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कुशीनगर में अवैध असलहा रखने और खुलेआम फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि मामला गोपालगढ़ का है, जो कसया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। वीडियो में एक युवक कथित तौर पर अवैध पिस्टल से हवाई फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। घटना ने इलाके की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि युवक के पास यह अवैध हथियार आखिर पहुंचा कैसे? फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वायरल वीडियो की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।

3 hrs ago
user_Sagar Pathak
Sagar Pathak
Voice of people खड्डा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

कुशीनगर में अवैध असलहा रखने और खुलेआम फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि मामला गोपालगढ़ का है, जो कसया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। वीडियो में एक युवक कथित तौर पर अवैध पिस्टल से हवाई फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। घटना ने इलाके की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि युवक के पास यह अवैध हथियार आखिर पहुंचा कैसे? फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वायरल वीडियो की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।

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  • कुशीनगर में अवैध असलहा रखने और खुलेआम फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि मामला गोपालगढ़ का है, जो कसया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। वीडियो में एक युवक कथित तौर पर अवैध पिस्टल से हवाई फायरिंग करता दिखाई दे रहा है। घटना ने इलाके की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि युवक के पास यह अवैध हथियार आखिर पहुंचा कैसे? फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वायरल वीडियो की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।
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    कुशीनगर में अवैध असलहा रखने और खुलेआम फायरिंग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
बताया जा रहा है कि मामला गोपालगढ़ का है, जो कसया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
वीडियो में एक युवक कथित तौर पर अवैध पिस्टल से हवाई फायरिंग करता दिखाई दे रहा है।
घटना ने इलाके की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि युवक के पास यह अवैध हथियार आखिर पहुंचा कैसे?
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वायरल वीडियो की सत्यता की पड़ताल की जा रही है।
    user_Sagar Pathak
    Sagar Pathak
    Voice of people खड्डा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • अब इनके पास भी पर्ची निकल रही है
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    अब इनके पास भी पर्ची निकल रही है
    user_Times Update
    Times Update
    Media Consultant कुशी नगर, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • भारत नेपाल सीमा पर संचालित संस्था स्वरांजलि सेवा संस्थान
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    भारत नेपाल सीमा पर संचालित संस्था स्वरांजलि सेवा संस्थान
    user_D Anand
    D Anand
    Actor बगहा, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    4 hrs ago
  • 🟥 BREAKING NEWS | National 24 News Channel LIVE 📍 #Patna | #Bihar 🗓️ ग्राउंड रिपोर्ट – PART 3 🎙️ Anchor: Suraj Prasad 🎙️ Co-Anchor: Sujata Mehara 🎙️ Special Correspondent: Supriya Shah 👥 Team: National 24 News TV --- न्यायालय की स्पष्ट चेतावनी हालिया सुनवाईयों में Patna High Court ने दोहराया हैं, कि— • आपराधिक कानून का उपयोग व्यक्तिगत दुश्मनी या दबाव बनाने के साधन के रूप में नहीं किया जा सकता। • यदि विवाद मूलतः सिविल प्रकृति (जमीन, लेन-देन, पारिवारिक विवाद) का है, तो उसे आपराधिक मुकदमे का रूप देना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग माना जा सकता है। • धारा 482 CrPC के तहत हाई कोर्ट के पास FIR को Quash (रद्द) करने की संवैधानिक शक्ति है, यदि प्रथम दृष्टया मामला दुर्भावनापूर्ण या कानूनी रूप से टिकाऊ न हो। --- सर्वोच्च न्यायालय का दृष्टिकोण देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India ने भी विभिन्न फैसलों में कहा हैं कि— • झूठे और दुर्भावनापूर्ण मामलों से न्यायालयों का समय व्यर्थ नहीं किया जा सकता। • किसी निर्दोष व्यक्ति को गलत मुकदमे में फँसाना उसके मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 21 – जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का उल्लंघन हैं। • यदि शिकायत जानबूझकर झूठी या प्रतिशोध की भावना से की गई पाई जाती है, तो अदालतें भारी लागत (Heavy Cost) और दंड लगा सकती हैं। --- कानूनी परिणाम क्या हो सकते हैं? निम्न प्रावधानों के तहत कार्रवाई संभव है: 1. IPC धारा 182 – लोक सेवक को झूठी सूचना देना 2. IPC धारा 211 – झूठा आपराधिक आरोप लगाना 3. CrPC धारा 250 – निराधार आरोप पर मुआवज़ा देने का आदेश • दोष सिद्ध होने पर जेल और आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान हैं। • अदालतें मामले की प्रकृति और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय देती हैं। --- तथ्यात्मक स्थिति (Official Clarification) • इस विषय पर कोई नया सार्वभौमिक कानून या आदेश जारी नहीं हुआ है। • परंतु उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। • हर मामला तथ्यों, साक्ष्यों और न्यायिक विवेक के आधार पर अलग-अलग तय किया जाता हैं। National 24 News Channel की विशेष अपील: कानून न्याय का माध्यम हैं,प्रतिशोध का नहीं। झूठी FIR दर्ज कराना न केवल नैतिक रूप से गलत हैं,बल्कि गंभीर कानूनी परिणाम भी ला सकता हैं।
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    🟥 BREAKING NEWS | National 24 News Channel LIVE
📍 #Patna | #Bihar
🗓️ ग्राउंड रिपोर्ट – PART 3
🎙️ Anchor: Suraj Prasad
🎙️ Co-Anchor: Sujata Mehara
🎙️ Special Correspondent: Supriya Shah
👥 Team: National 24 News TV
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न्यायालय की स्पष्ट चेतावनी
हालिया सुनवाईयों में Patna High Court ने दोहराया हैं, कि—
• आपराधिक कानून का उपयोग व्यक्तिगत दुश्मनी या दबाव बनाने के साधन के रूप में नहीं किया जा सकता।
• यदि विवाद मूलतः सिविल प्रकृति (जमीन, लेन-देन, पारिवारिक विवाद) का है, तो उसे आपराधिक मुकदमे का रूप देना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग माना जा सकता है।
• धारा 482 CrPC के तहत हाई कोर्ट के पास FIR को Quash (रद्द) करने की संवैधानिक शक्ति है, यदि प्रथम दृष्टया मामला दुर्भावनापूर्ण या कानूनी रूप से टिकाऊ न हो।
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सर्वोच्च न्यायालय का दृष्टिकोण
देश की सर्वोच्च अदालत Supreme Court of India ने भी विभिन्न फैसलों में कहा हैं कि—
• झूठे और दुर्भावनापूर्ण मामलों से न्यायालयों का समय व्यर्थ नहीं किया जा सकता।
• किसी निर्दोष व्यक्ति को गलत मुकदमे में फँसाना उसके मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 21 – जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का उल्लंघन हैं।
• यदि शिकायत जानबूझकर झूठी या प्रतिशोध की भावना से की गई पाई जाती है, तो अदालतें भारी लागत (Heavy Cost) और दंड लगा सकती हैं।
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कानूनी परिणाम क्या हो सकते हैं?
निम्न प्रावधानों के तहत कार्रवाई संभव है:
1. IPC धारा 182 – लोक सेवक को झूठी सूचना देना
2. IPC धारा 211 – झूठा आपराधिक आरोप लगाना
3. CrPC धारा 250 – निराधार आरोप पर मुआवज़ा देने का आदेश
•  दोष सिद्ध होने पर जेल और आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान हैं।
• अदालतें मामले की प्रकृति और साक्ष्यों के आधार पर निर्णय देती हैं।
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तथ्यात्मक स्थिति (Official Clarification)
• इस विषय पर कोई नया सार्वभौमिक कानून या आदेश जारी नहीं हुआ है।
• परंतु उच्च न्यायालयों और सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि न्यायिक प्रक्रिया के दुरुपयोग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
• हर मामला तथ्यों, साक्ष्यों और न्यायिक विवेक के आधार पर अलग-अलग तय किया जाता हैं।
National 24 News Channel की विशेष अपील:
कानून न्याय का माध्यम हैं,प्रतिशोध का नहीं। झूठी FIR दर्ज कराना न केवल नैतिक रूप से गलत हैं,बल्कि गंभीर कानूनी परिणाम भी ला सकता हैं।
    user_NATIONAL 24 NEWS
    NATIONAL 24 NEWS
    TV News Anchor बगहा, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    7 hrs ago
  • दिल्ली से इस वक्त की बड़ी खबर _शराब घोटाले में बरी होने के बाद रो पड़े दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल* *दिल्ली के कथित शराब घोटाले में केजरीवाल और मनीष सिसोदिया हुए बरी.. *उन्होंने झूठा केस लगाया है मैंने अपनी जिंदगी में ईमानदारी कमाई है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल* *राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनाया फैसला..*
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    दिल्ली से इस वक्त की बड़ी खबर _शराब घोटाले में बरी होने के बाद रो पड़े दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल* 
*दिल्ली के कथित शराब घोटाले में केजरीवाल और मनीष सिसोदिया हुए बरी..
*उन्होंने झूठा केस लगाया है मैंने अपनी जिंदगी में ईमानदारी कमाई है। पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल* 
*राउज एवेन्यू कोर्ट ने सुनाया फैसला..*
    user_श्रवण कुमार मद्धेशिया
    श्रवण कुमार मद्धेशिया
    Local News Reporter Hata, Kushi Nagar•
    17 hrs ago
  • Post by Dhruv Muskan
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    Post by Dhruv Muskan
    user_Dhruv Muskan
    Dhruv Muskan
    Photographer तमकुही राज, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नरकटियागंज–बेतिया रेल खंड पर चलती इंटरसिटी ट्रेन के नीचे अचानक रेल की पटरी टूट गई। यह सनसनीखेज घटना कुमारबाग रेलवे स्टेशन के समीप सामने आई, जहां नरकटियागंज से बेतिया की ओर जा रही इंटरसिटी ट्रेन तेज रफ्तार में थी। अचानक झटके और असामान्य कंपन को महसूस करते ही लोको पायलट ने हालात की गंभीरता को समझा और बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को नियंत्रित कर लिया। पल भर की देरी सैकड़ों यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन लोको पायलट की सूझबूझ और सतर्कता ने एक बड़े रेल हादसे को टाल दिया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और तत्काल सुरक्षा मानकों के तहत स्थिति को संभाला गया। आवश्यक जांच और अस्थायी सुधार के बाद ट्रेन को अत्यंत सावधानी के साथ आगे के लिए रवाना किया गया। यात्रियों में भय और दहशत का माहौल रहा, लेकिन जब यह स्पष्ट हुआ कि सभी सुरक्षित हैं, तब लोगों ने राहत की सांस ली। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस रेल खंड पर यह घटना हुई, वहां कुछ दिन पहले ही दोहरीकरण का कार्य पूरा किया गया था। नई पटरी पर इस तरह का टूट जाना रेलवे के निर्माण कार्य, गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर इतनी जल्दी पटरी कैसे टूटी, क्या निर्माण में लापरवाही बरती गई, या फिर तकनीकी जांच में चूक हुई—इन तमाम बिंदुओं पर अब रेलवे की जिम्मेदारी तय होगी। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। यह घटना एक बार फिर यह चेतावनी देती है कि आधुनिक तकनीक और नए निर्माण के बावजूद यदि निगरानी और गुणवत्ता से समझौता किया गया, तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं। आज भले ही एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना रेलवे व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है।
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    बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नरकटियागंज–बेतिया रेल खंड पर चलती इंटरसिटी ट्रेन के नीचे अचानक रेल की पटरी टूट गई। यह सनसनीखेज घटना कुमारबाग रेलवे स्टेशन के समीप सामने आई, जहां नरकटियागंज से बेतिया की ओर जा रही इंटरसिटी ट्रेन तेज रफ्तार में थी। अचानक झटके और असामान्य कंपन को महसूस करते ही लोको पायलट ने हालात की गंभीरता को समझा और बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को नियंत्रित कर लिया। पल भर की देरी सैकड़ों यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन लोको पायलट की सूझबूझ और सतर्कता ने एक बड़े रेल हादसे को टाल दिया।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और तत्काल सुरक्षा मानकों के तहत स्थिति को संभाला गया। आवश्यक जांच और अस्थायी सुधार के बाद ट्रेन को अत्यंत सावधानी के साथ आगे के लिए रवाना किया गया। यात्रियों में भय और दहशत का माहौल रहा, लेकिन जब यह स्पष्ट हुआ कि सभी सुरक्षित हैं, तब लोगों ने राहत की सांस ली।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस रेल खंड पर यह घटना हुई, वहां कुछ दिन पहले ही दोहरीकरण का कार्य पूरा किया गया था। नई पटरी पर इस तरह का टूट जाना रेलवे के निर्माण कार्य, गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर इतनी जल्दी पटरी कैसे टूटी, क्या निर्माण में लापरवाही बरती गई, या फिर तकनीकी जांच में चूक हुई—इन तमाम बिंदुओं पर अब रेलवे की जिम्मेदारी तय होगी।
फिलहाल रेलवे प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। यह घटना एक बार फिर यह चेतावनी देती है कि आधुनिक तकनीक और नए निर्माण के बावजूद यदि निगरानी और गुणवत्ता से समझौता किया गया, तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं। आज भले ही एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना रेलवे व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor Thakrahan, Pashchim Champaran•
    4 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। कसया थाना क्षेत्र के ग्रामसभा भैंसहा के टोला छितौना पट्टी में गन्ने के खेत से एक नवजात शिशु रोता-बिलखता मिला। खेत के पास से गुजर रहे ग्रामीणों ने बच्चे की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचे। दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। स्थानीय महिलाओं ने तुरंत ममता दिखाते हुए नवजात को गोद में लिया और उसकी प्राथमिक देखभाल की। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। शिशु को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसया ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किसने और क्यों इस मासूम को खेत में छोड़ दिया।
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    उत्तर प्रदेश के उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले से मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है।
कसया थाना क्षेत्र के ग्रामसभा भैंसहा के टोला छितौना पट्टी में गन्ने के खेत से एक नवजात शिशु रोता-बिलखता मिला।
खेत के पास से गुजर रहे ग्रामीणों ने बच्चे की आवाज सुनी और मौके पर पहुंचे। दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। स्थानीय महिलाओं ने तुरंत ममता दिखाते हुए नवजात को गोद में लिया और उसकी प्राथमिक देखभाल की।
सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। शिशु को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कसया ले जाया गया, जहां हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर किसने और क्यों इस मासूम को खेत में छोड़ दिया।
    user_Sagar Pathak
    Sagar Pathak
    Voice of people खड्डा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
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