रायपुर (ब्यावर) ग्राम उत्थान शिविर लांबिया का संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने किया निरीक्षण राज्य सरकार के GRAM-2026 अभियान के अंतर्गत जैतारण उपखंड के लांबिया में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर का संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आमजन की समस्याओं का तत्काल, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त राठौड़ ने कहा कि ग्राम उत्थान शिविरों का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे गांव और खेत तक पहुंचाना है । ताकि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी बिना किसी बाधा के योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर प्रशासन को जनता के और अधिक निकट लाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में मिलने वाले लाभों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि ग्राम उत्थान शिविर दो चरणों में नजदीकी गिरदावर सर्किल स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं । जिससे कोई भी पात्र लाभार्थी पीछे न छूटे। शिविरों का समय प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक निर्धारित है। द्वितीय चरण का आयोजन 5 से 9 फरवरी तक किया जाएगा। शिविरों में मौके पर मिल रही हैं ये सुविधाएं ग्राम उत्थान शिविरों में किसानों को ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिस्टम एवं सोलर पंप जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी एवं डेमो उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पशुपालकों को पशु बीमा, निःशुल्क टीकाकरण एवं डेयरी योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे दिया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत बीजों का वितरण किया जा रहा है तथा विभिन्न योजनाओं के लंबित आवेदनों का मौके पर ही पंजीकरण कर लाभ से जोड़ा जा रहा है। इस अवसर पर एसीईओ गोपाल लाल, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रायपुर (ब्यावर) ग्राम उत्थान शिविर लांबिया का संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने किया निरीक्षण राज्य सरकार के GRAM-2026 अभियान के अंतर्गत जैतारण उपखंड के लांबिया में आयोजित ग्राम उत्थान शिविर का संभागीय आयुक्त शक्ति सिंह राठौड़ ने निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आमजन की समस्याओं का तत्काल, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। संभागीय आयुक्त राठौड़ ने कहा कि ग्राम उत्थान शिविरों का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को सीधे गांव और खेत तक पहुंचाना है । ताकि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी बिना किसी बाधा के योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर प्रशासन को जनता के और अधिक निकट लाया जा रहा है। इस अवसर पर जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में मिलने वाले लाभों की जानकारी ली। उन्होंने बताया कि ग्राम उत्थान शिविर दो चरणों में नजदीकी गिरदावर सर्किल स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं । जिससे कोई भी पात्र लाभार्थी पीछे न छूटे। शिविरों का समय प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक निर्धारित है। द्वितीय चरण का आयोजन 5 से 9 फरवरी तक किया जाएगा। शिविरों में मौके पर मिल रही हैं ये सुविधाएं ग्राम उत्थान शिविरों में किसानों को ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिस्टम एवं सोलर पंप जैसी आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी एवं डेमो उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पशुपालकों को पशु बीमा, निःशुल्क टीकाकरण एवं डेयरी योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे दिया जा रहा है। इसके साथ ही किसानों को मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड, उन्नत बीजों का वितरण किया जा रहा है तथा विभिन्न योजनाओं के लंबित आवेदनों का मौके पर ही पंजीकरण कर लाभ से जोड़ा जा रहा है। इस अवसर पर एसीईओ गोपाल लाल, उपखंड अधिकारी, तहसीलदार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- रायपुर (ब्यावर) दो दिवसीय SMC-SDMC सदस्यों का प्रशिक्षण सम्पन्न* श्रीमती सुन्दर बाई राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पीपलिया कलां(ब्यावर) में पी.ई.ई.ओ. परिक्षेत्र के सभी विद्यालयों की विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) और विद्यालय विकास एवं प्रबंधन समिति (SDMC) के सदस्यों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य सदस्यों को विद्यालय संचालन और विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी देना था। उप प्राचार्य मल्लाराम और दक्ष प्रशिक्षक ओम प्रकाश तंवर ने सरस्वती पूजन से प्रशिक्षण की शुरुआत की। उन्होंने इस अवसर पर समिति सदस्यों की भूमिका को विद्यालय के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। दक्ष प्रशिक्षक ओम प्रकाश तंवर ने विभिन्न सत्रों के माध्यम से सदस्यों को प्रशिक्षित किया। उन्होंने विद्यालय संचालन की मूलभूत संरचना, शैक्षिक गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारियां, विद्यालय में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के उपाय और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से जानकारी दी। प्रशिक्षक ने SMC व SDMC की शक्तियों, कर्तव्यों, वित्तीय प्रबंधन, विद्यार्थियों के हितों की सुरक्षा और विद्यालय के वातावरण में सुधार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया। सदस्यों ने विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, नामांकन में वृद्धि, संसाधनों के समुचित उपयोग और विद्यालय स्तर पर आने वाली विभिन्न चुनौतियों पर भी चर्चा की। प्रशिक्षक ने सुझाव दिया कि समितियाँ विद्यालयों के नियमित निरीक्षण, शिक्षकों के सहयोग और अभिभावकों से संवाद बढ़ाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएँ। इस प्रशिक्षण में चेनाराम, हेमन्त,मांगीलाल चौधरी,अमित कुमार, किशन गर्ग,कुलदीप दवे,भंवर देवासी, राजेश सहित बड़ी संख्या में समिति सदस्य उपस्थित रहे।1
- हाई टेंशन लाइन से फसल नष्ट, आहत किसान ने की आत्महत्या — पाँच मासूम बच्चों का भविष्य अधर में ग्राम पंचायत बूटीवास के ग्राम रामावास में एक निजी कंपनी द्वारा तानाशाही तरीके से हाई टेंशन लाइन निकाले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस प्रक्रिया में किसान रामसिंह (बुद्धा सिंह) रावत की खड़ी फसल पूरी तरह नष्ट कर दी गई, जिससे उन्हें भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इस अन्याय और आर्थिक आघात से मानसिक रूप से टूट चुके किसान रामसिंह रावत (उम्र 37 वर्ष) ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठा लिया। वे अपने पीछे पाँच छोटे–छोटे मासूम बच्चों को छोड़कर सदा के लिए इस दुनिया से विदा हो गए। यह घटना न केवल अत्यंत दुःखद बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और संबंधित निजी कंपनी की गैर-जिम्मेदार कार्यशैली को भी उजागर करती है। बिना उचित सहमति, मुआवजा और वैकल्पिक व्यवस्था के किसानों की फसल को नुकसान पहुँचाना सीधे तौर पर उनके जीवन और आजीविका से खिलवाड़ है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, दोषी अधिकारियों व कंपनी पर सख्त कार्रवाई, तथा मृतक किसान के पाँचों बच्चों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग उठाई जा रही है। इस अन्याय के खिलाफ हर संभव कानूनी और सामाजिक संघर्ष किया जाएगा।1
- आदरणीय यह वीडियो एवं संलग्न फोटो हमारे गांव की सड़क की वास्तविक और वर्तमान स्थिति को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। गांव – मोहराई तहसील – जैतारण जिला – ब्यावर (राजस्थान) पिन कोड – 306303 सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा सड़क स्थल पर लगाए गए बोर्ड के अनुसार: • सड़क लंबाई – 12 किलोमीटर • स्वीकृत बजट राशि – ₹ 870 लाख • कार्यादेश राशि – ₹ 771 लाख • कार्य अवधि – 06-02-2025 से 05-01-2026 परंतु ज़मीनी हकीकत यह है कि यह सड़क पहले से ही अत्यंत जर्जर अवस्था में है और भारी बजरी डंपरों की लगातार आवाजाही के कारण सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। बोर्ड पर दर्शाए गए लाखों रुपये के बजट व कार्य अवधि और मौके पर मौजूद सड़क की वास्तविक स्थिति में स्पष्ट, गंभीर और चिंताजनक अंतर दिखाई देता है। यह विषय केवल एक सड़क तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव की जनता की सुरक्षा, आवागमन और जनविश्वास से सीधे जुड़ा हुआ है। निवेदन है कि कृपया इस मामले का संज्ञान लेकर उचित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु वरिष्ठ नेतृत्व एवं संबंधित विभाग तक यह विषय पहुँचाने का कष्ट करें।1
- Post by Shyampura gaon1
- डेगाना (नागौर), 4 फरवरी 2026। सांजू तहसीलदार और डेगाना के एक वकील के बीच हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर डेगाना बार संघ के नेतृत्व में वकीलों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।1
- Post by District.reporter.babulaljogawat1
- aur aapko yah dalo pasand aaya ho to please apne bhai ko Idea ko follow kijiye aur agar aapko Kisi bhi tarah ka interview karvana ho to please contact number per sampark Karen 96369602881
- रायपुर (ब्यावर) झाला की चौकी में रोडवेज बसों का ठहराव शुरू, क्षेत्रवासियों को मिलने लगी बड़ी राहत झाला की चौकी में रोडवेज बसों का ठहराव विधिवत रूप से शुरू हो गया है। ब्यावर डिपो प्रबंधक की उपस्थिति में बसों का ठहराव कराया गया। इस फैसले से क्षेत्र के यात्रियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी और ग्रामीणों को अब परेशानी से निजात मिलेगी । वही ग्राम के चौराहे पर रोडवेज बसों के ठहराव होने से ग्रामीणों में खुशी देखने को मिली । गौरतलब रहे कि झाला की चौकी ग्राम नेशनल हाईवे किनारे स्थित है । लेकिन रोडवेज बसों का ठहराव नहीं था। इस गंभीर समस्या से ग्रामीण लंबे समय से परेशान थे और इस गंभीर समस्या को लेकर कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत को ग्रामीणों ने बीते दिनों ज्ञापन सौंप कर रोडवेज बसों के ठहराव और स्थाई बस स्टैंड की मांग की गई थी । जिसके बाद कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने रोडवेज बसों के ठहराव को लेकर कार्रवाई करने का ग्रामीणों को पूरा भरोसा दिलाया था । जिसके बाद झाला की चौकी ग्राम में हाइवे चौराहे पर रोडवेज बसों के ठहराव के आदेश जारी हुए और अब ग्राम में रोडवेज बसों के ठहराव होने से ग्रामीणों ने कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत का आभार जताया।1