*यह तो शॉकिंग है...PM मोदी की हत्या की सुपारी..!!* *PM मोदी की हत्या की साजिश!* *बिहार की बक्सर पुलिस ने अमन तिवारी सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इन्होंने अमेरिकी खुफिया एजेंसी (CIA) को ईमेल भेजी और PM नरेंद्र मोदी पर हमला करने का सौदा रखा। CIA से मोटी रकम मांगी गई। इसके लिए 22 दिन का समय रखा गया। अमन तिवारी के और क्या मंसूबे थे, इसकी जांच कई सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।* *यह तो शॉकिंग है...PM मोदी की हत्या की सुपारी..!!* *PM मोदी की हत्या की साजिश!* *बिहार की बक्सर पुलिस ने अमन तिवारी सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इन्होंने अमेरिकी खुफिया एजेंसी (CIA) को ईमेल भेजी और PM नरेंद्र मोदी पर हमला करने का सौदा रखा। CIA से मोटी रकम मांगी गई। इसके लिए 22 दिन का समय रखा गया। अमन तिवारी के और क्या मंसूबे थे, इसकी जांच कई सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।*
*यह तो शॉकिंग है...PM मोदी की हत्या की सुपारी..!!* *PM मोदी की हत्या की साजिश!* *बिहार की बक्सर पुलिस ने अमन तिवारी सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इन्होंने अमेरिकी खुफिया एजेंसी (CIA) को ईमेल भेजी और PM नरेंद्र मोदी पर हमला करने का सौदा रखा। CIA से मोटी रकम मांगी गई। इसके लिए 22 दिन का समय रखा गया। अमन तिवारी के और क्या मंसूबे थे, इसकी जांच कई सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।* *यह तो शॉकिंग है...PM मोदी की हत्या की सुपारी..!!* *PM मोदी की हत्या की साजिश!* *बिहार की बक्सर पुलिस ने अमन तिवारी सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इन्होंने अमेरिकी खुफिया एजेंसी (CIA) को ईमेल भेजी और PM नरेंद्र मोदी पर हमला करने का सौदा रखा। CIA से मोटी रकम मांगी गई। इसके लिए 22 दिन का समय रखा गया। अमन तिवारी के और क्या मंसूबे थे, इसकी जांच कई सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।*
- *यह तो शॉकिंग है...PM मोदी की हत्या की सुपारी..!!* *PM मोदी की हत्या की साजिश!* *बिहार की बक्सर पुलिस ने अमन तिवारी सहित 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि इन्होंने अमेरिकी खुफिया एजेंसी (CIA) को ईमेल भेजी और PM नरेंद्र मोदी पर हमला करने का सौदा रखा। CIA से मोटी रकम मांगी गई। इसके लिए 22 दिन का समय रखा गया। अमन तिवारी के और क्या मंसूबे थे, इसकी जांच कई सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं।*1
- बनारस मे इन दिनो भू मफिया का आतंक बढ़ता जा रहा है पुलिस प्रशासन पुरी तरह से मौन हो गया है गरीब की कोई सुनवाई नहीं होती है। varanasi varanasi News varanasi local News1
- Post by Sanskar mishra1
- इच्छाशक्ति हो तो फर्क पड़ता है: चेतगंज में दिखा असर, जाम से मिली राहत वाराणसी के चेतगंज क्षेत्र में स्थित आर्य महिला स्कूल के आसपास छुट्टी के समय रोजाना लगने वाला भीषण जाम आज नज़र नहीं आया। आम दिनों में यहां अभिभावकों और वाहनों की भारी भीड़ के चलते सड़कें जाम से जूझती रहती थीं, जिससे राहगीरों और स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन आज तस्वीर कुछ अलग रही। थाना प्रभारी चेतगंज ने खुद मोर्चा संभालते हुए यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया। उनके नेतृत्व में पुलिस टीम ने स्कूल छुट्टी के समय ट्रैफिक को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया, जिससे पूरे क्षेत्र में यातायात सामान्य रूप से चलता दिखाई दिया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि यदि इसी तरह नियमित रूप से निगरानी और प्रबंधन किया जाए, तो रोज लगने वाले जाम से स्थायी राहत मिल सकती है। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि यदि जिम्मेदारी के साथ इच्छाशक्ति जुड़ जाए, तो हालात बदलने में देर नहीं लगती।1
- gaon ke logon ka mang hai donon taraf nali mein banane ka kasht karaya jaaye futhiya Chandauli Jila Hospital ka just piche Pani Tanki ke Bagal mein1
- Post by Jitendra bahadur Dubey1
- जनपद चंदौली में कानून के राज के साथ-साथ अब जनता की सुनवाई भी हो रही है! 👮♂️ एसपी आकाश पटेल के आते ही अपराधियों में खौफ और आम जनता में विश्वास बढ़ा है। अवैध शराब पर लगाम और ईएमआई के नाम पर वसूली करने वाली कंपनियों को सख्त चेतावनी - इन फैसलों ने कप्तान साहब को जनता का चहेता बना दिया है। AIMIM प्रत्याशी मोहम्मद रईस ने भी कप्तान साहब की जमकर तारीफ की है। क्या आपको भी लगता है कि हर जिले में ऐसे ही निडर और संवेदनशील अधिकारियों की जरूरत है? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं! 👇1
- *उत्तर-प्रदेश सरकार के सुपरस्टार IAS सुप्रीमकोर्ट में डांट खा रहे है!* मेरठ के मंडलायुक्त रहे IAS ह्रषिकेश भास्कर यशोद ने सुप्रीमकोर्ट के "सेन्ट्रल मार्केट ध्वस्तीकरण आदेश" के खिलाफ "प्रमुख नेताओं" के दबाब में एक आर्डर जारी किया जिसमें "ध्वस्तीकरण अब नही होगा" लिखा गया था. प्रदेश के आवास विकास चेयरमैन पी. गुरूप्रसाद ने SC को बताया- "कमिश्नर के आर्डर की वजह से विभाग SC के आदेश का अनुपालन नही कर सका." पूर्व कमिश्नर ने अपने ही आदेश को "मीटिंग की मिनिट्स" बताकर सुप्रीमकोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की. IAS को आईना दिखाते हुए SC के जज ने कमिश्नर का आर्डर अदालत में ही पढ़ दिया. कहा- "आप इसे मिनिट्स कहते है, आपको आर्डर और मिनिट्स की समझ नही है. आपने यह आर्डर कैसे पास किया? किसने आपको ऑथोराइज किया इसके लिए?" "आपको यह मीटिंग करने, आर्डर करने के लिए किसने कहा. आपको इस कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराना था. आपने इस अदालत को चुनौती दी है."1