चलती इंटरसिटी ट्रेन के नीचे टूटी रेल पटरी, लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादशा। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नरकटियागंज–बेतिया रेल खंड पर चलती इंटरसिटी ट्रेन के नीचे अचानक रेल की पटरी टूट गई। यह सनसनीखेज घटना कुमारबाग रेलवे स्टेशन के समीप सामने आई, जहां नरकटियागंज से बेतिया की ओर जा रही इंटरसिटी ट्रेन तेज रफ्तार में थी। अचानक झटके और असामान्य कंपन को महसूस करते ही लोको पायलट ने हालात की गंभीरता को समझा और बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को नियंत्रित कर लिया। पल भर की देरी सैकड़ों यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन लोको पायलट की सूझबूझ और सतर्कता ने एक बड़े रेल हादसे को टाल दिया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और तत्काल सुरक्षा मानकों के तहत स्थिति को संभाला गया। आवश्यक जांच और अस्थायी सुधार के बाद ट्रेन को अत्यंत सावधानी के साथ आगे के लिए रवाना किया गया। यात्रियों में भय और दहशत का माहौल रहा, लेकिन जब यह स्पष्ट हुआ कि सभी सुरक्षित हैं, तब लोगों ने राहत की सांस ली। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस रेल खंड पर यह घटना हुई, वहां कुछ दिन पहले ही दोहरीकरण का कार्य पूरा किया गया था। नई पटरी पर इस तरह का टूट जाना रेलवे के निर्माण कार्य, गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर इतनी जल्दी पटरी कैसे टूटी, क्या निर्माण में लापरवाही बरती गई, या फिर तकनीकी जांच में चूक हुई—इन तमाम बिंदुओं पर अब रेलवे की जिम्मेदारी तय होगी। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। यह घटना एक बार फिर यह चेतावनी देती है कि आधुनिक तकनीक और नए निर्माण के बावजूद यदि निगरानी और गुणवत्ता से समझौता किया गया, तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं। आज भले ही एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना रेलवे व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है।
चलती इंटरसिटी ट्रेन के नीचे टूटी रेल पटरी, लोको पायलट की सूझबूझ से टला बड़ा हादशा। बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नरकटियागंज–बेतिया रेल खंड पर चलती इंटरसिटी ट्रेन के नीचे अचानक रेल की पटरी टूट गई। यह सनसनीखेज घटना कुमारबाग रेलवे स्टेशन के समीप सामने आई, जहां नरकटियागंज से बेतिया की ओर जा रही इंटरसिटी ट्रेन तेज रफ्तार में थी। अचानक झटके और असामान्य कंपन को महसूस करते ही लोको पायलट ने हालात की गंभीरता को समझा और बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को नियंत्रित कर लिया। पल भर की देरी सैकड़ों यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन लोको पायलट की सूझबूझ और सतर्कता ने एक बड़े रेल हादसे को टाल दिया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और तत्काल सुरक्षा मानकों के तहत स्थिति को संभाला गया। आवश्यक जांच और अस्थायी सुधार के बाद ट्रेन को अत्यंत सावधानी के साथ आगे के लिए रवाना किया गया। यात्रियों में भय और दहशत का माहौल रहा, लेकिन जब यह स्पष्ट हुआ कि सभी सुरक्षित हैं, तब लोगों ने राहत की सांस ली। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस रेल खंड पर यह घटना हुई, वहां कुछ दिन पहले ही दोहरीकरण का कार्य पूरा किया गया था। नई पटरी पर इस तरह का टूट जाना रेलवे के निर्माण कार्य, गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर इतनी जल्दी पटरी कैसे टूटी, क्या निर्माण में लापरवाही बरती गई, या फिर तकनीकी जांच में चूक हुई—इन तमाम बिंदुओं पर अब रेलवे की जिम्मेदारी तय होगी। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। यह घटना एक बार फिर यह चेतावनी देती है कि आधुनिक तकनीक और नए निर्माण के बावजूद यदि निगरानी और गुणवत्ता से समझौता किया गया, तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं। आज भले ही एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना रेलवे व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है।
- बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब नरकटियागंज–बेतिया रेल खंड पर चलती इंटरसिटी ट्रेन के नीचे अचानक रेल की पटरी टूट गई। यह सनसनीखेज घटना कुमारबाग रेलवे स्टेशन के समीप सामने आई, जहां नरकटियागंज से बेतिया की ओर जा रही इंटरसिटी ट्रेन तेज रफ्तार में थी। अचानक झटके और असामान्य कंपन को महसूस करते ही लोको पायलट ने हालात की गंभीरता को समझा और बिना समय गंवाए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को नियंत्रित कर लिया। पल भर की देरी सैकड़ों यात्रियों की जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन लोको पायलट की सूझबूझ और सतर्कता ने एक बड़े रेल हादसे को टाल दिया। घटना की सूचना मिलते ही रेलवे विभाग में हड़कंप मच गया। रेलवे के अधिकारी और तकनीकी टीम मौके पर पहुंची और तत्काल सुरक्षा मानकों के तहत स्थिति को संभाला गया। आवश्यक जांच और अस्थायी सुधार के बाद ट्रेन को अत्यंत सावधानी के साथ आगे के लिए रवाना किया गया। यात्रियों में भय और दहशत का माहौल रहा, लेकिन जब यह स्पष्ट हुआ कि सभी सुरक्षित हैं, तब लोगों ने राहत की सांस ली। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस रेल खंड पर यह घटना हुई, वहां कुछ दिन पहले ही दोहरीकरण का कार्य पूरा किया गया था। नई पटरी पर इस तरह का टूट जाना रेलवे के निर्माण कार्य, गुणवत्ता और रखरखाव व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर इतनी जल्दी पटरी कैसे टूटी, क्या निर्माण में लापरवाही बरती गई, या फिर तकनीकी जांच में चूक हुई—इन तमाम बिंदुओं पर अब रेलवे की जिम्मेदारी तय होगी। फिलहाल रेलवे प्रशासन ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। यह घटना एक बार फिर यह चेतावनी देती है कि आधुनिक तकनीक और नए निर्माण के बावजूद यदि निगरानी और गुणवत्ता से समझौता किया गया, तो परिणाम बेहद भयावह हो सकते हैं। आज भले ही एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना रेलवे व्यवस्था के लिए एक गंभीर चेतावनी बनकर सामने आई है।1
- Post by Dhruv Muskan1
- क्या आपके साथ भी हुआ है1
- Post by Anup Tiwari1
- Breaking यूपी/कुशीनगर। ➡️ मानवता को शर्मसार करने वाला मामला आया सामने ➡️ गन्ने के खेत में रोते-बिलखते मिला नवजात शिशु ➡️ नवजात का रोने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीण ➡️ स्थानीय महिलाओं ने शिशु को उठाकर की देखभाल ➡️ सूचना पाकर मौके पर पहुंची डॉयल 112 पुलिस ➡️ ग्रामीणों की सहायता से ईलाज के लिए नवजात शिशु को सीएचसी कसया लेकर पहुंचे ➡️ सीएचसी कसया से डॉक्टरों ने जिला अस्पताल किया रेफर ➡️ कसया थाना क्षेत्र के कुशीनगर चौकी अंतर्गत ग्रामसभा भैंसहा के टोला छितौना पट्टी का है मामला1
- फिटनेस फेल: गाड़ी की हालत जर्जर है, फिर भी इसे व्यावसायिक उपयोग में लाया जा रहा है। ओवरलोडिंग और सुरक्षा का अभाव: गाड़ी में क्षमता से अधिक एलपीजी गैस सिलेंडर लदे हुए हैं, लेकिन सुरक्षा के नाम पर एक 'अग्निशमन यंत्र' (Fire Extinguisher) तक मौजूद नहीं है। दोहरे मापदंड: एक तरफ जहाँ पुलिस आम बाइक सवारों का चालान काटने में व्यस्त रहती है, वहीं ऐसी खतरनाक और अनफिट गाड़ियों पर प्रशासन की नजर क्यों नहीं पड़ती? बड़ा खतरा: बिना किसी सुरक्षा मानक के गैस सिलेंडरों का इस तरह परिवहन करना किसी बड़े हादसे को दावत देने जैसा है।1
- Post by Akash Kumar1
- नौतन थाना क्षेत्र के एक गांव में मारपीट का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित ने शुक्रवार, 27 फरवरी को करीब दो बजे थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया और आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है। आवेदन के अनुसार, खड्डा कुजलही निवासी शेख नन्हे, जो पेशे से किसान हैं, बुधवार को सुदामा नगर गांव से 2,800 रुपये में एक बछड़ा खरीदकर अपने घर लौट रहे थे। आरोप है कि पांडेय टोला मल्लाह टोली के पश्चिम स्थित सड़क पर पांडेय टोला गांव के विकास दूबे और राजकुमार खरवार ने उन्हें रोक लिया। पीड़ित का कहना है कि दोनों ने उनके साथ मारपीट की, जिससे उन्हें चोटें आईं। शेख नन्हे ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनके पास मौजूद बछड़ा तथा दो हजार रुपये नकद छीन लिए और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। इधर, थाना पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है। आवेदन में लगाए गए आरोपों की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग भी मामले में निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।1