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सेमीकंडक्टर सेक्टर में यूपी की बढ़ती रफ्तार, ताइवान की कंपनियों को निवेश का न्योता लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में योगी सरकार ताइवान की प्रमुख कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेगी। सरकार का फोकस प्रदेश में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन विकसित करने पर रहेगा। इसके तहत सेमीकंडक्टर निर्माण से जुड़ी कंपनियों, सप्लायर्स और सहायक उद्योगों को एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम उपलब्ध कराने की योजना है। ताइवान की कंपनियों के निवेश से प्रदेश में हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उत्पादन के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में शामिल करना है। निवेश के साथ रोजगार और तकनीक पर जोर सेमीकंडक्टर उद्योग को आधुनिक तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में ताइवान की कंपनियों के साथ सहयोग से उत्तर प्रदेश में नई तकनीक, निवेश और विशेषज्ञता आने का रास्ता खुल सकता है। सरकार निवेशकों को बेहतर औद्योगिक सुविधाएं और अनुकूल कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन के विस्तार को सरकार की ‘मेक इन यूपी’ और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

1 hr ago
user_Pankaj Gupta
Pankaj Gupta
Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

सेमीकंडक्टर सेक्टर में यूपी की बढ़ती रफ्तार, ताइवान की कंपनियों को निवेश का न्योता लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में योगी सरकार ताइवान की प्रमुख कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेगी। सरकार का फोकस प्रदेश में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन विकसित करने पर रहेगा। इसके तहत सेमीकंडक्टर निर्माण से जुड़ी कंपनियों, सप्लायर्स और सहायक उद्योगों को एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम उपलब्ध कराने की योजना है। ताइवान की कंपनियों के निवेश से प्रदेश में हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उत्पादन के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में शामिल करना है। निवेश के साथ रोजगार और तकनीक पर जोर सेमीकंडक्टर उद्योग को आधुनिक तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में ताइवान की कंपनियों के साथ सहयोग से उत्तर प्रदेश में नई तकनीक, निवेश और विशेषज्ञता आने का रास्ता खुल सकता है। सरकार निवेशकों को बेहतर औद्योगिक सुविधाएं और अनुकूल कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन के विस्तार को सरकार की ‘मेक इन यूपी’ और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।

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  • सेमीकंडक्टर सेक्टर में यूपी की बढ़ती रफ्तार, ताइवान की कंपनियों को निवेश का न्योता लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में योगी सरकार ताइवान की प्रमुख कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेगी। सरकार का फोकस प्रदेश में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन विकसित करने पर रहेगा। इसके तहत सेमीकंडक्टर निर्माण से जुड़ी कंपनियों, सप्लायर्स और सहायक उद्योगों को एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम उपलब्ध कराने की योजना है। ताइवान की कंपनियों के निवेश से प्रदेश में हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उत्पादन के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में शामिल करना है। निवेश के साथ रोजगार और तकनीक पर जोर सेमीकंडक्टर उद्योग को आधुनिक तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में ताइवान की कंपनियों के साथ सहयोग से उत्तर प्रदेश में नई तकनीक, निवेश और विशेषज्ञता आने का रास्ता खुल सकता है। सरकार निवेशकों को बेहतर औद्योगिक सुविधाएं और अनुकूल कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन के विस्तार को सरकार की ‘मेक इन यूपी’ और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
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    सेमीकंडक्टर सेक्टर में यूपी की बढ़ती रफ्तार, ताइवान की कंपनियों को निवेश का न्योता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार सेमीकंडक्टर सेक्टर में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी क्रम में योगी सरकार ताइवान की प्रमुख कंपनियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करेगी। सरकार का फोकस प्रदेश में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन विकसित करने पर रहेगा। इसके तहत सेमीकंडक्टर निर्माण से जुड़ी कंपनियों, सप्लायर्स और सहायक उद्योगों को एक मजबूत औद्योगिक इकोसिस्टम उपलब्ध कराने की योजना है। ताइवान की कंपनियों के निवेश से प्रदेश में हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।
सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उत्पादन के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में शामिल करना है। निवेश के साथ रोजगार और तकनीक पर जोर सेमीकंडक्टर उद्योग को आधुनिक तकनीक और डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में ताइवान की कंपनियों के साथ सहयोग से उत्तर प्रदेश में नई तकनीक, निवेश और विशेषज्ञता आने का रास्ता खुल सकता है। सरकार निवेशकों को बेहतर औद्योगिक सुविधाएं और अनुकूल कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन के विस्तार को सरकार की ‘मेक इन यूपी’ और हाईटेक मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
    user_Pankaj Gupta
    Pankaj Gupta
    Media and information sciences faculty उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • कीचड़ में उतरे DC मनरेगा, खुल गई पोल- बिजदुवां में चकबंध अधूरा, कागज में 126 मजदूर!!.. 126 मजदूर ‘हाजिर’, फिर भी अधूरा चकबंध! बारिश में नंगे पैर पहुंचे डीसी मनरेगा, कीचड़ में हुई जांच; मौके पर काम अधूरा, अभिलेख भी नहीं मिले माधौगढ़ (जालौन)। बिजदुवां गांव में मनरेगा के तहत कराए जा रहे चकबंध कार्य में दर्ज 126 मजदूरों की हाजिरी अब जांच के घेरे में आ गई है। शिकायत मिलने पर डीसी मनरेगा रामेन्द्र टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बारिश के बीच कीचड़ में उतरकर कार्यस्थल की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान चकबंध का काम अधूरा मिला, जबकि संबंधित अभिलेख भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके।शिकायतकर्ता प्रदीप कुमार ने आईजीआरएस समेत लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि 25 अगस्त से चकबंध कार्य पर 126 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई। बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद मौके पर कार्य की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए थे। शिकायत के आधार पर डीसी मनरेगा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। बारिश के कारण कार्यस्थल पर इतना कीचड़ था कि जांच टीम को जूते उतारकर नंगे पैर खेत में उतरना पड़ा। मौके पर चकबंध अधूरा मिलने और अभिलेख उपलब्ध न होने से जांच और गंभीर हो गई। शिकायतकर्ता ने यह आरोप भी लगाया कि जांच की जानकारी मिलने के बाद मजदूरों को अतिरिक्त भुगतान कर दोबारा काम पर लगाया गया, हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अब जांच में यह सामने आना महत्वपूर्ण होगा कि 126 मजदूरों की दर्ज हाजिरी का सत्यापन किस आधार पर हुआ, वास्तव में कितने मजदूरों ने काम किया और अधूरा कार्य होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में हाजिरी कैसे दर्ज हुई। साथ ही प्रधान और पंचायत सचिव की निगरानी तथा अभिलेखों के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। डीसी मनरेगा रामेन्द्र ने बताया कि मौके पर कार्य अधूरा मिला है। संबंधित अभिलेखों की जांच की जाएगी और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल बिजदुवां का यह चकबंध सिर्फ मिट्टी का काम नहीं रह गया है, बल्कि 126 मजदूरों की हाजिरी और सरकारी धन के इस्तेमाल का पूरा हिसाब मांग रहा है। जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि कागजों में दर्ज मजदूरों की हाजिरी और जमीन पर हुए काम के बीच कितना अंतर है।
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    कीचड़ में उतरे DC मनरेगा, खुल गई पोल- बिजदुवां में चकबंध अधूरा, कागज में 126 मजदूर!!..
126 मजदूर ‘हाजिर’, फिर भी अधूरा चकबंध!
बारिश में नंगे पैर पहुंचे डीसी मनरेगा, कीचड़ में हुई जांच; मौके पर काम अधूरा, अभिलेख भी नहीं मिले
माधौगढ़ (जालौन)। बिजदुवां गांव में मनरेगा के तहत कराए जा रहे चकबंध कार्य में दर्ज 126 मजदूरों की हाजिरी अब जांच के घेरे में आ गई है। शिकायत मिलने पर डीसी मनरेगा रामेन्द्र टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बारिश के बीच कीचड़ में उतरकर कार्यस्थल की पड़ताल की। निरीक्षण के दौरान चकबंध का काम अधूरा मिला, जबकि संबंधित अभिलेख भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके।शिकायतकर्ता प्रदीप कुमार ने आईजीआरएस समेत लिखित शिकायत में आरोप लगाया था कि 25 अगस्त से चकबंध कार्य पर 126 मजदूरों की हाजिरी दर्ज की गई। बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज होने के बावजूद मौके पर कार्य की स्थिति को लेकर सवाल उठाए गए थे। शिकायत के आधार पर डीसी मनरेगा ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
बारिश के कारण कार्यस्थल पर इतना कीचड़ था कि जांच टीम को जूते उतारकर नंगे पैर खेत में उतरना पड़ा। मौके पर चकबंध अधूरा मिलने और अभिलेख उपलब्ध न होने से जांच और गंभीर हो गई। शिकायतकर्ता ने यह आरोप भी लगाया कि जांच की जानकारी मिलने के बाद मजदूरों को अतिरिक्त भुगतान कर दोबारा काम पर लगाया गया, हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अब जांच में यह सामने आना महत्वपूर्ण होगा कि 126 मजदूरों की दर्ज हाजिरी का सत्यापन किस आधार पर हुआ, वास्तव में कितने मजदूरों ने काम किया और अधूरा कार्य होने के बावजूद इतनी बड़ी संख्या में हाजिरी कैसे दर्ज हुई। साथ ही प्रधान और पंचायत सचिव की निगरानी तथा अभिलेखों के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
डीसी मनरेगा रामेन्द्र ने बताया कि मौके पर कार्य अधूरा मिला है। संबंधित अभिलेखों की जांच की जाएगी और जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल बिजदुवां का यह चकबंध सिर्फ मिट्टी का काम नहीं रह गया है, बल्कि 126 मजदूरों की हाजिरी और सरकारी धन के इस्तेमाल का पूरा हिसाब मांग रहा है। जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि कागजों में दर्ज मजदूरों की हाजिरी और जमीन पर हुए काम के बीच कितना अंतर है।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • अजनारी बडेरा गौशाला 4 माह से बंद, किसानों में नाराजगी प्रधान पति ने CDO पर अनुमति न देने का आरोप *जालौन।* गांव की गौशाला करीब 4 माह से बंद होने से किसानों में नाराजगी है। आवारा गोवंश से फसलों को नुकसान पहुंचने की शिकायत सामने आ रही है। ग्राम प्रधान के पति ने सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा और जिलाधिकारी को पत्र देकर गौशाला दोबारा शुरू कराने की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि CDO ने गौशाला चलाने की अनुमति देने से इनकार किया है। ग्राम प्रधान के पति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर गौशाला खुलवाने की गुहार लगाई है। फिलहाल आरोपों पर प्रशासन का आधिकारिक पक्ष आना बाकी है।
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    अजनारी बडेरा गौशाला 4 माह से बंद, किसानों में नाराजगी प्रधान पति ने CDO पर अनुमति न देने का आरोप
*जालौन।* गांव की गौशाला करीब 4 माह से बंद होने से किसानों में नाराजगी है। आवारा गोवंश से फसलों को नुकसान पहुंचने की शिकायत सामने आ रही है।
ग्राम प्रधान के पति ने सदर विधायक गौरी शंकर वर्मा और जिलाधिकारी को पत्र देकर गौशाला दोबारा शुरू कराने की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि CDO ने गौशाला चलाने की अनुमति देने से इनकार किया है।
ग्राम प्रधान के पति ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप कर गौशाला खुलवाने की गुहार लगाई है।
फिलहाल आरोपों पर प्रशासन का आधिकारिक पक्ष आना बाकी है।
    user_RC Rajpoot पत्रकार
    RC Rajpoot पत्रकार
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • अमन फिल्म स्टूडियो 🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂 पता रामकुंड गेट के बगल से बैल बाजार पाठकपुरा उरई हमारे यहां शादी पार्टी धार्मिक आयोजन या किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधियों में फोटोग्राफी के लिए संपर्क करें हम शादियों में वीडियो एडिटिंग में सिनेमैटिक वीडियो एवं ट्रेडिशनल वीडियो दोनों के लिए बुकिंग करते हैं साथ ही एडिटिंग के दौरान वर बधू के नाम से गाने भी एडिट करते हैं यह सुनहरा मौका हाथ से न जाने दें
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    अमन फिल्म स्टूडियो 
🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂🫂
पता रामकुंड गेट के बगल से बैल बाजार  पाठकपुरा उरई 
हमारे यहां शादी पार्टी धार्मिक आयोजन या किसी भी तरह की राजनीतिक गतिविधियों में फोटोग्राफी के लिए संपर्क करें
हम शादियों में वीडियो एडिटिंग में सिनेमैटिक वीडियो एवं ट्रेडिशनल वीडियो दोनों के लिए बुकिंग करते हैं साथ ही एडिटिंग के दौरान वर बधू के नाम से गाने भी एडिट करते हैं यह सुनहरा मौका हाथ से न जाने दें
    user_मुजीब आलम पत्रकार
    मुजीब आलम पत्रकार
    Graphic designer उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
  • हरकौती में श्मशान घाट न होने से घर में पड़ा रहा शव, झमाझम बारिश के बीच अंतिम संस्कार को भटके परिजन रविन्द्र गौतम ✍️ ➡️​ग्रामीणों में उपेक्षा को लेकर भारी आक्रोश; टीन शेड न होने से उजागर हुईं विकास के दावों की पोल उरई (जालौन)। ग्राम पंचायत हरकौती में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा की एक बेहद दुखद व व्यथित करने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव में श्मशान घाट न होने के कारण एक ग्रामीण की मौत के बाद उसका शव घंटों घर में ही रखा रहा। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए सुरक्षित जगह की तलाश में भटकने को मजबूर हो गए। ​ग्राम हरकौती निवासी देवेंद्र दोहरे की अचानक मृत्यु हो जाने से परिवार में मातम पसरा हुआ था। दुख की इस घड़ी में परिजनों की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब तेज बारिश शुरू हो गई। गांव में पक्का श्मशान घाट या टीन शेड न होने से जलती चिता को बारिश से बचाने का कोई इंतजाम नहीं था। नतीजतन, परिजन घंटों तक शव को घर पर रखकर बारिश थमने या वैकल्पिक व्यवस्था होने का इंतजार करते रहे। ​इस घटना को लेकर पूरे गांव में स्थानीय पंचायत और जिला प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के तमाम दावों के बावजूद आज तक गांव में एक श्मशान घाट तक का निर्माण नहीं कराया जा सका, जिससे अंत्येष्टि जैसे संवेदनशील कार्य में भी परिजनों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव में जल्द से जल्द पक्के श्मशान घाट का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है।
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    हरकौती में श्मशान घाट न होने से घर में पड़ा रहा शव, झमाझम बारिश के बीच अंतिम संस्कार को भटके परिजन
रविन्द्र गौतम ✍️ 
➡️​ग्रामीणों में उपेक्षा को लेकर भारी आक्रोश; टीन शेड न होने से उजागर हुईं विकास के दावों की पोल
उरई (जालौन)। ग्राम पंचायत हरकौती में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और प्रशासनिक उपेक्षा की एक बेहद दुखद व व्यथित करने वाली तस्वीर सामने आई है। गांव में श्मशान घाट न होने के कारण एक ग्रामीण की मौत के बाद उसका शव घंटों घर में ही रखा रहा। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते परिजन और ग्रामीण अंतिम संस्कार के लिए सुरक्षित जगह की तलाश में भटकने को मजबूर हो गए।
​ग्राम हरकौती निवासी देवेंद्र दोहरे की अचानक मृत्यु हो जाने से परिवार में मातम पसरा हुआ था। दुख की इस घड़ी में परिजनों की मुश्किलें तब और बढ़ गईं जब तेज बारिश शुरू हो गई। गांव में पक्का श्मशान घाट या टीन शेड न होने से जलती चिता को बारिश से बचाने का कोई इंतजाम नहीं था। नतीजतन, परिजन घंटों तक शव को घर पर रखकर बारिश थमने या वैकल्पिक व्यवस्था होने का इंतजार करते रहे।
​इस घटना को लेकर पूरे गांव में स्थानीय पंचायत और जिला प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि विकास के तमाम दावों के बावजूद आज तक गांव में एक श्मशान घाट तक का निर्माण नहीं कराया जा सका, जिससे अंत्येष्टि जैसे संवेदनशील कार्य में भी परिजनों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से गांव में जल्द से जल्द पक्के श्मशान घाट का निर्माण कराने की पुरजोर मांग की है।
    user_Ravindra Gautam
    Ravindra Gautam
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • देखिए मैं आप सबको पहचान रहा हूं, दोबारा आने नहीं दूंगा" राम मंदिर अयोध्या के नए CEO जितेंद्र मिश्र ने अयोध्या पहुंचते ही मीडियाकर्मियों से कहा !! देखिए मैं आप सबको पहचान रहा हूं, दोबारा आने नहीं दूंगा" राम मंदिर अयोध्या के नए CEO जितेंद्र मिश्र ने अयोध्या पहुंचते ही मीडियाकर्मियों से कहा !!
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    देखिए मैं आप सबको पहचान रहा हूं, दोबारा आने नहीं दूंगा"

राम मंदिर अयोध्या के नए CEO जितेंद्र मिश्र ने अयोध्या पहुंचते ही मीडियाकर्मियों से कहा !!
देखिए मैं आप सबको पहचान रहा हूं, दोबारा आने नहीं दूंगा"
राम मंदिर अयोध्या के नए CEO जितेंद्र मिश्र ने अयोध्या पहुंचते ही मीडियाकर्मियों से कहा !!
    user_Uttar pradesh ki takat
    Uttar pradesh ki takat
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 day ago
  • जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में स्थित है एक ऐसा मंदिर जहां मांगा हुआ वरदान खाली नहीं जाता नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध और प्राचीन द्वारिका धीष मंदिर से जुड़ी कुछ खास और रोचक तथ्य दिखाने जा रहे हैं
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    जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में स्थित है एक ऐसा मंदिर जहां मांगा हुआ वरदान खाली नहीं जाता 
नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के जालौन नगर क्षेत्र में स्थित प्रसिद्ध और प्राचीन द्वारिका धीष मंदिर से जुड़ी कुछ खास और रोचक तथ्य दिखाने जा रहे हैं
    user_Deves Swarnkar  द न्यूज जालौन
    Deves Swarnkar द न्यूज जालौन
    जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जालौन में कुत्तों की लड़ाई में फंसे मासूम पिल्ले को बंदर ने बचाया, इंसानियत का दिखा अनोखा नजारा!! जालौन। नगर की फल मंडी में उस समय लोग हैरान रह गए, जब कुत्तों के बीच हो रही लड़ाई में एक छोटा पिल्ला भी बुरी तरह फंस गया। कुत्ते पिल्ले को नोचने लगे, तभी वहां मौजूद एक बंदर ने अप्रत्याशित रूप से पिल्ले को अपनी बाहों में उठा लिया और उसे सुरक्षित स्थान की ओर ले गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बंदर ने पिल्ले को गले से लगाकर उठाया और कुत्तों से दूर ले गया। यह पूरा दृश्य देखकर फल मंडी में मौजूद दुकानदार और अन्य लोग दंग रह गए। घटना का वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस अनोखे नजारे ने इंसानियत और संवेदनशीलता को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। लोगों का कहना है कि जिस संवेदना की उम्मीद इंसानों से की जाती है, वह इस घटना में एक जानवर के भीतर देखने को मिली। फल मंडी में मौजूद लोगों ने बंदर के इस व्यवहार को देखकर उसकी जमकर सराहना की। घटना ने यह संदेश भी दिया कि जीव-जंतुओं में भी ममता, संवेदना और दूसरे प्राणी को बचाने की भावना हो सकती है।
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    जालौन में कुत्तों की लड़ाई में फंसे मासूम पिल्ले को बंदर ने बचाया, इंसानियत का दिखा अनोखा नजारा!!
जालौन। नगर की फल मंडी में उस समय लोग हैरान रह गए, जब कुत्तों के बीच हो रही लड़ाई में एक छोटा पिल्ला भी बुरी तरह फंस गया। कुत्ते पिल्ले को नोचने लगे, तभी वहां मौजूद एक बंदर ने अप्रत्याशित रूप से पिल्ले को अपनी बाहों में उठा लिया और उसे सुरक्षित स्थान की ओर ले गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बंदर ने पिल्ले को गले से लगाकर उठाया और कुत्तों से दूर ले गया। यह पूरा दृश्य देखकर फल मंडी में मौजूद दुकानदार और अन्य लोग दंग रह गए।
घटना का वीडियो भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस अनोखे नजारे ने इंसानियत और संवेदनशीलता को लेकर लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। लोगों का कहना है कि जिस संवेदना की उम्मीद इंसानों से की जाती है, वह इस घटना में एक जानवर के भीतर देखने को मिली।
फल मंडी में मौजूद लोगों ने बंदर के इस व्यवहार को देखकर उसकी जमकर सराहना की। घटना ने यह संदेश भी दिया कि जीव-जंतुओं में भी ममता, संवेदना और दूसरे प्राणी को बचाने की भावना हो सकती है।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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