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शाहबाद उपखंड के खटका की सहरिया मॉडल कॉलोनी में गहराया पेयजल संकट खटका ग्राम पंचायत की सहरिया मॉडल कॉलोनी में इन दिनों पेयजल संकट गहराया हुआ है। पीएम जनमन योजना के लाभार्थियों को पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या से प्रशासन को कई बार अवगत कराया, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने से रोजमर्रा के कामकाज में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द व्यवस्था सुचारु कराने की मांग की है। समाधान नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी। इस दौरान मिथुन, कालीचरण, पप्पू, राजकुमार सहित अन्य लाभार्थी मौजूद रहे।
हर्षित भार्गव
शाहबाद उपखंड के खटका की सहरिया मॉडल कॉलोनी में गहराया पेयजल संकट खटका ग्राम पंचायत की सहरिया मॉडल कॉलोनी में इन दिनों पेयजल संकट गहराया हुआ है। पीएम जनमन योजना के लाभार्थियों को पानी के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या से प्रशासन को कई बार अवगत कराया, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने से रोजमर्रा के कामकाज में भी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द व्यवस्था सुचारु कराने की मांग की है। समाधान नहीं होने पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी। इस दौरान मिथुन, कालीचरण, पप्पू, राजकुमार सहित अन्य लाभार्थी मौजूद रहे।
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- *तेजा दशमी पर उमड़ी आस्था, सर्पों के साथ पहुंचे सपेरे* *बारां। शहर में तेजा दशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान कई सपेरे सर्पों के साथ पहुंचे, जिन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने तेजाजी महाराज की पूजा-अर्चना कर दूध व प्रसाद चढ़ाया और सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे क्षेत्र में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा।* *तेजा दशमी पर उमड़ी आस्था, सर्पों के साथ पहुंचे सपेरे* *बारां। शहर में तेजा दशमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान कई सपेरे सर्पों के साथ पहुंचे, जिन्हें देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने तेजाजी महाराज की पूजा-अर्चना कर दूध व प्रसाद चढ़ाया और सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे क्षेत्र में दिनभर धार्मिक माहौल बना रहा।*2
- फतेहगढ़ में धूमधाम से मनी तेजाजी दशमी, वीर तेजाजी महाराज के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब फतेहगढ़। कस्बे में सोमवार को वीर तेजाजी महाराज की तेजादशमी श्रद्धा, भक्ति और लोक आस्था के साथ धूमधाम से मनाई गई। सीएम राइज स्कूल के पास स्थित वीर तेजाजी महाराज के स्थान पर प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार भव्य मेले का आयोजन किया गया। आयोजन को लेकर समिति द्वारा कई दिनों से तैयारियां की जा रही थीं। मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की गईं। तेजादशमी के अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों सहित फतेहगढ़ कस्बे से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे मेले में पहुंचे। श्रद्धालुओं ने वीर तेजाजी महाराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना के साथ आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे आयोजन के दौरान परिसर में धार्मिक आस्था और लोक संस्कृति का रंग दिखाई दिया। लोकदेवता तेजाजी—वचन, वीरता और गौ-रक्षा के प्रतीक राजस्थान और मध्यप्रदेश के मालवा-चंबल सहित कई क्षेत्रों में वीर तेजाजी को लोकदेवता के रूप में श्रद्धा से पूजा जाता है। लोकगाथाओं और तेजाजी से संबंधित पारंपरिक ग्रंथों में उनके जीवन का मूल संदेश सत्य, वचन-पालन, साहस, गौ-रक्षा और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने से जुड़ा दिखाई देता है। लोकमान्यता के अनुसार तेजाजी ने अपने वचन को सर्वोपरि माना। कथाओं में वर्णित है कि एक ओर संकटग्रस्त गायों की रक्षा का दायित्व था, वहीं दूसरी ओर नागदेवता से किया हुआ वचन निभाना था। तेजाजी ने अपने प्राणों की चिंता किए बिना दोनों दायित्व पूरे करने का प्रयास किया। इसी कारण लोक परंपरा में उन्हें वचन के पक्के वीर और गौ-रक्षक लोकदेवता के रूप में विशेष स्थान मिला। तेजाजी की लोकगाथा का सबसे महत्वपूर्ण संदेश यही माना जाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, दिया हुआ वचन, धर्म और कर्तव्य नहीं छोड़ना चाहिए। यही कारण है कि सदियों बाद भी ग्रामीण अंचलों में तेजाजी की पूजा केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि लोक-संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़ी आस्था के रूप में कायम है। मेले में दिखी परंपरा और आस्था की झलक फतेहगढ़ में आयोजित तेजादशमी मेले में भी इसी लोक आस्था की झलक देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने तेजाजी महाराज के स्थान पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की। समिति की ओर से मेले की भव्य सजावट और व्यवस्थाएं की गईं। दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही से आयोजन स्थल भक्तिमय माहौल में नजर आया। स्थानीय लोगों के लिए तेजादशमी का यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही लोक परंपरा, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव भी है। मेले के माध्यम से नई पीढ़ी भी वीर तेजाजी की लोकगाथा और उनके आदर्शों से जुड़ रही है। फतेहगढ़ में तेजादशमी का यह आयोजन एक बार फिर यह संदेश दे गया कि लोकदेवताओं से जुड़ी आस्था आज भी गांव-कस्बों की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का मजबूत हिस्सा है।1
- निर्दलीयों ने किया जनता से दोखा,भाजपा के पक्ष में दिखाई मेहरबानी,कोंग्रेस अपने ही कर्मों की गलतियों का खामयाजा भोग रही। छबड़ा:,कहते है कि लोकतंत्र में किसी का भी सितारा चमक सकता है,ऐसा ही हुआ छबड़ा की नगर पालिका में 21 सितम्बर ओर 21 वोट ने चमकाई रीना सुमन की तकदीर, जिन वार्डों से जीते उम्मीदवार उन निर्दलीयों ने किया जनता के मतदान से दोखा,कोंग्रेस को छोड़ा और भाजपा के पक्ष में दिखाई मेहरबानी,कोंग्रेस ने अपने ही वृद्ध नेताओ के कर्मों की गलतियों का खामयाजा भोगा अब उपाध्यक्ष भी नही बना पायेगी। भाजपा में जीत के बाद जश्न का माहौल2
- संस्कृति महोत्सव में केलखेड़ी का परचम, सात विधाओं में जिला स्तर पर प्रथम स्थान संस्कृति महोत्सव में केलखेड़ी का परचम, सात विधाओं में जिला स्तर पर प्रथम स्थान छीपाबड़ौद / बारां विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान द्वारा संचालित आदर्श विद्या मन्दिर उच्च माध्यमिक विद्यालय केलखेड़ी ने जिला स्तरीय संस्कृति महोत्सव में शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। विद्यालय ने लोकनृत्य, प्रश्न मंच, कविता, सुगम संगीत, कथा कथन, आशु भाषण एवं अन्त्याक्षरी — सभी सात प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय एवं क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। विद्यालय की संगीत प्रमुख कुमकुम कुशवाह एवं सुल्तान गुर्जर ने बताया कि भैया-बहिनों ने विभिन्न विधाओं में उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया। *विजेताओं की सूची इस प्रकार रही :* *कविता -* तन्मय नागर - प्रथम *सुगम संगीत -* तन्वी मालव एवं हर्षिता नागर - प्रथम *कथा कथन -* नीति सुमन एवं पूनम नागर - प्रथम *आशु भाषण -* हर्षिता अहीर - प्रथम *प्रश्न मंच -* ईशान्त नागर, वन्दना गुर्जर, निकिता चौधरी, गोविन्द अहीर, आराध्या मालव, नक्ष नागर, शोदान मीणा, अन्नू नागर, हंसिका नागर, चरिता मालव, अनुष्का मालव, पूनम मालव - प्रथम *अन्त्याक्षरी -* आर्यन जाट, चन्दन पांचाल, गर्वित मालव, मयंक नागर, लोकेश बंजारा एवं प्रिन्स सुमन - प्रथम *लोकनृत्य -* मधु नागर, हर्षिता नागर, प्रियंका नागर, तन्वी मीणा, वन्दना नागर, तन्वी मालव, आदित्य शर्मा, सोनाक्षी मालव, प्रतिभा मीणा, लक्षिता नामदेव, तनिशा मीणा, दीपिका जिन्दल, वर्षा नागर, अंजली मालव एवं कृष्णा मालव - प्रथम इस ऐतिहासिक सफलता से विद्यालय परिसर में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण है। विद्यालय परिवार ने सभी विजेता भैया-बहिनों, उनके अभिभावकों तथा अथक तैयारी करवाने वाले आचार्य एवं दीदी जी को हार्दिक बधाई दी। *एक मंच, सात विधाएँ और हर विधा में प्रथम — केलखेड़ी ने साबित कर दिया कि प्रतिभा, संस्कार और परिश्रम साथ हों तो सफलता स्वयं कदम चूमती है।* ये सभी विजेता भैया-बहिन 26 सितंबर से माण्डलगढ़ (भीलवाड़ा) में होने वाली प्रान्त स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे।4
- *नगर परिषद बारां का परिणाम जारी, कुल मत डले 51, आम आदमी पार्टी को 31 व कांग्रेस को 20 मत मिले, नगर परिषद में आप की शीतल राठौर हुई विजय* *नगर परिषद बारां का परिणाम जारी, कुल मत डले 51, आम आदमी पार्टी को 31 व कांग्रेस को 20 मत मिले, नगर परिषद में आप की शीतल राठौर हुई विजय*1
- छबड़ा में पर्युषण पर्व का छठा दिन: संयम ही जीवन की सच्ची सुगंध है - आयुष शास्त्री। छबड़ा(बारां) जीवन में अनंत इच्छाओं और इंद्रियों के वशीभूत होकर मनुष्य बाहरी आडंबरों में फंसकर जीवन को कष्टमय बना लेता है, जबकि इच्छाओं एवं इंद्रियों को वश में कर संयम से जीवन जीने वाला व्यक्ति भगवान की भक्ति के साथ सन्मार्ग पर चलकर भव-भव के कष्टों से मुक्ति पा सकता है।यह सद्-प्रवचन स्थानीय दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण पर्व के छठे दिन 'संयम धर्म' विषय पर बोलते हुए सांगानेर से पधारे विद्वान भैया जी आयुष शास्त्री ने व्यक्त किए।उन्होंने कहा कि संयम से जीवन जीने वाला व्यक्ति संसार में सदा सुखी रहता है तथा उस पर भगवान की कृपा भी बनी रहती है। ऐसा व्यक्ति ज्यादा परिग्रह से दूर रहता है और थोड़े में भी संतुष्ट रहता है। संयम ही जीवन की सच्ची सुगंध है, जो आत्मा को शुद्ध, शांत एवं प्रकाशमय बनाता है।समाज अध्यक्ष प्रकाश चन्द जैन लुहाड़िया एवं महिला मण्डल अध्यक्ष निधि पाटनी ने बताया कि स्थानीय दिगंबर जैन समाज द्वारा पर्वराज पर्युषण पर्व हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिर जी में नित्य प्रतिदिन भगवान का अभिषेक, शांति धारा के साथ ही नित्य-नियम पूजा, दस लक्षण विधान सहित अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का संगीतमय आयोजन हो रहा है।पर्व के छठे दिन सुबह जिनेंद्र भगवान की अभिषेक शांति धारा हुई। इसके बाद भैया जी आयुष शास्त्री के सानिध्य में नित्य नियम पूजा के अंतर्गत नव देवता, शीतलनाथ भगवान, महावीर स्वामी, सोलह कारण जी एवं दस लक्षण धर्म में संयम धर्म की पूजा हुई, तत्पश्चात दस लक्षण विधान की पूजा संपन्न हुई।शांति धारा करने का सौभाग्य 8100 रुपये की बोली लगाकर पूर्व चेयरमैन कैलाश चन्द, राकेश कुमार, चेतन कुमार ने प्राप्त किया। वहीं रविवार को आरती करने का सौभाग्य ऋषभ चन्द, नरेंद्र कुमार, गौरव कुमार, सौरभ कुमार पाटनी ने बोली लगाकर प्राप्त किया। रात्रि में महाआरती का आयोजन हुआ।रात्रि में नेहा पाटनी द्वारा 'स्वयं खेलो-स्वयं जीतो' प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम स्थान अंशुल पाटनी, द्वितीय स्थान रोशनी सेठी एवं तृतीय स्थान रजनी जैन भारिल्ल ने प्राप्त किया।3
- 2000 रुपये से अधिक के UPI पेमेंट पर मर्चेंट चार्ज को लेकर हलचल1