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एक ग्रामीण ने शिकायत की है कि उनके गांव में पिछले 20 सालों से कच्ची पत्थर वाली सड़क बनी हुई है, जिसकी मरम्मत को लेकर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीण के अनुसार, उन्होंने विधायक और सरपंच साहब को शिकायत करने की बहुत कोशिश की, लेकिन सड़क ठीक करवाने का कोई भी काम नहीं हो पाया। इस स्थिति के कारण उन्हें रोज आने-जाने में दिक्कत होती है, और स्कूली बच्चों को भी बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से निवेदन किया है कि उनकी ढाणी की सड़क को ठीक करवाया जाए।

2 hrs ago
user_Govind meena
Govind meena
जमवा रामगढ़, जयपुर, राजस्थान•
2 hrs ago
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एक ग्रामीण ने शिकायत की है कि उनके गांव में पिछले 20 सालों से कच्ची पत्थर वाली सड़क बनी हुई है, जिसकी मरम्मत को लेकर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीण के अनुसार, उन्होंने विधायक और सरपंच साहब को शिकायत करने की बहुत कोशिश की, लेकिन सड़क ठीक करवाने का कोई भी काम नहीं हो पाया। इस स्थिति के कारण उन्हें रोज आने-जाने में दिक्कत होती है, और स्कूली बच्चों को भी बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से निवेदन किया है कि उनकी ढाणी की सड़क को ठीक करवाया जाए।

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  • एक ग्रामीण ने शिकायत की है कि उनके गांव में पिछले 20 सालों से कच्ची पत्थर वाली सड़क बनी हुई है, जिसकी मरम्मत को लेकर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीण के अनुसार, उन्होंने विधायक और सरपंच साहब को शिकायत करने की बहुत कोशिश की, लेकिन सड़क ठीक करवाने का कोई भी काम नहीं हो पाया। इस स्थिति के कारण उन्हें रोज आने-जाने में दिक्कत होती है, और स्कूली बच्चों को भी बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से निवेदन किया है कि उनकी ढाणी की सड़क को ठीक करवाया जाए।
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    एक ग्रामीण ने शिकायत की है कि उनके गांव में पिछले 20 सालों से कच्ची पत्थर वाली सड़क बनी हुई है, जिसकी मरम्मत को लेकर आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। ग्रामीण के अनुसार, उन्होंने विधायक और सरपंच साहब को शिकायत करने की बहुत कोशिश की, लेकिन सड़क ठीक करवाने का कोई भी काम नहीं हो पाया। इस स्थिति के कारण उन्हें रोज आने-जाने में दिक्कत होती है, और स्कूली बच्चों को भी बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से निवेदन किया है कि उनकी ढाणी की सड़क को ठीक करवाया जाए।
    user_Govind meena
    Govind meena
    जमवा रामगढ़, जयपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • जयपुर के सूर्य नगर (तारों की कूट क्षेत्र) में देर रात हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने चोरी की कोशिश की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। लगभग आधा दर्जन बदमाशों ने कई मकानों को निशाना बनाते हुए दरवाजे और खिड़कियां खोलकर घरों में घुसने का प्रयास किया। हालांकि, घरों में मौजूद परिजनों के जागने और शोर मचाने पर बदमाश अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके और मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में बदमाश बेहद कम कपड़ों में नजर आ रहे हैं, जिनका हुलिया कथित तौर पर ‘कच्छा-बनियान गिरोह’ से मिलता-जुलता बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी गिरोह की पुष्टि नहीं की है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में भी संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने रात के समय गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
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    जयपुर के सूर्य नगर (तारों की कूट क्षेत्र) में देर रात हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने चोरी की कोशिश की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। लगभग आधा दर्जन बदमाशों ने कई मकानों को निशाना बनाते हुए दरवाजे और खिड़कियां खोलकर घरों में घुसने का प्रयास किया। हालांकि, घरों में मौजूद परिजनों के जागने और शोर मचाने पर बदमाश अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके और मौके से फरार हो गए।

इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में बदमाश बेहद कम कपड़ों में नजर आ रहे हैं, जिनका हुलिया कथित तौर पर ‘कच्छा-बनियान गिरोह’ से मिलता-जुलता बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी गिरोह की पुष्टि नहीं की है।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में भी संदिग्ध गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। वहीं, स्थानीय लोगों ने रात के समय गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
    user_Sunita sharma
    Sunita sharma
    Court reporter जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    56 min ago
  • जयपुर के खोनागोरिया थाना क्षेत्र में 9 जून को हुई एक दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना में आठ लोगों, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, की मौत के बाद अब पूरे क्षेत्र में कथित अवैध बसावट, भूमि उपयोग और निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस भयावह हादसे ने क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक निगरानी पर बहस छेड़ दी है, जिसमें स्थानीय निवासी और सूत्र पिछले वर्षों में विकसित हुई बसावट की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि तलाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि पर कब्जे किए गए हैं और अवैध रूप से प्लॉटिंग व निर्माण कार्य लगातार जारी हैं। उनका यह भी कहना है कि कई मकानों में वास्तविक मालिक नहीं रहते, बल्कि उन्हें किराए पर दिया गया है, ताकि भविष्य में प्रशासनिक कार्रवाई होने पर उन्हें हटाना मुश्किल हो। क्षेत्र के लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस क्षेत्र के विकास और भूमि के कथित आवंटन में 'खान भाइयों' की भूमिका रही है। हालांकि, इन आरोपों की किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि प्रशासन उपलब्ध दस्तावेजों, भूमि अभिलेखों और अन्य तथ्यों की जांच कर यह स्पष्ट करे कि तलाई क्षेत्र में हुई बसावट कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है या नहीं। उनका मानना है कि यदि अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर प्रारंभिक स्तर पर ही रोक लगा दी जाती, तो रिहायशी क्षेत्र के बीच इस प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधियां संचालित नहीं हो पातीं। लोगों ने सरकार से पूरे तलाई क्षेत्र का सर्वे कराने, भूमि की स्थिति, निर्माण स्वीकृतियों, भूखंडों के आवंटन और बसावट की वैधता की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कहीं भी अवैध निर्माण या नियमों के विपरीत बसावट पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए। नागरिकों का यह भी मानना है कि ऐसे मामलों को लंबे समय तक नजरअंदाज करने और बाद में बड़े स्तर पर कार्रवाई करने से सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसलिए, भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद, जनहानि या भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाली परिस्थितियों से बचने के लिए अभी से पारदर्शी जांच और निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है। लोगों ने पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच के साथ-साथ तलाई क्षेत्र में भूमि उपयोग, निर्माण गतिविधियों और कथित अवैध बसावट की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई हो सके।
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    जयपुर के खोनागोरिया थाना क्षेत्र में 9 जून को हुई एक दर्दनाक पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना में आठ लोगों, जिनमें एक मासूम बच्चा भी शामिल था, की मौत के बाद अब पूरे क्षेत्र में कथित अवैध बसावट, भूमि उपयोग और निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस भयावह हादसे ने क्षेत्र के विकास और प्रशासनिक निगरानी पर बहस छेड़ दी है, जिसमें स्थानीय निवासी और सूत्र पिछले वर्षों में विकसित हुई बसावट की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि तलाई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर सरकारी भूमि पर कब्जे किए गए हैं और अवैध रूप से प्लॉटिंग व निर्माण कार्य लगातार जारी हैं। उनका यह भी कहना है कि कई मकानों में वास्तविक मालिक नहीं रहते, बल्कि उन्हें किराए पर दिया गया है, ताकि भविष्य में प्रशासनिक कार्रवाई होने पर उन्हें हटाना मुश्किल हो। क्षेत्र के लोगों ने यह भी आरोप लगाया है कि इस क्षेत्र के विकास और भूमि के कथित आवंटन में 'खान भाइयों' की भूमिका रही है। हालांकि, इन आरोपों की किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

क्षेत्रवासियों की मांग है कि प्रशासन उपलब्ध दस्तावेजों, भूमि अभिलेखों और अन्य तथ्यों की जांच कर यह स्पष्ट करे कि तलाई क्षेत्र में हुई बसावट कानूनी प्रक्रिया के तहत हुई है या नहीं। उनका मानना है कि यदि अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर प्रारंभिक स्तर पर ही रोक लगा दी जाती, तो रिहायशी क्षेत्र के बीच इस प्रकार की जोखिमपूर्ण गतिविधियां संचालित नहीं हो पातीं। लोगों ने सरकार से पूरे तलाई क्षेत्र का सर्वे कराने, भूमि की स्थिति, निर्माण स्वीकृतियों, भूखंडों के आवंटन और बसावट की वैधता की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि कहीं भी अवैध निर्माण या नियमों के विपरीत बसावट पाई जाती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।

नागरिकों का यह भी मानना है कि ऐसे मामलों को लंबे समय तक नजरअंदाज करने और बाद में बड़े स्तर पर कार्रवाई करने से सामाजिक तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो सकती है। इसलिए, भविष्य में किसी भी प्रकार के विवाद, जनहानि या भाईचारे को नुकसान पहुंचाने वाली परिस्थितियों से बचने के लिए अभी से पारदर्शी जांच और निष्पक्ष कार्रवाई आवश्यक है। लोगों ने पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच के साथ-साथ तलाई क्षेत्र में भूमि उपयोग, निर्माण गतिविधियों और कथित अवैध बसावट की भी उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई हो सके।
    user_Desh ka Darpan News
    Desh ka Darpan News
    जयपुर, जयपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • शाहपुरा शहर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव प्रवीण व्यास के नेतृत्व में वाल्मीकि सेना ने स्वच्छता सैनिकों की लगातार हो रही हड़तालों के खिलाफ एक उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा की 'बालाजी' नामक एक फर्म पर गंभीर आरोप लगाए, जिसे उन्होंने 'जल जीवन मिशन घोटाले से भी बड़ी' बताया। आरोप है कि यह फर्म पिछले 5-6 सालों से स्वच्छता श्रमिकों का पीएफ जमा नहीं कर रही है और उन्हें समय पर तनख्वाह भी नहीं दे रही है, जिसके चलते इसे 'एक नंबर का चोर' कहा गया। शहर में हर साल तीन-चार बार होने वाली इन हड़तालों के कारण गरीब सफाई कर्मचारी मजदूरों का शोषण हो रहा है, जबकि नियमतः मजदूर का पसीना सूखने से पहले उसकी मजदूरी मिल जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान, यह कड़ी चेतावनी भी दी गई कि यदि मजदूरों का शोषण जारी रहता है, तो 'ऊपर वाला जल्दी ही ऐसे संवेदक को हरिद्वार टूरिस्ट विभाग में भेज देता है', जहाँ उन्हें स्वयं सफाई करनी पड़ेगी। वाल्मीकि सेना ने बालाजी फर्म से अपील की कि वह 'हरिद्वार टूरिज्म में टेंडर छुड़वाए' और 'जितने चाहे उतने घोटाले और भ्रष्टाचार' करे, लेकिन शाहपुरा शहर को बख्श दे। प्रदर्शन का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि 'ऊपर वाले के यहां देर है अंधेर नहीं'।
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    शाहपुरा शहर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव प्रवीण व्यास के नेतृत्व में वाल्मीकि सेना ने स्वच्छता सैनिकों की लगातार हो रही हड़तालों के खिलाफ एक उग्र प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा की 'बालाजी' नामक एक फर्म पर गंभीर आरोप लगाए, जिसे उन्होंने 'जल जीवन मिशन घोटाले से भी बड़ी' बताया। आरोप है कि यह फर्म पिछले 5-6 सालों से स्वच्छता श्रमिकों का पीएफ जमा नहीं कर रही है और उन्हें समय पर तनख्वाह भी नहीं दे रही है, जिसके चलते इसे 'एक नंबर का चोर' कहा गया।

शहर में हर साल तीन-चार बार होने वाली इन हड़तालों के कारण गरीब सफाई कर्मचारी मजदूरों का शोषण हो रहा है, जबकि नियमतः मजदूर का पसीना सूखने से पहले उसकी मजदूरी मिल जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान, यह कड़ी चेतावनी भी दी गई कि यदि मजदूरों का शोषण जारी रहता है, तो 'ऊपर वाला जल्दी ही ऐसे संवेदक को हरिद्वार टूरिस्ट विभाग में भेज देता है', जहाँ उन्हें स्वयं सफाई करनी पड़ेगी।

वाल्मीकि सेना ने बालाजी फर्म से अपील की कि वह 'हरिद्वार टूरिज्म में टेंडर छुड़वाए' और 'जितने चाहे उतने घोटाले और भ्रष्टाचार' करे, लेकिन शाहपुरा शहर को बख्श दे। प्रदर्शन का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि 'ऊपर वाले के यहां देर है अंधेर नहीं'।
    user_Yogesh Kumar Gupta
    Yogesh Kumar Gupta
    पत्रकार बस्सी, जयपुर, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • जयपुर के मालपुरा गेट थाना इलाके में बीती रात एक युवक ने द्रव्यवती नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना रात करीब 9 बजे मालपुरा थाना क्षेत्र में सामने आई। शनिवार को इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक अपने हाथ में मोबाइल लिए हुए सांगा सेतु पुलिया की रेलिंग पर चढ़कर चलता हुआ दिखाई दे रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक मोबाइल हाथ में लिए पुलिया की रेलिंग पर चलते हुए नदी के बीच तक पहुंचा और फिर उसने छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे तक चले अभियान के बाद युवक का शव नदी से बाहर निकाल लिया गया। मालपुरा गेट थाना प्रभारी उदयभान यादव ने बताया कि मृतक स्थानीय इलाके में कारीगर या मिस्त्री का काम करता था, लेकिन अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जयपुरिया हॉस्पिटल भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है कि युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया।
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    जयपुर के मालपुरा गेट थाना इलाके में बीती रात एक युवक ने द्रव्यवती नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना रात करीब 9 बजे मालपुरा थाना क्षेत्र में सामने आई। शनिवार को इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक अपने हाथ में मोबाइल लिए हुए सांगा सेतु पुलिया की रेलिंग पर चढ़कर चलता हुआ दिखाई दे रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक मोबाइल हाथ में लिए पुलिया की रेलिंग पर चलते हुए नदी के बीच तक पहुंचा और फिर उसने छलांग लगा दी।

सूचना मिलते ही पुलिस और सिविल डिफेंस की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे तक चले अभियान के बाद युवक का शव नदी से बाहर निकाल लिया गया। मालपुरा गेट थाना प्रभारी उदयभान यादव ने बताया कि मृतक स्थानीय इलाके में कारीगर या मिस्त्री का काम करता था, लेकिन अभी तक उसकी पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जयपुरिया हॉस्पिटल भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है कि युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया।
    user_Vijender Singh Singh
    Vijender Singh Singh
    Jaipur, Rajasthan•
    2 hrs ago
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