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बुलंदशहर के थाना औरंगाबाद क्षेत्र के ग्राम ओलीना स्थित हनुमान मंदिर परिसर के अंदर बने कमरों के बरामदे में नमाज अदा करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, मंदिर के पास निर्माण कार्य में लगे कुछ मजदूरों ने नमाज के समय यह नमाज मंदिर परिसर में ही पढ़ी थी। यह घटना सामने आने और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने के इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रशासन ने लोगों से शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है, जबकि मामले की जांच अभी जारी है।
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बुलंदशहर के थाना औरंगाबाद क्षेत्र के ग्राम ओलीना स्थित हनुमान मंदिर परिसर के अंदर बने कमरों के बरामदे में नमाज अदा करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, मंदिर के पास निर्माण कार्य में लगे कुछ मजदूरों ने नमाज के समय यह नमाज मंदिर परिसर में ही पढ़ी थी। यह घटना सामने आने और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने के इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रशासन ने लोगों से शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है, जबकि मामले की जांच अभी जारी है।
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- टीजीटी की एक परीक्षार्थी को बस खराब होने की वजह से परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने के कारण प्रवेश नहीं मिल पाया। बस में आई खराबी के चलते उम्मीदवार समय पर केंद्र के बाहर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद उसे परीक्षा में शामिल होने की इंट्री नहीं मिली।1
- प्रतापगढ़ जिले में संग्रामगढ़ पुलिस ने खंनवारी ग्राम प्रधान सुशील शुक्ला पर जानलेवा हमले के मामले में दो इनामिया आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों पर ₹10-10 हजार का इनाम घोषित था और वे इस मुकदमे में वांछित चल रहे थे। यह मामला 6 फरवरी 2026 को हुआ था, जब बाबागंज ब्लॉक के खंनवारी गांव के प्रधान सुशील शुक्ल, जो हरिश्चंद्र के पुत्र हैं, पर उनके ही गांव के रहने वाले आधे दर्जन से अधिक व्यक्तियों ने जानलेवा हमला किया था। पुलिस के अनुसार, यह हमला प्रधान पद के चुनाव को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश के कारण हुआ था। नामजद और अज्ञात हमलावरों ने सुशील शुक्ल के साथ गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से मारपीट की, जिसमें उन्हें चोटें आईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इस घटना के संबंध में थाना संग्रामगढ़ में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही थी। अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देश पर और थाना प्रभारी मनोज कुमार तोमर के नेतृत्व में, पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर अर्रो नहर पुलिया के पास से इन दोनों वांछित इनामिया आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय देव तिवारी, निवासी कालू सिंह का पुरवा, थाना संग्रामगढ़, और 19 वर्षीय अमन सरोज, निवासी खंनवारी, थाना संग्रामगढ़ के रूप में हुई है। घटना के बाद से ही इस हमले में शामिल रमाशंकर, अनूप, मेवालाल यादव, शीतला प्रसाद शुक्ल, और आर्यन उर्फ अमित शुक्ल जैसे अन्य आरोपी अभी भी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे हैं। पुलिस ने फरार हमलावरों की जानकारी देने पर प्रत्येक पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसमें से अब दो वांछित आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।1
- आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सैफाबाद बाजार स्थित एक अस्पताल को डिप्टी सीएमओ ने सोमवार देर शाम सील कर दिया। यह कार्रवाई एक प्रसूता और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत के मामले के बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई थी। हालांकि, इस सीलिंग की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल सील होने के बावजूद भी यहाँ इलाज का कार्य जारी है। इसकी सच्चाई जानने के लिए जब मीडियाकर्मी मौके पर पहुँचे, तो वहाँ नर्स समेत अन्य स्टाफ मौजूद मिले। यह सामने आया कि अस्पताल के मुख्य गेट को भले ही प्रशासन ने सील कर दिया हो, लेकिन बगल में बनी एक गैलरी से अस्पताल के अंदर जाने का रास्ता खुला है। इस गैलरी के माध्यम से अस्पताल कर्मियों को अंदर दाखिल होने का पूरा अवसर दिया गया है, जिससे डिप्टी सीएमओ की सीलिंग की कार्रवाई की प्रभावशीलता और मंशा पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस दौरान, अस्पताल स्टाफ ने मीडियाकर्मियों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया, और घटना की सूचना मिलते ही सैफाबाद चौकी इंचार्ज तुरंत मौके पर पहुँच गए। वहाँ मौजूद एक महिला, जिसे स्टाफ नर्स बताया जा रहा था, मीडियाकर्मियों को लगातार निशाना बनाने का प्रयास करती रही। मंगलवार शाम करीब 6 बजे, थाना अध्यक्ष राकेश चौरसिया ने इस संबंध में बताया कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल सील होने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, और उन्हें अस्पताल के सील होने की कोई जानकारी नहीं है। यह स्थिति अस्पताल सीलिंग की प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता और उसकी वास्तविक प्रभावकारिता पर बड़े सवाल खड़े करती है, खास तौर पर मेडिकल लापरवाही से जुड़ी एक गंभीर घटना के बाद।1
- प्रतापगढ़ में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के क्रम में, थाना कोतवाली नगर में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामलों से संबंधित गैंग लीडर मस्सन, गैंग सदस्य मो० इलियास और अलीम उर्फ मोनू के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही की गई है। इस कार्रवाई के तहत, माननीय जिला मजिस्ट्रेट प्रतापगढ़ द्वारा उत्तर प्रदेश गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के अंतर्गत इन तीनों की कुल ₹45,30,000/- (पैंतालीस लाख तीस हजार रुपये) मूल्य की अवैध चल और अचल संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश पारित किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) श्री आलोक कुमार भाटी ने इस संबंध में अपनी बाइट भी दी है।1
- पट्टी कोतवाली क्षेत्र के उडैयाडीह गांव में बाथरूम के विवाद को लेकर एक गर्भवती महिला को दो-तीन महिलाओं ने मिलकर मारपीट कर घायल कर दिया। गांव की निवासिनी साविरा ने बृहस्पतिवार दोपहर पट्टी पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि यह विवाद बुधवार रात करीब 8:00 बजे उसकी पड़ोसी देवरानी से शुरू हुआ। विवाद बढ़ने पर पड़ोसियों ने गाली-गलौज करना शुरू कर दिया। साविरा ने बताया कि जब उसने इस गाली-गलौज का विरोध किया, तो दो-तीन महिलाओं ने मिलकर उसे पीटा, जिससे वह घायल हो गई। पीड़िता के शोर मचाने और मदद के लिए गुहार लगाने पर कई लोग वहां पहुंचे और बीच-बचाव कर महिला की जान बचाई।1
- पट्टी क्षेत्र के सरखेलपुर गांव में बृहस्पतिवार सुबह करीब 8:00 बजे एक चाय-पान दुकानदार बद्री प्रसाद पुष्पजीवी को ग्राहकों से चाय के पैसे मांगना भारी पड़ गया। अहियापुर गांव के एक व्यक्ति ने, जिसने पहले भी चाय का पैसा उधार किया था, फिर से चाय पी और बिना भुगतान किए जाने लगा। जब बद्री प्रसाद ने उससे उधार समेत कुल पैसे मांगे, तो युवक गाली-गलौज पर उतर आया और लाठी-डंडों से दुकानदार पर जमकर हमला कर दिया। इस हमले में बद्री प्रसाद का सिर फूट गया और वह लहूलुहान होकर गिर पड़े। आसपास के लोगों के दौड़ने पर उनकी जान बच सकी, वहीं हमलावर ने दुकानदार को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। पीड़ित दुकानदार बद्री प्रसाद ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने घायल बद्री प्रसाद को मेडिकल परीक्षण के लिए पट्टी सीएचसी भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ रेफर कर दिया।1