Shuru
Apke Nagar Ki App…
देल्हूपुर थाने में एक पीड़िता ने तहरीर दी है, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि पिछले वर्ष तहसील रानीगंज में कार्यरत एक लेखपाल ने जमीन से जुड़े एक मामले में उसके पक्ष में रिपोर्ट लगाने का प्रलोभन दिया था। इस लालच के बहाने लेखपाल ने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है और इस मामले में आगे की आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इस पूरे प्रकरण और की जा रही कार्रवाई के संबंध में क्षेत्राधिकारी रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी ने एक बाइट भी दी है।
Krishnaabhan singh
देल्हूपुर थाने में एक पीड़िता ने तहरीर दी है, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि पिछले वर्ष तहसील रानीगंज में कार्यरत एक लेखपाल ने जमीन से जुड़े एक मामले में उसके पक्ष में रिपोर्ट लगाने का प्रलोभन दिया था। इस लालच के बहाने लेखपाल ने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है और इस मामले में आगे की आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इस पूरे प्रकरण और की जा रही कार्रवाई के संबंध में क्षेत्राधिकारी रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी ने एक बाइट भी दी है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- देल्हूपुर थाने में एक पीड़िता ने तहरीर दी है, जिसमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पीड़िता का कहना है कि पिछले वर्ष तहसील रानीगंज में कार्यरत एक लेखपाल ने जमीन से जुड़े एक मामले में उसके पक्ष में रिपोर्ट लगाने का प्रलोभन दिया था। इस लालच के बहाने लेखपाल ने पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध स्थापित किए। प्राप्त तहरीर के आधार पर पुलिस ने अभियोग पंजीकृत कर लिया है और इस मामले में आगे की आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इस पूरे प्रकरण और की जा रही कार्रवाई के संबंध में क्षेत्राधिकारी रानीगंज विनय प्रभाकर साहनी ने एक बाइट भी दी है।1
- फरीदाबाद में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। शहर के कई इलाकों में हुई इस झमाझम बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।1
- आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सैफाबाद बाजार स्थित एक अस्पताल को डिप्टी सीएमओ ने सोमवार देर शाम सील कर दिया। यह कार्रवाई एक प्रसूता और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत के मामले के बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई थी। हालांकि, इस सीलिंग की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल सील होने के बावजूद भी यहाँ इलाज का कार्य जारी है। इसकी सच्चाई जानने के लिए जब मीडियाकर्मी मौके पर पहुँचे, तो वहाँ नर्स समेत अन्य स्टाफ मौजूद मिले। यह सामने आया कि अस्पताल के मुख्य गेट को भले ही प्रशासन ने सील कर दिया हो, लेकिन बगल में बनी एक गैलरी से अस्पताल के अंदर जाने का रास्ता खुला है। इस गैलरी के माध्यम से अस्पताल कर्मियों को अंदर दाखिल होने का पूरा अवसर दिया गया है, जिससे डिप्टी सीएमओ की सीलिंग की कार्रवाई की प्रभावशीलता और मंशा पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस दौरान, अस्पताल स्टाफ ने मीडियाकर्मियों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया, और घटना की सूचना मिलते ही सैफाबाद चौकी इंचार्ज तुरंत मौके पर पहुँच गए। वहाँ मौजूद एक महिला, जिसे स्टाफ नर्स बताया जा रहा था, मीडियाकर्मियों को लगातार निशाना बनाने का प्रयास करती रही। मंगलवार शाम करीब 6 बजे, थाना अध्यक्ष राकेश चौरसिया ने इस संबंध में बताया कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल सील होने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, और उन्हें अस्पताल के सील होने की कोई जानकारी नहीं है। यह स्थिति अस्पताल सीलिंग की प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता और उसकी वास्तविक प्रभावकारिता पर बड़े सवाल खड़े करती है, खास तौर पर मेडिकल लापरवाही से जुड़ी एक गंभीर घटना के बाद।1
- राजधानी लखनऊ के बाजार खाला कोतवाली क्षेत्र में एक पति अपनी पत्नी को पढ़ाकर वकील बनाने के बाद अब पछता रहा है। मोबाइल की दुकान चलाने वाले इस पति ने कर्ज लेकर अपनी पत्नी को वकील बनाया था, लेकिन वकील बनते ही पत्नी उससे अलग हो गई। अब यह मामला अदालत में विचाराधीन है। इसी बीच, कल शाम पत्नी ने अपने साथियों के साथ मिलकर पति पर जानलेवा हमला कर दिया। जब पति का भाई बीच-बचाव करने आया, तो हमलावरों ने उसे भी बुरी तरह मारा-पीटा, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। इस घटना के बाद, पीड़ित पति रात 11 बजे तक कोतवाली में बैठा रहा, लेकिन उसे कोई सुनवाई नहीं मिली।1
- Post by विनय कुमार कनौजिया पत्रकार2
- अमेरिका के टेक्सास में एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहाँ कुछ प्रदर्शनकारियों ने सरेआम भारतीय तिरंगे को फाड़ दिया। वायरल वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि सिटी हॉल के बाहर कुछ लोग भारत विरोधी नारे लगा रहे थे और तिरंगे का अपमान कर रहे थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिसके चलते भारतीय समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त है।1
- *महिला पुलिस की मौजूदगी में एसओ ने महिला को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरल* _कानून कहता है महिला को महिला ही हैंडल करे, फिर एसओ ने क्यों उठाया हाथ?_ *परानपुर (कंधई),* कंधई थाना क्षेत्र के परानपुर गांव में विवादित सफेदा का पेड़ काटने के दौरान एसओ आदित्य सिंह पर एक महिला को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक मौके पर महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं। इसके बावजूद एसओ पर महिला को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले दिनों आंधी में गांव में यूकेलिप्टस का पेड़ गिर गया था। रास्ता बंद होने और मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों में विवाद था। मंगलवार को एसओ आदित्य सिंह पुलिस बल, महिला सिपाही व राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। राजस्व टीम की मौजूदगी में पेड़ काटने के लिए आरा चलाया गया। आरोप है कि कुछ महिलाएं आरा रोकने के लिए आगे बढ़ीं। वायरल वीडियो में धक्का-मुक्की के बीच एसओ पर एक महिला को थप्पड़ मारते दिखाया गया ह *महिला पुलिस की मौजूदगी में एसओ ने महिला को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरल* _कानून कहता है महिला को महिला ही हैंडल करे, फिर एसओ ने क्यों उठाया हाथ?_ *परानपुर (कंधई),* कंधई थाना क्षेत्र के परानपुर गांव में विवादित सफेदा का पेड़ काटने के दौरान एसओ आदित्य सिंह पर एक महिला को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक मौके पर महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद थीं। इसके बावजूद एसओ पर महिला को थप्पड़ मारने का आरोप लगा है। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले दिनों आंधी में गांव में यूकेलिप्टस का पेड़ गिर गया था। रास्ता बंद होने और मालिकाना हक को लेकर दो पक्षों में विवाद था। मंगलवार को एसओ आदित्य सिंह पुलिस बल, महिला सिपाही व राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। राजस्व टीम की मौजूदगी में पेड़ काटने के लिए आरा चलाया गया। आरोप है कि कुछ महिलाएं आरा रोकने के लिए आगे बढ़ीं। वायरल वीडियो में धक्का-मुक्की के बीच एसओ पर एक महिला को थप्पड़ मारते दिखाया गया है। *एसओ का पक्ष:* एसओ आदित्य सिंह ने थप्पड़ मारने के आरोप को खारिज किया है। उनका कहना है कि महिलाएं चल रहे आरे की तरफ दौड़ पड़ी थीं। हादसा रोकने के लिए उन्हें हटाया गया था। *कानूनी सवाल:* CrPC की धारा 51(2) और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन साफ कहती है कि महिला से जुड़ी कार्रवाई महिला पुलिसकर्मी ही करे। NHRC के नियम भी यही हैं कि महिला पुलिस की मौजूदगी में पुरुष अधिकारी महिला पर बल प्रयोग न करे। कानून विशेषज्ञों का कहना है कि थप्पड़ "न्यूनतम बल" की श्रेणी में नहीं आता। अगर महिला सिपाही मौके पर थीं तो महिलाओं को हटाने की जिम्मेदारी उन्हीं की थी। ऐसे में एसओ का सीधे हस्तक्षेप करना विभागीय नियमों का उल्लंघन है।1
- प्रतापगढ़ जिले के कंधई थाना क्षेत्र के परानपुर गांव से एक पेड़ काटने को लेकर हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो के आधार पर कंधई थाना प्रभारी आदित्य सिंह पर एक महिला को थप्पड़ मारने का गंभीर आरोप लगाया गया है। बताया गया है कि आंधी में गिरे यूकेलिप्टस (सफेदा) के एक पेड़ को लेकर ग्रामीणों के बीच विवाद उत्पन्न हो गया था। इसकी सूचना मिलने पर थाना प्रभारी आदित्य सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे, और उनकी मौजूदगी में पेड़ की कटाई शुरू कराई जा रही थी। इसी दौरान कुछ महिलाओं ने इसका विरोध जताना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मियों और विरोध कर रही महिलाओं के बीच तीखी नोकझोंक दिखाई दे रही है, जिसके बाद ही थाना प्रभारी पर महिला को थप्पड़ मारने का यह आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि, थाना प्रभारी आदित्य सिंह ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि भीड़ सरकारी कार्य में बाधा डाल रही थी, जिसे केवल मौके से हटाया गया था, और किसी भी महिला के साथ कोई मारपीट नहीं की गई है। यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है, लेकिन प्रशासन की ओर से इस पूरे प्रकरण को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है।1