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आगामी 5 जून को मनाए जाने वाले पर्यावरण दिवस के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण अपील की गई है। इस संदेश में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि पर्यावरण के नाम पर यह दिवस कतई खाली नहीं जाना चाहिए। चेताया गया है कि यदि इस संबंध में अभी विचार नहीं किया गया, तो आने वाले कुछ ही वर्षों में तापमान बढ़कर 60 डिग्री तक पहुँच सकता है, जो 'नौतपा' के रूप में देखा जाएगा।

2 hrs ago
user_Ashok verma
Ashok verma
Local News Reporter लंभुआ, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

आगामी 5 जून को मनाए जाने वाले पर्यावरण दिवस के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण अपील की गई है। इस संदेश में इस बात पर ज़ोर दिया गया है कि पर्यावरण के नाम पर यह दिवस कतई खाली नहीं जाना चाहिए। चेताया गया है कि यदि इस संबंध में अभी विचार नहीं किया गया, तो आने वाले कुछ ही वर्षों में तापमान बढ़कर 60 डिग्री तक पहुँच सकता है, जो 'नौतपा' के रूप में देखा जाएगा।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • दिनांक 03 जून 2026 को कोतवाली नगर क्षेत्र के गोलाघाट स्थित पक्के पुल से एक महिला ने नदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिला पुल के नीचे लगे बांस-बल्ली से टकराते हुए सीधे नदी में जा गिरी। इस घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद स्थानीय नागरिकों और नाविकों ने महिला को नदी से बाहर निकालने का प्रयास किया, परंतु तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने की कार्रवाई शुरू की है, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। अभी तक महिला की पहचान नहीं हो सकी है, और पुलिस आस-पास के थानों के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी शिनाख्त के प्रयासों में जुटी हुई है। घटना स्थल पर शांति व्यवस्था बनी हुई है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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    दिनांक 03 जून 2026 को कोतवाली नगर क्षेत्र के गोलाघाट स्थित पक्के पुल से एक महिला ने नदी में छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महिला पुल के नीचे लगे बांस-बल्ली से टकराते हुए सीधे नदी में जा गिरी। इस घटना के तुरंत बाद, मौके पर मौजूद स्थानीय नागरिकों और नाविकों ने महिला को नदी से बाहर निकालने का प्रयास किया, परंतु तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी।

सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल तत्काल मौके पर पहुँचा। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने की कार्रवाई शुरू की है, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा। अभी तक महिला की पहचान नहीं हो सकी है, और पुलिस आस-पास के थानों के साथ-साथ सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी शिनाख्त के प्रयासों में जुटी हुई है। घटना स्थल पर शांति व्यवस्था बनी हुई है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
    user_ABHISHEK SINGH
    ABHISHEK SINGH
    Media and information sciences faculty जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जहां एक तरफ आम जनता और गरीब उपभोक्ताओं पर मामूली बिजली बिल बकाया होने या छोटी सी गड़बड़ी के लिए विद्युत विभाग तुरंत मुकदमा और भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई करता है, वहीं सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर वन क्षेत्र अंतर्गत दोस्तपुर ब्लॉक से सरकारी विभागों की मिलीभगत का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां रोहनि खोजगीपुर स्थित सरकारी वन विभाग की नर्सरी में सालों से खुलेआम बिजली चोरी का खेल चल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, खोजगीपुर नर्सरी में पौधों की सिंचाई के लिए एक भारी-भरकम समरसेबल पंप लगाया गया है, जिसे चलाने के लिए मुख्य विद्युत लाइन से सीधा कटिया जोड़ा गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह अवैध खेल किसी बंद कमरे या चोरी-छिपे नहीं, बल्कि सरेआम सालों से चल रहा है। बिजली चोरी को स्थायी रूप देने के लिए बकायदा 'इंजीनियरिंग' की गई है; खंभे से लटकता हुआ तार पहले सड़क के नीचे से पार किया गया है और दूसरी तरफ निकलते ही उस पर भारी-भरकम मिट्टी पाट दी गई है ताकि किसी को शक न हो। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बारीकी और 'विधि-विधान' से तो कोई आम चोर भी चोरी नहीं करता, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सालों की "मेहनत" और संरक्षण का नतीजा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से बड़ा सवाल किया है कि अगर यही चोरी किसी गरीब या किसान ने अपने खेत की सिंचाई के लिए की होती, तो अब तक बिजली विभाग की टीम उसे जेल भेज चुकी होती। लेकिन सरकारी परिसर में हो रही इस खुली लूट पर आखिर विभाग की आँखें क्यों बंद हैं, और इसका जिम्मेदार कौन है? सरेआम मुख्य मार्ग के पास हो रही इस बिजली चोरी ने विद्युत विभाग और वन विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने लंबे समय से बिना किसी वैध कनेक्शन के चल रहे समरसेबल पंप ने विभागीय जांच और पेट्रोलिंग के दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय जनता अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से सख्त कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।
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    जहां एक तरफ आम जनता और गरीब उपभोक्ताओं पर मामूली बिजली बिल बकाया होने या छोटी सी गड़बड़ी के लिए विद्युत विभाग तुरंत मुकदमा और भारी-भरकम जुर्माने की कार्रवाई करता है, वहीं सुल्तानपुर जनपद के कादीपुर वन क्षेत्र अंतर्गत दोस्तपुर ब्लॉक से सरकारी विभागों की मिलीभगत का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां रोहनि खोजगीपुर स्थित सरकारी वन विभाग की नर्सरी में सालों से खुलेआम बिजली चोरी का खेल चल रहा है।

स्थानीय ग्रामीणों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, खोजगीपुर नर्सरी में पौधों की सिंचाई के लिए एक भारी-भरकम समरसेबल पंप लगाया गया है, जिसे चलाने के लिए मुख्य विद्युत लाइन से सीधा कटिया जोड़ा गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह अवैध खेल किसी बंद कमरे या चोरी-छिपे नहीं, बल्कि सरेआम सालों से चल रहा है। बिजली चोरी को स्थायी रूप देने के लिए बकायदा 'इंजीनियरिंग' की गई है; खंभे से लटकता हुआ तार पहले सड़क के नीचे से पार किया गया है और दूसरी तरफ निकलते ही उस पर भारी-भरकम मिट्टी पाट दी गई है ताकि किसी को शक न हो। ग्रामीणों का कहना है कि इतनी बारीकी और 'विधि-विधान' से तो कोई आम चोर भी चोरी नहीं करता, जिससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह सालों की "मेहनत" और संरक्षण का नतीजा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से बड़ा सवाल किया है कि अगर यही चोरी किसी गरीब या किसान ने अपने खेत की सिंचाई के लिए की होती, तो अब तक बिजली विभाग की टीम उसे जेल भेज चुकी होती। लेकिन सरकारी परिसर में हो रही इस खुली लूट पर आखिर विभाग की आँखें क्यों बंद हैं, और इसका जिम्मेदार कौन है?

सरेआम मुख्य मार्ग के पास हो रही इस बिजली चोरी ने विद्युत विभाग और वन विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने लंबे समय से बिना किसी वैध कनेक्शन के चल रहे समरसेबल पंप ने विभागीय जांच और पेट्रोलिंग के दावों की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय जनता अब इस मामले में उच्च अधिकारियों से सख्त कार्रवाई और दोषी कर्मचारियों पर जवाबदेही तय करने की मांग कर रही है।
    user_उज्जवल मिश्र
    उज्जवल मिश्र
    Court reporter कादीपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सैफाबाद बाजार स्थित एक अस्पताल को डिप्टी सीएमओ ने सोमवार देर शाम सील कर दिया। यह कार्रवाई एक प्रसूता और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत के मामले के बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई थी। हालांकि, इस सीलिंग की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल सील होने के बावजूद भी यहाँ इलाज का कार्य जारी है। इसकी सच्चाई जानने के लिए जब मीडियाकर्मी मौके पर पहुँचे, तो वहाँ नर्स समेत अन्य स्टाफ मौजूद मिले। यह सामने आया कि अस्पताल के मुख्य गेट को भले ही प्रशासन ने सील कर दिया हो, लेकिन बगल में बनी एक गैलरी से अस्पताल के अंदर जाने का रास्ता खुला है। इस गैलरी के माध्यम से अस्पताल कर्मियों को अंदर दाखिल होने का पूरा अवसर दिया गया है, जिससे डिप्टी सीएमओ की सीलिंग की कार्रवाई की प्रभावशीलता और मंशा पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस दौरान, अस्पताल स्टाफ ने मीडियाकर्मियों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया, और घटना की सूचना मिलते ही सैफाबाद चौकी इंचार्ज तुरंत मौके पर पहुँच गए। वहाँ मौजूद एक महिला, जिसे स्टाफ नर्स बताया जा रहा था, मीडियाकर्मियों को लगातार निशाना बनाने का प्रयास करती रही। मंगलवार शाम करीब 6 बजे, थाना अध्यक्ष राकेश चौरसिया ने इस संबंध में बताया कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल सील होने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, और उन्हें अस्पताल के सील होने की कोई जानकारी नहीं है। यह स्थिति अस्पताल सीलिंग की प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता और उसकी वास्तविक प्रभावकारिता पर बड़े सवाल खड़े करती है, खास तौर पर मेडिकल लापरवाही से जुड़ी एक गंभीर घटना के बाद।
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    आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सैफाबाद बाजार स्थित एक अस्पताल को डिप्टी सीएमओ ने सोमवार देर शाम सील कर दिया। यह कार्रवाई एक प्रसूता और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत के मामले के बाद प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा की गई थी। हालांकि, इस सीलिंग की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अस्पताल सील होने के बावजूद भी यहाँ इलाज का कार्य जारी है।

इसकी सच्चाई जानने के लिए जब मीडियाकर्मी मौके पर पहुँचे, तो वहाँ नर्स समेत अन्य स्टाफ मौजूद मिले। यह सामने आया कि अस्पताल के मुख्य गेट को भले ही प्रशासन ने सील कर दिया हो, लेकिन बगल में बनी एक गैलरी से अस्पताल के अंदर जाने का रास्ता खुला है। इस गैलरी के माध्यम से अस्पताल कर्मियों को अंदर दाखिल होने का पूरा अवसर दिया गया है, जिससे डिप्टी सीएमओ की सीलिंग की कार्रवाई की प्रभावशीलता और मंशा पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इस दौरान, अस्पताल स्टाफ ने मीडियाकर्मियों का वीडियो बनाना शुरू कर दिया, और घटना की सूचना मिलते ही सैफाबाद चौकी इंचार्ज तुरंत मौके पर पहुँच गए। वहाँ मौजूद एक महिला, जिसे स्टाफ नर्स बताया जा रहा था, मीडियाकर्मियों को लगातार निशाना बनाने का प्रयास करती रही।

मंगलवार शाम करीब 6 बजे, थाना अध्यक्ष राकेश चौरसिया ने इस संबंध में बताया कि उन्हें स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल सील होने की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, और उन्हें अस्पताल के सील होने की कोई जानकारी नहीं है। यह स्थिति अस्पताल सीलिंग की प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता और उसकी वास्तविक प्रभावकारिता पर बड़े सवाल खड़े करती है, खास तौर पर मेडिकल लापरवाही से जुड़ी एक गंभीर घटना के बाद।
    user_नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
    नीरज पांडेय पत्रकार प्रतापगढ़
    Local News Reporter पट्टी, प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • सुल्तानपुर जिले के बिजेथुआ धाम स्थित मकरी कुंड में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यह घटना उस समय हुई जब कोई व्यक्ति मकरी कुंड में नहाने गया था।
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    सुल्तानपुर जिले के बिजेथुआ धाम स्थित मकरी कुंड में एक दर्दनाक हादसा हो गया। यह घटना उस समय हुई जब कोई व्यक्ति मकरी कुंड में नहाने गया था।
    user_Vivek Kumar
    Vivek Kumar
    कादीपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक 6 मंजिला होटल में भीषण आग लगने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है। यह घटना बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जिसमें मरने वालों में ज्यादातर विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं। दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय लोगों के अनुसार, मालवीय नगर स्थित 'फ्लरिश स्टे' (Flourish Stay) नाम के इस होटल के रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और यह ऊपरी मंजिलों पर बने कमरों से लेकर बेसमेंट तक फैल गई। आग की लपटों और धुएं से घिरे लोग जान बचाने के लिए होटल की तीसरी और चौथी मंजिल से नीचे कूदते नजर आए। स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए जमीन पर गद्दे बिछाकर उनकी मदद करने का प्रयास किया। राहत और बचाव कार्य के दौरान अब तक कुल 40 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। होटल के बेसमेंट से भी 6 से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया है। हादसे में जान गंवाने वाले 21 लोगों में से अधिकांश विदेशी नागरिक हैं, जिनका संबंध मुख्य रूप से सेंट्रल एशिया और अफ्रीकी देशों से बताया गया है। हालांकि, मृत विदेशी नागरिकों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, इस 6 मंजिला होटल में आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है, और पुलिस व प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। यह घटना दिल्ली में सुरक्षा मानकों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है, खासकर जब पिछले 6 महीनों के भीतर आग लगने की विभिन्न घटनाओं में शहर में कुल 66 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
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    दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में बुधवार सुबह एक 6 मंजिला होटल में भीषण आग लगने से कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई है। यह घटना बेहद दर्दनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली है, जिसमें मरने वालों में ज्यादातर विदेशी नागरिक बताए जा रहे हैं।

दिल्ली फायर सर्विस और स्थानीय लोगों के अनुसार, मालवीय नगर स्थित 'फ्लरिश स्टे' (Flourish Stay) नाम के इस होटल के रेस्टोरेंट में बुधवार सुबह करीब 8:50 बजे अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और यह ऊपरी मंजिलों पर बने कमरों से लेकर बेसमेंट तक फैल गई। आग की लपटों और धुएं से घिरे लोग जान बचाने के लिए होटल की तीसरी और चौथी मंजिल से नीचे कूदते नजर आए। स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए जमीन पर गद्दे बिछाकर उनकी मदद करने का प्रयास किया। राहत और बचाव कार्य के दौरान अब तक कुल 40 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है, जिनमें से कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। होटल के बेसमेंट से भी 6 से अधिक लोगों को बाहर निकाला गया है।

हादसे में जान गंवाने वाले 21 लोगों में से अधिकांश विदेशी नागरिक हैं, जिनका संबंध मुख्य रूप से सेंट्रल एशिया और अफ्रीकी देशों से बताया गया है। हालांकि, मृत विदेशी नागरिकों की सटीक संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। फिलहाल, इस 6 मंजिला होटल में आग लगने के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है, और पुलिस व प्रशासन मामले की जांच में जुटे हैं। यह घटना दिल्ली में सुरक्षा मानकों पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करती है, खासकर जब पिछले 6 महीनों के भीतर आग लगने की विभिन्न घटनाओं में शहर में कुल 66 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
    user_पत्रकार पांडे
    पत्रकार पांडे
    Farmer जयसिंहपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर थाना क्षेत्र में शनिवार रात सड़कों पर एक हादसा हो गया। घटना के संबंध में अन्य कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
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    सुल्तानपुर जिले के दोस्तपुर थाना क्षेत्र में शनिवार रात सड़कों पर एक हादसा हो गया। घटना के संबंध में अन्य कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
    user_Vivek Kumar
    Vivek Kumar
    कादीपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
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