प्रतापगढ़ जिले में संग्रामगढ़ पुलिस ने खंनवारी ग्राम प्रधान सुशील शुक्ला पर जानलेवा हमले के मामले में दो इनामिया आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों पर ₹10-10 हजार का इनाम घोषित था और वे इस मुकदमे में वांछित चल रहे थे। यह मामला 6 फरवरी 2026 को हुआ था, जब बाबागंज ब्लॉक के खंनवारी गांव के प्रधान सुशील शुक्ल, जो हरिश्चंद्र के पुत्र हैं, पर उनके ही गांव के रहने वाले आधे दर्जन से अधिक व्यक्तियों ने जानलेवा हमला किया था। पुलिस के अनुसार, यह हमला प्रधान पद के चुनाव को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश के कारण हुआ था। नामजद और अज्ञात हमलावरों ने सुशील शुक्ल के साथ गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से मारपीट की, जिसमें उन्हें चोटें आईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इस घटना के संबंध में थाना संग्रामगढ़ में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही थी। अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देश पर और थाना प्रभारी मनोज कुमार तोमर के नेतृत्व में, पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर अर्रो नहर पुलिया के पास से इन दोनों वांछित इनामिया आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय देव तिवारी, निवासी कालू सिंह का पुरवा, थाना संग्रामगढ़, और 19 वर्षीय अमन सरोज, निवासी खंनवारी, थाना संग्रामगढ़ के रूप में हुई है। घटना के बाद से ही इस हमले में शामिल रमाशंकर, अनूप, मेवालाल यादव, शीतला प्रसाद शुक्ल, और आर्यन उर्फ अमित शुक्ल जैसे अन्य आरोपी अभी भी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे हैं। पुलिस ने फरार हमलावरों की जानकारी देने पर प्रत्येक पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसमें से अब दो वांछित आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
प्रतापगढ़ जिले में संग्रामगढ़ पुलिस ने खंनवारी ग्राम प्रधान सुशील शुक्ला पर जानलेवा हमले के मामले में दो इनामिया आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों पर ₹10-10 हजार का इनाम घोषित था और वे इस मुकदमे में वांछित चल रहे थे। यह मामला 6 फरवरी 2026 को हुआ था, जब बाबागंज ब्लॉक के खंनवारी गांव के प्रधान सुशील शुक्ल, जो हरिश्चंद्र के पुत्र हैं, पर उनके ही गांव के रहने वाले आधे दर्जन से अधिक व्यक्तियों ने जानलेवा हमला किया था। पुलिस के अनुसार, यह हमला प्रधान पद के चुनाव को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश के कारण हुआ था। नामजद और अज्ञात हमलावरों ने सुशील शुक्ल के साथ गाली-गलौज की और लाठी-डंडों से मारपीट की, जिसमें उन्हें चोटें आईं और जान से मारने की धमकी भी दी गई थी। इस घटना के संबंध में थाना संग्रामगढ़ में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जा रही थी। अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देश पर और थाना प्रभारी मनोज कुमार तोमर के नेतृत्व में, पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर अर्रो नहर पुलिया के पास से इन दोनों वांछित इनामिया आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय देव तिवारी, निवासी कालू सिंह का पुरवा, थाना संग्रामगढ़, और 19 वर्षीय अमन सरोज, निवासी खंनवारी, थाना संग्रामगढ़ के रूप में हुई है। घटना के बाद से ही इस हमले में शामिल रमाशंकर, अनूप, मेवालाल यादव, शीतला प्रसाद शुक्ल, और आर्यन उर्फ अमित शुक्ल जैसे अन्य आरोपी अभी भी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहे हैं। पुलिस ने फरार हमलावरों की जानकारी देने पर प्रत्येक पर दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसमें से अब दो वांछित आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।
- प्रतापगढ़ पुलिस ने एक सराहनीय पहल करते हुए लोगों की खुशियां लौटाई हैं। पुलिस ने कुल 170 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। इस पूरे मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी ने भी टिप्पणी की है।1
- राजधानी लखनऊ के बाजार खाला कोतवाली क्षेत्र में एक पति अपनी पत्नी को पढ़ाकर वकील बनाने के बाद अब पछता रहा है। मोबाइल की दुकान चलाने वाले इस पति ने कर्ज लेकर अपनी पत्नी को वकील बनाया था, लेकिन वकील बनते ही पत्नी उससे अलग हो गई। अब यह मामला अदालत में विचाराधीन है। इसी बीच, कल शाम पत्नी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पति पर जानलेवा हमला कर दिया। जब पति का भाई बीच-बचाव करने आया, तो हमलावरों ने उसे भी बुरी तरह मारा-पीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इस घटना के बाद, पीड़ित पति रात 11 बजे तक कोतवाली में बैठा रहा, लेकिन उसे कोई सुनवाई नहीं मिली।1
- आगामी 5 जून को मनाए जाने वाले पर्यावरण दिवस के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण अपील की गई है। इस संदेश में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि पर्यावरण के नाम पर यह दिवस कतई खाली नहीं जाना चाहिए। चेताया गया है कि यदि इस संबंध में अभी विचार नहीं किया गया, तो आने वाले कुछ ही वर्षों में तापमान बढ़कर 60 डिग्री तक पहुँच सकता है, जो 'नौतपा' के रूप में देखा जाएगा।1
- बदलापुर विधानसभा के प्रथम विधायक और पूर्वांचल में ब्राह्मणों के एक बड़े चेहरे माननीय ओमप्रकाश बाबा दुबे जी से यह जानने का आग्रह किया गया है कि उन्होंने क्या कुछ कहा है।1
- देल्हूपुर थाने में एक पीड़िता ने तहरीर दी है, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि पिछले वर्ष तहसील रानीगंज में कार्यरत एक लेखपाल ने जमीन से जुड़े एक मामले में उसके पक्ष में रिपोर्ट लगाने का प्रलोभन दिया था। इस लालच के बहाने लेखपाल ने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है और इस मामले में आगे की आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इस पूरे प्रकरण और की जा रही कार्रवाई के संबंध में क्षेत्राधिकारी रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी ने एक बाइट भी दी है।1
- बुलंदशहर के थाना औरंगाबाद क्षेत्र के ग्राम ओलीना स्थित हनुमान मंदिर परिसर के अंदर बने कमरों के बरामदे में नमाज अदा करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार, मंदिर के पास निर्माण कार्य में लगे कुछ मजदूरों ने नमाज के समय यह नमाज मंदिर परिसर में ही पढ़ी थी। यह घटना सामने आने और वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने के इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। प्रशासन ने लोगों से शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है, जबकि मामले की जांच अभी जारी है।1
- प्रतापगढ़ के कंधई थाना क्षेत्र के परानपुर गाँव में सफेदा के पेड़ और जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। इस मामले को शांत कराने पहुँचे कंधई थाने के एक दरोगा पर गंभीर आरोप लगे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बातचीत के दौरान दरोगा उग्र हो गए और उन्होंने एक महिला पर हाथ उठाते हुए उसे धक्का देकर मारने का प्रयास किया। गाँव वालों ने इस घटना पर रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें पुलिस से न्याय की उम्मीद थी, लेकिन यहाँ उल्टा हुआ। बताया जा रहा है कि इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। पीड़ित पक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मी पर तत्काल कार्यवाही की मांग करते हुए उच्च अधिकारियों से शिकायत की है।1
- प्रयागराज के साउथ मलाका में हुए चारहरे हत्याकांड का प्रयागराज पुलिस ने मात्र कुछ ही घंटों में खुलासा कर दिया है। पुलिस कमिश्नर प्रयागराज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि अभिषेक नामक व्यक्ति ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपने माता-पिता और बहन की हत्या कर दी थी। उसने पुलिस को गुमराह करने के मकसद से दीवार पर यह भी लिख दिया था कि 'बंटी-बबली और बहू ने मारा'। पुलिस के अनुसार, यह सब करने के बाद अभिषेक और उसका दोस्त नीचे दुकान में आए, जहाँ लूटे गए माल को लेकर उनके बीच विवाद हो गया। इसी विवाद के दौरान, अभिषेक के दोस्त सनी गुप्ता ने अभिषेक की भी हत्या कर दी। प्रस्तुत घटना में, कहावत "पूत कपूत तो का धन संचय" माता-पिता और बहन के हत्यारे बेटे अभिषेक पर सटीक बैठती है, जिसने रुपए-पैसों के लिए अपने पूरे परिवार को खत्म कर दिया। इसके बावजूद, अभिषेक को अंततः केवल 'मौत' ही मिली।1
- प्रतापगढ़ जिले के कंधई थाना क्षेत्र के परानपुर गांव से एक पेड़ काटने को लेकर हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो के आधार पर कंधई थाना प्रभारी आदित्य सिंह पर एक महिला को थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि आंधी में गिरे यूकेलिप्टस (सफेदा) के एक पेड़ को लेकर ग्रामीणों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया था। इसकी सूचना मिलने पर थाना प्रभारी आदित्य सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे, और उनकी मौजूदगी में पेड़ की कटाई शुरू कराई जा रही थी। इसी दौरान कुछ महिलाओं ने इसका विरोध जताना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों और विरोध कर रही महिलाओं के बीच तीखी नोकझोंक दिखाई दे रही है, जिसके बाद ही थाना प्रभारी पर महिला को थप्पड़ मारने का यह आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, थाना प्रभारी आदित्य सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि भीड़ सरकारी कार्य में बाधा डाल रही थी, जिसे केवल मौके से हटाया गया था, और किसी भी महिला के साथ कोई मारपीट नहीं की गई है। यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन प्रशासन की ओर से इस पूरे प्रकरण को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।1