दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में स्थित राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय टांटिया थैलावास की छत पर शनिवार को एक लावारिस मोटरसाइकिल मिली, जिसने ग्रामीणों में कौतूहल पैदा कर दिया। सड़क से निकलते समय ग्रामीणों ने जब मोटरसाइकिल को स्कूल की छत पर देखा, तो इसकी सूचना तुरंत कोलवा थाना पुलिस को दी, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ भी जमा हो गई। कोलवा पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मोटरसाइकिल को छत से सुरक्षित नीचे उतारकर अपने कब्जे में ले लिया, जिसे बाद में कोलवा थाना ले जाया गया। कोलवा थाने के थाना प्रभारी मनोहर लाल वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर कार्रवाई करते हुए मोटरसाइकिल को राजकीय विद्यालय की छत से बरामद किया गया है। पुलिस ने इस मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि स्कूल की छुट्टी के दौरान मोटरसाइकिल छत पर कैसे पहुंची। प्रारंभिक जांच में मोटरसाइकिल के नंबर से पता चला है कि उसका मालिक जयपुर का है। थाना प्रभारी ने आगे बताया कि पुलिस अब मालिक से संपर्क कर यह पुष्टि करेगी कि वाहन बेचा गया था, चोरी हुआ था, या फिर किसी अप्रिय घटना में इसका इस्तेमाल किया गया था। कोलवा थाना पुलिस इन सभी पहलुओं पर जानकारी जुटाने में लगी है।
दौसा जिले के बांदीकुई क्षेत्र में स्थित राजकीय वरिष्ठ उपाध्याय संस्कृत विद्यालय टांटिया थैलावास की छत पर शनिवार को एक लावारिस मोटरसाइकिल मिली, जिसने ग्रामीणों में कौतूहल पैदा कर दिया। सड़क से निकलते समय ग्रामीणों ने जब मोटरसाइकिल को स्कूल की छत पर देखा, तो इसकी सूचना तुरंत कोलवा थाना पुलिस को दी,
जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ भी जमा हो गई। कोलवा पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मोटरसाइकिल को छत से सुरक्षित नीचे उतारकर अपने कब्जे में ले लिया, जिसे बाद में कोलवा थाना ले जाया गया। कोलवा थाने के थाना प्रभारी मनोहर लाल वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर कार्रवाई
करते हुए मोटरसाइकिल को राजकीय विद्यालय की छत से बरामद किया गया है। पुलिस ने इस मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है, जिसका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि स्कूल की छुट्टी के दौरान मोटरसाइकिल छत पर कैसे पहुंची। प्रारंभिक जांच में मोटरसाइकिल के नंबर से पता चला है
कि उसका मालिक जयपुर का है। थाना प्रभारी ने आगे बताया कि पुलिस अब मालिक से संपर्क कर यह पुष्टि करेगी कि वाहन बेचा गया था, चोरी हुआ था, या फिर किसी अप्रिय घटना में इसका इस्तेमाल किया गया था। कोलवा थाना पुलिस इन सभी पहलुओं पर जानकारी जुटाने में लगी है।
- बस्सी के पुलिस प्रशासन ने क्षेत्र के सभी ग्रामवासियों को 'कच्चा बनियान गैंग' के सक्रिय होने के संबंध में जागरूक किया है। पुलिस प्रशासन द्वारा बताया गया है कि यह गैंग इलाके में घूम रही है, जिसके मद्देनजर सभी ग्रामवासियों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।1
- रानियावास पाटीयो की ढाणी के ग्रामीण पिछले बीस सालों से एक कच्चे रास्ते से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस जर्जर सड़क के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं, और प्रतिदिन आने-जाने वाले लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी रोजमर्रा की परेशानियों से जूझना पड़ता है। ग्रामीणों का आरोप है कि स्थानीय विधायक और सरपंच केवल चुनाव के समय ही उन्हें याद करते हैं, जबकि कई बार शिकायतें दर्ज कराने के बावजूद सड़क की इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। इसी परेशानी के निवारण हेतु, ग्रामीणों ने विधायक श्री महेंद्र पाल मीणा जी से विनम्र निवेदन किया है कि वे उनकी शिकायत को गंभीरता से संज्ञान में लें और गांव की सड़क में सुधार कर उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान करें, क्योंकि वे इस दिशा में पहले भी बहुत प्रयास कर चुके हैं।1
- अवध प्रताप ओझा, जिन्हें लोग 'ओझा सर' के नाम से जानते हैं, एक लोकप्रिय यूपीएससी शिक्षक, प्रेरक वक्ता और यूट्यूबर हैं। उत्तर प्रदेश के गोंडा के मूल निवासी अवध ओझा अब पतंजलि विद्यापीठ में एक नई शुरुआत कर रहे हैं, जहाँ वे युवाओं को पतंजलि सिविल सर्विसेज की तैयारी करवाएंगे। उन्हें पतंजलि के झोले के साथ देखा गया है, जो इस बात का संकेत है कि जल्द ही पतंजलि सिविल सर्विसेज कोचिंग खोली जाएगी।1
- जयपुर के सूर्य नगर (तारों की कूट क्षेत्र) में देर रात हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने चोरी की कोशिश की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। लगभग आधा दर्जन बदमाशों ने कई मकानों को निशाना बनाते हुए दरवाजे और खिड़कियां खोलकर घरों में घुसने का प्रयास किया। हालांकि, घरों में मौजूद परिजनों के जागने और शोर मचाने पर बदमाश अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके और मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में बदमाश बेहद कम कपड़ों में नजर आ रहे हैं, जिनका हुलिया कथित तौर पर ‘कच्छा-बनियान गिरोह’ से मिलता-जुलता बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी गिरोह की पुष्टि नहीं की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में भी संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने रात के समय गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।1
- जयपुर के खोनागोरिया थाना क्षेत्र में 9 जून को हुई एक दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना में आठ लोगों, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, की मौत के बाद अब पूरे क्षेत्र में कथित अवैध बसावट, भूमि उपयोग और निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस भयावह हादसे ने क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक निगरानी पर बहस छेड़ दी है, जिसमें स्थानीय निवासी और सूत्र पिछले वर्षों में विकसित हुई बसावट की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि तलाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि पर कब्जे किए गए हैं और अवैध रूप से प्लॉटिंग व निर्माण कार्य लगातार जारी हैं। उनका यह भी कहना है कि कई मकानों में वास्तविक मालिक नहीं रहते, बल्कि उन्हें किराए पर दिया गया है, ताकि भविष्य में प्रशासनिक कार्रवाई होने पर उन्हें हटाना मुश्किल हो। क्षेत्र के लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस क्षेत्र के विकास और भूमि के कथित आवंटन में 'खान भाइयों' की भूमिका रही है। हालांकि, इन आरोपों की किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि प्रशासन उपलब्ध दस्तावेजों, भूमि अभिलेखों और अन्य तथ्यों की जांच कर यह स्पष्ट करे कि तलाई क्षेत्र में हुई बसावट कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है या नहीं। उनका मानना है कि यदि अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर प्रारंभिक स्तर पर ही रोक लगा दी जाती, तो रिहायशी क्षेत्र के बीच इस प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधियां संचालित नहीं हो पातीं। लोगों ने सरकार से पूरे तलाई क्षेत्र का सर्वे कराने, भूमि की स्थिति, निर्माण स्वीकृतियों, भूखंडों के आवंटन और बसावट की वैधता की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कहीं भी अवैध निर्माण या नियमों के विपरीत बसावट पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। नागरिकों का यह भी मानना है कि ऐसे मामलों को लंबे समय तक नजरअंदाज करने और बाद में बड़े स्तर पर कार्रवाई करने से सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसलिए, भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद, जनहानि या भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाली परिस्थितियों से बचने के लिए अभी से पारदर्शी जांच और निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है। लोगों ने पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच के साथ-साथ तलाई क्षेत्र में भूमि उपयोग, निर्माण गतिविधियों और कथित अवैध बसावट की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई हो सके।7
- एक ग्रामीण ने शिकायत की है कि उनके गांव में पिछले 20 सालों से कच्ची पत्थर वाली सड़क बनी हुई है, जिसकी मरम्मत को लेकर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीण के अनुसार, उन्होंने विधायक और सरपंच साहब को शिकायत करने की बहुत कोशिश की, लेकिन सड़क ठीक करवाने का कोई भी काम नहीं हो पाया। इस स्थिति के कारण उन्हें रोज आने-जाने में दिक्कत होती है, और स्कूली बच्चों को भी बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से निवेदन किया है कि उनकी ढाणी की सड़क को ठीक करवाया जाए।2
- जयपुर जिले में चांदमा कला से बिसालू को जोड़ने वाली सड़क की हालत बेहद खस्ता है, जिससे स्थानीय ग्रामीण काफी परेशान हैं। बारिश के दिनों में तो इस सड़क पर लगभग चार फुट तक पानी भर जाता है, जो आवागमन को और भी मुश्किल बना देता है।1