पांटूल पुल न बनने से कांवड़ियों को लगाना पड़ा 30 किलोमीटर का चक्कर औरैया। अयाना थाना क्षेत्र के बीहड़ को इटावा जनपद से जोड़ने वाला असेवा- भरेह पुल निर्धारित समय से कई समय बाद भी पूरा नहीं हो सका है। अधूरे पुल से कोई कांवड़िया न गुजरे इसके लिए पुलिस ने रास्ता बंद कर दिया। इससे कांवड़ियों को 30 किलोमीटर का चक्कर काटकर जाना पड़ा। असेवा- भरेह पांटून पुल का निर्माण अगस्त माह तक करवा जाता है जोकि बरसात के पहले तक संचालित किया जाता है। इस बार जिम्मेदारों की ओर से निर्धारित समय बीतने के कई माह बाद भी पांटून पुल को पूरा नहीं किया गया है। सेंगनपुर निवासी देवेंद्र त्रिपाठी, कोके दुबे, कैथौली निवासी देवकांत दुबे, धनऊपुर निवासी जीतू सेंगर आदि ने बताया कि इटावा के भरेह शिव मंदिर से बीहड़ पट्टी के लोगों का धार्मिक जुड़ाव है। पुल बनने से लोग महज पांच से छह किलोमीटर की दूरी कर मंदिर पर दर्शन करने पहुंच जाते थे। इस बार पुल न बन पाने से कांवड़ियों को परेशानी उठानी पड़ी। कई कांवड़िए भरेह मंदिर में कांवड़ चढ़ाने के लिए पुल तक पहुंचे लेकिन वहां तैनात पुलिस ने उन्हें वापस लौटा दिया। इसके चलते कांवडियों को करीब 30 किलोमीटर अतिरिक्त पैदल चलकर कांवड़ चढ़ानी पड़ी। अयाना थानाध्यक्ष जयप्रकाश पाल ने बताया कि अधूरे पुल पर आवागमन होने से हादसे का खतरा था। इसके चलते पुल के पहले बैरीकेडिंग लगाकर रास्ता बंद किया था। साथ ही पुलिस की तैनाती की गई। जिससे लोग अधूरे पुल से आवागमन न कर सकें।
पांटूल पुल न बनने से कांवड़ियों को लगाना पड़ा 30 किलोमीटर का चक्कर औरैया। अयाना थाना क्षेत्र के बीहड़ को इटावा जनपद से जोड़ने वाला असेवा- भरेह पुल निर्धारित समय से कई समय बाद भी पूरा नहीं हो सका है। अधूरे पुल से कोई कांवड़िया न गुजरे इसके लिए पुलिस ने रास्ता बंद कर दिया। इससे कांवड़ियों को 30 किलोमीटर का चक्कर काटकर जाना पड़ा। असेवा- भरेह पांटून पुल का निर्माण अगस्त माह तक करवा जाता है जोकि बरसात के पहले तक संचालित किया जाता है। इस बार जिम्मेदारों की ओर से निर्धारित समय बीतने के कई माह बाद भी पांटून पुल को पूरा नहीं किया गया है। सेंगनपुर निवासी देवेंद्र त्रिपाठी, कोके दुबे, कैथौली निवासी देवकांत दुबे, धनऊपुर निवासी जीतू सेंगर आदि ने बताया कि इटावा के भरेह शिव मंदिर से बीहड़ पट्टी के लोगों का धार्मिक जुड़ाव है। पुल बनने से लोग महज पांच से छह किलोमीटर की दूरी कर मंदिर पर दर्शन करने पहुंच जाते थे। इस बार पुल न बन पाने से कांवड़ियों को परेशानी उठानी पड़ी। कई कांवड़िए भरेह मंदिर में कांवड़ चढ़ाने के लिए पुल तक पहुंचे लेकिन वहां तैनात पुलिस ने उन्हें वापस लौटा दिया। इसके चलते कांवडियों को करीब 30 किलोमीटर अतिरिक्त पैदल चलकर कांवड़ चढ़ानी पड़ी। अयाना थानाध्यक्ष जयप्रकाश पाल ने बताया कि अधूरे पुल पर आवागमन होने से हादसे का खतरा था। इसके चलते पुल के पहले बैरीकेडिंग लगाकर रास्ता बंद किया था। साथ ही पुलिस की तैनाती की गई। जिससे लोग अधूरे पुल से आवागमन न कर सकें।
- औरैया। अयाना थाना क्षेत्र के बीहड़ को इटावा जनपद से जोड़ने वाला असेवा- भरेह पुल निर्धारित समय से कई समय बाद भी पूरा नहीं हो सका है। अधूरे पुल से कोई कांवड़िया न गुजरे इसके लिए पुलिस ने रास्ता बंद कर दिया। इससे कांवड़ियों को 30 किलोमीटर का चक्कर काटकर जाना पड़ा। असेवा- भरेह पांटून पुल का निर्माण अगस्त माह तक करवा जाता है जोकि बरसात के पहले तक संचालित किया जाता है। इस बार जिम्मेदारों की ओर से निर्धारित समय बीतने के कई माह बाद भी पांटून पुल को पूरा नहीं किया गया है। सेंगनपुर निवासी देवेंद्र त्रिपाठी, कोके दुबे, कैथौली निवासी देवकांत दुबे, धनऊपुर निवासी जीतू सेंगर आदि ने बताया कि इटावा के भरेह शिव मंदिर से बीहड़ पट्टी के लोगों का धार्मिक जुड़ाव है। पुल बनने से लोग महज पांच से छह किलोमीटर की दूरी कर मंदिर पर दर्शन करने पहुंच जाते थे। इस बार पुल न बन पाने से कांवड़ियों को परेशानी उठानी पड़ी। कई कांवड़िए भरेह मंदिर में कांवड़ चढ़ाने के लिए पुल तक पहुंचे लेकिन वहां तैनात पुलिस ने उन्हें वापस लौटा दिया। इसके चलते कांवडियों को करीब 30 किलोमीटर अतिरिक्त पैदल चलकर कांवड़ चढ़ानी पड़ी। अयाना थानाध्यक्ष जयप्रकाश पाल ने बताया कि अधूरे पुल पर आवागमन होने से हादसे का खतरा था। इसके चलते पुल के पहले बैरीकेडिंग लगाकर रास्ता बंद किया था। साथ ही पुलिस की तैनाती की गई। जिससे लोग अधूरे पुल से आवागमन न कर सकें।1
- फफूंद (औरैया): आस्था के महापर्व महाशिवरात्रि पर जहाँ पूरा देश रोशनी से सराबोर है, वहीं नगर पंचायत फफूंद का आधा हिस्सा अंधेरे की आगोश में डूबा रहा। पुराने सरकारी अस्पताल से लेकर मुख्य चौराहे तक स्ट्रीट लाइटें और रंगीन लाइटें पूरी तरह ठप रहीं, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों में भारी रोष है।1
- महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर इटावा, औरैया और जालौन जनपदों की सीमा पर स्थित पवित्र पांच नदियों यमुना, चंबल, सिंध, पहूज और कुंवारी के पवित्र महासंगम पंचनद धाम तीर्थ क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पांच पवित्र नदियों—यमुना, चंबल, सिंध, पहुज और कुंवारी—के संगम पर स्थित शिवालयों में भक्तों ने जलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए तीनों जनपदों का पुलिस प्रशासन चाक-चौबंद रहा। प्रशासन द्वारा भीड़ प्रबंधन और सुचारू व्यवस्था के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि लाखों की संख्या में आने वाले कांवड़िए एवं श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से जलाभिषेक कर सकें।2
- *जनपद में हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया गया महाशिवरात्रि का पर्व* *-शहर के दुर्गम बीहड़ में स्थित महाकालेश्वर देवकली मंदिर पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब* *औरैया।* जनपद में शहर सहित विभिन्न कस्बों व ग्रामीणांचलों में महाशिवरात्रि का पावन पर्व हर्षोल्लास लाश की वातावरण में शिव भक्तों ने शिव मंदिरों एवं घरों पर भूत भावन भगवान शिव की आराधना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रद्धालु भक्तगणों ने महाशिवरात्रि को लेकर व्रत धारण किया। इसके साथ ही शिव मंदिरों में शिव स्तुति के साथ मत्था टेका एवं मान्यता मांगी। श्रद्धालु भक्तगणों ने भगवान शिव का जिला अभिषेक, दुग्धाभिषेक के साथ बेलपत्र, पुष्प, धतूरा आदि सप्रेम चढ़ाते हुए भेट किए। महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव की साथ मनाया। जनपद की विभिन्न कस्बों व ग्रामीणांचलों में महाशिवरात्रि का पर्व मनाए जाने की समाचार प्राप्त हुए हैं। . रविवार 15 फरवरी को जनपद में महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर दुर्गम बिहार में स्थित महाकालेश्वर देवकली मंदिर पर श्रद्धालुओं का बड़ी संख्या में हुजूम उमड़ा। श्रद्धालु भक्तगणों ने भूत भावन भगवान शिव की पूजा अर्चना के साथ ही जिला अभिषेक, दुग्धाभिषेक के साथ ही बेलपत्र, पुष्प,धतूरा आदि पूजन सामग्री के साथ पूजा अर्चना करते हुए मन्नतें मांगी। मंदिर परिसर में शिव दर्शन के लिए लंबी-लंबी कतारें लगी रही। शिव भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़े इसके लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। श्रद्धालु भक्तगणों ने देवकली मंदिर परिसर में लगे मेला में खरीदारी करते हुए लुफ्त उठाया। मंदिर परिषद एवं मंदिर के अंदर बम बम भोले हर हर महादेव के जयकारे गुंजायमान होते रहें। जनपद के विभिन्न कस्बों दिबियापुर, सहायल, कंचौसी, सहार, बेला, याकूबपुर, उमरैन, एरवाकटरा, कुदरकोट, बिधूना, रुरूगंज,नेविल गंज, अछल्दा फफूंद अटसू अजीतमल बावरपुर मुरादगंज व अयाना आदि के अलावा महा शिवरात्रि से संबंधित समाचार प्राप्त हुए हैं। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर अजीतमल तहसील क्षेत्र पूर्णतः शिवमय नजर आया। प्रातः लगभग 4 बजे से ही शिवालयों के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के गगनभेदी जयघोष से मंदिर परिसर और आसपास का वातावरण भक्तिमय हो उठा। सुबह से लेकर देर शाम तक भक्तों की भीड़ निरंतर उमड़ती रही।6
- औरैया जिले की तहसील बिधूना क्षेत्र के मऊ गूरा गांव स्थित सिद्धपीठ देवघट बाबा शिव मंदिर पर महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सुबह से ही महिला और पुरुष शिव भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अरिंद नदी के समीप स्थित इस प्राचीन मंदिर में श्रद्धालु दूर-दूर से पहुंचकर फल, फूल, बेलपत्र और प्रसाद अर्पित कर भगवान भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर रहे हैं। मंदिर के पुजारी महंत शरद विज्ञानानन्दपुरी जी महाराज ने बताया कि मान्यता है भगवान श्रीकृष्ण रुकमणी को लेने जाते समय यहां अनेक देवताओं के साथ रुके थे फिर वह कुंदनपुर के लिए प्रस्थान किए थे। तभी से यह स्थान देवघट नाम से प्रसिद्ध है।1
- Post by Kanhaiya lal1
- कोतवाली क्षेत्र के गांव अमावता में शुक्रवार की देर रात्रि खेत की रखवाली कर रहे किसान की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी घटनास्थल पर बिखरे सामान और परिस्थितियों को देखते हुए परिजनों ने हत्या की आशंका जताई थी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर अपराधियो की धरपकड़ शुरू कर दी थी। रविवार को मृतक अर्जुन सिंह का शव पोस्टमार्टम के बाद गॉव अमावता तो वहा कोहराम मच गया तथा सैकड़ो की संख्या में उपस्थिति जनसमूह के सभी के आखे नम हो गयी। कोतवाली अजीतमल पुलिस की मौजूदगी में शव यात्रा सिकरोड़ी घाट पर पहुची जहा परिजनो द्वारा दाहसंस्कार किया गया।1
- औरैया। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने कांवड़ भरकर लौटे पार्टी कार्यकर्ता योगेश बिसारिया का फूल-मालाओं से भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष ने योगेश बिसारिया को माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया तथा मिष्ठान वितरण कर खुशी साझा की। कार्यक्रम के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। जिलाध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने कहा कि महाशिवरात्रि आस्था और श्रद्धा का पर्व है, और कांवड़ यात्रा में भाग लेकर लौटे कार्यकर्ताओं का सम्मान करना गर्व की बात है। उन्होंने योगेश बिसारिया की श्रद्धा और समर्पण की सराहना की। इस दौरान कई सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। राहुल तिवारी, अमन पोरवाल, अतुल सविता और धनीराम वर्मा सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भी योगेश बिसारिया को माला पहनाकर स्वागत किया। सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और मिठाई बांटकर पर्व की खुशियां मनाईं। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें पार्टी एकता और आपसी भाईचारे का संदेश भी दिया गया।2