग करने से खेत की उत्पादकता में जबरदस्त सुधार देखा जा सकता है।
कीट नियंत्रण के लिए भी गौमूत्र से कई शक्तिशाली जैविक घोल तैयार किए जा सकते हैं। नीमास्त्र बनाने के लिए 5 लीटर गौमूत्र में 5 किलो नीम की पत्तियों का पेस्ट मिलाकर 3 दिन तक रखा जाता है। इसके बाद इसे छानकर 15 लीटर पानी में 1 लीटर मिलाकर स्प्रे किया जाता है। यह रस चूसने वाले कीटों को नियंत्रित करने में बेहद प्रभावी है।
अगर फसल में  इल्ली या तना छेदक की समस्या हो तो अग्न्यास्त्र का उपयोग किया जा सकता है। इसके लिए 10 लीटर गौमूत्र में 1 किलो हरी मिर्च, आधा किलो लहसुन और आधा किलो तंबाकू मिलाकर उबालकर तैयार किया जाता है। यह घोल बहुत ही प्रभावी कीटनाशक का काम करता है और कठिन से कठिन कीटों को भी खत्म कर देता है।
कुछ जरूरी सावधानियां भी ध्यान में रखना बेहद जरूरी है। हमेशा देसी गाय का ही गोबर और गौमूत्र इस्तेमाल करें क्योंकि विदेशी नस्ल की गाय में यह गुण कम होते हैं। गौमूत्र को कभी भी बिना छाने स्प्रे मशीन में न डालें, वरना नोजल चोक हो सकता है। इसे लोहे या तांबे के बर्तन में न रखें, हमेशा प्लास्टिक या मिट्टी के बर्तन का उपयोग करें। और सबसे महत्वपूर्ण बात-इसे कभी भी रासायनिक खाद या कीटनाशकों के साथ मिलाकर उपयोग न करें, क्योंकि इससे इसके लाभकारी जीवाणु नष्ट हो जाते हैं।
किसान साथियों, अगर आप अपनी खेती को सस्ता, टिकाऊ और ज्यादा मुनाफेदार  हैं। गौमूत्र, गोबर और जीवामृत जैसी तकनीकों को अपनाकर आप न सिर्फ अपनी मिट्टी को स्वस्थ बना सकते हैं बल्कि अपनी आय को भी कई गुना तक बढ़ा सकते हैं। जो भविष्य की खेती है-कम लागत, ज्यादा उत्पादन और पूरी तरह सुरक्षित खेती। डॉ सिंह ने बताया कि जिले के 40 चयनित कृषि सखियों का आवासीय प्रशिक्षण प्राकृतिक खेती के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र के परिसर में दिया गया था और सभी प्रशिक्षित कृषि सखियां जिले में अपने-अपने प्रखंड के चयनित गांव में प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने एवं प्रत्यक्षण कराने का भी कार्य कर रही है जो काफी सराहनी है।
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Farmer मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    9 hrs ago
  • Motihari jila mein sharab Peete hue 45 aadami hospital mein 5 aadami date Kar Gaya
    1
    Motihari jila mein sharab Peete hue 45 aadami hospital mein 5 aadami date Kar Gaya
    user_नीतीश उजाला
    नीतीश उजाला
    Graphic designer मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    13 hrs ago
  • बेतिया में एफबीबी ग्लोबल इंडिया का स्टेट लेवल ब्यूटी पेजेंट संपन्न, बेटियों ने लहराया परचम रनवे फैशन वीक में दिखा ग्लैमर का जलवा, दर्शकों की उमड़ी भीड़ बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट बेतिया। शहर के मनुआपुल स्थित द मैरिज गार्डन एंड रिज़ॉर्ट में एफबीबी ग्लोबल इंडिया द्वारा आयोजित स्टेट लेवल ब्यूटी पेजेंट एवं रनवे फैशन वीक का भव्य आयोजन रविवार की रात संपन्न हुआ। कार्यक्रम की संस्थापक नम्या श्रीवास्तव रहीं। इस आयोजन में बिहार समेत अन्य राज्यों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का मन मोह लिया। प्रतियोगिता के विजेताओं में मिस्टर बिहार 2026 का खिताब किर्ति आज़ाद यादव, मिस बिहार 2026 अंशिका किरण, मिस्टर टीन बिहार 2026 आमिर खान, मिस टीन बिहार 2026 आरुषि शर्मा, मिसेज बिहार 2026 काजल सोनी और मिस टीन किड्स बिहार 2026 स्वाधा वर्मा को मिला। वहीं अन्य राज्यों के प्रतिभागियों में मिस्टर यूपी विनर समर्थ और मिस्टर यूपी के प्रथम रनर-अप अलकाश भी शामिल रहे। कार्यक्रम में मिस्टर इंडिया और मिस्टर यूपी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे, जिससे आयोजन की भव्यता और बढ़ गई। इस दौरान आकर्षक रनवे फैशन वीक का आयोजन भी किया गया, जिसमें विभिन्न थीम्स पर आधारित रैंप वॉक ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रतिभागियों ने अपने स्टाइल, आत्मविश्वास और प्रतिभा से जजों और दर्शकों को प्रभावित किया। कार्यक्रम का उद्घाटन जनसुराज के जिलाध्यक्ष कुंदन पांडेय, सक्सेस पॉइंट के निदेशक हेमंत राज, समाजसेवी अजय श्रीवास्तव, सीएम मीडिया ग्रुप के एमडी रिपु मिश्रा, फ्यूचर मेकर के निदेशक मो. शहाबुद्दीन और अधिवक्ता अभिजीत द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। मुख्य अतिथि कुंदन पांडेय ने बेतिया जैसे शहर में इस तरह के आयोजन के लिए एफबीबी ग्लोबल इंडिया और इसकी संस्थापक नम्या श्रीवास्तव की सराहना की। मझौलिया के सचिन मिश्रा को भी प्रतियोगिता में मिस्टर बिहार का खिताब मिला। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रांजल ने किया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच दर्शकों ने आयोजन का भरपूर आनंद लिया। यह कार्यक्रम फैशन और प्रतिभा का बेहतरीन मंच साबित हुआ, जिसने दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी।
    1
    बेतिया में एफबीबी ग्लोबल इंडिया का स्टेट लेवल ब्यूटी पेजेंट संपन्न, बेटियों ने लहराया परचम
रनवे फैशन वीक में दिखा ग्लैमर का जलवा, दर्शकों की उमड़ी भीड़
बेतिया से सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट
बेतिया। शहर के मनुआपुल स्थित द मैरिज गार्डन एंड रिज़ॉर्ट में एफबीबी ग्लोबल इंडिया द्वारा आयोजित स्टेट लेवल ब्यूटी पेजेंट एवं रनवे फैशन वीक का भव्य आयोजन रविवार की रात संपन्न हुआ। कार्यक्रम की संस्थापक नम्या श्रीवास्तव रहीं।
इस आयोजन में बिहार समेत अन्य राज्यों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और अपने शानदार प्रदर्शन से सभी का मन मोह लिया। प्रतियोगिता के विजेताओं में मिस्टर बिहार 2026 का खिताब किर्ति आज़ाद यादव, मिस बिहार 2026 अंशिका किरण, मिस्टर टीन बिहार 2026 आमिर खान, मिस टीन बिहार 2026 आरुषि शर्मा, मिसेज बिहार 2026 काजल सोनी और मिस टीन किड्स बिहार 2026 स्वाधा वर्मा को मिला।
वहीं अन्य राज्यों के प्रतिभागियों में मिस्टर यूपी विनर समर्थ और मिस्टर यूपी के प्रथम रनर-अप अलकाश भी शामिल रहे। कार्यक्रम में मिस्टर इंडिया और मिस्टर यूपी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे, जिससे आयोजन की भव्यता और बढ़ गई।
इस दौरान आकर्षक रनवे फैशन वीक का आयोजन भी किया गया, जिसमें विभिन्न थीम्स पर आधारित रैंप वॉक ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रतिभागियों ने अपने स्टाइल, आत्मविश्वास और प्रतिभा से जजों और दर्शकों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन जनसुराज के जिलाध्यक्ष कुंदन पांडेय, सक्सेस पॉइंट के निदेशक हेमंत राज, समाजसेवी अजय श्रीवास्तव, सीएम मीडिया ग्रुप के एमडी रिपु मिश्रा, फ्यूचर मेकर के निदेशक मो. शहाबुद्दीन और अधिवक्ता अभिजीत द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
मुख्य अतिथि कुंदन पांडेय ने बेतिया जैसे शहर में इस तरह के आयोजन के लिए एफबीबी ग्लोबल इंडिया और इसकी संस्थापक नम्या श्रीवास्तव की सराहना की। मझौलिया के सचिन मिश्रा को भी प्रतियोगिता में मिस्टर बिहार का खिताब मिला।
कार्यक्रम का सफल संचालन प्रांजल ने किया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच दर्शकों ने आयोजन का भरपूर आनंद लिया। यह कार्यक्रम फैशन और प्रतिभा का बेहतरीन मंच साबित हुआ, जिसने दर्शकों पर अमिट छाप छोड़ी।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • Post by Talk On Chair
    1
    Post by Talk On Chair
    user_Talk On Chair
    Talk On Chair
    Media company मोतिहारी, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.