राजसमंद के दिवेर थाना क्षेत्र की बाघाना ग्राम पंचायत स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गोरी धाम पर दो दिन पूर्व एक हृदय विदारक हादसा सामने आया। यहां चित्तौड़गढ़ निवासी अर्जुन दमामी नामक एक युवक की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक अपनी मंगेतर के साथ विवाह पूर्व फोटोशूट कराने गोरी धाम आया था। जानकारी के अनुसार, अर्जुन अपनी मंगेतर और मंगेतर के अंकल के साथ गोरी धाम पहुंचे थे। मंगेतर के अंकल मंदिर परिसर में ही रुक गए, जबकि अर्जुन और उसकी मंगेतर फोटोशूट के लिए नीचे की तरफ गए। पानी के नजदीक नहाने के दौरान अर्जुन का पैर अचानक फिसल गया और वह सीधे गहरे कुंड में चला गया। मंगेतर के सामने ही अर्जुन गहरे पानी में समा गया, जिसके बाद मंगेतर ने चिल्लाकर मदद मांगी और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही दिवेर थाना अधिकारी दौलत सिंह जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और नागरिक सुरक्षा टीम (सिविल डिफेंस) राजसमंद को बुलाया गया। मंगलवार देर रात तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा और पानी गहरा होने के कारण सफलता नहीं मिली। अगले दिन सुबह उदयपुर से राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की विशेष टीम बुलाई गई। नागरिक सुरक्षा टीम राजसमंद और उदयपुर एसडीआरएफ के संयुक्त तत्वावधान में रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया गया और कड़ी मशक्कत के बाद अर्जुन का शव पानी से बाहर निकाला जा सका। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय ग्रामीणों और दिवेर थाने के जवानों ने अदम्य साहस और कड़ी मेहनत का प्रदर्शन किया, जिसकी हर तरफ प्रशंसा हो रही है। दरअसल, शव को जिस गहरे कुंड से निकाला गया था, वह बेहद दुर्गम इलाके में था। शव को खाईनुमा हिस्से से लगभग 100 फीट ऊंची और खड़ी पहाड़ी के ऊपर तक सुरक्षित लाना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे ग्रामीणों और पुलिस जवानों ने मिलकर पूरा किया। थाना अधिकारी दौलत सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए मृतक अर्जुन दमामी के शव का पोस्टमार्टम करवाया और फिर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है, वहीं जिस घर में शादी की खुशियां आने वाली थीं, वहां अचानक मातम पसर गया।
राजसमंद के दिवेर थाना क्षेत्र की बाघाना ग्राम पंचायत स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गोरी धाम पर दो दिन पूर्व एक हृदय विदारक हादसा सामने आया। यहां चित्तौड़गढ़ निवासी अर्जुन दमामी नामक एक युवक की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक अपनी मंगेतर के साथ विवाह पूर्व फोटोशूट कराने गोरी धाम आया था। जानकारी के अनुसार, अर्जुन अपनी मंगेतर और मंगेतर के अंकल के साथ गोरी धाम पहुंचे थे। मंगेतर के अंकल मंदिर परिसर में ही रुक गए, जबकि अर्जुन और उसकी मंगेतर फोटोशूट के लिए नीचे की
तरफ गए। पानी के नजदीक नहाने के दौरान अर्जुन का पैर अचानक फिसल गया और वह सीधे गहरे कुंड में चला गया। मंगेतर के सामने ही अर्जुन गहरे पानी में समा गया, जिसके बाद मंगेतर ने चिल्लाकर मदद मांगी और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही दिवेर थाना अधिकारी दौलत सिंह जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और नागरिक सुरक्षा टीम (सिविल डिफेंस) राजसमंद को बुलाया गया। मंगलवार देर रात तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा और पानी गहरा होने के कारण सफलता नहीं
मिली। अगले दिन सुबह उदयपुर से राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की विशेष टीम बुलाई गई। नागरिक सुरक्षा टीम राजसमंद और उदयपुर एसडीआरएफ के संयुक्त तत्वावधान में रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया गया और कड़ी मशक्कत के बाद अर्जुन का शव पानी से बाहर निकाला जा सका। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय ग्रामीणों और दिवेर थाने के जवानों ने अदम्य साहस और कड़ी मेहनत का प्रदर्शन किया, जिसकी हर तरफ प्रशंसा हो रही है। दरअसल, शव को जिस गहरे कुंड से निकाला गया था, वह बेहद दुर्गम इलाके में था।
शव को खाईनुमा हिस्से से लगभग 100 फीट ऊंची और खड़ी पहाड़ी के ऊपर तक सुरक्षित लाना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे ग्रामीणों और पुलिस जवानों ने मिलकर पूरा किया। थाना अधिकारी दौलत सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए मृतक अर्जुन दमामी के शव का पोस्टमार्टम करवाया और फिर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है, वहीं जिस घर में शादी की खुशियां आने वाली थीं, वहां अचानक मातम पसर गया।
- रेलमगरा पुलिस ने भैंस चोरी के एक मामले में तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 20 वर्षीय कल्पेश उर्फ कान्हा, पुत्र सुरेश चंद्र जाट, निवासी रेलमगरा को शुक्रवार को गिरफ्तार किया और उसे न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इससे पहले भी इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था। पुलिस के अनुसार, यह मामला रेलमगरा निवासी प्रार्थी भूरालाल, पुत्र भैरुलाल बंजारा की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया था। भूरालाल ने अपनी शिकायत में बताया था कि 4 जून को कस्बे में सादड़ी रोड स्थित उनके नोहरे से दो भैंसें चोरी हो गई थीं। इस प्रकरण में पुलिस ने पहले 28 वर्षीय संपत लाल, पुत्र मांगीलाल जाट, निवासी लाठियाखेड़ी और 27 वर्षीय शंभुलाल, पुत्र देवीलाल गाडोलिया लोहार, निवासी बगोर को गिरफ्तार किया था। घटना में प्रयुक्त एक टेम्पो भी जब्त किया गया था। प्रार्थी भूरालाल बंजारा ने पुलिस को यह भी जानकारी दी कि करीब 15 से 20 दिन पहले भी उसी बाड़े से उसकी दो भैंसें और एक बछड़ी चोरी हो गई थीं, जिसकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में थानाधिकारी प्रवीण जुगतावत के नेतृत्व में एएसआई बल्लूराम, कांस्टेबल राजेश और पुखराज की टीम शामिल थी।1
- राज्य सरकार के निर्देशों पर आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर आमजन को राहत और सुविधाएँ प्रदान करने का माध्यम बन रहे हैं। इसी क्रम में ग्राम पंचायत लदानी में लगे शिविर के दौरान एक ज़रूरतमंद किसान को कृषि यंत्र खरीदने के लिए अनुदान स्वीकृत कर आर्थिक सहायता दी गई। मावली उपखण्ड क्षेत्र के लदानी निवासी किसान शंकरलाल ने बताया कि कमज़ोर आर्थिक स्थिति के कारण वे लम्बे समय से कृषि यंत्र खरीदने में असमर्थ थे। शिविर में कृषि विभाग के सहायक कृषि अधिकारी परसराम जाट ने उन्हें कृषि यंत्र योजना की जानकारी दी, जिसके तहत राज्य सरकार मल्टीक्रॉप थ्रेशर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध करा रही है। किसान का आवेदन शिविर में ही हाथों-हाथ स्वीकृत कर दिया गया, जिससे उन्हें कृषि यंत्र अनुदान प्राप्त हुआ और उनके चेहरे पर मुस्कान लौट आई।1
- उदयपुर के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहाँ शहर के प्रतिष्ठित इंदर रेजिडेंसी रिजॉर्ट का अधिग्रहण देश की प्रमुख हॉस्पिटैलिटी कंपनी शैलेट होटल्स लिमिटेड द्वारा कर लिया गया है। 144 कमरों वाली इस प्रमुख होटल संपत्ति की डील को उदयपुर के युवा होटल डील्स एडवाइजर कवीश बिलौची ने संरचित कर सफलतापूर्वक संपन्न करवाया। कवीश बिलौची ने मीराधे होटल डील्स एडवाइजरी से जुड़े प्रॉपर्टी एडवाइजर के रूप में इस महत्वपूर्ण ट्रांजेक्शन को अंजाम तक पहुंचाया। यह सौदा केवल एक होटल के स्वामित्व परिवर्तन तक सीमित नहीं है, बल्कि उदयपुर के तेजी से बढ़ते हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेशकों के बढ़ते विश्वास का भी प्रतीक माना जा रहा है। लंबे समय से शहर के प्रमुख आतिथ्य प्रतिष्ठानों में शामिल रहा इंदर रेजिडेंसी रिजॉर्ट अब शैलेट होटल्स के पोर्टफोलियो का हिस्सा बन गया है, जिससे पर्यटन और होटल उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है। उदयपुर की धरती पर हुई यह बड़ी होटल डील अब हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में चर्चा का विषय बनी हुई है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के निंबाहेड़ा क्षेत्र में चोरों का आतंक देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में, उदय रेजिडेंसी को निशाना बनाते हुए तड़के करीब 3 बजे 5 संदिग्ध बदमाशों ने धावा बोल दिया। इस दौरान, बदमाशों ने लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद, इस चोरी से जुड़ा सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है।1
- यह संदेश लोगों से जागरूक बनने और सामाजिक जागरूकता वाले संदेशों को आगे बढ़ाने का आग्रह करता है।1
- राजस्थान के पाली में प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवादों में घिर गई, जब पत्रकारों ने शहर में व्याप्त गंदगी, सीवरेज की समस्या, डेंगू-मलेरिया के बढ़ते मामलों और बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर तीखे सवाल पूछ लिए। इन सवालों को सुनकर राजस्थान सरकार के यूडीएच मंत्री और पाली जिला प्रभारी मंत्री, झाबर सिंह खर्रा, अचानक नाराज़ हो गए, जिससे प्रेस वार्ता का पूरा माहौल गर्मा गया। पत्रकारों द्वारा जनता की मूलभूत समस्याओं पर पूछे गए सवालों के बजाय मंत्री जी कथित तौर पर उन पर ही भड़क उठे। इतना ही नहीं, उन्होंने पाली जिले को "नकारात्मक सोच वाला" जिला भी करार दिया, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को और अधिक विवादास्पद बना दिया। इस घटना के बाद, सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनता की समस्याओं पर प्रश्न पूछना गलत है और क्या मंत्री महोदय सवालों का सीधा जवाब देने से बच रहे थे। इस विवादित प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे लोग यह जानने को उत्सुक हैं कि आखिर मंत्री जी सवालों से क्यों भड़के और प्रेस वार्ता में इतना बवाल क्यों मचा। यह घटना इस बात पर विचार करने को मजबूर करती है कि क्या मीडिया ने ऐसे सवाल पूछे थे जिनका जवाब देना वाकई मुश्किल था, या मंत्री जी का यह रवैया उनकी सवालों से बचने की कोशिश थी।1
- दबंग एसपी धर्मेन्द्र सिंह के नेतृत्व में अपराधियों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है, जिसके तहत NDPS मामलों में जब्त किए गए 14 वाहनों की नीलामी की गई। इसी अभियान के तहत, सात साल पुराने 10 हजार रुपये के इनामी डोडाचूरा तस्कर को भी गिरफ्तार किया गया है। इसी बीच, एक अन्य घटना में कलेक्ट्रेट के ठीक सामने दो कारों में भीषण आग लगने से इलाके में हड़कंप मच गया।1
- राजसमंद के दिवेर थाना क्षेत्र की बाघाना ग्राम पंचायत स्थित प्रसिद्ध पर्यटन स्थल गोरी धाम पर दो दिन पूर्व एक हृदय विदारक हादसा सामने आया। यहां चित्तौड़गढ़ निवासी अर्जुन दमामी नामक एक युवक की गहरे पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक अपनी मंगेतर के साथ विवाह पूर्व फोटोशूट कराने गोरी धाम आया था। जानकारी के अनुसार, अर्जुन अपनी मंगेतर और मंगेतर के अंकल के साथ गोरी धाम पहुंचे थे। मंगेतर के अंकल मंदिर परिसर में ही रुक गए, जबकि अर्जुन और उसकी मंगेतर फोटोशूट के लिए नीचे की तरफ गए। पानी के नजदीक नहाने के दौरान अर्जुन का पैर अचानक फिसल गया और वह सीधे गहरे कुंड में चला गया। मंगेतर के सामने ही अर्जुन गहरे पानी में समा गया, जिसके बाद मंगेतर ने चिल्लाकर मदद मांगी और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही दिवेर थाना अधिकारी दौलत सिंह जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और नागरिक सुरक्षा टीम (सिविल डिफेंस) राजसमंद को बुलाया गया। मंगलवार देर रात तक सघन तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन अंधेरा और पानी गहरा होने के कारण सफलता नहीं मिली। अगले दिन सुबह उदयपुर से राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की विशेष टीम बुलाई गई। नागरिक सुरक्षा टीम राजसमंद और उदयपुर एसडीआरएफ के संयुक्त तत्वावधान में रेस्क्यू ऑपरेशन दोबारा शुरू किया गया और कड़ी मशक्कत के बाद अर्जुन का शव पानी से बाहर निकाला जा सका। इस पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन में स्थानीय ग्रामीणों और दिवेर थाने के जवानों ने अदम्य साहस और कड़ी मेहनत का प्रदर्शन किया, जिसकी हर तरफ प्रशंसा हो रही है। दरअसल, शव को जिस गहरे कुंड से निकाला गया था, वह बेहद दुर्गम इलाके में था। शव को खाईनुमा हिस्से से लगभग 100 फीट ऊंची और खड़ी पहाड़ी के ऊपर तक सुरक्षित लाना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे ग्रामीणों और पुलिस जवानों ने मिलकर पूरा किया। थाना अधिकारी दौलत सिंह की मौजूदगी में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए मृतक अर्जुन दमामी के शव का पोस्टमार्टम करवाया और फिर अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है, वहीं जिस घर में शादी की खुशियां आने वाली थीं, वहां अचानक मातम पसर गया।4